एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah
cmo up के मुरादाबाद में एक शख्स की मौत के बाद शव के अंतिम संस्कार को लेकर दो समुदायों के लोग आपस में भिड़ गए। हिंदू समुदाय के लोग उसे अपना भाई चमन बता रहे थे। वहीं मुस्लिम समुदाय उसे रिजवान बता रहा था।
कल मुरादाबाद के कटघर इलाके में किसी बीमारी के चलते एक शख्स की मौत हो गई। इसके बाद हिंदुओं ने कहा कि वह चमन है जबकि मुस्लिम लोगों ने उसे रिजवान बताकर अंतिम संस्कार करने की बात कही।
शव की अंतिम यात्रा में भी अलग ही नजारा देखने को मिला। अर्थी को कंधा देने के लिए एक तरफ टीका लगाए हिंदू तो दूसरी टोपी पहने मुसलमान दिखाई दिए। अंतिम यात्रा में अल्लाह हो अकबर और राम नाम सत्य की आवाजें सुनाई दे रही थीं, पूरा माहौल तनावपूर्ण बना हुआ था। आगे-आगे पुलिस चर रही थी और पीछे-पीछे शव यात्रा।
अर्थी को हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार श्मशान घाट ले जाया गया जहां मुस्लिम भी मौजूद थे। एक तरफ चिता को अग्नि देने की तैयारी चल रही थी तो दूसरी तरफ उसे दफनाने के लिए कब्र तैयार हो रही थी। कई घंटों बाद जयकारा वीर बजरंगी के नारों के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से मृतक चमन उर्फ रिजवान का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
साल 2009 में ज्वाला नाम की महिला का इकलौता भाई चमन गायब हो गया था। वह मानसिक रूप से कुछ बीमार था।कटघर थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई लेकिन कुछ पता नहीं चला।
अपने आप को मृतक की मां बताने वाली हिंदू महिला सुनिदा ने कहा कि साल 2014 में चमन गलशहीद क्षेत्र में घूमता मिल गया। लेकिन जब वो उसे घर ले जाने लगे तो सुब्हान नाम के युवक ने उसे अपना भाई रिजवान बताकर जाने नहीं दिया। इसके बाद मामला थाने पहुंचा, पुलिस ने चमन को दोनो परिवारों को अपने पास बारी-बारी से रखने का आदेश भी दिया। इसी बीच किसी बीमारी से चमन की मौत हो गई।














