हांगकांग ओपन सुपर सीरीज के फाइनल पर नज़र गड़ाए बैठे पूरे देश को आज निराशा हाथ लगी। महिला एवं पुरुष वर्ग के फाइनल में पहुंचे दोनों भारतीय खिलाड़ी पी वी सिंधु और समीर वर्मा को क्रमशः महिला एवं पुरुष वर्ग के फाइनल में हार का सामना करना पड़ा।
भारत के समीर वर्मा को हांगकांग के का लोंग एंगस ने 14-21, 21-10, 11-21 से हराया। समीर पहली बार किसी बैडमिंटन सुपर सिरीज के फाइनल में पहुंचे थे। इससे पहले वे लगातार तीन बार पहले ही राउंड में बाहर हो गए थे। उन्होंने तीन सप्ताह पहले बिटबर्गर बैडमिंटन ओपन के सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। हांगकांग ओपन के फाइनल में पहुंचने के लिए समीर ने दुनिया के नंबर तीन खिलाड़ी जेल ओ’जोर्गेनसेन को मात दी थी। वहीं एंगस सुपरसीरीज टूर्नामेंट जीतने वाले हांगकांग के पहले खिलाड़ी हैं। वहीं सिंधु हांगकांग ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के महिला वर्ग के फ़ाइनल में हार गईं।
सिंधु ने अपने प्रतिद्वंदी को कड़ा मुकाबला दिया, लेकिन जीत नहीं पाईं। 41 मिनट तक चले मुकाबले में उन्हें ताइवान की ताइ ज़ू यिंग ने 21-15, 21-17 से हराया। आपको बता दें कि सिंधु ने सेमीफाइनल मुकाबले में चेयुंग नगान यी को 21-14, 21-16 को हराकर फ़ाइनल में जगह बनाई थी। भारत की साइना नेहवाल क्वार्टर फ़ाइनल मुक़ाबले में ही हार गई थीं।
पाकिस्तान के 20 साल के इतिहास में पहली बार कोई सेनाध्यक्ष समय से सेवानिवृत्त हो रहा है। आपको बता दें कि राहील शरीफ इस बार निर्धारित समय से रिटायर हो रहे हैं। कल पाकिस्तान प्रधानमंत्री ने लेफ्टिनेंट जनरल कमर जावेद बाजवा को पाकिस्तान का नया सेना प्रमुख चुना। बाजवा, राहील शरीफ का स्थान लेंगे । नये सेनाध्यक्ष बाजवा को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) और पाक के उत्तरी इलाकों में काम करने का लंबा अनुभव है।
जानकारों की मानें तो कश्मीर और आतंकवाद पर उनकी काफी अच्छी पकड़ है । बाजवा एलओसी से सटे क्षेत्र में तैनात रहने वाली पाक सेना की सबसे बड़ी 10 कोर के भी कमाण्डर रह चुके हैं । बाजवा का मानना है कि पाकिस्तान को ‘भारत’ से ज्यादा ‘कट्टरपंथ’ से खतरा है । आतंकवाद को लेकर उनका रुख बहुत सख्त माना जाता है । ऐसे में उनकी नियुक्ति को भारत के लिए सकारात्मक माना जा रहा है।
आपको बता दें कि पाकिस्तान में सेना को सबसे ज्यादा ताकतवर माना जाता है। कल पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए सेना प्रमुख के रूप में कमर जावेद बाजवा और जुबैर हयात को ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी का चेयरमैन बनाये जाने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि इन फैसलों को सफल बनाने में खुदा हमारी मदद करे।
गौरतलब है कि पाकिस्तान के नए सेनाध्यक्ष के सामने आतंकवाद के खिलाफ अभियानों को सँभालने के साथ ही सीमाओं की रक्षा सुनिश्चित करने की भी चुनौती होगी। भारत – पाक सीमा पर पहले से ही तनाव की स्थिति है। ऐसे में नए सेनाध्यक्ष बाजवा का कार्यकाल काफी चुनौती भरा होने वाला है ।
समाज में अपने अस्तित्त्व व अपनी पहचान की मोहताज किन्नर जाति के लिए एक खुशखबरी है। भारतीय रेलवे और आईआरसीटीसी ने टिकट आरक्षण और टिकट रद्द कराने वाले फॉर्म में महिला एवं पुरुष के साथ-साथ ट्रांसजेंडर को तीसरे लिंग के तौर पर शामिल कर लिया है। टिकट आरक्षण और रद्द कराने के अलावा यह सुविधा ऑनलाइन और ऑफलाइन भी उपलब्ध होगी।
एक अधिवक्ता के आवेदन पर यह निर्णय किया गया। दिल्ली उच्च न्यायालय ने फरवरी में दिल्ली के इस अधिवक्ता से अपनी याचिका पर कार्रवाई के लिए रेलवे मंत्रालय से संपर्क करने को कहा था। मंत्रालय ने शीर्ष न्यायालय के अप्रैल-2014 के निर्देशों के संदर्भ देते हुए बताया कि हिजड़ा, किन्नर और बाइनरी के अधिकारों की रक्षा के लिए अब उन्हें तीसरे लिंग के रूप में माना जाएगा।
उल्लेखनीय है उच्चतम न्यायालय ने अपने निर्णय में संविधान के तृतीय भाग और संसद के द्वारा बनाये गये कानून के तहत हिजड़ा और किन्नर के साथ-साथ बाइनरी के अधिकारों की रक्षा के लिए उन्हें तीसरे लिंग के रूप में मान्यता देने का निर्देश दिया था। परिपत्र में कहा गया, ‘‘निर्देशों के तहत टिकट आरक्षण, रद्द कराने के फार्म में महिला और पुरुष के साथ-साथ ट्रांसजेंडर का विकल्प भी शामिल करने का निर्णय किया गया है। प्रणाली में यह सूचना दर्ज कर ली जाएगी, जबकि उन्हें पूरी कीमत पर टिकट जारी किया जाएगा।’’
अधिवक्ता जमशेद अंसारी ने उच्च न्यायालय में दायर अपनी जनहित याचिका में इसे आईआरसीटीसी द्वारा संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 19 और 21 का उल्लंघन बताया था। अधिवक्ता ने भारतीय रेलवे से शीर्ष न्यायालय के उस निर्णय के अनुपालन की मांग की थी, जिसमें न्यायालय ने केन्द्र एवं राज्य सरकारों से ट्रांसजेंडर को तीसरे लिंग के रूप में मान्यता प्रदान करने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही उन्हें सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि के हिसाब से रियायत देने की मांग भी की थी। इसके अलावा उन्होंने ट्रांसजेंडर समुदाय की ‘देखभाल एवं अधिकारों की रक्षा’ के लिए सभी ट्रेनों में विशेष बोगियां एवं आरक्षित सीटें लगाने की भी मांग की थी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आज देश के पहले साइकिल हाईवे का उद्घाटन करेंगे, जिसके तहत सूबे के आगरा जिले में कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया है। मुख्यमंत्री उद्घाटन कार्यक्रम में जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
विधानसभा चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं बचा हुआ है। समाजवादी पार्टी की साइकिल रैली शनिवार 26 नवम्बर को इटावा से शुरू हो चुकी है। जो आज आगरा पहुंचेगी। इस साइकिल यात्रा में 4 देशों के 150 विदेशी साइकिलिस्ट और 12 राज्यों के 200 से ज्यादा साइकिलिस्ट ने हिस्सा लिया है।
इटावा में रैली का उद्घाटन वन मंत्री दुर्गा प्रसाद और कौशल विकास और व्यवसायिक शिक्षा मंत्री अभिषेक मिश्रा ने किया था। रैली का समापन आगरा में मुख्यमंत्री अखिलेश के हाथों आज होगा।
इटावा से आगरा तक साइकिल ट्रैक की चौड़ाई 3-5 मीटर तक है। इस रैली में इटावा से 40 किलोमीटर के ट्रैक में 8 अलग-अलग स्थानों पर 60 स्कूली बच्चे भी रैली में शामिल हुए थे। इस साइकिल ट्रैक का उद्देश्य पर्यावरण के सन्देश के प्रति लोगों को जागरूक करना होगा। इसके साथ ही इस साइकिल हाईवे से प्रदेश में टूरिस्ट को भी आकर्षित किया जा सकता है।
रेडियो पर मन की बात कार्यक्रम के 26वें संस्करण में आज प्रधानमंत्री मोदी ने सीमा पर शहीद हुए जवानों से लेकर नोट बंदी तक कई अहम मुद्दों पर आम जनता को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक झटके में हम ‘कॅश लेस’ सोसाइटी भले न निर्मित कर सकें, लेकिन ‘लेस कॅश’ की शुरुवात कर ‘कॅश लेस’ बनने की ओर कदम तो बढ़ा ही सकते हैं।
सीमा पर तैनात एक सैनिक की ओर से भेजे गए संदेश का ज़िक्र करते हुए पीएम ने कहा कि हर त्यौहार सीमा पर अपने परिवार से दूर रह कर बिताने वाले सैनिकों को इस बार देश भर से मिले तमाम संदेशों से ऐसा महसूस हुआ कि वे अपने परिवार के साथ त्यौहार मना रहे हैं। पीएम ने इन तमाम संदेशों को मिलाकर एक ‘कॉफ़ी टेबल बुक’ बनाने की बात कही। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश भर से मिले संदेशों से एक सैनिक की शक्ति सवा सौ करोड़ गुना बढ़ जाती है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “8 नवंबर को लिए गए नोटबंदी के फैसले से पूरे देश को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन बदलाव कभी आसान नहीं होता। इस प्रभाव से बाहर निकलने में 50 दिन तो लग ही जायेंगे। 70 साल की बीमारी ख़त्म करने में समय तो लगेगा ही।” पीएम ने कहा कि कुछ दिल दुखाने वाली घटनाओं के बावजूद जब मैं जनमानस का समर्थन देखता हूँ, तो मुझे अपने देशवासियों पर गर्व महसूस होता है।
जनता के प्रयासों से देश सोने की तरह तप कर निकलेगा-
पीएम ने कहा कि नोट बंदी के फैसले का विश्व के बड़े-बड़े अर्थशात्री मूल्यांकन कर रहे हैं, सबकी नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि सवा सौ करोड़ भारतीय कैसे इस संकल्प को पूरा करते हैं। आप सभी के इन कड़े प्रयासों के चलते हमारा भारत देश सोने की तरह तप कर निकलेगा। प्रधानमंत्री ने तमाम बैंक व डाक कर्मचारियों का भी तहे दिल से शुक्रिया अदा किया कि इस बदलाव की घड़ी में वे सीमा से ज़्यादा मेहनत कर, भाग दौड़ को सामान्य बनाने का अथक प्रयास कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कालाबाज़ारी करने वाले लोगों से आग्रह किया कि वे खुद सुधरें या न सुधरें, लेकिन गरीबों को प्रलोभन देकर अपना उल्लू सीधा करने का प्रयास न करें, जिससे वह गरीब आगे चलकर फंस जाये। मोदी ने नोट बंदी के बीच बड़ी समझदारी से हुई सूरत की ‘चाय पर चर्चा’ वाली शादी की सराहना की। उन्होंने देश भर में हुए ऐसे कई अप्रतिम उदहारण दिए।
मोदी ने देश भर के नागरिकों से कॅश लेस सुविधा की ओर बढ़ने का आग्रह किया, जिससे बिचैलियों का खेल ख़त्म हो, और देश से भ्रष्टाचार का नामोनिशान मिटे। पीएम ने किसानों का भी धन्यवाद दिया जिन्होंने कठिनाई की इस घड़ी में भी सरकार का पूरा साथ दिया और 20 नवंबर तक के आंकड़ों के मुताबिक, पिछली बार से भी इस बार ज़्यादा बुवाई हुई।
मोदी ने देश की 65 % आबादी, यानि कि हमारी युवा पीढ़ी से आह्वान किया कि वे देश में बदलाव लाएं, क्रांति लाएं। वे एक आध घंटा निकालकर कम से कम 10 परिवारों को कैश लेस बनने के लिए जागरूक करें। वे उन्हें उन तमाम ऐप्स, टेक्नोलॉजी,खाते, लेन देन की जानकारी दें, ताकि लोग रुपे, इ वॉलेट, डेबिट-क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल का महत्त्व समझ सकें। पीएम ने कहा, “युवा इस महाअभियान का हिस्सा बनें, जिससे एक माह के भीतर हम नए आधुनिक हिंदुस्तान के रूप में खड़े हो सकें।”
पीएम ने अंत में महानायक अमिताभ बच्चन का भी शुक्रिया अदा किया जिन्होंने अपने पिता महान कवि श्री हरिवंश राय बच्चन की जयंती पर उनकी ही पंक्तियों (मिटटी का तन, मस्ती में मन, क्षण भर जीवन, मेरा परिचय।) से प्रेरित हो, स्वच्छता अभियान के लिए कुछ पंक्तियां लिखीं हैं,”स्वच्छ तन, स्वच्छ मन, स्वच्छ भारत, मेरा परिचय।”
नोटबन्दी के फैसले के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए देश को संबोधित कर रहे हैं। आज अपने संबोधन में पीएम मोदी ने विपक्ष पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि कुछ लोग अभी भी काले धन को सफेद करने में लगे हैं। उन्होंने कहा, “सुधरना, नहीं सुधरना आपकी मर्जी है, लेकिन गरीबों का इस्तेमाल ना करें।”
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि देशवासियों ने जिस अनूठे अंदाज़ में दिवाली जवानों को समर्पित की, इसका असर जवानों के चेहरे पर अभिव्यक्त होता था। उन्होंने आग्रह किया कि कोई भी उत्सव हो, त्योहार हो या खुशी का माहौल हो, जवानों को हम किसी न किसी रुप में जरूर याद करें। यह इस कार्यक्रम का 26वां संस्करण है तथा 8 दिसंबर की मध्यरात्रि से हुए नोटबंदी के फैसले के बाद यह प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ का पहला संबोधन है। जब सारा राष्ट्र सेना के साथ खड़ा होता है, तो सेना की ताकत 125 करोड़ गुना बढ़ जाती है। कुछ दिन पहले जम्मू-कश्मीर के 95% छात्रों ने बोर्ड की परीक्षा में हिस्सा लिया। यह इस बात की ओर इशारा करता है कि हमारे बच्चे शिक्षा के माध्यम से उज्ज्वल भविष्य के लिए कृतसंकल्प हैं।
नोटबंदी के फैसले पर पीएम ने कहा कि ये एक सामान्य फैसला नहीं था, कठिनाई भरा फैसला है। सब कहते थे कि 500 और 1000 वाले नोटों पर और विस्तार से बातें करें। जिस समय ये निर्णय किया था, तब भी मैंने सबके सामने कहा था कि निर्णय सामान्य नहीं है। कठिनाइयों से भरा हुआ है। हमारा देश, सोने की तरह हर प्रकार से तप कर, निखर कर आगे निकलेगा। 70 साल से हम जिन बीमारियों को झेल रहे हैं, उनसे मुक्ति का अभियान सरल नहीं। मैं इस महायज्ञ (नोटबंदी) में परिश्रम व पुरुषार्थ करने वाले साथियों का मैं हृदय से धन्यवाद करता हूं। नोटबंदी पर मन की बात में पीएम ने कहा कि आप की मुश्किलों को समझता हूं, लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है। आपकी कठिनाइयों को मैं समझता हूँ, भ्रमित करने के प्रयास चल रहे हैं फिर भी देशहित की इस बात को आपने स्वीकार किया है। कुछ लोग अपने पैसे बचाने के लिए गरीबों को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं। पिछले वर्ष की तुलना में काफ़ी मात्रा में बुआई बढ़ी है, कठिनाइयों के बीच भी किसान ने रास्ते खोजे हैं। मुश्किलों के बाद भी बुवाई में बढ़ोतरी हुई है, इसके लिए मैं किसानों को बधाई देता हूं। मैं अपने छोटे व्यापारी भाइयों-बहनों से कहना चाहता हूं कि मौका है, आप भी डिजिटल दुनिया में प्रवेश कर लीजिए। हमारा गाँव, हमारा किसान ये हमारे देश की अर्थव्यवस्था की एक मज़बूत धुरी हैं।
गौरतलब हो कि 500 और 1000 रुपये की नोटबंदी के खिलाफ विपक्षी दलों ने 28 नवंबर को भारत बंद का एलान किया है। बिहार में सत्ताधारी महागठबंधन का नेतृत्व कर रहे नीतीश कुमार ने विपक्ष की ओर से बुलाए गए इस भारत बंद से खुद को अलग कर लिया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने ‘कैशलेस सोसाइटी’ की स्थापना के लिए सभी का आव्हावन किया । उन्होंने युवाओं को इस महायज्ञ में ज्यादा से ज्यादा अपना योगदान देने को कहा।
एक तरफ तो समाजवादी पार्टी नोटबंदी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथ ले रही है, दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अमर सिंह ने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद करने के फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि यह काले धन और भ्रष्टाचार को खत्म करने का एक साहसिक प्रयोग है और उन्हें गर्व है कि मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं।
अमर ने कहा, ‘‘मैं भाजपा का कोई प्रवक्ता नहीं बल्कि समाजवादी पार्टी का राज्यसभा सदस्य हूं, इस मुद्दे पर मेरी पार्टी की राय चाहे जो भी हो, लेकिन मैंने अपनी निजी राय जाहिर की है।” अमर ने कहा, “नोटबंदी के फैसले से अमीर और गरीब के बीच की खाई कम हुई है। अब लोग कर चोरी करने की बजाय कर अदा करेंगे। नोटबंदी भले ही उचित इंतजामों के बगैर लागू की गई, लेकिन इस कदम को अचानक अमल में लाने से काले धन और बेहिसाब नगद राशि को जमाखोरों द्वारा ठिकाने लगाने से रोकने में मदद मिली।” अमर के मुताबिक, अब काला धन जमा रखने वालों को रातों में नींद नहीं आ रही।
अमर सिंह ने मोदी के इस फैसले की तारीफ करते हुए कहा कि ‘‘एक देशवासी के तौर पर मुझे गर्व है कि हमें एक ऐसे प्रधानमंत्री मिले हैं जो भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए समर्पित हैं।” उन्होंने कहा, ‘‘बैंकों के बाहर कतार में खड़े लोग कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री ने उन सभी को सजा दी है, जिन्होंने अकूत संपत्ति जमा कर रखी थी, चाहे वे उनकी पार्टी (भाजपा) के हों या कोई और हों।”
मोदी के फैसले की तारीफ के साथ साथ अमर ने नोटबंदी को लागू करने में कुप्रबंधन पर अपना विरोध भी जाहिर किया। उन्होंने कहा कि उन्हें लोगों को इस फैसले के कारण तकलीफ में देखकर दुख होता है। नोटबंदी के मुद्दे पर मोदी की ओर से ऐप पर कराए गए सर्वेक्षण पर भी उन्होंने प्रश्न उठाया।
अभिनेता शाहरुख खान की आगामी फिल्म ‘रईस’ का ट्रेलर इस साल दिसंबर में रिलीज किया जाएगा। शाहरुख़ ने एक इंटरव्यू में स्वयं इस बात की जानकारी दी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक फिल्म के ट्रेलर को देश भर की 3500 से ज्यादा स्क्रीन्स पर रिलीज किया जाएगा। इतना ही नहीं ट्रेलर के साथ ही बॉलीवुड स्टार शाहरुख अपने फैन्स से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात भी करेंगे। यह प्रक्रिया देश भर के 9 शहरों में की जाएगी।
हालांकि शाहरुख और आलिया भट्ट स्टारर फिल्म ‘डियर जिंदगी’ के साथ ही ‘रईस’ का ट्रेलर रिलीज किए जाने की बातें कही जा रही थीं, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। शाहरुख ने इस विषय में कहा, “हम पूरे भारत की जनता से एक साथ जुड़ना चाहते थे, बजाए किसी एक शहर को टारगेट करने के। हम देश भर के हजारों लोगों से बात करने के लिए बहुत उत्सुक हैं, अलग-अलग छोटे-बड़े शहरों से एक साथ लाइव चैट के माध्यम से सिनेमाघरों में।”
फिल्म अगले साल 26 जनवरी को रिलीज होगी लेकिन उससे पहले ही फिल्म के ट्रेलर को इतने व्यापक ढंग से रिलीज किया जाना फैन्स के साथ इन्क्लूड होने का एक बहुत अच्छा तरीका है। शाहरुख, रितेश शिदवानी और फरहान अख्तर ने मिल कर जिन 9 शहरों का चुनाव किया है,उन शहरों के नाम हैं दिल्ली, इंदौर, अहमदाबाद, कोलकाता, बैंगलोर, हैदराबाद, जयपुर, मुंबई और मोगा (पंजाब)। फिल्म का टीजर दर्शकों को बहुत पसंद आया था और फैन्स तभी से फिल्म के ट्रेलर का इंतजार कर रहे हैं।
कहानी की तह में जाकर उलझ गए थे शाहरुख़-
गुजरात के दरियापुर में अवैध शराब का धंधा करने वाले कारोबारी अब्दुल लतीफ (दाऊद का करीबी) की जिंदगी पर आधारित यह फिल्म दिखाएगी कि छोटे-बड़े गैरकानूनी काम करने वाला अब्दुल किस तरह अंडरवर्ल्ड का डॉन बन गया। फिल्म के किरदार को अच्छी तरह से समझने के लिए शाहरुख ने लतीफ के बेटे मुश्ताक अहमद से मुलाकात की जिसे राजनीतिक रंग देने की भरसक कोशिश की गई। इसके बाद शाहरुख ने लतीफ के परिवार से दूरी बनाए रखना शुरू कर दिया। इस बात से मुश्ताक नाराज हो गया और उसने फिल्म बनाने के लिए शाहरुख से कथित तौर पर 10 करोड़ रुपए की मांग कर डाली थी। हालांकि अब यह मामला सुलझता नजर आ रहा है।
नेशनल अवार्ड विनिंग डायरेक्टर राहुल ढोलकिया निर्देशित फिल्म ‘रईस’ का प्रोडक्शन ‘रेड चिलीज एंटरटेनमेंट’ और ‘एक्सेल एंटरटेनमेंट’ कर रही है।
रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा है कि भारत युद्ध नहीं चाहता है, लेकिन अगर उसे उकसाया गया तो वह दुश्मन की आंखें निकाल कर उसके हाथ में थमा देगा। तीन दिन पहले पाकिस्तान की ओर से डीजीएमओ स्तर की वार्ता की ओर इशारा करते हुए पर्रिकर ने कहा, ‘‘सीमा पर पिछले तीन दिनों से फायरिंग नहीं हुई है क्योंकि यदि पाकिस्तान एक बार फायरिंग करता है, तो हम उन पर दो बार फायरिंग करते हैं। हम जैसे को तैसा के अंदाज में जवाब दे रहे हैं। जब उन्हें यह बात समझ आ गई, तो उन्होंने हमसे अनुरोध किया कि हम इसे रोक दें।’’
पर्रिकर ने कहा कि उनकी मां ने उन्हें सिखाया था कि ‘‘यदि तुम खरगोश के शिकार के लिए भी जाओ तो किसी बाघ को मारने के लिए तैयार रहो।’’ उन्होंने कहा कि हमारी सेना किसी भी स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है। पर्रिकर ने कहा कि गोवा के लोग दुनिया को बता सकते हैं कि उन्होंने केंद्र में एक ऐसे शख्स को भेजा था जिसने दुश्मन के गाल पर करारा तमाचा जड़ा।
शनिवार को गोवा के एल्डोना विधानसभा क्षेत्र में एक रैली को संबोधित करते हुए पर्रिकर ने कहा, ‘‘हम लड़ने के लिए बेचैन नहीं हैं, लेकिन यदि किसी ने देश पर बुरी नजर डाली तो हम उसकी आंखें निकालकर उसके हाथ में रख देंगे, हमारे पास इतनी ताकत है।’’ रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने बुलेट प्रूफ सरकारी कार का इस्तेमाल छोड़ दिया है। दुश्मनों में हिम्मत है तो उन्हें गोली मार कर दिखाएँ। ऐसा चाहने वाले को दिल्ली तक जिंदा पहुंचने नहीं दिया जाएगा।
पर्रिकर ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया फैसला ऐतिहासिक है। कालाधन, भ्रष्टाचार का धन, आतंक का वित्तपोषण और मादक पदार्थों से मिलने वाले धन को गहरा झटका लगा है।’’ इसके अलावा मनोहर पर्रिकर ने दावा किया कि केंद्र के नोटबंदी के कदम से मुंबई में सुपारी लेकर हत्या करने, हत्या, जबरन वसूली और मादक पदार्थों की तस्करी समेत अपराध के दर में भारी कमी आई है।
नोटबन्दी के फैसले का आज 19वां दिन है और आज पहली बार जनता के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संवाद करेंगे। आपको बता दें कि पीएम मोदी आज ‘मन की बात’ के जरिए राष्ट्र को संबोधित करेंगे। मन की बात कार्यक्रम का यह 26वां संस्करण होगा और इस ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिये मोदी जनहित के कई मुद्दों पर अपने विचार जनता के सामने रखते हैं।
सबसे खास बात यह है कि नोटबंदी के फैसले के बाद मोदी का यह पहला मन की बात संबोधन है, हालाँकि पीएम मोदी पहले ही नोटबंदी पर काफी कुछ बोल चुके है लेकिन ऐसी उम्मीद है कि वह आज के संबोधन में नोटबंदी पर कुछ खास बोल सकते हैं। बता दें कि लगातार एटीएम ठीक हो रहे हैं, लेकिन कई जगहों पर कैश न होने की शिकायत अब भी जारी है। हालाँकि एक अनुमान के मुताबिक, नोटबंदी से पहले रोज करीब 15-20 हजार करोड़ कैश निकाला जाता था, लेकिन अभी इसका 25 फीसदी यानी 4-5 हजार करोड़ कैश ही निकल पा रहा है।
सरकार का दावा है कि 30 नवंबर तक 90% एटीएम में बदलाव का काम पूरा हो जाएगा, जिससे कैश की स्थिति और सुधरेगी। कैश की मांग को देखते हुए नोटों की छपाई का काम और तेज कर दिया गया है । गौरतलब हो कि जनधन खातों में पिछले 14 दिनों में 27,200 करोड़ रुपए जमा हो चुके हैं। अब देखना होगा कि आज पीएम मोदी अपने मन की बात कार्यक्रम से जनता से कितना सटीक संवाद कर पाते हैं, क्योंकि कल विपक्ष ने भारत बन्द का भी आह्वान किया है।