फिल्म ‘सुल्तान’ टीज़र के रिलीज़ होते ही सलमान खान को अपने कुश्तीबाज़ अवतार के लिए बहुत जानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। मगर इससे भी कहीं ज़्यादा दिलचस्प है इस टीज़र में सलमान खान का बैकग्राउंड वॉइस ओवर।आइएजानें उस शख़्स के बारे में जिसने सलमान को इस विशिष्ट हरयाणवी लहज़े की ट्रेनिंग दी। इस फ़िल्म में सलमान के हरियाणवी लहज़े के ट्रेनर हैं राहुल बग्गा, जो खुद खास दिल्ली से हैं।
दिल्ली से होने के बावजूद राहुल बग्गा की हरियाणवी भाषा पर गहरी पकड़ है और वे बहुत खुश हैं कि सलमान ने भी उस भाषा और लहज़े को बखूबी पकड़ा है।सुल्तान फ़िल्म में सलमान के अपोजिट में अनुष्का शर्मा को मुक्केबाज़ के रूप में फिल्माया गया है।
यह फ़िल्म आदित्य चोपड़ा द्वारा निर्मित और अली अब्बास ज़फर द्वारा निर्देशित की गई है। यह फ़िल्म 2016 में ईद के मौके पर रिलीज़ होनी है।
गम्भीर बीमारियों से पीड़ित दिव्यांग और लम्बे समय से अति दुर्गम व दुर्गम स्थलों पर तैनात शिक्षकों के स्थानान्तरण सम्बन्धी आवेदन पत्रों पर कोई सुनवाई न होने वाले प्रकरणों पर राज्यपाल डॉ कृष्ण कांत पाल ने गम्भीर रुख़ अख्तियार किया है। उन्होंने इस संदर्भ में विभागीय कार्यप्रणाली पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए, इसे असंवेदनशील व्यवहार बताया है।
राज्यपाल ने सचिव (शिक्षा) को सख्त निर्देश दिये हैं कि ऐसे सभी प्रकरणों पर पूरी पारदर्शिता के साथ त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। जनशिकायतों की सुनवाई के दौरान इस तरह के कई प्रकरण राज्यपाल के संज्ञान में लाये गये, जिनमें गम्भीर रोगों से ग्रस्त होने तथा शारीरिक रूप से अशक्त होने के पर्याप्त साक्ष्यों के बावजूद अति दुर्गम और दुर्गम स्थलों में बरसों से तैनात शिक्षकों के स्थानान्तरण विषयक आवेदनों पर विभाग द्वारा कोई विचार नहीं किया जा रहा है।
सिविल सचिवालय में जन समस्याओं की सुनवाई के दौरान राज्यपाल के समक्ष राजकीय मेडिकल काॅलेज, श्रीनगर गढ़वाल के संविदा कर्मियों का प्रकरण भी लाया गया। मेडिकल काॅलेज संयुक्त कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष द्वारा राज्यपाल से निवेदन किया गया कि मेडिकल काॅलेज में पांच वर्ष की संविदा सेवा पूर्ण कर चुके कर्मियों को नियमित किया जाये।
राज्यपाल ने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को इस संदर्भ में परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये हैं।
राजकीय वाहन चालक महासंघ सहित अन्य कई संगठनों ने भी राज्यपाल से मुलाकात कर अपनी माँगें व समस्यायें उनके समक्ष रखी। व्यक्तिगत समस्याओं को लेकर भी कई लोगों ने राज्यपाल से भेंट की, जिनके निस्तारण के संदर्भ में राज्यपाल द्वारा सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये गये हैं।
उत्तराखण्ड मुक्त विश्व विद्यालय के कुलपति डॉ नागेश्वर राव ने भी राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट की और उन्हें विश्वविद्यालय की प्रगति और गतिविधियों से अवगत कराया।
गुरूवार को प्रकृति के तांडव ने आस्था के महासंगम सिंहस्थ में 7 लोगों को मौत के घाट उतार दिया. भारी तबाही में 100 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है. उज्जैन स्थित सिंहस्थ मेला क्षेत्र में सैकड़ों पंडाल धराशायी हो गए. पेड़ जड़ से उखड़ गए. घटना के तत्काल बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने बाकी के दौरे रद्द कर उज्जैन जाने का फैसला किया.
मृतकों के परिवारों को 5 लाख रुपये बतौर मुआवजा और गंभीर रूप से घायल लोगों को 50 हजार, सामान्य रूप से घायलों को 25 हजार के मुआवजे की राशि घोषित की गई है. घायलों का इलाज सरकारी खर्चे पर होगा. उधर पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्विटर के माध्यम से इस दुर्घटना के प्रति दुःख प्रकट किया है और मृतकों को श्रधांजलि दी.
वहीँ आरोप लगाए जा रहे हैं कि बारिश और आंधी की तमाम चेतावनियों के बावजूद शासन की ओर से कोताही बरती गई और इस सम्बन्ध में पाहे से किसी भी प्रकार की सुरक्षा के इन्तेजाम नहीं किये गए. अचानक वर्षा शुरू हुई और 50 घंटे प्रति किमी की रफ़्तार से तेज हवा चलने लगी. बिजली व्यवस्था बाधित हो गई. पंडालों से साधू संत जन बाहर आ गए. भगदड़ की स्थिति उत्पन्न होने लगी. घाटों में सीवरेज ओवरफ्लो के कारण नालों का पानी शिप्रा में मिलने लगा.
शुक्रवार को घटना के बाद भी आस्था ने अपना संबल नहीं छोड़ा और श्रद्धालु शिप्रा स्नान को पूरी श्रद्धा के साथ पहुँचने लगे.
गायक मिका सिंह के चाहनेवालों के लिए एक खुशखबरी है. सिंगिंग सुपरस्टार मिका सिंह को अंततः दिल्ली पुलिस ने ज़मानत पर रिहा कर दिया है. गौरतलब है कि मिका को अप्रैल माह में साउथ वेस्ट दिल्ली में अपने एक कार्यक्रम के दौरान एक डॉक्टर को थप्पड़ मारने के जुर्म में दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था.
इस रिहाई के बाद मिका ने कहा, “सच की हमेशा जीत होती है.मैं जानता था कि मैं बेगुनाह हूँ और मुझे ज़मानत ज़रूर मिलेगी.” मिका ने कहा कि अक्सर स्टार्स को कई मामलों में निशाना बनाया जाता है पर ज़रूरी नहीं कि हम हमेशा गलत हों.
जैसे ही मिका के चाहनेवालोँ को यह खबर मिली, सबने जम के जश्न मनाया,सब खूब जम के नाचे और सब ने मिका को घेर कर ढेर सारी बधाइयां दीं.लोग अपने चहेते स्टार की एक झलक पाने को बेताब थे.
मिका कैजुअल ऑउटफिट में सनग्लासेस लगाए अपने सभी फ़ैन्स से खुलकर मिले और उनकी प्रार्थना और समर्थन के लिए उन्हें धन्यवाद दिया.उन्होंने कहा,”मैं अपने समर्थकों को धन्यवाद देता हूँ जो मुश्किल समय में मेरे साथ खड़े हुए और मुझपर विश्वास जताया. ये उन्हीं की प्रार्थनाओं का असर है जिसके कारन मैं आज सम्मानपूर्वक आप सबके बीच अपना सर उठा के खड़ा हूँ.
एरोस इंटरनेशनल और विकी रजानी द्वारा निर्मित फिल्म ‘फोबिया’ में राधिका आपटे अहम भूमिका में नज़र आएँगी. पवन कृपलानी ने इस फिल्म को डायरेक्ट किया है.
राधिका की यह फिल्म एक सायकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म है और कहा जा रहा है कि यह बॉलीवुड की पहली ऐसी फिल्म है जिसमें वर्चुअल रियलिटी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है.
वर्चुअल रियलिटी एक कंप्यूटर टेक्नोलॉजी है जिसके ज़रिये पर्यावरण की उन चीज़ो को दोहराया जा सकता है जो वास्तविक और काल्पनिक हो और साथ ही इसका प्रयोग करनेवाले व्यक्ति को इस बात का एहसास होता है कि वे उस जगह पर हैं और वो वहां पर मौजूद लोगो को छू सकते हैं महसूस कर सकते हैं, सुन सकते हैं.
चूँकि राधिका फिल्म में अगोराफोबिया का शिकार होती हैं इसीलिए फिल्म के मेकर्स ने इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है ताकि पेशेंट इस तरह की बीमारी से खुद को बहार निकाल पाए.
मौसम ने भी करवट लेनी शुरू कर दी है और इधर इलाहाबाद विश्वविद्यालय में आनलाइन और आफलाइन प्रवेश परीक्षा की मांग को लेकर धरने पर बैठे छात्र संघ पदाधिकारियों सहित छात्र नेताओं का क्रमिक अनशन भी बीते बुधवार को आमरण अनशन में बदल गया। आपको बताते चलें कि पिछले दो दिनों से आनलाइन परीक्षा के विवाद को लेकर विवि प्रशासन और अनशन पर बैठे छात्र संघ पदाधिकारियों के बीच तनातनी अभी भी लगातार जारी है, जिसके कारण कैम्पस का माहौल गर्म बना हुआ है।
बीते बुधवार को सुबह से विवि के छात्र संघ भवन गेट पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था क्योंकि धरने के दूसरे दिन छात्र संघ अध्यक्ष रिचा सिंह ने अगले दिन आमरण अनशन पर बैठने की घोषणा की थी ,हुआ भी यही और सुबह ११ बजे से ही कैम्पस में छात्र नेताओं का जमावड़ा लगने लगा और रिचा सिंह ,सिद्धार्थ सिंह ‘गोलू’ ,विक्रांत सिंह ,श्रवण जायसवाल ,अजीत विधायक , सूर्य कुमार मिश्र समेत तकरीबन आधा दर्जन छात्र नेता अपनी मांगों के साथ आमरण अनशन पर बैठ गए। आपको जानकारी के लिए बता दें कि बीते मंगलवार को ही चीफ प्राक्टर ने कुलपति कार्यालय पर किसी भी प्रकार के अनशन पर रोक लगा दी थी। इसी कारण दोपहर में कड़ी धूप के बीच पुलिस ने सभी अनशनकारियों को अनशन स्थल से हटने के लिए कहा पर सभी छात्र नेताओं ने मना कर दिया। इसको देखते हुए पुलिस बर्बरता पूर्ण तरीके से जबरन सभी अनशनकारियों को पुलिस वैन में बैठाकर पुलिस लाइन ले गई , जहां पुलिस ने सभी को घंटों बैठाए रखा और इस शर्त पर छोड़ा कि आप शांतिपूर्ण तरीके से अपना आमरण अनशन जारी रख सकते हैं पर कुलपति कार्यालय पर अपना अनशन नहीं करेंगे। इसके बाद सभी छात्र नेता छात्र संघ भवन पर आए और सभी के बीच लगभग एक घंटे की लम्बी बैठक चली, जिसके बाद निर्णय लिया गया कि आमरण अनशन लगातार जारी रहेगा और आज वे वहीँ छात्र संघ भवन पर ही आमरण अनशन पर बैठेंगे और कल फिर कुलपति कार्यालय की तरफ कूंच करेंगे।
उधर इस पूरे घटनाक्रम के बीच महामंत्री सिद्धार्थ सिंह ‘गोलू’ ने कुलपति पर बेहद गम्भीर आरोप लगाए जिसने इस विवाद को पेचीदा बना दिया है। गोलू ने पुलिस अधीक्षक को लिखे अपने पत्र में कुलपति के ऊपर आरोप लगाते हुये कहा कि उन्होंने मुझे आंदोलन से अलग होने के लिए एक मोटी रकम देने का प्रस्ताव रखा और साथ में विवि में अपने किसी भी मनचाहे कोर्स में एडमिशन लेने का प्रस्ताव रखा और कहा कि आप विवि छोड़कर चले जाएँ नहीं तो आपको निलम्बित कर दिया जायेगा। बहरहाल महामंत्री सिद्धार्थ सिंह गोलू द्वारा कुलपति के ऊपर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है ये तो आने वाला समय बताएगा पर इतना तो स्पष्ट है की विवि प्रशासन और छात्र संघ के बीच छात्र हितों को लेकर शुरू हुई ये लड़ाई अब अपने हितों और व्यक्तिगत छवि को संवारने और बचाने की होती प्रतीत हो रही है। अब देखना दिलचस्प होगा की आज आमरण अनशन के दूसरे दिन विवि प्रशासन क्या रुख अख्तियार करता है।
आनलाइन- आफलाइन की मांग को लेकर शुरू हुआ हस्ताक्षर अभियान –
एक तरह विवि कैम्पस में आनलाइन प्रवेश परीक्षा को लेकर माहौल गर्म है और इस मुद्दे के कारण अभी तक विवि में दो ही पक्ष दिख रहे थे जिनमें एक पक्ष आनलाइन परीक्षा के समर्थन में है और दूसरा पक्ष आनलाइन -आफलाइन दोनों की मांग को लेकर बीते सोमवार से अनशन पर बैठा है। वहीँ एक तीसरा पक्ष ऐसा है जिसने इसी विषय पर छात्रों का रुख जानने के उदेश्य से हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की है। आनलाइन और आफलाइन विकल्प की मांग लेकर महिला परिसर के सामने छात्र प्रतिनिधि नलिनी मिश्रा के नेतृत्व में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया जिसमें यह जानने की कोशिश की गई की आम छात्र क्या चाहते हैं ? नलिनी ने बताया की अभी तक इस हस्ताक्षर अभियान में आनलाइन और आफलाइन में छात्रों की राय मिलीजुली सामने आ रही है। हमारे इस कार्यक्रम की बहुत से छात्रों ने सराहना की है और हम अब इसके बाद अपने इस अभियान को और आगे बढ़ाएंगे और तमाम छात्रों से उनकी राय जानने की कोशिश करेंगे। इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से रुचि जायसवाल , सीमा , रामबाबू तिवारी समेत कई छात्र छात्राएं मौजूद रहे।
छात्र आंदोलन में आम छात्र नहीं ले रहे रूचि –
भले ही छात्र नेताओं की मांग सही हो या गलत लेकिन लोकतंत्र में लोगों की संख्या ही मायने रखती है। इस छात्र संघ के आंदोलन में छात्रों का समर्थन न मिल पाना बहुत ही दुखद है। अगर छात्र नेता केवल आनलाइन- आफलाइन के मुद्दे को ही देख रहे हैं तो उन्हें अपने पीछे खड़े छात्रों की संख्या को भी देखना चाहिए। बहरहाल हो सकता है कि इस मुद्दे पर छात्र नेता कुछ ऐसा देख पा रहे हों जो छात्रों को न दिख रहा हो ,हो सकता है कि छात्र नेता ही सही हों पर इस मुद्दे पर व्यापक बहस की आवशयकता है।
योग गुरु बाबा रामदेव ने आज राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की। बाबा रामदेव लालू यादव को 21 जून को होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का न्यौता देने के लिए लालू के दिल्ली स्थित आवास पर गए थे। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर बाबा रामदेव फरीदाबाद में 5 दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन करने जा रहे हैं।
मुलाकात के दौरान बाबा रामदेव और लालू ने एक दूसरे की तारीफों के जमकर पुल बांधे। साथ ही रामदेव ने लालू को उनके पतंजलि संस्थान में बने कुछ प्रोडक्ट्स भी भेंट किए। लालू ने बाबा रामदेव और पतंजलि के प्रोडक्ट्स की जमकर तारीफ की।
आरजेडी अध्यक्ष ने रामदेव की तारीफ करते हुए कहा कि बाजार में बाबा के प्रोडक्ट आने के बाद कई लोगों की दुकानें बंद हो गईं हैं। वे लोग उन्हें तिरछी नजरों से देखते हैं। इस दौरान लालू ने खुशी-खुशी बाबा रामदेव द्वारा भेंट की गई क्रीम लगाई और पतंजलि के प्रोडक्ट्स की भूरी भूरी प्रशंसा की। लालू ने कहा कि रामदेव क्वालिटी प्रोडक्ट देते हैं।
लालू यादव ने बाबा रामदेव के साबुन, क्रीम, घी समेत कई अन्य उत्पादों की तारीफ करते हुए कहा कि लोग बाबा के खिलाफ षडयंत्र कर उनके प्रोडक्ट को खराब बताते हैं जबकि ये उत्पाद बाजार में मौजूद मिलावटी सामानों से बहुत अच्छे हैं।एक दुसरे के कट्टर विरोधी होने के बावजूद आज इन दोनों की इतनी मधुर मुलाकात राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में खासी चर्चा का विषय बनी हुई है।
योगी आदित्यनाथ ने आज़म खान के बेतुके बयान का करारा जवाब दिया है। गोरखपुर में सपा नेता आज़म खान ने योगी के बारे में विवादित बयान दिया था कि योगी पहले शादी करके अपनी मर्दानगी साबित करें। जिसपर बीजेपी नेता योगी आदित्य ने पलटवार करते हुए कहा कि आज़म खान पहले अपने गिरेबान में झांककर देखें फिर बोलें।
आज़म खान की उस बात पर काफी बवाल हुआ जिसमे उन्होंने कहा था कि योगी साबित करें कि वह मर्द हैं। एक निजी चैनल से बात करते हुए योगी ने कहा कि कौन मर्द है, कौन नहीं है, यह आजम नहीं तय करेगा यह बहुत पहले तय हो चुका है। आजम को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।
योगी आदित्यनाथ ने इस सम्बन्ध में एक ट्वीट भी किया जिसमें उन्होंने लिखा था कि आज़म का इस प्रकार का बयान साबित करता है कि वे मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं। उन्होंने आगे कहा कि “मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री को सुझाव देता हूँ कि वे आज़म को मंत्री पद से बर्खास्त करें और किसी पागलखाने में भर्ती करें।
राष्ट्रपति शासन में अधिकारियों के खानापूर्ति वाले रवैये पर भी अंकुश लगा है। इस बात का ताजा उदाहरण बना है जोहड़ी-जाखन मार्ग। सड़क के पुनर्निर्माण व सुधारीकरण को लेकर वर्ल्ड बैंक की यूनिट ने जनवरी में टेंडर जारी किए थे। उस दौरान लोनिवि प्रांतीय खंड ने भी निर्माण कार्य का प्रस्ताव शासन को भेजा था, लेकिन वर्ल्ड बैंक के टेंडर को देखते हुए प्रस्ताव पर कार्रवाई नहीं की गई। वहीं, वर्ल्ड बैंक यूनिट ने बजट न होने का हवाला देते हुए टेंडर निरस्त कर दिए।
समाजसेवी व जोहड़ी गांव निवासी एसपी शर्मा ने राज्यपाल से सड़क निर्माण की मांग की थी। इसके क्रम में अब फिर से टेंडर जारी कर दिया गया। वर्ल्ड बैंक के मुख्य अभियंता की तरफ से आमंत्रित किए गए टेंडर को 17 मई को खोला जाएगा। 60.50 लाख रुपये के इस कार्य को पूरा करने के लिए छह माह का समय निर्धारित किया गया है।
समाजसेवी ने सड़क निर्माण के टेंडर होने पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह सब राज्यपाल की वजह से ही संभव हुआ। निर्वाचित सरकार में अधिकारियों ने मनमाना रवैया अपनाते हुए टेंडर निरस्त कर दिया था और वर्ल्ड बैंक यूनिट अधिकारियों ने इसकी सूचना लोनिवि प्रांतीय खंड को भी नहीं भेजी। जिस कारण प्रांतीय खंड अपने प्रस्ताव पर भी कार्रवाई नहीं कर पाया।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय की सभी प्रवेश परीक्षाओं में ऑनलाइन के साथ ऑफ़लाइन के विकल्प देने की मांग को लेकर मंगलवार को भी पूरे दिन छात्र संघ पदाधिकारियों सहित तमाम छात्र संगठनों का सामूहिक विरोध प्रदर्शन जारी रहा। किसी भी घटना से निपटने के लिए कल सुबह से ही कैम्पस में भारी पुलिस बल तैनात थी।
ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के खिलाफ विवि में अभी भी गहमा गहमी बरकरार है। कल जिलाधिकारी संजय कुमार को ज्ञापन देने जाने से पहले धरने को सम्बोधित करते हुए अपने आक्रामक अंदाज में छात्र संघ अध्यक्षा रिचा सिंह ने कहा कि अब ये आर-पार की लड़ाई है और कल से इसे पूरे देश का बड़ी संख्या में समर्थन मिलेगा और सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में ०५ तारीख से हमारे समर्थन में भूख हड़ताल होगी क्योंकि, कुलपति छात्रों से बात नहीं करके अपनी हठधर्मिता दिखा रहे हैं। इसीलिए हम अब बुधवार सुबह ११ बजे कुलपति कार्यालय पर आमरण अनशन करेंगे।
उधर विवि प्रशासन की तरफ से चीफ प्राक्टर एन.के. शुक्ल ने कहा कि कुलपति कार्यालय के पास किसी को प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं मिलेगी। अगर छात्र कुलपति कार्यालय पर आएंगे तो उन्हें वहां से हटाया जाएगा। वहीं विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्र नेता सूर्यप्रकाश मिश्र ने कहा, “विवि प्रशासन तानाशाही रुख अपना रहा है जो कि छात्र हितों की अनदेखी है। कल से हम आमरण अनशन पर बैठेंगे और तब पीछे नहीं हटेंगे जब तक हमारी मांगें मानी नहीं जाएंगी। जिन १७ छात्रों को निलम्बित किया गया था विवि प्रशासन उनका निलंबन वापस ले।”
देर शाम छात्रों ने जिलाधिकारी संजय कुमार से मिलकर अपनी मांगो से संबंधित ज्ञापन सौंपा। एक तरफ वि. वि. प्रशासन विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत करने को तैयार नहीं है और वहीं दूसरी तरफ छात्र संघ पदाधिकारी भी अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं है। कैम्पस में परीक्षाओं का माहौल है और अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आज इस आनलाइन मुद्दे पर क्या निर्णय निकलर आता है।