अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक पावर लाइन प्रोजेक्ट के विरोध में आयोजित प्रदर्शन के दौरान दो विस्फोट हुए। इस दुर्घटना में कम से कम 61 लोगों की मौत हो गयी है और 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं। यह विस्फोट आज दोपहर में काबुल के दहमजंग सर्किल में हुई, जब हजारों प्रदर्शनकारी प्रदर्शन कर रहे थे। आधिकारिक सूचना के अनुसार 3 आत्मघाती हमलावर भी इस प्रदर्शन रैली में शामिल थे।
घटना के कुछ मिनटों बाद एएफपी समाचार एजेंसी ने इस हमले में 50 लोगों के मारे जाने की खबर दी थी, हालांकि बाद-बाद में यह संख्या बढ़ते-बढ़ते 61 तक पहुंच गयी। इसके अलावा 100 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है।
समाचार एजेंसी रायटर्स ने खबर दी है कि आतंकी संगठन आइएसआइएस ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। हालांकि अभी तक पुलिस ने विस्फोट के बारे में कोई सूचना जारी नहीं की है, ना ही उसने यह बताया कि इस विस्फोट में किस तरह के बम का प्रयोग किया गया।
गौरतलब है कि आज सरकार के एक 500केवी के पावर लाइन प्रोजेक्ट का विरोध करने के लिए काबुल की सड़कों पर सैकड़ों लोग उतरे थे। इस प्रदर्शन में सैकड़ों महिलाएं भी शामिल थीं। इस प्रदर्शन का आयोजन एनलाइटनमेंट मूवमेंट के तहत किया गया था।
कश्मीर में स्थिति में सुधार के मद्देनज़र 4 ज़िलों और श्रीनगर के कुछ इलाकों से कर्फ्यू कटा लिया गया है। हालाँकि अभी भी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घाटी के बाकी के क्षेत्रों में कर्फ्यू जारी रखा गया है।
एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक़, बांदीपोरा, बड़गाम, बारामूला और गांदरबल ज़िलों के साथ श्रीनगर के कुछ इलाके जहां माहौल शांत हो रहा है, कर्फ्यू हटा लिया गया है। हालाँकि जिन इलाकों में कर्फ्यू हटा लिया गया है, वहाँ अभी भी सीआरपीसी धारा 144 लागू है। इस धारा के तहत एक स्थान पर चार से अधिक लोग एकत्रित नहीं हो सकते।
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कश्मीर पहुँचते ही राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाक़ात कर यथाशीघ्र इस मामले को सुलझाने की बात कही। जानकारी के मुताबिक़, सिंह अन्य दलों के नेताओं से मुलाक़ात भी करेंगे।
घाटी के अनंतनाग, कुलगाम, कुपवाड़ा, पुलवामा और शोपियां जिलों के अलावा शहर के आठ पुलिस थानों में कर्फ्यू अब भी लागू है। अब तक घाटी में स्थिति शांतिपूर्ण रही है।
वानी के मारे जाने के बाद प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई हिंसक झड़पों में अब तक 45 लोग अपनी जान गंवा चुके है और 3400 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
बीजेपी उपाध्यक्ष दयाशंकर के अभद्र बयान के बाद लखनऊ सहित देश के कई इलाके में बसपाइयों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन में प्रयोग की गई भाषा पर अखिलेश यादव ने दुःख प्रकट किया। सीएम अखिलेश ने कहा कि दोनों पार्टियों में गाली देने की होड़ लगी हुई है।
आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी नेता ने जो कहा गलत था, लेकिन बीएसपी वालों ने उससे भी गंदा कहा। इस तरह की भाषा का इस्तेमाल अशोभनीय है। उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी नेता ने जो भी कहा गलत कहा लेकिन बीजेपी के नेता की एक बात सही थी कि बीएसपी में टिकट के लिए पैसे देने पड़ते हैं। क्योंकि बीएसपी से जो भी नेता निकलकर आ रहे हैं, सभी यही आरोप लगा रहे हैं कि पार्टी में पैसे लेकर टिकट दिया जाता है।
सीएम ने दयाशंकर की पत्नी स्वाति सिंह का समर्थन भी किया। यादव ने कहा कि बीएसपी के नेताओं ने मंच से अभद्र भाषा बोली। अदब के शहर में बीएसपी नेताओं ने क्या बोला? महिलाओं का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंच पर राजनीति करने वालों को इस तरह की भाषा का प्रयोग करने के पहले सोचना चाहिए कि उनकी बातों का समाज पर क्या असर पड़ेगा।
दिल्ली के मयूरविहार इलाके में रहने वाले विजय कुमार (65) को एक महिला ने घर में घुस कर हत्या कर दी। इस मामले में पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है, जिसकी उम्र 25 वर्ष है।
महिला का आरोप है कि 2 साल पहले विजय कुमार नौकरी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और उस शारीरिक सम्बन्ध का एमएमएस बना कर उसे 2 साल से ब्लैकमेल कर रहा था। उसकी इन हरकतों से वो परेशान हो गई और उसे ये कदम उठाना पड़ा।
विजय कुमार मयूरविहार के समाचार अपार्टमेंट में रहता था, जो कि हर तरफ सीसीटीवी कैमरो की निगरानी में रहता है। पुलिस को इस हत्या में और भी लोगों के मिले होने का शक है। बुजुर्ग की हत्या करने के बाद महिला ने उसके घर से टीवी भी चुरा लिया।
रेल बजट 2016 में की गई घोषणा के अनुसार रेल मंत्री सुरेश प्रभु यात्री बीमा स्कीम की खुशखबरी लेकर हाज़िर हैं। खुशखबरी यह है कि अब रेलवे भी हवाई जहाज की तरह अपने यात्रियों को टिकटों पर बीमा की सुविधा देगी। इस योजना के तहत दो रुपये से भी कम में यात्रियों को 10 लाख रुपये का बीमा (इंश्योरेंस) मिलेगा।
रेलवे की सार्वजनिक कंपनी आईआरसीटीसी ने बताया है कि वे ‘यात्री इनश्योरेंस’ और ‘अनारक्षित टिकट’ जारी करने सहित कई सुविधाएं शुरू करने की योजना बना रहे हैं। आईआरसीटीसी के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक अरुण कुमार मनोचा ने बताया, “हम शीघ्र ही यात्री बीमा शुरू करने जा रहे हैं और अनुबंध पत्र पहले ही जारी किया जा चुका है। हमने तीन कंपनियों को चुना है। दस लाख रुपये के बीमे के लिए खर्च दो रुपये प्रति यात्रा से भी कम होगा।” मनोचा ने कहा कि कंपनी रेलवे टिकटिंग के अन्य क्षेत्रों में भी संभावनाएं तलाश रही है।
आईआरसीटीसी ने एसबीआई के ‘मोबाइल वालेट बडी’ के जरिए डिजिटल भुगतान सुविधा देने के लिए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) से संधि की है। रेल बजट 2016 में रेलमंत्री द्वारा यात्री बीमा स्कीम शुरू करने की योजना के तहत इसे ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले यात्रियों के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चलाया जाएगा। बाद में इस योजना को काउंटर टिकट और मासिक सत्र टिकट वाले यात्रियों के लिए भी बढ़ाया जा सकता है।
इस योजना के तहत यात्री की मृत्यु या स्थायी विकलांगता की स्थिति में 10 लाख रुपये, घायल या आंशिक विकलांगता की स्थिति में 7.5 लाख रुपये, अस्पताल में भर्ती होने पर 5 लाख रुपये तथा मृत्यु के बाद लाश को पहुंचाने के लिए 10,000 रुपये के इंश्योरेंस का प्रावधान किया जाएगा।
संदिग्ध आतंकवादियों द्वारा पिछले महीने काबुल में अगवा की गई भारतीय महिला जुडिथ डीसूजा को मुक्त करा लिया गया है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आज ट्वीट कर स्वयं यह जानकारी दी है।
स्वराज ने ट्वीट किया, “मुझे यह सूचित करते हुए बेहद ख़ुशी हो रही है कि जुडिथ डीसूजा को रिहा करा लिया गया है।” उन्होंने जुडिथ की रिहाई सुनिश्चित करने में अफगान अधिकारियों की मदद व समर्थन के लिए भी धन्यवाद दिया है। विदेश मंत्रालय कोलकाता निवासी जुडिथ की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए अफगान अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में था। आपको बता दें कि आगा खान फाउंडेशन (एक अंतरराष्ट्रीय एनजीओ) में एक वरिष्ठ तकनीकी सलाहकार के रूप में काम करने वाली 40 वर्षीय जुडिथ डीसूजा को काबुल से उनके कार्यालय से बाहर 9 जुलाई को अगवा किया गया था।
जुडिथ के परिवार वालों ने पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिख कर उनकी रिहाई सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप का आग्रह किया था, जिससे वह घर लौट सके। मोदी ने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी से जुडिथ की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए प्रयासों में तेजी लाने का आग्रह किया था। स्वराज ने जुडिथ की रिहाई सुनिश्चित करने में अफगानिस्तान में भारतीय राजदूत मनप्रीत वोहरा के प्रयासों की भी तारीफ की।
जूडिथ की सुरक्षित रिहाई के लिए उसके परिवार ने सरकार का शुक्रिया अदा किया है। जूडिथ की बहन एग्नेस ने बताया, “मेरी बहन को बचाने के लिए हम भारत सरकार के आभारी हैं। अब हम उनके घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं।”
हजरतगंज कोतवाली में मायावती और नसीमुद्दीन समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हो गया है। दयाशंकर की मां ने मायावती और नसीमुद्दीन के खिलाफ शुक्रवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
दयाशंकर की मां तेतरा देवी ने हजरतगंज कोतवाली में तहरीर दी है, जिसमें कहा गया है कि बसपा सुप्रीमो मायावती ने मुझे, मेरी बेटी, मेरी बहू और मेरी नातिन सहित देश की समस्त महिलाओं को सदन में गलियां दी और अपशब्द कहे। उन्होंने शिकायत में कहा कि मायावती के कहने पर ही लखनऊ के हजरतगंज में नसीमुद्दीन सिद्दीकी, रामअचल राजभर, राष्ट्रीय सचिव मेवालाल की अगुवाई में कार्यकर्ता इकठ्ठा हुए और दयाशंकर की मां और बहन को भद्दी-भद्दी गलियां दी।
परिवार की महिलाओं में दयाशंकर की मां तेतरादेवी और बहन शामिल हैं। बता दें कि मायावती के खिलाफ अपशब्द बोलने के विरोध में बसपा ने लखनऊ में जमकर हंगामा और अभद्रता की थी। पार्टी के लोगों ने न सिर्फ दयाशंकर बल्कि उनके परिवार की महिलाओं के खिलाफ भी काफी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। इस घटना के बाद दयाशंकर के परिवार के लोग काफी आहत हैं और महिलाओं के लिए इस्तेमाल हुई अशोभनीय भाषा के खिलाफ उनकी मां और बहन थाने पहुंचीं।
बता दें कि दयाशंकर ने बीते दिनों मायावती की तुलना वेश्या से की थी, जिसके चलते उन्हें भाजपा यूपी उपाध्यक्ष पद से हटाने के बाद पार्टी से भी निकाल दिया गया था। इतना ही नहीं उन पर लखनऊ में रिपोर्ट भी दर्ज है और पुलिस उनकी तलाश में है।
भारतीय अभिनेत्री दीपिका पादुकोण आगामी हॉलीवुड फिल्म ‘XXX: द रिटर्न ऑफ जेंडर केज’ के टीजर में कुछ सेकेंड्स के लिए नजर आईं। वह हाथ में बंदूक थामे मार-धाड़ करते दिखाई दीं।
दीपिका इसमें भले ही ज्यादा देर न दिखाई दी हों, लेकिन कुछ सेंकेंड्स के दृश्य में अभिनेत्री के मार-धाड़ से भरपूर किरदार की झलक नजर आई। दीपिका ने इंस्टाग्राम पर ट्रेलर साझा किया और साथ में लिखा, “बंदूकें, लड़कियां, वैश्विक प्रभुत्व, ‘XXX : द रिटर्न ऑफ जेंडर केज’ का पहला टीजर ट्रेलर।”
टीजर एक मिनट, 23 सेकेंड का है। इसमें दीपिका तीन दृश्यों में नजर आईं। शरीर से चिपके परिधान में वह बेहद खूबसूरत नज़र आ रही हैं।
डी.जे. कारुसो निर्देशित फिल्म ‘XXX : द रिटर्न ऑफ जेंडर केज’ 2002 की फिल्म ‘XXX : स्टेट ऑफ द यूनियन’ का सिक्वल है। फिल्म में रूबी रोज, सेमुअल एल. जैकसन, डॉनी येन और टोनी जा भी हैं। दीपिका इस फ़िल्म से हॉलीवुड में अपनी धाक जमाना चाहती हैं।
लेखक, कॉलमिस्ट, पॉलिटिकल साइंटिस्ट, और विचारक, लखनऊ के रूद्र प्रताप दुबे बेहद संज़ीदा इंसान हैं। दयाशंकर सिंह की अशोभनीय टिप्पणी से आहत रूद्र बसपा के उन कार्यकर्ताओं से भी दुखी हैं, जिन्होंने राजनीतिक भड़ास को शांत करने का माध्यम किसी की बहन-बेटी को चुना। मायावती के नाम इन्होंने एक खुला पत्र लिखा है, जिसे हम सभी को जरूर पढ़ना चाहिए:
“आदरणीया बहन मायावती जी
नमस्कार
आपके विषय में जो भी भाजपा के नेता ने बोला, वो निंदनीय था और इसीलिए मीडिया, सदन और आम जन ने उसकी एक स्वर में निंदा की। हालाँकि सदन में इसी चर्चा में शामिल होने पर आपने वही शब्द दयाशंकर की मां, बहन और बेटी पर भी थोप दिया। लेकिन उसकी निंदा नाम मात्र की हुई क्योंकि सबको ये लगा कि आप आक्रोशित थीं और ऐसा होना भी चाहिए क्योंकि आपके पास आक्रोशित होने के लिए वजह, मंच, संगठन, ओहदा और मुफीद समय सब था।
लेकिन शाम होते होते जब उस नेता को पद से हटा कर पार्टी से भी निकाल दिया गया, तब तो आपको एक बड़े नेता वाला बड़प्पन दिखाना ही चाहिए था।
लेकिन ‘महिला की गरिमा पर चोट पहुंची है’ जैसी बातों के पीछे जिस तरीके से कल पूरे देश में स्त्री विमर्श, स्त्री सशक्तिकरण, शिष्टता और सामाजिक मर्यादाओं को तार-तार किया गया, उसकी सार्वजनिक आलोचना होनी ही चाहिए।
तहज़ीब के शहर का एक चौराहा कल सरेआम किसी की पत्नी और बेटी की माँग कर रहा था और ‘एक नारी के अपमान’ के बदले लग रहे नारे की आवाजों से हर आती-जाती औरतें अपमानित हो रही थीं। बाबा साहब अम्बेडकर जी की मूर्ति के सामने जो आग कल आपके कार्यकर्ताओं ने लगायी थी ना, लगता है उसमें ही किसी ने सामाजिक मर्यादाओं/वर्जनाओं की भी आहुति दे दी थी!
वो देश जहाँ पर पब्लिक प्लेस में धूम्रपान करना तक मना है, उस देश में पब्लिक स्पेस में ही कल किसी फिल्म की शूटिंग जैसा एक बिल्कुल असली सीन चल रहा था जहाँ राजनीतिक रूप से लगभग मृतपाय हो चुके एक व्यक्ति की माँ, बहन, बेटी, डीएनए, जीभ सबको गाली दी जा रही थी।
अगर आपके नेता इस प्रदर्शन की अगुवाई ना कर रहे होते तो मैं इस भीड़ को ठीक वैसे ही इग्नोर करता जैसे कुछ दिनों पहले ‘नीम का पत्ता कडुआ है, प्रधानमंत्री … है’ वाली भीड़ को किया था। लेकिन नही, यहाँ पर आपके जिम्मेदार लोग थे जो कैमरों पर उस व्यक्ति को कुत्ता बोल रहे थे।
कहते हैं हवा अपने अंदर ध्वनियों को समेटे रहती है, आशा करता हूँ रात के सन्नाटे में वो नारे उठकर बाबा साहब की मूर्ति की कानों तक ना चले गए हों। ना तो आज पूरे दिन हुई बारिशों को मैं उसी मूर्ति के भावनाओं से उठे ज्वार के हवाले ही करूँगा।
बहन जी, विरोध पुरुषों का करना हो तो भी निशाने पर हमेशा उस पक्ष की स्त्रियां ही क्यों होती हैं। आज तो ऐसा लग रहा है कि दलित वास्तव में कोई जाति नही बल्कि लिंग है और वो है स्त्रीलिंग।
बहन जी, एक असंस्कारी और बदजबान व्यक्ति जब बिना किसी रैली, पार्टी मीटिंग और भीड़ के, सिर्फ टीवी कैमरों के माइक पर आपकी नियाहत ही गलत तुलना कर गया तो आप उसकी पार्टी की संस्कृति पर सवाल उठाने लगीं लेकिन जब दूसरी ओर आपके जिम्मेदार नेता माइक पर, भीड़ जोड़कर और एक सुनियोजित प्रदर्शन में उस व्यक्ति की पत्नी और बेटी माँग रहे थे और फिर भी आपकी पार्टी की संस्कृति पर कहीं बहस नही !
ये तो गलत है बहन जी।
बहन जी, दयाशंकर की बेटी, माँ, पत्नी उसी प्रदेश में रहते हैं, जिस प्रदेश की आप चार बार मुख्यमंत्री रही हैं। मुख्यमंत्री तो प्रदेश के परिवार का मुखिया होता है फिर भी आप एक गलती को भूलने के लिए तैयार नहीं। उस व्यक्ति ने माफ़ी मांगी, पार्टी छूटी, जलालत झेली, पुलिस केस हो गया अब और क्या !
लेकिन उनकी मां, पत्नी, बेटी के पास ना तो संगठन है, ना ओहदा, ना सदन और ना ही उनको गाली देकर उनसे कोई माफ़ी मांगने वाला ! अब वो क्या करें बस ज़िन्दगी भर इस याद के सहारे जियें की 2016 की जुलाई के किसी दिन उनके लिए इसी शहर के बीच चौराहे अपमानजनक नारे लगे थे।
दयाशंकर जी को लाखों उलाहना देते हुए भी मैं शहर के एक नागरिक के तौर पर उनकी माँ, पत्नी और बेटी से सार्वजनिक मंच से माफ़ी मांगता हूँ और ये मानता हूँ कि उन्होंने जो भी कहा वो गलत था, गलत था, गलत था। लेकिन उनके परिवार को भी जो कुछ कहा गया वो गलत था, गलत था, गलत था।
ऊना के दलित पीड़ितों से नेताओं के मिलने का ताँता लगा हुआ था तो दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी सुप्रीमो केजरीवाल कैसे पीछे रहते भला। मामला केवल दलित पीड़ितों के प्रति राजनीतिक सहानुभूति तक ही सीमित नहीं रहा। अरविन्द केजरीवाल एक पुलिसकर्मी पंकज अमरेलिया (42) की हत्या के आरोपी से भी हमदर्दी बाँटने एयरपोर्ट से सीधे अस्पताल जा पहुंचे। बाद में वे जहर पीकर पिटाई की घटना का विरोध करने वाले लोगों से मिले। केजरीवाल ने मृत पुलिसकर्मी के परिजनों से मिलने जाने की बात भी मीडिया से कही।
हमदर्दी के नाम पर अक्सर नेतागण ऐसे स्थानों पर जाने से नहीं चूकते, जहाँ उनके धुर विरोधी सत्तारूढ़ हों। राहुल गांधी भी इसके पहले पीड़ितों से मिलने पहुंचे थे। केजरीवाल ये मौका हाथ से कैसे गँवा सकते थे।
प्रेस को सम्बोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा,”गुजरात सरकार दलित विरोधी है और उनका दमन कर रही है। शिवसेना के लोगों ने ऊना में चमड़ा उतारने का पुश्तैनी काम करने वाले दलितों को बर्बरता से पीटा। पिटाई में प्रशासन और पुलिस संलिप्त थी। गुजरात में ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। भाजपा सरकार दलित आंदोलनकारियों के ख़िलाफ़ फर्जी मुकदमे दायर कर जेल भेज रही है। इस आंदोलन को भी वो पाटीदार आंदोलन की तरह दबाना चाहते हैं। जल्द ही सभी मिलकर सरकार को सबक सिखाएंगे।”