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Friday, August 7, 2026
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भारत का दूसरा सबसे अमीर आदमी बना ये शख्स, गौतम अडानी जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ा

नई दिल्ली. D-Mart रिटेल चेन के मालिक राधाकृष्ण दमानी भारत के दूसरे सबसे अमीर शख्स बन गए हैं. उन्होंने शि‍व नाडर, गौतम अडानी जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया है. उनका नेटवर्थ करीब करीब 1,25,000 करोड़ रुपये है. राधाकृष्ण दमानी बने दूसरे सबसे अमीर शख्स राधाकृष्ण दमानी बने दूसरे सबसे अमीर शख्स है.राधाकृष्ण दमानी बने भारत के दूसरे सबसे अमीर शख्सवह D-Mart रिटेल चेन चलाने वाली कंपनी के संस्थापक हैंदमानी का नेटवर्थ करीब 17.5 अरब डॉलर हो गयाउन्होंंने शि‍व नाडर, गौतम अडानी जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ा शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक और D-Mart रिटेल चेन चलाने वाली कंपनी एवेन्यू सुपरमार्केट के संस्थापक राधाकृष्ण दमानी भारत के दूसरे सबसे अमीर शख्स बन गए हैं. अपने करीब 1,25,000 करोड़ रुपये के नेटवर्थ के साथ उन्होंने शि‍व नाडर, गौतम अडानी जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया है. देश के सबसे अमीर शख्स रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुख‍िया मुकेश अंबानी हैं, जिनका नेटवर्थ 57.4 अरब डॉलर है.

दमानी हमेशा सफेद शर्ट और सफेद पैंट में दिखते हैं और यह कपड़ा उनकी पहचान गया है, इसलिए उन्हें मिस्टर व्हाइट ऐंड व्हाइट भी कहते हैं. वह शेयर बाजार के एक प्रख्यात जानकार और निवेशक हैं. उन्होंने अपने ज्ञान और कारोबारी चतुराई से अपने डी -मार्ट को भारत का एक सफल सुपरमार्केट चेन बना दिया है. वह मीडिया और मार्केटिंग की गतिविधियों से दूर रहते हैं और ज्यादा सोशल भी नहीं हैं. मार्च 2017 में एवेन्यू सुपरमार्केट का आईपीओ आने के बाद वहउन्हें भारत का रिटेल किंग कहा जाने लगा. उन्होंने साल 2002 में मुंबई के एक उपनगरीय इलाके से खुदरा कारोबार की शुरुआत की थी. इसके अलावा तंबाकू से लेकर बीयर उत्पादन तक से जुड़ी तमाम कंपनियों में दमानी ने शेयर खरीद रखे हैं. वह मुंबई के अलीबाग में 156 कमरों वाले ब्लू रेजॉर्ट के मालिक हैं.

65 साल के दमानी 2002 में रिटेल बिजनेस में उतरे और मुंबई में पहला स्टोर खोला. अब 200 स्टोर हैं और करीब 1.5 लाख करोड़ रु. मार्केट कैप है. भारत के वॉरेन बफे कहे जाने वाले राकेश झुनझुनवाला के मेंटोर भी दमानी ही हैं. अम्बानी के बाद भारत के सबसे आमिर आदमी है दमानी।

महाकाल एक्सप्रेस को मिली हरी झंडी, ट्रेन में एक सीट हमेशा भगवान शिव के लिए रिजर्व

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी महाकाल एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखा चुके हैं. महाकाल एक्सप्रेस यात्रियों को आध्यात्मिक अहसास भी कराएगी. महाकाल एक्सप्रेस की बोगी नंबर बी-5 में सीट नंबर 64 भगवान शिव के लिए आरक्षित रहेगी. इस ट्रेन की एक सीट छोटे मंदिर के तौर पर तब्दील कर दी गई है. रविवार को चंदौली के पड़ाव से रिमोट के जरिए प्रधानमंत्री मोदी ने इस ट्रेन को रवाना किया था.यह ट्रेन सप्ताह में दो दिन मंगलवार और गुरुवार को वाराणसी से चलेगी. यह लखनऊ, कानपुर, बीना, भोपाल, उज्जैन होते हुए इंदौर तक पहुंचेगी. इंदौर से बुधवार और शुक्रवार को उज्जैन, संत हिरदाराम नगर, बीना, कानपुर और लखनऊ होकर वाराणसी जाएगी. इस ट्रेन में एक सीट हमेशा भगवान शिव के लिए रिजर्व रहेगी.

ट्रेन में यात्रियों के मनोरंजन के लिए होगा भजन-कीर्तनट्रेन में होगा. महाकाल एक्सप्रेस में धार्मिक यात्रियों का खास ख्याल रखा गया है. इसमें चलने वाले यात्रियों के मनोरंजन और अध्यात्मिक अहसास के लिए भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया जा रहा है. शुरुआती दिन में एक मंडली जाएगी, जो भजन-कीर्तन गाएगी. इसके बाद 20 फरवरी को भी एक मंडली का आयोजन होगा. इसके बाद लगातार कैसेट के जरिए अनांउसमेंट के जारिए लोग भजन-कीर्तन सुन सकेंगे.

वाराणसी से इंदौर के बीच 20 फरवरी से चलाई जाने वाली काशी-महाकाल एक्सप्रेस में आठ अलग-अलग तीर्थस्थलों के लिए पैकेज भी होगा. वाराणसी, अयोध्या, प्रयागराज, इंदौर, उज्जैन, भोपाल के धार्मिक व पर्यटन स्थलों के लिए आईआरसीटीसी ने एक पैकेज भी तैयार किया है.

काशी दर्शन एक का पैकेज 6010 रुपये का होगा, जिसमें वाराणसी के घाट, काशी विश्वनाथ मंदिर, संकट मोचन मंदिर, दशाश्वमेघ घाट पर गंगा आरती शामिल है. काशी दर्शन दो का पैकेज 8110 रुपये का होगा, जिसमें सारनाथ के दर्शन को भी जोड़ा जाएगा. काशी-प्रयाग दर्शन 10 हजार 50 रुपये का होगा, जिसमें काशी दो के स्थानों के साथ प्रयाग का संगम तट भी रहेगा.

हैरतअंगेज करने वाली बीमारी, 8 साल की बच्ची बूढ़ी होकर मर गई

हेल्थ डेस्क. बहुत ही आश्चर्य जनक खबर सामने आई है. यूक्रेन में एक ऐसी घटना सामने आयी है. जहां एक आठ साल की बच्ची को एक ऐसी बीमारी हुई है जो बहुत ही हैरान करने वाली है. इस बच्ची की उम्र महज 8 साल है और यह बूढ़ी हो गया है. और वह बूढ़ी होकर मर गयी. इस बच्ची का नाम है अन्ना साकीडोन. इस प्यारी सी बच्ची की असल उम्र तो मात्र 8 साल ही थी लेकिन इसे एक ऐसी बीमारी ने जकड़ लिया जिसने इसे बूढ़ा बना दिया.

इस बीमारी का नाम है प्रोजेरिया. इस दुर्लभ जेनेटिक बीमारी से शरीर के सभी अंग धीरे-धीरे बूढ़े होने लगते हैं. अंत में सारे अंग काम करना बंद कर देते हैं. इस बीमारी के बारे में बॉलीवु़ड फिल्म पा में बखूबी दिखाया गया था. इसमें अमिताभ बच्चन ने प्रोजेरिया पीड़ित बच्चे का किरदार निभाया था. इस बीमारी से इस समय पूरी दुनिया में सिर्फ 160 लोग बीमार हैं. अन्ना साकीडोन की मौत तो 8 साल की उम्र में ही हुई है. लेकिन प्रोजेरिया की वजह से उसकी उम्र लगभग 80 साल हो चुकी थी. उसकी वजन 7 किलोग्राम हो गया था. अंत में उसके सारे अंगों ने काम करना बंद कर दिया था.

अन्ना साकीडोन की मां इवाना ने कहा कि मैं अपनी बच्ची को खो चुकी हूं. मैं उसके लिए कुछ भी करने को तैयार थी. लेकिन मैं उसे बचा नहीं सकी. अन्ना साकीडोन का इलाज करने वाली डॉक्टर नादेहदा कैटामैन ने कहा कि अन्ना साकीडोन बेहतरीन बच्ची थी. उसका पूरा इलाज बचपन से वोलीन रीजनल चिल्ड्रन मेडिकल कॉम्प्लेक्स में चल रहा था. हम उसे बचा नहीं पाए.

भारत ने हासिल की बड़ी कामयाबी, कोरोना से संक्रमित मरीज हुए ठीक

हेल्थ डेस्क. कोरोना वायरस का सक्रमण पूरी दुनिया में फैला है. चीन में इसका सबसे ज्यादा कहर रहा है. इस वायरस के चलते लगभग 1,700 से ज्यादा लोगो की मोत हो चुकी है. और हजारो की सख्या में लोग बीमार है. भारत में भी तीन मरीज कोरोना वायरस से ग्रसित थे. जो की केरल के रहने वाले थे. भारतीय डॉक्टरों ने इस वायरस के सक्रमण को ख़त्म कर दिया है. ये तीनो मरीज को अस्पताल से छुट्टी मिल गयी है. अब ये बिलकुल ठीक है. भारत के लिए यह बहुत ही गर्व की बात है. भारत ने इस न इलाज बीमारी का भी इलाज निकला है. भारत में अब इस वायरस का कोई केस नहीं है.

चीन सहित दुनियाभर में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है. हालांकि, भारत ने कोरोना वायरस पर बड़ी सफलता दर्ज की है. कोरोना वायरस से संक्रमित तीनों भारतीयों का संक्रमण खत्म हो गया है. केरल में कोरोना वायरस से संक्रमित तीसरे मरीज की स्थिति में सुधार होने के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है.

इससे पहले केरल के दो मरीजों को कोरोना वायरस से सही होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी. इसमें एक का इलाज कसारगोड के कंझनगढ़ सरकारी अस्पताल में चल रहा थी, जबकि दूसरे छात्र का अलप्पुझा मेडिकल कॉलेज में अस्पताल चल रहा था. दोनों के सेहत में सुधार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.

अब भारतीयों को इस वायरस से कोई खतरा नहीं है. भारत ने इस महा विनाशक वायरस का इलाज खोज लिया है. अब भारत इस वायरस को मुँह तोड़ जबाब दे सकता है. भारत में अब इस वायरस का कोई खतरा नहीं है.

चीन में नोटों पर भी कोरोना वायरस का कहर, संक्रमित नोटों को नष्ट करेगी सरकार

वर्ल्ड डेस्क . कोरोना वायरस का कहर दुनिया भर में फैला है. पूरी दुनिया में इस वायरस की चपेट में लगभग 71,326 लोग आ चुके है जिसमे से 70,548 लोग सिर्फ चीन के है. अब तक इस वायरस की वजह से 1,775 लोगों की मौत हो चुकी है. मरने वालो में 1,770 लोग सिर्फ चीन के निवासी है. यह वायरस रुकने का नाम नहीं ले रहा है. आपको बता दे, अब इस वायरस से चीन में नोटों भी सक्रमित हो गए है. चीन में करोड़ो के नोटों पर कोरोना वायरस का संक्रमण पाया गया है.

चीन में एक टेस्ट के दौरान पाया गया की अब कोरोना वायरस नोटों के माध्यम से फैल रहा है. चीन के डॉक्टरों ने बताया कि सक्रमित लोगो के चुने से नोटों में कोरोना वायरस फैल गया है. अब नोटों को मार्केट में चलने से रोकने होगा नहीं तो सक्रमण और फैलता रहेगा.

अब चीन सरकार ने इन नोटों को नष्ट करने का फैसला लिया है. करोना वायरस से सक्रमित नोट 84 हजार करोड़ से ज्यादा होंगे जिन्हे अब नष्ट कर दिया जायेगा. इतनी भारी रकम को नष्ट करने से चीन की आर्थिक व्यवस्था को भारी नुकसान होगा. वैसे भी चीन की अर्थ व्यवस्था में मंदी आयी है. ऐसे में इतने नोटों को नष्ट करना एक बहुत बड़ा झटका होगा चीन सरकार के लिए.

चीन के सेंट्रल बैंक की गुआंगझोउ ब्रांच ने कहा है कि वह बाजार से आए कागज के सारे नोट बर्बाद कर देगी. बैंक के पास ये करेंसी नोट अस्पतालों, बाजारों और बसों से कलेक्ट किए गए पैसों से पहुंची है. पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने भी कागजों से बने सभी नोटों को खत्म करने का आदेश दिया है. हालांकि, अभी तक यह नहीं पता चल पाया है कि चीन का सेंट्रल बैंक कितनी राशि का बैंक नोट बर्बाद करेगी.

सेंट्रल बैंक के डिप्टी गर्वनर फैन यिफेई ने कहा है कि सेंट्रल बैंक ने 17 जनवरी से अब तक पूरे देश में करीब 6.11 लाख करोड़ रूपये के नए नोट पूरे देश में जारी किए हैं. इनमें से करीब 28,581 करोड़ रूपये के नए नोट तो सिर्फ वुहान में भेजे गए हैं. अब सरकार इन नोटों को नष्ट करने का फैसला कर रही है.

CAA प्रदर्शन: शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना देशद्रोह नहीं- बॉम्बे हाईकोर्ट

मुंबई. शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे लोग धोखेबाज या देशद्रोही नहीं हैं. यह कहना है बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच का. गौरतलब हो कि 21 जनवरी को महाराष्ट्र के बीड जिले के माजलगाव में कुछ प्रदर्शनकारी अनिश्चितकालीन के लिए नागरिकता संशोधन कानून (CAA) (CAA) के खिलाफ धरने पर बैठना चाहते थे जिसकी इजाजत जिला पुलिस ने नहीं दी और बाद में जिला मजिस्ट्रेट ने भी इस प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी. जिसके बाद इफ्तेखार शेख और अन्य प्रदर्शनकारी हाईकोर्ट गए.

हाईकोर्ट ने स्थानीय पुलिस और मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया और हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने प्रदर्शन की इजाजत दे दी. इस सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि, ”ऐसे प्रदर्शनकारी एक कानून का विरोध कर रहे हैं. जिसके लिए उन्हें देशद्रोही नहीं कह सकते. प्रदर्शनकारी सरकार का विरोध कर रहे हैं. इसका मतलब यह नहीं की उनकी आवाज दबाई जाए.” 2 बेंच के जजों ने कहा की, ”अगर किसी को लगता है कि कानून किसी के खिलाफ है तो उस कानून के खिलाफ शांतिपूर्ण आवाज उठाना यह नागरिकों का अधिकार है.

इजाजत देते हुए प्रदर्शनकरियों ने कोर्ट में लिखित रूप से कहा है कि प्रदर्शन के दौरान किसी देश, धर्म या अपने देश के खिलाफ नारेबाजी नहीं होगी.” कोर्ट ने कहा कि ब्रिटिश राज के दौरान हमारे पूर्वज आजादी के लिए लड़े. मानवाधिकार के लिए लड़े छिपे उद्देश्य से हमारा संविधान बना. कोर्ट ने यह भी कहा कि लोगों को अपनी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करना पड़ रहा है यह दुर्भाग्यपूर्ण है पर सिर्फ इस आधार पर कोई भी प्रदर्शन दबाया नहीं जा सकता है.

कोरोना वायरस को लेकर लोगों में खौफ- मास्क लगाए महिला को समझा चीनी

मुंबई. पडोसी देश चीन में दहशत का पर्याय बना कोरोना वायरस अब भारत में भी लोगों को डराने लगा है। ऐसा ही एक मामला मुंबई के चेंबूर इलाके में देखने को मिला, जहां पूर्वोत्तर भारत की एक महिला को मास्क लगाए देखने पर एक शख्स ने उसे कोरोना से संक्रमित चीनी नागरिक समझ लिया और उसका विडियो बनाकर केरल में रहने वाले मकान मालिक को भेज दिया। खबर के मुताबिक, नगालैंड की रहने वाली विडियो ब्लॉगर महिला बीती 10 फरवरी को चेंबूर हाउसिंग सोसाइटी में रहने वाली अपने दोस्त के घर उससे मिलने आई थी।

बताया गया कि काला मास्क पहने महिला जब अपने दोस्त के घर की डोर बेल बजा रही थी, तभी उसी बिल्डिंग में रहने वाले एक अन्य शख्स ने उसे कोरोना से पीड़ित चीनी नागरिक समझकर उसका विडियो शूट कर लिया और बिल्डिंग के मालिक को भेज दिया।बाद में मकान मालिक ने महिला की मेजबान दोस्त, जो टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस (टीआईएसएस) की छात्रा है, के पास विडियो भेजकर उसके बारे में सवाल पूछे। टीआईएसएस स्टूडेंट ने बताया कि वह अपने पड़ोसी के बनाए विडियो को देखकर हैरान रह गई। उसने जब उससे इस बारे में सवाल किया कि तो दोनों में काफी देर तक बहस हुई।

छात्रा ने बताया कि उसके पड़ोसी ने यह बात मानी कि वह महिला को चीनी नागरिक समझ रहा था और चूंकि, उसने अपने चेहरे पर मास्क लगाया था, इसलिए उसे लगा कि वह कोरोना से संक्रमित हो सकती है। छात्रा ने बताया कि वह नॉर्थ-ईस्ट स्टूडेंट फोरम में अपने पड़ोसी के खिलाफ शिकायत करने के बारे में सोच रही हैं। बता दें कि चीन में अब तक 1400 से अधिक लोगों की जान कोरोना से जा चुकी है। चीन के वुहान शहर से दुनिया भर में फैले कोरोना की वजह से चीन से लौटे लोगों या फिर चीनी नागरिकों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने का संदेह भी चरम पर है।

CAA के खिलाफ आजाद मैदान में होगी महारैली, महाराष्ट्र सरकार के कई नेता होंगे शामिल

मुंबई. नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ शनिवार को मुंबई के आजाद मैदान में बड़ी रैली होने जा रही है। जानकारी के मुताबिक इस रैली में कई छोटे-बड़े संगठनों के अलावा महाराष्ट्र विकास अघाड़ी सरकार के नेता भी शामिल हो सकते हैं। CAA के खिलाफ इस बड़ी रैली को ‘महामोर्चा’ नाम दिया गया है। मुंबई के अलावा दिल्ली, तमिलनाडु, बेंगलुरु समेत देश के कई हिस्सों में CAA के खिलाफ प्रदर्शन जारी हैं।

बेंगलुरू में CAA के खिलाफ प्रदर्शन को अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने समर्थन दिया और प्रदर्शन स्थल पर मौजूद महिलाओं का उत्साह बढ़ाया। वहीं दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में CAA और एनआरसी के खिलाफ धरने पर बैठे लोगों ने शुक्रवार को पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि दी और उनकी याद में काव्य पाठ किया।

इधर तमिलनाडु में नागरिकता कानून के खिलाफ लोगों में जबरदस्त आक्रोश फूट पड़ा है। तमिलनाडु के आधा दर्जन से ज्यादा शहरों में महिलाएं सड़क पर प्रदर्शन कर रही हैं। चेन्नई में तो हालात बेकाबू हो रहे हैं। शाहीन बाग की तर्ज पर यहां महिलाएं एनआरसी, एनपीआर और CAA के विरोध में आवाज बुलंद कर रही हैं।

चेन्नई में CAA के खिलाफ सड़कों पर उतरीं महिलाएं, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

चेन्नई. नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी है। तमिलनाडु के 6 से ज्यादा शहरों में महिलाएं सड़कों पर उतर गई हैं और CAA के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। चेन्नई में हालात अब बेकाबू हो गए हैं। चेन्नई के वाशरमैनपेट में प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, फिर कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया था। हालांकि बाद में प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया गया।

चेन्नई पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों से भिड़ंत में चार पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। इनमें एक महिला डिप्टी कमिश्नर, दो महिला अधिकारी और एक सब-इंस्पेक्टर शामिल है। कहा जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों के पथराव में पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। उधर प्रदर्शनकारियों का भी कहना है कि उनके खेमे से भी कुछ लोग जख्मी हुए हैं। बवाल बढ़ने पर पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। इनकी रिहाई के लिए लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में स्थिति नियंत्रण में आ गई। चेन्नई ही नहीं बल्कि कोयंबटूर और मदुरै में नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन देखने को मिला।

नागिरकता कानून के खिलाफ उतरी महिलाओं की मांग है कि हर हाल में केंद्र सरकार नागरिकता कानून को वापस लें। इन विरोध प्रदर्शनों में लगातार केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की जा रही है, साथ ही अमित शाह के खिलाफ भी नारेबाजी की जा रही है।

ह्यूमनायड रोबोट सोफ‍िया से पूछा लोगो ने ये सवाल, मिला ये जबाब

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नई दिल्ली. बीएचयू स्थित स्वतंत्रता भवन सभागार में शुक्रवार को टेक्नेक्स के तहत आयोजित केलीडोस्कोप में ह्यूमनायड रोबोट सोफिया थी. बीएचयू स्थित स्वतंत्रता भवन सभागार में शुक्रवार को टेक्नेक्स के तहत आयोजित केलीडोस्कोप में ह्यूमनायड रोबोट सोफिया थी. इस दौरान टेक्‍नेक्‍स 2020 के आयोजन में लोगों ने सोफ‍िया से तरह तरह के सवाल भी पूछे. बनारस में हों और बातों को कहने और बनाने वाले बनारसी मूड के लोग आयोजन में हों तो रोबोट से भी अजब अनोखे सवाल हो सकते हैं. कुछ यही नजारा शुक्रवार की रात बीएचयू में सोफ‍िया संग संवाद पर भी नजर आया.

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लोगों ने सोफ‍िया से पूछता कि क्‍या आप शादी करेंगी? इस पर सोफ‍िया ने बिना झिझक शादी से मना कर दिया। इसी तरह कई अन्‍य सवालों का भी सोफ‍िया ने धर्म आध्‍यात्‍म साहित्‍य और संस्‍कृतिक की राजधानी काशी में जवाब दिया। वहीं अपने जन्‍मदिन पर पहली बार बनारसी साड़ी पहनकर इतरा रही सोफ‍िया ने जन्‍मदिन पर केक भी काटा। सोफ‍िया का लोगाें संग सवाल- जवाब का दौर चला जो यह पहला मौका था जब मानव और मशीन का काशी में संवाद हुआ हो.

इसे बनाने वाली कंपनी हैनसन रोबोटिक्स के चीफ टेक्नोलॉजी आफिसर अमित कुमार पांडेय ने रोबोट के क्रमबद्ध विकास व इतिहास से प्रतिभागियों को वाकिफ कराया। कहा पहले जो रोबोट बनाए जाते थे, वे अकेले रहते थे. वर्तमान समय के रोबोट मानव के बीच रहकर उनसे संचार स्थापित करते हैं. ऐसे रोबोट को ही आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की संज्ञा दी जा रही है. भावनात्मक रूप से सोफिया को संवेदनशील बनाया गया है. आज के रोबोट मानव की संवेदनाओं को महसूस कर रहे हैं। ह्यूमनायड रोबोट डाक्टर के रूप में काम कर रहा है। बीमार व्यक्ति को छू कर उन्हें किस प्रकार की दवा चाहिए, यह सुझाव भी दे रहा है. मानव जाति दिव्यांगता के कारण जिन सुख-सुविधाओं से महरूम रहता है, इन रोबोट की सहायता से उसकी भरपाई हो रही है.