नई दिल्ली। मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ आज बुधवार को 10 मजदूर संगठनों की तरफ से भारत बंद का एलान किया गया है। वहीं 10 मजदूर संगठनों की ओर से बुलाये गये भारत बंद के समर्थन को लेकर विपक्षी दलों में मतभेद दिखाई दे रहा है। जहां कांग्रेस और शिवसेना भारत बंद का समर्थन किया तो वहीं भाजपा की धुर विरोधी ममता बनर्जी ने इसे CPIM की गुंडागर्दी करार देते हुए विरोध किया है।

राहुल गांधी का मोदी पर निशाना
राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि मोदी-शाह सरकार की जनविरोधी, श्रमिक विरोधी नीतियों ने भयावह बेरोजगारी पैदा की है और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को कमजोर किया जा रहा है, ताकि इन्हें मोदी के पूंजीपति मित्रों को बेचने को सही ठहराया जा सके। गांधी ने कहा कि आज 25 करोड़ कामगारों ने इसके विरोध में भारत बंद बुलाया है। मैं उन्हें सलाम करता हूं।
शिवसेना ने किया समर्थन
भारत पेट्रोलियम में विनिवेश के केंद्र सरकार के कदम के खिलाफ मुंबई में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के कर्मचारियों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। शिवसेना ने ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलाए गए भारत बंद को समर्थन दिया है। इसके साथ ही शिवसेना ने केंद्र सरकार पर उसकी नीतियों और फैसलों को लेकर निशाना साधा।
ममता बनर्जी ने किया विरोध
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि सीपीआई(एम) की कोई विचारधारा नहीं है। रेलवे पटरियों पर बम लगाना ‘गुंडागर्दी’ है। आंदोलन के नाम पर यात्रियों की पिटाई की जा रही है और पथराव किया जा रहा है। यह ‘दादागिरी’ है, आंदोलन नहीं। मैं इसकी निंदा करती हूं। गौरतलब है कि मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ 10 मजदूर संगठनों ने बुधवार को भारत बंद के रूप में राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। इनका दावा है भारत बंद में 25 करोड़ लोग शामिल होंगे।














