पत्रकार हत्याकांड: सुरक्षा को लेकर प्रशासन गंभीर, परिजनों को मिलेगी सहायता

ब्यूरो | navpravah.com 

प्रयागराज |  जिले में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर पुलिस कमिश्नर ने आश्वासन दिया है, वहीं जिलाधिकारी ने मृतक पत्रकार के परिजनों को अधिकतम सहायता दिलाने का वादा किया है।

सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में गुरुवार रात पत्रकार एल.एन. सिंह उर्फ पप्पू की धारदार हथियार से की गई निर्मम हत्या ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। पत्रकारों की सुरक्षा और अन्य मांगों को लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब का एक प्रतिनिधिमंडल संयोजक वीरेंद्र पाठक के नेतृत्व में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा और पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार से मिला।

पुलिस कमिश्नर ने पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया और कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। जिलाधिकारी ने मृतक परिवार को सरकारी सहायता, बच्चों की शिक्षा और अन्य योजनाओं के तहत मदद दिलाने की बात कही। उन्होंने कहा कि शासन की नीतियों के अनुरूप परिवार को अधिकतम सहायता दी जाएगी।

प्रयागराज के सबसे पॉश इलाके में हुई इस सनसनीखेज वारदात ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्रकारिता जगत में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश और शोक की लहर दौड़ गई है।

शुक्रवार सुबह इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब की एक आपात बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता संयोजक वीरेंद्र पाठक ने की। बैठक में शहर के वरिष्ठ, युवा और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े पत्रकारों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। सभी पत्रकारों ने एक स्वर में मृतक पत्रकार को न्याय दिलाने की मांग की और शासन-प्रशासन से सख्त कार्रवाई की अपील की।

बैठक में निम्नलिखित चार प्रमुख बिंदुओं पर सर्वसम्मति बनी:

  1. पत्रकार एल.एन. सिंह हत्याकांड की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
  2. मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए ताकि पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय मिल सके।
  3. मृतक पत्रकार के परिजनों को शासन की ओर से उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
  4. घटना स्थल से अस्पताल तक ले जाने में हुई देरी की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए।

इसी क्रम में शुक्रवार को क्लब से जुड़े पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर से मिला। पत्रकारों ने ज्ञापन सौंपकर मांग की कि मृतक पत्रकार के परिवार को समुचित आर्थिक सहायता दी जाए और हत्याकांड की गहन जांच कर शीघ्र पर्दाफाश किया जाए।

पत्रकारों ने यह भी कहा कि शासन द्वारा पत्रकारों की सहायता के लिए निर्धारित राशि बेहद कम है, जिसे बढ़ाया जाना चाहिए ताकि दिवंगत पत्रकारों के परिवार को वास्तविक राहत मिल सके। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मृतक पत्रकार के परिजनों को हरसंभव सहायता दी जाएगी और इस जघन्य हत्याकांड के पीछे के कारणों का शीघ्र खुलासा किया जाएगा।

पत्रकारों ने प्रयागराज पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। पुलिस ने घटना के अगले ही दिन मुख्य आरोपी को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया था, जिसमें उसके पैर में तीन गोलियां लगीं। अब पत्रकारों ने हत्याकांड में शामिल अन्य सहयोगियों की भी गिरफ्तारी की मांग की है, ताकि पूरे प्रकरण का सच सामने आ सके।

बैठक और प्रतिनिधिमंडल में वीरेंद्र पाठक, अनुपम शुक्ल, राजेंद्र गुप्ता, दिनेश तिवारी, मो. आमिर, कुलदीप शुक्ला, नीतेश सोनी, शैलेश कुमार, आरव भारद्वाज, गगन सिंह, विकास मिश्रा, विनीत शेट्टी, पवन मिश्रा, शमशाद अहमद, मोहम्मद अनवर खान, पवन उपाध्याय, इमरान यूसुफी, पंकज गुप्ता, प्रवीण मिश्रा, सलमान अहमद, तारकेश्वर नाथ पांडे, धीरज कुमार, दिव्यांश पांडे, जिया सिद्दीकी, जैदुल्लाह, मनोज कुमार, अभिनव केसरवानी, फरहान अली, भेलचंद्र पांडे, संजीव मिश्रा, आयुष श्रीवास्तव, रचना त्रिवेदी, मोहम्मद आरिज, पवन पटेल, पवन पाल, मोहम्मद लइक, सौरभ, शकील अहमद, आशीष भट, संतोष सिंह, श्यामू कुशवाहा सहित अनेक मीडिया कर्मी शामिल रहे।

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