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Monday, August 10, 2026
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मीडिया की भ्रामक खबरों पर न दें ध्यान, कुछ लोग मेरी राजनीतिक हत्या करना चाहते हैं -नितीश कुमार

अनुज हनुमत,

नोटबन्दी के फैसले पर केंद्र सरकार का समर्थन करने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब खुद ही परेशान नजर आ रहे हैं। मीडिया में लगातार नीतीश कुमार और बीजेपी के बीच आ रही ठंडक की खबरें दिखाई जा रही थी, जिससे परेशान नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी से नजदीकी दिखाकर कुछ लोग उनकी राजनीतिक हत्या की साजिश कर रहे हैं।

आपको बता दें कि पटना में जनता दल विधानमंडल दल के सदस्यों की बैठक में पार्टी के अध्यक्ष नितीश ने कहा कि कुछ लोग उनकी राजनीतिक हत्या की साजिश रच रहे हैं। इसके लिए कई तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं।

पार्टी के एक पार्षद ने बताया कि बैठक में नीतीश कुमार ने स्पष्ट कहा कि कुछ मीडिया निराधार खबरें प्रकाशित कर रही हैं। कुछ दिन पहले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से उनके मिलने की खबर प्रकाशित की गई थी और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात करने की बात की जा रही है।

हालाँकि नीतीश ने बैठक में कहा कि वह केवल नोटबंदी के निर्णय का समर्थन करते हैं न कि इस निर्णय से बीजेपी से नजदीकियां बढ़ी हैं और उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में महागठबंधन की सरकार मजबूती से चल रही है। उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले नीतीश ने एक समारोह में सार्वजनिक तौर पर भाजपा अध्यक्ष से किसी भी प्रकार की मुलाकात की खबरों का खंडन किया था।

नितीश कुमार का ये बयान उस वक्त आया है, जब महागंठबंधन के प्रमुख सहयोगी लालू प्रसाद यादव और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव इसी मसले पर एक दूसरे से मिलकर बैठक करके निकले थे। सूत्रों की मानें तो नीतीश कुमार के ऊपर नोटबन्दी के मसले पर केंद्र सरकार को समर्थन देने के बाद सहयोगियों का अतिरिक्त दबाव हो गया था। ऐसे में उन्होंने सियासी गलियारों में ये शॉट खेला है।

मोदी सहित 22 नेताओं की हत्या की साज़िश रच रहे तीन आतंकी गिरफ्तार, 2 की तलाश जारी

शिखा पाण्डेय,

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विश्व भर में उभरी हुई सशक्त छवि आतंकियों को कतई रास नहीं आ रही। जानकारी मिली है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की खुफिया साजिश रची गई थी, जिसका की समय रहते भंडाफोड़ कर दिया गया है। सोमवार को तमिलनाडु के मदुरै में विभिन्न इलाकों में छापे मारकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने अलकायदा के तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इन तीनों ने प्रधानमंत्री सहित देश के 22 शीर्ष नेताओं की हत्या की साजिश रची थी।

पुलिस ने बताया कि एनआइए ने अलकायदा के इन आतंकियों की हरकतों के बारे में पुख्ता सूचना जुटाने के बाद ही इन्हें गिरफ्तार किया है। इन पर पिछले दस दिनों से सुरक्षा एजेंसियों की नज़र थी। तीनों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने बताया कि तीनों आतंकी दक्षिण तमिलनाडु और मदुरै के आसपास अलकायदा का सेंटर चलाने में लिप्त थे। देश की कई अदालतों में हुए बम विस्फोटों में भी इनके शामिल होने की बात सामने आ रही है।

जो तीन संदिग्ध गिरफ्तार किए गए हैं, उनकी पहचान एम करीम, आसिफ सुल्तान मुहम्मद और अब्बास अली के रूप में हुई है। करीम को उस्माननगर, आसिफ सुल्तान मुहम्मद को जीआर नगर और अब्बास अली को इस्माइलपुरम से गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से विस्फोटक पदार्थ भी बरामद किए गए हैं। ये तीनों आतंकी देश में स्थित विभिन्न देशों के दूतावासों को धमकी देने के मामले में भी शामिल रहे हैं।

पुलिस ने बताया कि आतंकियों के पास से विस्फोटक पदार्थ और हथियार भी जब्त किए गए हैं। एनआइए सूत्रों ने बताया कि तीन आतंकियों को तो गिरफ्तार करने में सफलता मिल गई है, लेकिन अन्य दो आतंकियों हकीम और दाऊद सुलेमान को पकड़ने में जांच एजेंसी जुटी हुई है।

आपको बता दें कि देश में अलकायदा से जुड़ी यह चौथी गिरफ्तारी थी। इससे पहले भी इस आतंकी संगठन के तीन सदस्य गिरफ्तार किए जा चुके थे। इस साल की शुरुआत में बेंगलुरु से अलकायदा आतंकी मौलाना अंजर शाह को भी गिरफ्तार किया गया था। वह संगठन के स्लीपर सेल से जुड़ा हुआ था। उस पर नौजवानों की भर्ती करने की जिम्मेदारी थी।

दीपिका के डांस नंबर से शुरू हुई ‘पद्मावती’ की शूटिंग, चित्तौड़गढ़ का किला दुल्हन की तरह सजा

शिखा पाण्डेय,

दीपिका पादुकोण की बहुचर्चित आगामी ऐतिहासिक फिल्म ‘पद्मावती’ की शूटिंग अंततः शुरू हो चुकी है। शूटिंग राजस्थान में शुरू हुई है। सबसे पहले दीपिका पादुकोण के एक डांस नंबर से ही शुरुआत की गई है, जो कि एक घूमर सॉन्ग है। इसे चितौड़गढ़ में फिल्माया जा रहा है।

सेट को रोशन करने के लिए 400 से भी ज्यादा दीयों का इस्तेमाल किया गया है। सेट को पारंपरिक तस्वीरों और पेंटिग्स से बिलकुल शाही अंदाज़ में सजाया गया है। गाने के वीडियो को फिल्माते वक्त इसमें छरी डांसर्स को भी लिया गया है। खबरों के मुताबिक, किले को इस तरह से भव्य अंदाज में कभी सजावट के साथ शूट नहीं किया गया है।

हालाँकि फिल्ममेकर्स यह कोशिश कर रहे हैं कि अभी फिल्म से जुड़ी कोई भी जानकारी लीक नहीं हो, वहीं हाल ही में रणवीर सिंह ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से फिल्म में अपने लुक की बहुत छोटी सी झलक फैन्स के साथ शेयर की। आपको बता दें कि संजय लीला भंसाली निर्देशित इस फिल्म ‘पद्मावती’ के लिए दीपिका और रणवीर तीसरी बार साथ में नजर आएंगे। इससे पहले यह दोनों स्टार्स फिल्म ‘गोलियों की रासलीला- रामलीला’ और ‘बाजीराव मस्तानी’ में साथ नजर आ चुके हैं।

रणवीर द्वारा शेयर किए गई इंस्टाग्राम पिक में सिर्फ रणवीर की सुर्ख लाल आंखे नजर आ रही हैं। फिल्म में रणवीर अलाउद्दीन खिलजी की भूमिका में नजर आएंगे। उन्होंने फिल्म के लिए अपना लुक शेयर करते हुए फिल्म की रिलीज डेट की भी घोषणा कर दी है। फिल्म अगले साल 17 नवंबर को रिलीज होगी। वहीं फिल्म के कास्टिंग डायरेक्टर श्रुति महाजन ने फिल्म में दीपिका का लुक अपने फेसबुक अकाउंट से पोस्ट कर दिया है।

तर्जनी उंगली से जानें अपना भविष्य

डॉ. एच.सी. जैन,
यह उंगली व्यक्ति की महत्वाकांक्षा, अहम एवं नेतृत्व की क्षमता को दर्शाती है। इस उंगली से व्यक्ति के भाग्य एवं कार्य क्षेत्र के बारे में जानकारी मिलती है। तर्जनी उंगली की सामान्य लंबाई मध्यमा के ऊपरी भाग के मध्य तक होती है। यदि यह उंगली सामान्य से अधिक लंबी होती है तो व्यक्ति में नेतृत्व की क्षमता बहुत होती है। इसके विपरीत इसके छोटे होने पर व्यक्ति सामान्यत: दूसरों के मार्गदर्शन में ही कार्य करता है या वह अकेले की कार्य करना पसंद करता है तथा स्वयं का ही कुछ कार्य करता है। इस उंगली का लंबा होने पर व्यक्ति का गुरु प्रबल होता है।
यदि तर्जनी उंगली सामान्य से अधिक लंबी हो, तो व्यक्ति में लापरवाही और तानाशाही बढ़ जाती है। जब यह छोटी हो तो व्यक्ति में ये विशेषताएं लुप्त होती हैं। यदि यह उंगली विकृत है तो व्यक्ति चालाक, स्वार्थी और पाखंडी होता है।
जब तर्जनी उंगली का पहला खंड लंबा हो तो व्यक्ति राजनीति, धर्म, और शिक्षण क्षेत्रों में कुशल होते हैं। यदि उंगली का दूसरा खंड लंबा हो तो व्यक्ति व्यापारी होता है और उंगली का तीसरा खंड लंबा हो तो ऐसे व्यक्ति विभिन्न प्रकार के व्यंजन के शौकीन होते हैं।
गुरु पर्वत तर्जनी उंगली से नीचे होता है। पूर्ण विकसित गुरु पर्वत वाले व्यक्ति लोक नेतृत्व की आकांक्षा, नीति से पूर्ण एवं स्वाभिमानी होते हैं। ऐसे व्यक्ति शासन एवं नेतृत्व में कुशल होते हैं। विकसित गुरु पर्वत व्यक्ति को महत्वाकांक्षी बनाता है। यह लोग धन से अधिक अपने ओहदे को महत्व देते हैं। ऐसे लोग अच्छे सलाहकार होते हैं। यह लोग कानून के दायरे में रह कर कार्य करते हैं। ऐसे लोग अनेक तरह के व्यंजन खाने के शौकीन होते हैं और अपने परिवार से मोह करते हैं।
अधिक विकसित गुरु पर्वत व्यक्ति को अहंकारी, दिखावटी, क्रूर और इर्ष्यालु बनाता है। ऐसे लोग अधिक खर्चीले होते हैं।
यदि गुरु पर्वत अर्द्धविकसित हो तो व्यक्ति में गुरु संबंधित बुनियादी प्रवृत्ति विकसित नहीं होती है।
(लेखक प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य/वास्तुविद हैं। राष्ट्रीय गौरव अवार्ड प्राप्त डॉ. जैन ग्वालियर, म०प्र० में रहते हैं।)

पीएम मोदी ने खुद ही किया है भारत बंद -मायावती

सौम्या केसरवानी,
बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने सोमवार को संसद के शीतकालीन सत्र से पहले मीडिया से बातचीत की। जिसमें उन्होंने एक बाद फिर से नोटबंदी के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा है।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि पीएम मोदी को नोटबंदी के मामले में जवाब देना चाहिए। नोटबंदी कर के भाजपा पहले ही भारत बंद कर चुकी है। और अब भाजपा देशहित की नौटंकी कर रही है।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने आगे कहा कि नोटबंदी से देश की जनता परेशान है। नोटबंदी से देश में अफरा-तफरी का माहौल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को संसद में आकर जवाब देना चाहिए। प्रधानमंत्री संसद में आने से घबरा क्यों रहे हैं। इसके साथ ही मायावती ने प्रधानमंत्री मोदी को देश की जनता से माफ़ी मांगने के लिए भी कहा है।

‘विपक्ष का ‘भारत बन्द’ फेल होना क्या दर्शाता है? क्या जनता सरकार के साथ है!’

अनुज हनुमत,

आज नोटबन्दी के फैसले को 20 दिन पूरे हो रहे हैं, और लगभग इतने ही दिन की मेहनत सरकार की आलोचना करते हुऐ विपक्ष को भी हो चुके हैं। जब से मोदी सरकार ने नोटबन्दी का फैसला लिया है, तब से लगातार विपक्ष के विरोध के कारण शीतकालीन सत्र भी बाधित है।

कई दिन पहले ही विपक्ष ने 28 नवम्बर के दिन भारत बन्द का आह्वान किया था, लेकिन जैसे ही दिन नजदीक आया वैसे ही विपक्ष में मौजूद बड़ी-बड़ी पार्टियां अपने अलग-अलग सुर अलापने लगी हैं।कांग्रेस ने कहा कि हम आज आक्रोश दिवस मनाएंगे, तो ममता ने कहा हमारा विरोध प्रदर्शन भी जारी रहेगा। सपा और बसपा भी भारत बन्द ने शामिल नहीं हैं। बिहार के लाल नीतीश कुमार ने पहले ही ऐसे किसी विरोध प्रदर्शन में शामिल न होने के संकेत दे दिए थे। भारत बन्द में सिर्फ लेफ्ट और कुछ क्षेत्रीय पार्टियां ही शामिल हैं, जिनके विरोध का कुछ खास असर नही दिख रहा है। लेफ्ट पार्टियों ने नोटबंदी के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए पश्चिम बंगाल में 12 घंटे के बंद की अपील की है। जबकि ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस इस बंद में शामिल नहीं होगी और सिर्फ विरोध प्रदर्शन करेगी।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद इतना तो स्पष्ट है कि मौजूदा विपक्ष इस मुद्दे पर भी पूरी तरह से एक नहीं है। इसके कई कारण हैं, जिनमें सबसे बड़ा कारण विपक्ष में शामिल पार्टियों का अपना अपना हित होना। क्षेत्रीय पार्टियां भी तब तक अपना विरोध मुखर नहीं करती, जब तक उन्हें ये विश्वास न हो जाये कि उस मुद्दे का चुनाव में कितना फायदा मिलेगा।

भारत बन्द के फैसले से धीरे धीरे अलग होकर अधिकांश पार्टियों ने इसे आक्रोश दिवस में बदल दिया है, जिस कारण इतना तो स्पष्ट हो गया है कि विपक्ष को शायद ये भनक लग गई थी कि ज्यादातर जनता उनके साथ नहीं हैं, शायद इसलिए उन्हें अपना फैसला बदलना पड़ा। एक लोकतान्त्रिक देश के नजरिये से देखें तो कुछ ठीक नहीं चल रहा। ये मौजूदा समय विपक्ष के लिहाज से काफी बुरा साबित हो रहा है।

दुखद विषय यह भी है कि दशकों से भारत में विपक्ष आखिर क्यों अपनी वास्तविक भूमिका का सही से आंकलन नही कर पा रहा है ? अगर ऐसा ही क्रम चलता रहा, तो आने वाले समय में यही विपक्ष भारतीय लोकतंत्र के लिए खतरे की घण्टी साबित हो सकता है।

…तब होगी सही मायने में ‘युवा क्रांति’!

जे.एस. पाण्डेय,

आम तौर पर ‘क्रांति’ शब्द का अर्थ किसी ‘भेड़ चाल’ व्यवस्था या दौड़ती व्यवस्था को फोर्सली तोड़ मरोड़ कर अलग निकलना समझा जाता है। कुछ ‘खास’ लोगों के लिए तो अपनी बात मनवाने के उद्देश्य से बसों को आग लगा देना, रास्ता जाम करना या रेल पर पत्थर फेंकना क्रांति है, लेकिन ‘क्रांति’ शब्द का वास्तविक अर्थ प्रधान मंत्री मोदी ने नोट बंदी का सशक्त, निर्भय फैसला लेकर बताया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को ‘कॅश लेस’ बनाने की दिशा में हमारे देश का युवा क्रांति कर सकता है। शहरों का ही नहीं गांवों का युवा भी आज मोबाइल का उपयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि हर युवा आज अपने उन भाइयों का सहयोग करे, जो नेट बैंकिंग नहीं जानते, जो रुपे या पेटीएम यूज़ करना नहीं जानते, जो क्रेडिट कार्ड-डेबिट कार्ड का इस्तेमाल नहीं जानते। हर युवा उन अनजान, असमर्थ लोगों को आज डिजिटल ज्ञान दे सकता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे प्रतिदिन कम से कम 10 परिवारों को कॅश लेस व्यवस्था के विषय में समझाए, यूज़ करना बताए, उसके हानि लाभ बताए। पूरे देश के युवा मोबाइल से फेसबुक-वाट्सअप में सिर्फ समय पास न करें अपना थोड़ा समय देश के विकास में योगदान करें।

जो शक्ति विनाश कर सकती है, वह विकास भी कर सकती है। यह हम पर निर्भर करता है कि हम अपनी शक्ति का प्रयोग किस ढंग से कर रहे हैं। सम्राट अशोक अपने 99 भाइयों को मार कर गद्दी पर बैठा था। अनगिनत युद्ध लड़ने के बाद, उसने ‘अहिंसा परमो धर्म:’ अपनाया। इतने विनाश के बाद उसने अपनी शक्ति का प्रयोग विकास की दिशा में किया। शक्ति एक ही है, अब यह हम पर निर्भर करता है, हम चाहें तो उसे विनाश में लगाएं या विकास में।

शादियां पहले भी होती थीं, आज भी हो रही हैं और होती रहेंगी। कई शादी ब्याह वाले परिवारों का कहना है कि हमारी शादियों के बीच ही क्यों, बाद में भी ये फैसला लिया जा सकता था। अब इन लोगों को कौन समझाए कि आज आपकी शादी है, कल किसी और की होगी, परसों किसी और की। तो क्या ये फैसला लागू ही न हो कभी? ऐसी विकट परिस्थिति में शादी करने वालों को तो गौरवान्वित महसूस करना चाहिए कि कई पीढ़ियों तक उनकी शादी का किस्सा अजर अमर बन जायेगा कि इनकी शादी के दौरान देश में नोट बंदी की क्रांति हुई थी। परेशानी थोड़ी बढ़ी ज़रूर है, लेकिन शादियों में परेशानी तो होती ही है। बिना छोटी मोटी परेशानी के कोई शादी नहीं होती। सूरत के दक्षा और भरत ने नोट बैन के माहौल में मात्र 500 रुपये के खर्च में ‘चाय पर चर्चा’ के तौर पर शादी कर पूरे समाज के लिए एक अप्रतिम मिसाल खड़ी कर दी है।

यदि इस दरम्यान मरने वालों की संख्या पर बात करें, तो कई लोग चिल्ल-पों मचा रहे हैं कि नोट बंदी के कारण 50 से अधिक लोग मर गए। मौतें पहले भी होती थीं, आज भी हो रही हैं। कई लोग, कई अलग कारणों को भी राजनीतिक रूप देकर इन मौतों को नोट बंदी से जोड़ दे रहे हैं। कई मामले वाक़ई दुखद हैं, लेकिन कई मामलों में जान बूझ कर तिल का ताड़ बनाया जा रहा है।

यूँ तो पहाड़ चढ़ना थोड़ा कठिन लग रहा है, लेकिन यदि हमारे युवा सहयोग करेंगे तो यही पहाड़ चढ़ना इतना आसान हो जाएगा कि पूरे देश की व्यवस्था बदल जाएगी। इस अभियान में युवा शक्ति के समर्थन मात्र की ही नहीं, सम्पूर्ण सहयोग की भी सख़्त जरूरत है। तब होगी सही मायने में ‘युवा क्रांति’।

विपक्ष का ‘जन आक्रोश दिवस’ के रूप में देशबंद का आह्वान, जेडीयू ने किया किनारा

कांग्रेस ने जारी किया मेनिफेस्टो

शिखा पाण्डेय,

आज 28 नवंबर को केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले के खिलाफ विपक्षी पार्टियों ने ‘जन आक्रोश दिवस’ के रूप में देशबंद का आह्वान किया है। आज होने वाले इस विरोध प्रदर्शन में बसपा, सपा, तृणमूल कॉंग्रेस, लेफ्ट पार्टियां, सीपीएम और आम आदमी पार्टी शामिल होंगे। जनता दल यूनाइडेट(जदयू) इस विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होगी क्योंकि जेडीयू नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सरकार के नोटबंदी के फैसले का समर्थन किया है।

तृणमूल कांग्रेस की नेता और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नोट बंदी को लेकर रविवार को पीएम मोदी पर जमकर बरसीं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम असल में मोदी की बात है और इस तरह पीएम सरकारी संपत्ति का दुरूपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम तकनीक और विकास चाहते हैं मगर समाज के एक तबके को वंचित करके या नोटबंदी कर उनके ऊपर अत्याचार करना सरासर गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम ने भारत की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया है।

इस बीच कांग्रेस का कहना है कि उसने भारत बंद नहीं बुलाया है, मगर सरकार की बदइंतजामी के खिलाफ लोगों के गुस्से को देखते हुए वो इस प्रदर्शन में शामिल होंगे। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा है कि सरकार के नोटबंदी के बाद 9 नवंबर से ही देशभर में बंदी का माहौल है।

आतंक को बढ़ावा दे रहा होता, तो अब तक लाखों आतंकी बना देता -ज़ाकिर नाईक

अमित द्विवेदी,

तमाम विवादों में घिरे इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन प्रमुख इस्लामिक धर्मगुरु जाकिर नाईक ने रविवार को इस बात को सरासर गलत बताया है कि उनके प्रतिबंधित एनजीओ द्वारा फंड का गलत इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने आतंकी गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोपों को भी बेबुनियाद बताया है। अपने भाषणों द्वारा ढाका हमलावर को प्रभावित करने का आरोप झेल रहे नाईक ने कहा कि अगर उन्होंने हिंसा का समर्थन किया होता तो वे मुसलमान नहीं रहते और समर्थन खो देते।

भड़काऊ भाषण देने और आतंक विरोधी कानून यूएपीए के ओरापी नाईक ने कहा कि उन्होंने कई बार एनआईए को सहयोग करने का ऑफर दिया है।

नाईक ने पीटीआई को दिए गए एक ई-मेल इंटरव्यू में कहा, “यह आरोप लगाना गलत है कि कुछ शरारती तत्व जो कि आतंकी ग्रुप से जुड़े हैं, वे मेरे भाषण से प्रभावित हुए हैं। अगर मैं सच में आतंक को बढ़ावा दे रहा होता तो क्या मैं अब तक लाखों आतंकी नहीं बना देता?”

उन्होंने कहा,”लाखों समर्थकों में से कुछ समाज विरोधी लोग हो सकते हैं जो कि हिंसा करते हैं, लेकिन वे उसको नहीं अपनाते, जो मैंने उनसे कहा है। अगर कोई हिंसा का रास्ता अपनाता है तो वह मुसलमान नहीं है और उसे मेरा समर्थन नहीं मिलेगा।”  जब नाईक से पूछा गया कि उनके एनजीओ ‘इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन’ को बैन किए जाने पर वे किस तरह के कदम उठाए जाएंगे, तो उन्होंने कहा कि मुंबई और दिल्ली में मेरी टीम इस मुद्दे को लेकर कानूनी विकल्प देख रही थी और जल्द ही कोर्ट जाएगी।

गौरतलब है कि आईआरएफ पर बैन के बाद एनआईए लगातार छापे मार रही है। एनआईए के एक अधिकारी के मुताबिक अब तक संगठन के 20 परिसरों पर छापेमारी की गई है। जांच एजेंसी के अधिकारियों का एक दल नाईक के नफरत भरे भाषणों का अध्ययन कर रहा है। अधिकारी ने कहा कि विदेशी चंदे सहित आइआरएफ के वित्तीय लेनदेन और नाईक के संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की छानबीन की जा रही है।

एनआईए की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक तलाशी अभियान के दौरान नाईक के भाषणों के वीडियो टेप और डीवीडी संपत्त्ति व निवेश, वित्तीय लेनदेन, आइआरएफ और सहयोगी कपंनियों को मिले विदेशी व स्थानीय चंदे, सेस संबंधित दस्तावेज और इलेक्ट्रानिक स्टोरेज डिवाइस बरामद किए गए।

फ़िल्म दंगल के ‘धाकड़’ गाने को तीन दिन में 1.2 करोड़ बार देखा गया

शिखा पाण्डेय,

मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान की आगामी फिल्म ‘दंगल’ के सुपर डुपर हिट होने का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तीन दिन पहले रिलीज़ हुए फिल्म के गीत ‘धाकड़’ को 1.2 करोड़ बार देखा गया है। यह गीत एक हरयाणवी रैप है, जिसे प्रीतम ने कंपोज़ किया है, अमिताभ भट्टाचार्य ने लिखा है और रफ़्तार ने अपनी आवाज़ दी है। ‘हानिकारक बापू’ के बाद रिलीज़ हुआ यह फिल्म का दूसरा गीत है।

‘धाकड़” जिसका अर्थ है ताकतवर, सशक्त, यह गीत बॉक्सर्स गीता और बबिता फोगट की कठिनाई भरी लेकिन सफल यात्रा दर्शाता है। भारत भर की युवा लड़कियों को समर्पित यह गीत, दो युवा महिला कुश्ती खिलाड़ियों को भारी भरकम पुरुष कुश्ती खिलाड़ियों से बड़ी आसानी से लड़ता और जीतता हुआ दिखाता है। फिल्म मेकर्स द्वारा जारी किए गए एक बयान में कहा गया है कि इस गीत को तीन दिनों के अंदर 12 मिलियन से ज़्यादा व्यू मिले हैं।

इसके अतिरिक्त फिल्म में महावीर फोगट बने आमिर खान, और फिल्म में उनकी कुश्ती चैंपियन बेटियों का एक नया पोस्टर सामने आया है। इस पोस्टर को खुद आमिर ने अपने सारे चाहने वालों को ‘धाकड़’ की सफलता के लिए  धन्यवाद देते हुए पोस्ट किया है।

उल्लेखनीय है कि आमिर की यह फिल्म रेसलर महावीर फोगट की जीवनी पर आधारित है , जिसमें वे अपनी दोनों बेटियों गीता व बबिता को वर्ल्ड चैंपियन रेसलर बनने की ट्रेनिंग देते हैं। आमिर खान, किरण राव और सिद्धार्थ रॉय कपूर द्वारा निर्मित, नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित यह फिल्म 23 दिसम्बर को रिलीज़ होगी।