U.P. : 35 लाख का घपला, ग्राम प्रधान के अधिकार सीज, पांच कर्मचारी निलंबित

ब्यूरो | navpravah.com

भदोही से खबर है, जहां जिलाधिकारी ने भदोही ब्लाक क्षेत्र के दरुनहां ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान अखिलेश सिंह का अधिकार सीज कर दिया है। साथ ही पूर्व प्रधान पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। डीएम ने प्रशासक समेत पांच कर्मचारियों को भी निलंबित किया है। साथ ही एफआईआर कराकर घोटाले की धनराशि रिकवरी कराने का भी आदेश डीएम ने दिया है।

समाजसेवी उपेंद्र सिंह व अन्य के द्वारा ग्राम पंचायत में धांधली और भ्रष्टाचार की शिकायत की गई थी। वहीं जांच में 35 लाख के घपले की पुष्टि होने पर डीएम ने यह बड़ी कार्रवाई की है। समाजसेवी व ग्रामीणों ने निष्पक्षता से जांच व कार्रवाई हेतु डीएम की सराहना की है।

मामला भदोही जिले के भदोही ब्लाक के दरूनहां गांव का है, जहां ग्राम पंचायत के दो पंचवर्षीय कार्यकाल में 35 लाख का घोटाला सामने आया है। जांच आख्या पर गौरांग राठी ने ग्राम प्रधान के वित्तीय-प्रशासनिक अधिकार सीज़ कर दिए हैं। पूर्व प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, गबन के धन की वसूली और एक प्रशंसक, दो सचिव, एक अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण व तकनीकी सहायक को निलंबित कर रिकवरी का आदेश भी दिया है।

दरुनहा गांव निवासी समाजसेवी उपेंद्र सिंह व अन्य ग्रामीणों ने बीते 3 मार्च 2023 को जिलाधिकारी को हलफनामा देकर दो पंचवर्षीय में गांव में कराए गए इंटरलॉकिंग पंचायत भवन निर्माण सामुदायिक शौचालय मनरेगा संबंधित कार्यों में धांधली और गबन का आरोप लगाया गया था। उपायुक्त स्वतः रोजगार, सहायक अभियंता लोक निर्माण एवं जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी की टीम ने मामले की जांच की। स्कूल की बाउंड्री निर्माण में अपनी भाभी के फर्म से ग्राम प्रधान अखिलेश प्रकाश सिंह ने ईंट की खरीदारी की, चौरी दरूनहा मार्ग पर जूनियर हाईस्कूल तक चकरोड निर्माण में घटिया ईंटों का इस्तेमाल पाया गया था।

ग्राम पंचायत की जांच में अधिकारियों ने 17 लाख 41 हजार 837 रुपए का प्रथम दृष्टया मामला पाया गया। डीएम गौरांग राठी ने ग्राम प्रधान अखिलेश सिंह का वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज़ कर दिया है। सचिन रामसूरत यादव तकनीकी सहायक राम कृपाल यादव अवर अध्ययंता आलोक मौर्य को निलंबित और विभागीय कार्यवाही का आदेश दिया है। अंतिम जांच के लिए डीआईओएस डीईओ और अन्य को जांच अधिकारी नामित किया है।

इसी तरह 2015 से 2020 और प्रशासक के कार्यकाल में कराए गए कार्य की जांच भी अधिकारियों ने की है। यहां भी शौचालय पंचायत भवन निर्माण मनरेगा में जमकर गड़बड़ी सामने आई। 18 लाख रुपए का गबन पाया गया। जांच आख्या के आधार पर डीएम ने पूर्व प्रधान जय देवी से 9 लाख 33 हजार 852 रुपए की वसूली और मुकदमा दर्ज कराए जाने का आदेश दिया है।

प्रशासक एवं सहायक विकास अधिकारी सहकारिता सत्यप्रकाश गुप्ता से 4 लाख 8 हजार व तत्कालीन सचिव दिलीप कुमार से 4 लाख 8 हजार की वसूली का आदेश दिया है। डीएम ने प्रशासक और सचिव को भी निलंबित करने का आदेश दिया है।

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