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Thursday, August 13, 2026
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‘मलंग’ के लिए ‘मुन्ना भाई’ चले बनारस

कोमल झा| Navpravah.com

बॉलीवुड के खलनायक से नायक बनने वाले संजय दत्त जल्द ही वाराणसी आने वाले हैं। संजय दत्त की आने वाली फिल्म ‘भूमि’ के सह निर्देशक आरंभ सिंह द्वारा निर्देशित एक फिल्म के सिलसिले में वाराणसी में होंगे। इस फिल्म की शूटिंग भी वाराणसी में ही दिसंबर से शुरू होगी।

फिल्म का नाम है ‘मलंग’। रोमांटिक थ्रिलर फिल्म ‘मलंग’  की कहानी बनारस के इर्द गिर्द बुनी हुई है। इस फिल्म में उम्र के 57 वसंत देख चुके संजय दत्त एक बार फिर से रोमांस करते नजर आएंगे।  मुंबई मिरर के मुताबिक, आरंभ सिंह ने संजय दत्त के वाराणसी आगमन की पुष्टि की है। आरंभ सिंह ने बताया कि फिल्म की शूटिंग शुरू होने से पहले तैयारी जरूरी है। आगामी अगस्त में संजय दत्त के साथ निर्देशक आरंभ सिंह और फिल्म राइटर राज शांडिल्य भी वाराणसी आएंगे। राज शांडिल्य यूपी के झांसी के रहने वाले हैं। 

खबरों के मुताबिक, संजय दत्त पावन नगरी काशी के गंगा घाटों और संकरी गलियों का सैर करेंगे। इस दौरान यहां की अबोहवा और बोलचाल को जानने- सिखने का प्रयास करेंगे। वो यहां के अघोरी (साधु) को नजदीक से जानेंगे। 

सस्पेंस और ड्रामा वाली फिल्म मलंग में संजय दत्त जिस तरह का किरदार करने वाले हैं उसके लिए यह जरूरी है। बनारस में शुटिंग की लोकेशन फाइनल हो गई है। वैसे फिल्म की शूटिंग तो दिसंबर में शुरू होगी लेकिन उससे पहले संजय दत्त अपने किरदार में आने के लिए अगस्त माह में कुछ सप्ताह वाराणसी में गुजारेंगे। 

लालूजी! बोया पेड़ बबूल का, आम कहाँ से होय

लालू ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

जटाशंकर पाण्डेय- शिखा पाण्डेय
Navpravah.com

एक समय था, जब भारतीय फिल्मों में दिखाया जाता था कि किसी कारणवश, किसी मज़बूरी में या बदले की भावना से यदि कोई इंसान डाकू, लुटेरा या खूनी बन जाता था, तो मरने के समय या जेल जाते समय अपने बच्चों को जिसके सुपुर्द करता था, उससे वचन लेता था कि भविष्य में मेरे बेटे को इंसान बनाना, कानून का रक्षक बनाना,धर्म पर चलने वाला बनाना, गरीबों का हमदर्द बनाना, यही मेरी आखिरी इच्छा है। जिस नर्क की दुनिया को वह देख चुका है, उस दुनिया में वह अपनी औलाद को कतई नहीं जाने देना चाहता। मगर आज इंसान कितना नीचे गिर चुका है! अपने जीवन में बुराई की जिस उच्चतम सीमा तक वह खुद नहीं पहुँच पाता, उस सीढ़ी पर चढ़ने के लिए अपने बच्चों को प्रेरित करता है, यह कहते हुए कि ‘बेटा मेरी यह इच्छा अधूरी रह गई है, तू मेरा उत्तराधिकारी है और मुझे उम्मीद है कि तू मेरा नाम रौशन करेगा। तभी मेरी आत्मा को शांति मिलेगी।’ इन सारी ‘इनडायरेक्ट’ बातों का तात्पर्य आप अगली कुछ ‘डायरेक्ट’ पंक्तियों से बेशक साफ़ साफ़ समझ जाएंगे।

‘चारा’ , ‘लारा’ ले बुड़े, ‘लालू-दल’ की नाव
ठंडी पड़ गईं घुड़कियाँ, ठंडा पड़ गया ताव
ठंडा पड़ गया ताव ‘तेजस्वी’ पड़ गए फीके
ना नितीश, अखिलेश, मुलायम, राहुल दीखे
पेट कर गई गड़बड़ अब ‘होटल’ की ‘मिट्टी’
सीबीआई ने गुम कर दी है सिट्टी पिट्टी

जी हाँ! चर्चा है आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की। पिछले कुछ दिनों से लालू यादव की मुश्किलें उनकी संपत्ति की ही तरह दिन दूनी रात चौगुनी बढ़ती जा रही हैं। चारा घोटाला, जमीन घोटाला, मिट्टी घोटाला के बाद अब होटल टेंडर का मामला भी गले की फांस बनता जा रहा है। सीबीआई ने लालू यादव के 12 ठिकानों पर शुक्रवार सुबह करीब छह बजे से छापेमारी शुरू कर दी और केस भी दर्ज कर लिया। सीबीआई के शिकंजे में लालू प्रसाद यादव के अलावा उनकी पत्नी राबड़ी देवी और पुत्र तेजस्वी यादव समेत कुल सात लोगों और एक कंपनी का नाम है। इससे पहले के घोटालों की यदि बात करें, तो 2013 में, बहुचर्चित ‘चारा घोटाला‘ की जांच पड़ताल के बाद लालू को न्यायालय द्वारा 5 साल की जेल व 25 लाख रुपये जुर्माने की सजा भी हुई थी और ये रांची सेंट्रल जेल में बंद भी किए गए थे परन्तु मात्र 2 महीने में ही इनको जमानत मिल गई और आज तक ये जमानत पर ही चल रहे हैं। गुनहगार के लिए ऐसी सजा का क्या मतलब? गुनाह करने के बाद, सजा पा कर भी आदमी अपनी ऐश-ओ-आराम की जिंदगी जी रहा है, ऐसी सजा वास्तव में सजा नहीं, मज़ा है। करोड़ों रुपए का घोटाला कर के, इस रकम से उनका पूरा परिवार राजसी जीवन जी रहा है। इसीलिए ऐसे घोटालों से, लोगों में घोटाला करने की प्रेरणा भी प्रबल होती है। अपने लिए नहीं, अपने परिवार के लिए बहुत लोग समर्पित होने को उत्सुक होते हैं।

लालू

सीबीआई की पूछताछ के बाद मीडिया के बीच अपने प्रेस कांफ्रेंस में कल लालू यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव अपने कट्टर राजनीतिक दुश्मन नरेंद्र मोदी व अमित शाह के खिलाफ बिलकुल तने हुए नज़र आये। लालू यादव की बातें और तेजस्वी यादव का तेवर देखने जैसा था। जिसने भी तेजस्वी यादव का तेवर देखा होगा, वो खुद भी अंदाज लगा सकता है कि जनाब का तेवर अपना नहीं, अपने मद और पद का था और लालू यादव के द्वारा ‘देश’ के प्रति समर्पण की जो भावना घोली गई है अपने लाडले में, वह साफ झलकती नज़र आई। तेजस्वी यादव एक शरीफ आदमी की तरह बार बार अपने कमीज की बाँहों को ऊपर सरकाते हुए, अपनी बेइज्जती के ख़ौलते पानी को उबाल मार कर बाहर फेंक देने की कोशिश कर रहे थे। अब इस पूरे मामले में इन साहब की क्या गलती है, ये बेचारे तो पिता के द्वारा विरासत में दिए गए ‘घोटाले’ रुपी आशीर्वाद में फलित फूलित पुत्र हैं। पिता ने जो माल मत्ता इनको दिया है, वह इतना ज्यादा दिया है कि इनकी जेब में समा नहीं रहा है। किसी सुराख के माध्यम से जब यही माल मत्ता सीबीआई की आँखों में जा गड़ा, तो उसने अपना काम शुरू कर दिया।

सीबीआई के अनुसार जब लालू यादव रेलमंत्री थे तब रेलवे के दो होटलों के रखरखाव के लिए, एक प्राइवेट कंपनी को टेंडर दिया गया और इसके बदले में लालू यादव को तीन एकड़ जमीन दी गई। ये टेंडर साल 2004 से 2009 के बीच इंडियन रेलवे कैटरिंग ऐंड टूरिजम कॉर्पोरेशन (IRCTC) के जरिए दिए गए थे। टेंडर पाने वाली कंपनी की मालिक सरला गुप्ता हैं , जो सांसद प्रेमचंद गुप्ता की पत्नी हैं व मेसर्स डिलाइट मार्केटिंग को चलाती हैं। उन्होंने ये जमीन लारा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड (लालू-राबड़ी प्रोजेक्ट) को सिर्फ 65 लाख रुपए में हस्तांतरित कर दी। सोचने वाली बात यह है कि जिस ज़मीन का बाजार मूल्य करीब 94 करोड़ रुपए था, वह लालू परिवार को मात्र 65 लाख रुपये में दे दी गई! यहां तक तो ठीक था, लेकिन बाद में लालू के अनुज पुत्र एवं वर्तमान उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी लारा प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बन गए और अब जाकर ये सारी ज़मीन लालू परिवार के गले में हड्डी की तरह अटक गई है और 2004 से 2014 के बीच रची गई इस साजिश के लिए लालू और अन्य आरोपियों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन ऐक्ट, 1988 के तहत केस दर्ज किया गया है।

अब बेचारे लालू सफाई देते नहीं थक रहे कि “भैया! जिन-जिन होटलों को लीज देने के नाम पर सीबीआई ने हमारे घर में छापा मारा है, वे अटल बिहारी वाजपेयी के सासनकाल में आबंटित किए गए थे। ई मोदी और अमित साह जिस मामले में हमारे तेजस्वी को फंसा रहा है, उस समय वह नाबालिग थे और उनकी उम्र 14 साल थी।” लालूजी खुद ये क्यों नहीं समझ पा रहे कि इतने बड़े लेन-देन में ‘नाबालिग तेजस्वी’ की टांग फंसाये ही क्यों! करोड़ों की ज़मीन का सौदा था, लेमन चूस थोड़े न था!

इधर भाजपा नेता सुशील मोदी ने लालू यादव पर आरोप लगाया है कि लालू फॅमिली द्वारा पटना के दानपुर स्थित सगुना मोड़ पर एक शॉपिंग मॉल के निर्माण से निकली मिट्टी को ‘संजय गांधी जैविक उद्यान‘ को बगैर टेंडर के बेच दिया गया। मिट्टी को 90 लाख रुपए में बेचा गया। नोट करने वाला मुद्दा दरअसल यह है, कि जिस उद्यान को मिट्टी बेची गई वह बिहार के पर्यावरण और वन विभाग के अंतर्गत आती है, जिसका मंत्रालय लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप के हाथ में है। साथ ही जिस मॉल का निर्माण हो रहा है, वह लालू परिवार का है। तो फिर सर पड़ा एक और घोटाला, ‘मिट्टी’ घोटाला’। अब एक ही साथ सिर पर आये इन तमाम बवालों से बौखलाए लालू भरी सभा में भाजपा, आरएसएस, मोदी, अमित शाह सबको जड़ से उखाड़ फेंकने की कसम तो खा चुके, लेकिन ये काम उनके द्वारा किए गए तमाम घोटालों जितना आसान नज़र नहीं आता।

यह बेहद दुःख की बात है कि तमाम माता पिता अपने गलत-सही धंधों में अपने बच्चों को खुद संलिप्त रखते हैं और भ्रष्टाचार और गुनाह की दुनिया में अपने ही संरक्षण में उन्हें विकास की ऊँचाई पर पहुँचा देते हैं। वे भूल जाते हैं कि भ्रष्टाचार और गुनाह की दीवारों की नींव कितनी भी मजबूत क्यों न हो, लेकिन वह एक दिन गिरती जरूर है। ऐसा नहीं है कि भ्रष्टाचार की यह दीवार बनाने में मेहनत नहीं लगती। इस दीवार को खड़ी करने में इंसान अपने तन,मन और धन को समर्पित कर देता है। अपनी सुख-शांति को गँवा देता है,अपनी आत्मा को बेंच डालता है। वह परिणामस्वरूप चाहता सुख और शांति ही है, लेकिन उसकी यात्रा उल्टी दिशा में शुरू हो जाती है और वह जितना आर्थिक विकास करता जाता है, सुख और शांति से उतना ही दूर भागता जाता है। क्यों? क्योंकि वह जो खाता है, जो पहनता है, वही उसका है, बाकी सब तो दूसरों का है। अगर वह अपने कर्म के सामने अपनी ‘मजदूरी’ देखे, तो शायद वह इन कर्मों से बाहर निकलने या छुटकारा पाने की कोशिश करे, लेकिन उस दीवार को खड़ा करने में उसके अहंकार को बड़ा आनंद आता है। यही दीवार एक दिन जब उसके सामने गिरती है,बिखरती है तो उसे कितना कष्ट होता है, यह बयाँ नहीं किया जा सकता और यह दीवार किसी न किसी दिन गिरती ज़रूर है।

समय लालू यादव के सामने परिणामपत्र लिए खड़ा है। संभव है कि अहंकार को सिर झुकाना पड़े। उसे भी यदि सहर्ष स्वीकार कर लिया जाये, तो मात्र अहंकार ही न टूटे, अब तक के कुछ पाप भी कट जाएँ शायद। अगर झुके नहीं,कटे नहीं तो यह अहंकारी जीवन तानाशाह सद्दाम हुसैन की तरह तड़प तड़प कर मौत को गले लगाते हुए ही समाप्त होगा, दूसरा कोई रास्ता बचता नहीं है। गलत रास्ते पर इंसान जितना आगे जाता है, उतना ही उलझता जाता है। फिर उस उलझन से बाहर निकलने के रास्ते पीछे से बंद होते जाते हैं और तड़प तड़प कर उसकी जिंदगी उसी में समाप्त हो जाती है। अंतिम समय में अगर वह विचार करता है तो शायद वह खुद महसूस करता है कि उससे क्या भूल हुई, लेकिन समय हाथ से जा चुका रहता है और फिर बस कहने को यही रह जाता है, “अब पछताए होत क्या, जब चिडिया चुग गई खेत!”

…इसलिए मोदी पर भड़के कांग्रेसी नेता!

कांग्रेस ने जारी किया मेनिफेस्टो

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

आरजेडी प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के खिलाफ पड़े सीबीआई के छापों के बाद कांग्रेस खुलकर उनके समर्थन में आ गई है। कांग्रेस स्टेट प्रेसिडेंट अशोक चौधरी ने कहा कि हम लालू के साथ खड़े हैं, बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने लालू पर पड़े सीबीआई छापों के लिए बीजेपी पर हमला साधते हुए कहा कि बीजेपी धर्मनिरपेक्ष ताकतों को कमजोर कर रही है। गुजरात में अमित शाह तड़ीपार थे, वहीं मोदी हजारों लोगों की जान लेकर पीएम बने हैं।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने लालू से जुड़े विभिन्न परिसरों पर सीबीआई द्वारा मारे गए छापे के बारे में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, कानून को अपना काम निष्पक्ष एवं समुचित ढंग से करने देना चाहिए। बहरहाल, जब सीबीआई-ईडी जैसी कानून प्रवर्तन एजेंसियां बीजेपी सरकार की बंधक कठपुतलियां बन जाएं और उसके राजनीतिक विरोधियों की तरह घटिया चाल चलने वाले विभाग की तरह काम करने लगें तो यह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है।

कांग्रेस नेता ने कहा, बीजेपी और सीबीआई को कुछ बुनियादी सवालों का जवाब देना चाहिए, सीबीआई के हिसाब से यह मामला 2004 है, जबकि प्राथमिकी वर्ष 2017 में दर्ज की गई। इतना लंबा विलंब क्यों हुआ और बीजेपी ने खासतौर पर तीन साल तक चुप्पी क्यों साधे रखी।

शुक्रवार को सीबीआई ने लालू यादव को घेरते हुए आरोप लगाए कि उन्होंने रेलमंत्री रहते हुए बड़ी वित्तीय गड़बड़ियां कीं, इस मामले में आरजेडी सुप्रीमो के अलावा उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बिहार के उप मुख्यमंत्री और उनके बेटे तेजस्वी यादव के अलावा चार अन्य लोगों का नाम आया है।

मूवी रिव्यू: दर्शकों को खींचने में असफल रही फिल्म गेस्ट इन लंदन

कोमल झा| Navpravah.com

 

गेस्‍ट इन लंदन

रेटिंग:  2/5
कास्‍ट:  कार्तिक आर्यन, परेश रावल, तन्‍वी आजमी, कीर्ति खरबंदा

डायरेक्‍टर: अश्‍व‍िन धीर
समय: 2 घंटे 18 मिनट
जॉनर: कॉमेडी
लैंग्‍वेज: हिंदी
समीक्षक: निहित भावे

साल 2010 में आई फिल्म अतिथि तुम कब जाओगे में परेश रावल ने अपनी अदाकारी से लोगों को बहुत हसाया था। अब इसके बाद परेश रावल गेस्ट इन लंदन में नजर आये है। शुक्रवार को ये फिल्म देश के सभी सिनेमाघरों में रिलीज़ हो चुकी है। अश्विनी धीर द्वारा निर्देशित इस फिल्म की तुलना अतिथि तुम कब जाओगे से की जा रही है। वहीं इस बात को फिल्म के प्रोड्यूसर का कहना है कि यह फिल्म किसी भी तरह से फिल्म अतिथि तुम कब जाओगे का सिक्वल नहीं है। इस फिल्म में परेश रावल के अलावा कार्तिक आर्यन, तन्वी आजमी और कृति खरबंदा लीड रोल में हैं।

कहानी- फिल्म में परेश रावल ‘अतिथि तुम कब जाओगे’ की तरह ही गेस्ट बन कर आते हैं। इस बार वह अकेले नहीं आए साथ में वह अपनी बीवी को भी साथ में लाए हैं।फिल्म की कहानी लंदन में बेस्ड है, जहां आर्यन ग्रोवर (कार्तिक आर्यन) और अनाया पटेल (कृति खरबंदा) एक साथ रहते हैं. कुछ दिनों बाद गांव से चाचा (परेश रावल) और चाची (तनवी आजमी) की एंट्री होती है। उसके बाद कहानी में उतार-चढ़ाव आने लगते हैं।

अलग-अलग सिचुयेशन आती हैं। कभी आफिस तो कभी मॉल में अलग-अलग कहानी सामने आती है. साथ ही बहुत सारे बदलाव आने लगते हैं. ईस्ट और वेस्ट के संस्कारों और बाकी कई बातों का जिक्र होने लगता है। हंसी-मजाक के बीच एक बड़ी बात कहने की कोशिश की जाती है और फिल्म को अंजाम मिलता है। क्या है देखने लायक- 2 घंटे और 18 मिनट की इस फिल्म में कार्तिक आर्यन, कृति खरबंदा, तनवी आजमी का अभिनय अच्छा है।

लेकिन परेश रावल के अभिनय और उनके फनी अंदाज ने ही दर्शकों को इस फिल्म से बांधे रखा है। साथ ही संजय मिश्रा ने भी फिल्म में अच्छा अभिनय किया है। फिल्म में अजय देवगन का सरप्राइजिंग कैमियो रोल निभाया है। फिल्म का म्यूजिक कुछ ख़ास नहीं है हालांकि फिल्म में पुराने थोड़ा दारु विच सांग को अलग अंदाज में पेश किया है लेकिन ये गाने इतने असरदार नहीं रहे है। अब देखना ये है की आने वाले दिनों में ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर किस तरह का प्रदर्शन दिखा पाएगी।

…तो क्या इस वजह से रणबीर कपूर से इतना जलने लगी हैं कैटरीना !

 

कोमल झा| Navpravah.com

बॉलीवुड एक्टर रणबीर कपूर इनदिनों अपनी फिल्म ‘जग्गा जासूस’ के प्रमोशन में जुटे हुए हैं। हालाँकि खबरें यह भी हैं कि वह इतने बिजी शेड्यूल में से कुछ समय किसी एक खास व्यक्ति को दे रहे हैं। जी हां, रणबीर कपूर की जिंदगी में एक नए पर्सन ने दस्तक दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रणबीर कपूर एक मुंबई की लड़की को डेट कर रहे हैं। बताया तो यहाँ तक जा रहा है कि उनकी इस नई पार्टनर का फिल्म इंडस्ट्री से दूर-दूर तक कोई लेना देना नहीं है। सूत्रों का कहना है कि ये बात तो साफ़ है कि वह मुंबई गर्ल है लेकिन ज्यादा जानकारी किसी के पास नहीं है।

बताया जा रहा है कि एक्टर रणबीर कपूर की जान पहचान इस लड़की से फिल्म जग्गा जासूस के प्रमोशन के दौरान हुई है। इसके अलावा खबर यह भी है कि रणबीर कपूर की इस नई गर्लफ्रेंड ने फिल्म के प्रमोशन के दौरान उनकी एक्स गर्लफ्रेंड कैटरीना कैफ से भी मुलाकात की थी लेकिन कैट उनसे मिलने के बाद कुछ खास खुश नहीं दिखीं थीं।

अमरनाथ में श्रद्धालुओं की भरी बस में सिलेंडर ब्लास्ट, एक की मौत, आठ जख्मी.

कोमल झा| Navpravah.com

अमरनाथ यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं की भरी में सिलेंडर ब्लास्ट होने से एक यात्री की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 8 यात्री बुरी तरह से जख्मी. सभी घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. ये हादसा जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर हुआ है.

मिल रही जानकारी के मुताबिक बस में सिलेंडर ब्लास्ट से होने से ये हादसा हुआ. धमाके के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई.

ये हादसा जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर हुआ है. पुलिस के मुताबिक बंस के अंदर रखी रसोई गैस सिलेंडर के फटने से हादसा हुआ. जिस बस में ब्लास्ट हुआ उसका नंबर UP838E 099 है.

बताया जा रहा है कि बस में सवार सभी यात्री उत्तर प्रदेश के हैं और वो अपने साथ रसोई गैस सिलेंडर समेत खाना बनाने के सामान भी साथ ले जा रहे थे.

OMG! इस आइसबर्ग के टूटने से मच जाएगी तबाही

कोमल झा| Navpravah.com

पूरी दुनिया ग्लोबल वॉर्मिंग का एक बहुत ही भयावह असर देखने जा रही है. अंटार्कटिका से एक 6,000 वर्ग किलोमीटर की एक बर्फ की चादर टूटने वाली है. इसकी जानकारी यूरोपियन स्पेस एजेंसी ने दी है.

इस बर्फ के चादर की साइज 4 लंदन शहर या 7 न्यूयॉर्क शहरों के बराबर है. आप सोच सकते हैं कि इतने बड़े आकार के बर्फ की चादर के पिघलने से क्या होगा. अगर ये चादर टूट जाती है तो ये अबतक का सबसे बड़ा आइसबर्ग यानी समुद्र में तैरने वाला बर्फीला चट्टान होगा.

हालांकि एजेंसी इस बात का अंदाजा नहीं लगा पा रही कि ये चादर कब तक टूट जाएगी. इसे टूटने में कुछ हफ्ते, कुछ दिन या कुछ घंटे भी लग सकते हैं. लेकिन अगर ये चादर टूटती है तो इलाके में मौजूद जहाजों को भयंकर खतरा है.

ईसीए इस पूरे घटनाक्रम पर क्रायोसैट सैटेलाइट के जरिए नजर रख रहा है. ये सैटेलाइट अंटार्कटिका और ग्रीनलैंड की हलचलों पर नजर रखता है. इस बर्फ की चादर को लार्सन सी नाम दिया गया है. ये चादर अंटार्कटिका के पूर्वोत्तर तट के महान बर्फ की चट्टान लार्सन से जुड़ी हुई है. इस चट्टान में अबतक 200 किलोमीटर लंबी दरार पड़ चुकी है. अब ये चादर इस चट्टान से बस 5 किलोमीटर के दायरे तक जुड़ी हुई है.

यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स की एना हॉग ने ईसीए को बताया, ‘हमें नहीं पता कि क्या होगा. लेकिन हो सकता है कि चादर टूटने के बाद टुकड़ों में पिघल सकता है या बाद में टूट सकता है लेकिन जो भी होगा वो इस इलाके के जहाजों के लिए आपदा से कम नहीं होगा.’

लार्सन सी से पहले लार्सन ए और लार्सन बी भी लार्सन बर्फ की चट्टान से अलग हो चुके हैं. साथ ही ये भी अनुमान है कि लार्सन सी के टूटने के बाद बड़े बर्फ की चट्टान लार्सन कमजोर हो सकती है. लार्सन सी का टूटना तेजी से गर्म हो रही धरती के लिए एक और खतरे की घंटी साबित हो सकती है.

चीन से हुए मनमुटाव को लेकर चिंतित हुए सलमान!

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ने पर चिंता जताया और एक निजी चैनल से बातचीत करते हुए कहा कि, ‘यह चिंता का विषय है, ऐसा क्यों हो रहा है और यहां तक बात कैसे पहुंची, इस पर बहुत सारे सवाल हैं, लेकिन हमारे देश की अस्मिता और सुरक्षा का सवाल भी है। हम सिर्फ इतना ही कह सकते हैं कि हमारी सरकार को सतर्क रहने की आवश्यकता है।’

सलमान खुर्शीद ने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में सरकार गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री ऐसे समय में बाहर हैं तो क्या संदेश भेजना है, क्या कार्रवाई हो रही है, इसकी जानकारी देश को होनी चाहिए, ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री इजरायल में ही खो गए हैं। इस समय प्रधानमंत्री को और सरकार को अपना पूरा ध्यान और पूरा समय इस समस्या को देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इस समय यह गंभीर स्थिति बनी हुई है। हमारे लिए यह जरूरी नहीं कि हम भी उसी भाषा में बात करें, जिस भाषा में चीन कर रहा है, इसलिए बड़ी समझदारी और सूझबूझ से काम करने की जरूरत है, लेकिन यह भी सही है कि हम पीछे नहीं हट सकते हैं।

सलमान खुर्शीद ने कहा, ‘जब भी ऐसा कुछ होता है, समझदार लोग समाधान निकालने का प्रयास करते हैं, बात को ठंडा करने का प्रयास करते हैं। हमारे चीन के संबंध बहुत अच्छे नहीं थे, राजीव जी ने जाकर एक बार फिर से मधुर संबंध करने का प्रयास किया। पिछले 20-25 वर्षों मे चीन और भारत के अच्छे संबंध बने हैं, और मेरे हिसाब से इसे खराब नहीं करना चाहिए।

विदेश से लौटे राहुल मोदी पर भड़के, कहा, “कमज़ोर है इंडियन पीएम”

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

विदेश से कुछ दिनों बाद लौटे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर लगातार निशाना साध रहे हैं। बुधवार सुबह राहुल ने ट्वीट कर नरेंद्र मोदी को एक कमजोर प्रधानमंत्री बताया, राहुल ने अपने ट्वीट में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला दिया है। उन्होंने लिखा कि पीएम मोदी के अमेरिकी दौरे पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से H1-B मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं हुई थी।

पीएम मोदी पिछले हफ्ते ही अमेरिका दौरे पर गए थे, वहां उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कई मुद्दों पर बातचीत की थी। दोनों की साझा प्रेस कांफ्रेंस में एच1-बी वीज़ा के मुद्दे पर कोई साझा बयान जारी नहीं किया गया था।

विदेश मंत्रालय का कहना था कि भारत अधिकृत जम्मू-कश्मीर कहने से हमारी मजबूती और भी अधिक हो जाती है कि सैयद सलाहुद्दीन क्रॉस बॉर्डर आतंकवाद में शामिल है और भारत के खिलाफ इसे फैलाता है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि 2010-2013 के बीच में क्रॉस बॉर्डर आतंकवाद में तेजी आई है।

इससे पहले राहुल गांधी ने जीएसटी के कारण विकलांगों पर टैक्स के बोझ की आवाज़ उठाई थी, जिसपर मंगलवार को वित्त मंत्रालय ने सफाई जारी की थी। वित्त मंत्रालय ने प्रेस रिलीज़ निकाल कर साफ किया है कि विकलांगों के काम आने वाले सभी प्रोड्क्ट्स पर ज्यादा टैक्स नहीं लगाया गया है। इन उपकरणों को सिर्फ 5% वाले स्लैब में रखा गया है, इससे पहले इन्हें 5 से 18 फीसदी के बीच में रखा गया था, इसलिए कोई भी विकलांगों पर कितना टैक्स लगा है इस पर उंगली न उठाये, GST से विकलांगों पर टैक्स घटा है न कि बढ़ा है।

इस अन्दाज़ में किया गया “सुई धागा -मेड इन इंडिया” का ऐलान!

शिखा पाण्डेय । Navpravah.com

‘यशराज फिल्म्स’ ने इस बार अपनी आगामी फिल्म के लिए एकदम देसी टाइटल चुना है, जो सूई धागे की तरह ही पूर्णतः मेड इन इंडिया है। जी हाँ! फिल्म का शीर्षक ही है, ‘सूई धागा- मेड इन इंडिया’। यशराज फिल्मस के बैनर तले बनने वाली इस दिलचस्प टाइटल वाली फिल्म का बीती रात बहुत ही दिलचस्प तरीके से ऐलान हुआ।

कल अचानक अनुष्का शर्मा ने ट्विटर पर वरूण धवन को टैग करते हुए एक पहेली पूछी, “आगे आगे मौजी भैया, पीछे पीछे पूँछ,बढ़ते जाएँ मौजी भैया, घटती जाए पूँछ। बोलो क्या?” इस पर वरूण ने जवाब दिया, “बहुत मुश्किल पहेली है – हेल्पलाइन लगेगी।” रात 12 बजे बताता हूँ।” इन दोनों के फैन्स और फॉलोवर्स ने जब ये ट्वीट पढ़े, तो वे बेसब्री से रात 12 बजे का इंतज़ार करने लगे।

12 बजते ही वरूण धवन ने जवाब में लिखा, “इसका जवाब ‘सुई धागा’ है। मुझे पता है कि ये जवाब आपके लिए बहुत खास है।” इसके बाद तुरंत अनुष्का ने लिखा, “सौ बटे सौ! चलो अब पिक्चर बनाते हैं साथ में – मज़ा आएगा।” इसके बाद वरूण ने लिखा, “आप से सौ अंक प्राप्त करने की खुशी में मैं अब सोने जा रहा हूँ। आप के साथ एक फिल्म बनाना मजेदार होगा।”

इस दिलचस्प ड्रामे के बाद यशराज ने इस फिल्म को लेकर एक बयान जारी किया, जिसमें बताया गया कि उनकी आगामी फिल्म का नाम है ‘सुई धागा-मेड इन इंडिया’। अभिनेत्री अनुष्का शर्मा इस फिल्म को लेकर काफी उत्साहित हैं। उन्होंने भी कहा, “मैं वरूण धवन, शरत कटारिया और मनीष शर्मा की टीम के साथ काम करने के लिए उत्साहित हूं।”

वरूण धवन ने बताया, “गांधीजी से लेकर मोदीजी तक, हमारे देश के नेता मेड इन इंडिया के मंत्र का समर्थन करते हैं। ‘सुई धागा’ के साथ हम करोड़ो लोगों तक यह संदेश पहुंचाएंगे।” उन्होंने कहा, “मुझे इस फिल्म की पटकथा पसंद आई और मैं वाईआरएफ के साथ काम करने को लेकर काफी खुश हूं। अनुष्का और मैं पहली बार इस फिल्म में साथ काम करेंगे इसलिए इस फिल्म में कुछ मजेदार होने वाला है।”  आपको बता दें कि ‘दम लगा के हईशा’ का निर्देशन करने वाले शरत कटारिया इस फिल्म का निर्देशन करेंगे। फिल्म के प्रोड्यूसर मनीष शर्मा होंगे।

इस बारे में मनीष शर्मा ने कहा, “दम लगा के हईशा फिल्म को दर्शकों से सराहना मिलने के बाद अब एक बार फिर शरत कटारिया बहुत ही दिलचस्प कहानी बना रहे हैं, जिसके लिए मैं उत्साहित हूं। ये एक ऐसी कहानी है जिससे हर कोई जुड़ा हुआ महसूस करेगा।”