28.2 C
Mumbai
Thursday, August 6, 2026
Home Blog Page 149

लखनऊ: माज हत्याकांड पर 7 साल बाद आया फैसला, सभी 5 दोषियों को उम्रकैद की सजा

लखऩऊ. लखनऊ का सबसे च‎र्चित माज हत्याकांड पर ‎‎निश्चिततौर पर 7 साल बाद फैसला आ ही गया। दरअसल, अपर एवं सत्र न्यायाधीश सपना सिंह की कोर्ट ने 2013 के चर्चित माज़ सिद्दीकी हत्याकांड में बर्खास्त इंस्पेक्टर संजय राय, रामबाबू उर्फ छोटू, अजीत राय उर्फ सिंटू, संदीप राय, राकेश सोनी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सा‎थ ही कोर्ट ने इन पांचों दोषियों पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

बता दें ‎कि कोर्ट ने इन पांचों को हत्या का दोषी करार दिया था। वहीं सुनील सैनी उर्फ पहलवान और राहुल राय को 10-10 साल की सजा और 5-5 हजार रुपए के जुर्माने की सज़ा सुनाई। जानकारी के अनुसार, इन दोनों आरोपियों को आईपीसी 449 के तहत कोर्ट ने दोषी करार दिया था।

29 मई 2013 को थाना इंदिरा नगर में हुस्न बानो ने एफआईआर दर्ज कराई थी कि 29 मई की रात 10.30 बजे माज़ अपने चचेरे भाई फैजान के साथ घर में टीवी देख रहा था। तभी बाइक सवार 3 युवक आए और उन्होंने खटखटा कर दरवाजा खुलवाया. दरवाजा खुलते ही युवकों ने माज़ पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं, जिससे माज़ की मौत हो गई।

एफआईआर में हुस्न ने पहले करीबी रिश्तेदारों को आरोपी बनाया था, लेकिन जांच के दौरान सर्विलांस सेल के तत्कालीन इंस्पेक्टर संजय राय का नाम सामने आया था। कोर्ट ने अपने फैसले में लिखा है कि माज़ की बहन के साथ असफल प्रेम संबंधों के चलते साजिश रचकर संजय राय ने माज़ की हत्या करवाई थी।

यूपी बोर्ड परीक्षा 2020: पेपर आउट होने की अफवाहों से दूर रहें परिक्षार्थी: डिप्टी CM शर्मा दिनेश

बस्ती. यूपी बोर्ड परीक्षाओं के दौरान लगातार प्रदेश भर में निरीक्षण कर रहे डिप्टी सीएम डॉ दिनेश शर्मा बस्ती पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं के पेपर आउट होने पर डिप्टी सीएम ने वायरल हो रहे प्रश्नपत्र को लेकर लोगों से अफवाहों से दूर रहने की बात कही है।

डिप्टी सीएम डॉ दिनेश शर्मा ने कहा ‎कि कुछ लोगों ने शिगूफा बनाने का काम किया है। जो भी दुष्प्रचार कर रहे हैं, उनके खिलाफ भी हम कड़ी कार्रवाई करेंगे। इसके साथ ही उन्हें जेल भेज भेजेंगे। बता दें ‎कि डिप्टी सीएम ने बस्ती जिले में श्रीकृष्ण पांडेय गर्ल्स इंटर कॉलेज और श्रीकृष्ण पांडेय इंटर कॉलेज के परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।

इस दौरान डिप्टी सीएम ने लखनऊ स्थित मॉनिटरिंग सेंटर से निरीक्षण के सीसीटीवी से केंद्र का मिलान भी कराया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में परीक्षा केंद्रों की 1 लाख 90 हजार सीसीटीवी से निगरानी हो रही है। 1 लाख 88 हजार कक्ष निरीक्षक व 94 हजार कक्ष में यूपी बोर्ड की परीक्षा हो रही है।

डिप्टी सीएम ने कहा कि हमारी ये मुहिम ऐसे लोगों के खिलाफ है, जो माफिया इसे व्यवसाय बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 141 नकल माफियाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, उन्हें जेल भेजा जा रहा है। वहीं 29 विद्यालय के खिलाफ डिबार व प्रत्याहरण की कार्यवाही की जा रही है।

शादी के 20 दिन पहले युवक 3 बच्चों की मां को लेकर हुआ फरार

क्राइम डेस्क. मेहसाणा में एक चौंका देने वाली घटना सामने आई है। 20 दिन बाद जिस युवक की शादी होनेवाली थी, वह तीन संतानों की माता के साथ फरार हो गया। घटना के बाद विवाहिता के परिवार ने युवक के घर में तोड़फोड़ की।

जानकारी के मुताबिक मेहसाणा निवासी एक युवक की आगामी 20 मार्च को एक युवती के साथ होनेवाली थी। बेटे की शादी के लिए परिवार एक ओर नाते-रिश्तेदारों को न्यौता दे रहा था। दूसरी ओर बेटा पड़ौस में रहनेवाली तीन संतानों की माता के साथ फरार हो गया।

घटना से गुस्साए विवाहिता के परिजनों ने युवक के घर में घुस गए और तोड़फोड़ की। साथ ही धमकी दी कि विवाहिता को तुरंत वापस लाने की धमकी भी दी। मेहसाणा ए डिवीजन पुलिस मामले की जांच कर रही है।

इंटरनेशनल क्रिकेट में विराट कोहली को टिम साउदी ने 10वीं बार किया आउट

स्पोर्ट्स डेस्क. भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली का न्यूजीलैंड दौरे में खेल प्रदर्शन काफी निराशाजनक चल रहा है वे बेहद खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं। क्राइस्टचर्च में सीरीज के दूसरे और अंतिम टेस्ट के पहले दिन शनिवार को भी वह केवल 3 रन बनाकर पविलियन लौट गए और इस बार भी उन्हें पेसर टिम साउदी ने ही शिकार बनाया। यह कुल 10वां मौका था जब साउदी ने भारतीय स्टार बल्लेबाज को पविलियन की राह दिखाई। 31 साल के कैप्टन कोहली इस सीरीज के पहले टेस्ट मैच में भी कुछ खास नहीं कर पाए थे और दोनों पारियों में कुल 21 (2, 19) रन बना सके थे। इस दौरे पर उनका अब तक का सर्वश्रेष्ठ स्कोर हैमिल्टन वनडे में रहा जब उन्होंने 51 रन की पारी खेली थी।

दूसरे टेस्ट मैच में लंच ब्रेक के बाद साउदी ने कोहली को परेशान किया और उन्हें एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया। कोहली इस गेंद को मिड ऑन की तरफ खेलना चाहते थे लेकिन मिस कर गए। कोहली को आउट करार दिया गया लेकिन उन्होंने डीआरएस लिया जो विफल रहा। इंटरनेशनल क्रिकेट में साउदी ने कोहली को 10वीं बार अपना शिकार बनाया।

टेस्ट में यह तीसरा मौका था, जबकि वनडे में 6 और टी20 इंटरनेशनल में एक बार वह इस कीवी पेसर की गेंद पर आउट हुए। कोहली को सभी फॉर्मेट में ओवरऑल साउदी ने ही सबसे ज्यादा बार आउट किया है। साउदी के बाद इंग्लैंड के ऑफ स्पिनर ग्रीम स्वान और पेसर जेम्स एंडरसन का नंबर आता है जिन्होंने 8-8 बार कोहली को शिकार बनाया। कोहली 21 पारियों से कोई शतक नहीं लगा सके हैं। उन्होंने कोलकाता में पिछले साल नवंबर में बांग्लादेश के खिलाफ 136 रन की पारी खेली थी लेकिन इसके बाद वह कोई भी पारी को तीन अंकों में नहीं पहुंचा सके।

हिंदुओं के अल्पसंख्यक होने के दावों पर जवाब तलब, हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब

नई दिल्ली. ‘अल्पसंख्यक’ शब्द को नए सिरे से परिभाषित करने की मांग पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। न्यायालय ने यह आदेश एक जनहित याचिका पर दिया है। याचिका में कहा गया कि कई राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में हिंदू अल्पसंख्यक हैं, लेकिन उन्हें अन्य अल्पसंख्यक समूहों को मिलने वाले अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है।

मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ ने गृह, विधि एवं न्याय और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालयों को नोटिस जारी कर विस्तृत जवाब देने को कहा है। याचिका में अल्पसंख्यक शब्द को परिभाषित करने और राज्य स्तर पर उनकी पहचान के लिए दिशा-निर्देश बनाने की मांग की है।

इसमें कहा गया है कि लद्दाख, मिजोरम, लक्षद्वीप, कश्मीर, नगालैंड, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, पंजाब और मणिपुर में हिंदू अल्पसंख्यक हैं। बावजूद इसके उनके अल्पसंख्यक अधिकारों को गैरकानूनी और मनमाने तरीके से छीना जा रहा है क्योंकि अल्पसंख्यक के रूप में अधिसूचित नहीं किया है।

योगी सरकार मेरे साथ आतंकवादियों जैसा व्‍यवहार कर रही है: आजम खान

रामपुर. समाजवादी पार्टी के दिग्‍गज नेता और रामपुर से सांसद आजम खान इन दिनों संकटों से जूझ रहे हैं। फर्जी दस्‍तावेज के मामले में यूपी के सीतापुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी के दिग्‍गज नेता और रामपुर से सांसद आजम खान ने योगी सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान ने शनिवार को कहा कि उनके साथ ‘आतंकवादियों के जैसा व्‍यवहार’ किया जा रहा है। आजम के इस बयान के बाद सूबे में सियासत और गर्मा गई है। आजम खान को धोखाधड़ी केस में शनिवार को सीतापुर जेल से रामपुर ले जाया गया। इस दौरान उन्‍होंने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘मेरे साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार हो रहा है। इस सरकार में मेरे साथ अमानवीय व्यवहार हो रहा है।’

बता दें कि आजम खान की गिरफ्तारी पर राज्‍य में सियासी घमासान छिड़ा हुआ है। सीतापुर जेल में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला एक साथ रखे गए हैं। इस बीच आजम फैमिली की रामपुर जेल से शिफ्टिंग को लेकर एक नई जानकारी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि आजम के समर्थक रामपुर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे थे, जिससे माहौल खराब हो सकता था। सीतापुर जेल के अंदर आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को एक ही सेल में रखा गया है, वहीं उनकी पत्नी और राज्यसभा सांसद तंजीन फातिमा को महिला सेल में रखा गया है। एक जेल अधिकारी ने बताया कि अब्दुल्ला के बाएं हाथ ही उंगली में चोट लगी हुई है। दूसरी ओर तंजीन फातिमा डायबिटीज से पीड़ित हैं।

डीजी जेल आनंद कुमार का कहना है कि रामपुर जेल के सुपरिंटेंडेंट ने राज्य सरकार को बुधवार को एक रिपोर्ट भेजी थी, जिसमें आजम खान के परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई थी। डीजी जेल ने बताया, ‘आजम की फैमिली को उनके गृहक्षेत्र से सीतापुर जेल शिफ्ट करने का फैसला इंटेलिजेंस इनपुट के बाद लिया गया। इसमें अंदेशा जताया गया था कि अपने नेता की गिरफ्तारी के खिलाफ उनके समर्थक बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे थे। पहले आजम को बरेली जेल भेजने की तैयारी थी लेकिन बाद में सरकार ने उन्हें सीतापुर जेल शिफ्ट करने का फैसला लिया।’

डीजी जेल आनंद कुमार ने बताया, ‘खुफिया रिपोर्ट में जेल परिसर के आसपास कानून व्यवस्था को लेकर चिंता जाहिर की गई थी, क्योंकि आजम का रामपुर में काफी प्रभाव है। ऐसी परिस्थितियों में आजम और उनके परिवार को दूसरी जेल में ट्रांसफर किया जाना मुनासिब था।’ डीजी जेल ने बताया कि सीतापुर जेल के अंदर और बाहर दोनों जगह सुरक्षा को चाक-चौबंद किया गया है। फर्जी दस्तावेज के मामले में आजम खान, उनकी पत्नी और बेटे को बुधवार को रामपुर में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद अदालत ने तीनों को 2 मार्च तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

असम के मुख्यमंत्री सोनोवाल बोले- PM मोदी ने पूर्वोत्तर राज्यों का उद्धार किया, कांग्रेस ने की…

नई दिल्ली. छठवें इंडिया आइजियाज कॉन्कलेव में आए असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कांग्रेस पर उत्तर पूर्वी राज्यों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री के बनने के बाद पूर्वोत्तर राज्यों के हालात सुधरे हैं। नरेन्द्र मोदी के देश के ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने उत्तर पूर्वी राज्यों के हालात सुधारने की कोशिश की है।

असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि कांग्रेस ने लगातार पूर्वोत्तर राज्यों की अवगणना की थी। लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पेट्रोलियम सेक्टर के लिए 47 हजार करोड़ दिए हैं। पूर्वोत्तर राज्यों में केन्द्र सरकार के प्रयासों से पर्यटन क्षेत्र को प्रोत्साहन मिला है।

नर्मदा जिले के केवडिया की टैंट सिटी 2 में इंडिया फाउंडेशन द्वारा आयोजित कॉन्कलेव में 65 विख्यात वक्ता और उद्योगपति शामिल होंगे। तीन दिवसीय इस कार्यक्रम में विदेश मंत्री एस जयशंकर, पूर्व रेलवे मंत्री एवं सांसद सुरेश प्रभु, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवल के पुत्र शौर्य डोवल, असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल, मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति और मौजूदा स्पीकर मोहमद नाशीद भी शामिल होंगे।

अपने ट्वीट को लेकर हमेशा चर्चा में रहनेवाले आनंद महिन्द्रा भी इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इस बार कॉन्कलेव की थीम न्यू इंडिया टूनिंग टू रूट्स, रिचिंग टू हाइट्स है। जिसमें कई विशेषज्ञ अपने विचार व्यक्त करेंगे।

दिल्ली में हिंसा का शिकार हुआ बुजुर्ग, धर्म पूछकर उतरा मौत के घाट

क्राइम डेस्क. दिल्ली में हिंसा अब थमने लगी है, लेकिन शुक्रवार को एक बुजुर्ग की मौत हो गई है. इस मौत को लेकर उनके बेटे का दावा है कि कुछ लोगों ने पहले उनके पिता का नाम और धर्म पूछा, फिर पिटाई कर दी. उनके पिता हिंसा के नए शिकार बने हैं. दिल्ली में अब स्थिति सामान्य होती दिख रही है. पिछले 2-3 दिनों में हिंसा की कोई नई घटना नहीं हुई है, लेकिन हिंसाग्रस्त नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में शुक्रवार को जब एक बुजुर्ग कूड़ा बीनने के लिए वहां गए और वहां उसके सिर में काफी चोट लग गई. घायल अवस्था में उसे लाया गया, लेकिन अस्पताल ले जाते वक्त उसकी मौत हो गई. मृतक के बेटे का कहना है कि उसके पिता हिंसा के नए मामलों के शिकार हुए हैं.अयूब शब्बीर जो गाजियाबाद के लोनी में नसबंदी कॉलोनी में अपने 18 साल के दिव्यांग बेटे सलमान अंसारी के साथ रहते थे, और कूड़ा की वजह से रोजाना 300 से 400 रुपये तक कमा लेते थे. घटना के बाद सलमान अंसारी ने कहा, ‘मैंने बाहर जाने को लेकर अपने पिता को आगाह किया था लेकिन उन्होंने कहा कि स्थिति अब सामान्य हो गई है और हम लंबे समय घर नहीं बैठ सकते. ऐसे में कुछ भी नहीं कमा सकते.’

पिता की मौत से दुखी सलमान ने कहा, ‘मेरे पास अब कोई नहीं है. मैं क्या करूंगा. जब वह बच्चा था तो उसकी मां ने उसे छोड़ दिया, छोटे भाई को अपने साथ ले गई थी.’ सलमान ने दावा किया कि उनके पिता गुरुवार को एक हमले में बच गए थे जब कुछ लोगों ने उन्हें बाहर निकाल दिया.

सलमान ने कहा, ‘मेरे पिता गुरुवार की सुबह कुछ बुजुर्ग लोगों की मदद से बचा लिए गए थे. लेकिन आज, जब मैं सो रहा था, तो वह बहुत जल्दी निकल गए. करीब सुबह 6 बजे के आसपास, दो लोग उन्हें स्कूटर पर घर ले आए. उनके सिर में गंभीर चोट लगी थी. उन लोगों ने कहा कि शिव विहार और करावल नगर के बीच के क्षेत्र में उन्हें घायल अवस्था में पाया गया.

सलमान ने कहा, ‘मैंने उन्हें चाय के लिए पूछा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया. जब मैंने पुलिस को फोन किया. वो आए तो जरूर, लेकिन मेरे पिता को नजदीक के अस्पताल ले जाने में मेरी कोई मदद नहीं की. सलमान ने कहा, ‘मुझे उन्हें पास के नर्सिंग होम ले जाना पड़ा, जहां उन्हें प्राथमिक चिकित्सा और टांके लगाए गए. लेकिन डॉक्टरों ने मुझे बताया कि उनकी चोट गंभीर है और किसी दूसरे अस्पताल ले जाने को कहा. फिर उन्हें एक ऑटो रिक्शा में जीटीबी अस्पताल में ट्रांसफर कर दिया.

दिल्ली सरकार ने कन्हैया कुमार को दिया बड़ा झटका, कांग्रेस के इस नेता ने जताई नाराजगी

नई दिल्ली. दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यायल(जेएनयू) के छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर राजद्रोह का केस चलाने की मंजूरी दे दी है. कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने दिल्ली सरकार के इस फैसले पर नाराजगी जाहिर की. कन्हैया कुमार के खिलाफ राजद्रोह केस चलाने की मंजूरी देने के बाद दिल्ली सरकार को विपक्ष की आलोचना झेलनी पड़ रही है. कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने अरविंद केजरीवाल सरकार पर आरोप लगाया है कि सरकार को राजद्रोह कानून की समझ नहीं है.पी चिदंबरम ने शनिवार को एक ट्वीट में कहा कि राजद्रोह कानून के बारे में केंद्र सरकार की तरह ही दिल्ली सरकार की भी समझ कम है. मैं भारतीय दंड सहिंता(आईपीसी) की धारा 124ए और 120बी के तहत कन्हैया कुमार और अन्य के खिलाफ राजद्रोह का केस चलाने की मंजूरी देने का कड़ा विरोध करता हूं.

दिल्ली सरकार के फैसले पर कन्हैया कुमार ने भी प्रतिक्रिया जाहिर की है. कन्हैया कुमार ने एक ट्वीट के जरिए शुक्रवार को कहा, ‘दिल्ली सरकार को सेडिशन केस की परमिशन देने के लिए धन्यवाद. दिल्ली पुलिस और सरकारी वकीलों से आग्रह है कि इस केस को अब गंभीरता से लिया जाए. फॉस्ट ट्रैक कोर्ट में स्पीडी ट्रायल हो और टीवी वाली ‘आपकी अदालत’ की जगह क़ानून की अदालत में न्याय सुनिश्चित किया जाए. सत्यमेव जयते.

एक अन्य ट्वीट में कन्हैया कुमार ने कहा कि सेडिशन केस में फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट और त्वरित कार्रवाई की जरुरत इसलिए है ताकि देश को पता चल सके कि कैसे सेडिशन क़ानून का दुरूपयोग इस पूरे मामले में राजनीतिक लाभ और लोगों को उनके बुनियादी मसलों से भटकाने के लिए किया गया है.

कोर्ट ने स्पेशल सेल को निर्देश दिया था कि वो दिल्ली सरकार से रुख साफ करने को कहे. स्पेशल सेल के पत्र पर सरकार ने अब राजद्रोह का मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी है. अब कन्हैया कुमार के खिलाफ राजद्रोह का केस चलेगा. राजद्रोह मामले में कन्हैया कुमार के अलावा उमर खालिद, अनिर्बान, आकिब हुसैन, मुजीब, उमर गुल, बशरत अली और खालिद बसीर पर राजद्रोह का मुकदमा चलाया जाएगा. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने फिर से खत लिखकर केजरीवाल सरकार से केस चलाने की मंजूरी देने की अपील की थी. दिल्ली सरकार ने राजद्रोह कानून चलाने की मंजूरी दे दी है.

हिंसक भीड़ में घिरे सब इंस्पेक्टर दिनेश, अमन के फरिश्तों ने ये काम करके बचाई जान

क्राइम डेस्क. दिल्ली में जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास सब इंस्पेक्टर दिनेश कुमार हिंसक भीड़ से घिरे हुए थे. सब इंस्पेक्टर भले ही हथियारों से लैस थे मगर उनके चेहरे पर काफी घबराहट दिख रही थी. भीड़ लगातार उनकी तरफ बढ़ रही थी. लेकिन अमन के फरिश्तों ने उन्हें बचा लिया. असल में, जब दिनेश भीड़ से घिरे हुए थे उसी दौरान मोहम्मद सबिर ने उन्हें देखा. उन्होंने दिनेश की बुलेट प्रूफ जैकेट उतारी और उन्हें सामान्य जैकेट पहनाई. वहीं अबू कमर ने अपनी टोपी दिनेश को पहनाई. बाद में डॉक्टर फहीम बेग ने बाइक पर बैठाकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर छोड़ा.वहीं भीड़ से घबराकर एक युवक मस्जिद में चला गया. वह मस्जिद में घुसा ही था कि काफी ज्यादा भीड़ उसके पीछे पीछे वहां आ धमकी. भीड़ चंदन नाम बताने वाले युवक के पीछे लगी हुई थी. लेकिन अफजल खान ने बताया कि उन्होंने भीड़ को दूर किया और कहा कि वो यहां से चले जाएं ये मेरा भाई है. बाद में चंदन को पानी पिलाया गया. बातचीत में पता चला कि वह घर से काम की वजह से निकला था लेकिन हिंसक भीड़ के बीच फंस गया. बाद में उसे सुरक्षित मौजपुर मेन चौक तक छोड़ा गया.

बहरहाल, दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में भड़की हिंसा की वजह से अब तक 41 लोगों की मौत हो चुकी है. किसी भी तरह की हिंसा अब ना हो, इसके लिए दिल्ली पुलिस और पैरा मिलिट्री फोर्स के जवान रात भर हिंसाग्रस्त इलाकों में गश्त कर शांति व्यवस्था बनाए हुए हैं.

रात भर एक साथ तीन-तीन पीसीआर मौजपुर, करावल नगर, भजनपुरा, सीलमपुर, जाफराबाद जैसे इलाकों में सड़कों पर गश्त कर रही हैं. साथ ही सायरन बजाते हुए गलियों के अंदर जाकर संदिग्धों पर नजर भी रख रही हैं.