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Saturday, August 15, 2026
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जस्टिस दीपक मिश्रा बने सुप्रीम कोर्ट के 45वें मुख्य न्यायाधीश

न्यूज़ डेस्क । Navpravah.com

जस्टिस दीपक मिश्रा ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के 45वें मुख्य न्यायधीश के पद की शपथ ली। जस्टिस मिश्रा पूर्व CJI जे.एस. खेहर की जगह चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया बने। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें CJI पद की शपथ दिलाई। उनका कार्यकाल 2 अक्टूबर 2018 तक रहेगा। उल्लेखनीय है कि जस्टिस दीपक मिश्रा के चाचा जस्टिस रंगनाथ मिश्र भी सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रह चुके हैं।

कौन हैं जस्टिस दीपक मिश्रा-

ओडिशा के रहने वाले जस्टिस मिश्रा का जन्म 3 अक्टूबर 1953 को हुआ था। जस्टिस दीपक मिश्रा ने 1977 में ओडिशा हाईकोर्ट से बतौर वकील, करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद 1996 में वह ओडिशा हाईकोर्ट के जज बने। वर्ष 2009 में जस्टिस दीपक मिश्रा ने पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस का पदभार संभाला। बिहार के तत्कालीन राज्यपाल देवानंद कुंवर ने 24 दिसंबर 2009 को उन्हें पद और गोपनियता की शपथ दिलाई थी।

आपको बता दें कि जस्टिस मिश्रा समेत बाकी तीन जजों ने याकूब मेमन की फांसी रोकने की अपील याचिका को ठुकराते हुए आधी रात को चली सुनवाई में उनकी फांसी की सजा को बरकरार रखा था। 1993 के मुंबई बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन को फांसी की सजा सुनाने पर जस्टिस दीपक मिश्रा को एक धमकी भरा खत मिला था। इस खत में लाल पेन से लिखा हुआ था, “हम तुम्हें नहीं छोड़ेंगे।” 30 जुलाई को याकूब मेमन को फांसी दिए जाने के बाद से जस्टिस दीपक मिश्रा और इस फैसले में साथ रहे उनके दो साथियों की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।

नॉर्थ कोरिया ने दागी तीन बैलिस्टिक मिसाइलें, किम जोंग ने यूएन से की अमेरिका की शिकायत

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

अमेरिका द्वारा दी जा रही बार बार की चेतावनियों के बावजूद उत्तरी कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने जापानी सागर के पूर्वी तट पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलों का सफल परीक्षण करके एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय विवादों को हवा दी है. किम दुनिया को बताना चाहता है कि तृतीय  विश्वयुद्ध के लिए वो पूरी तरह से सक्षम व तैयार है.

अमेरिकी सुरक्षा सचिव रेक्स टिलार्सन द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि शनिवार को तीन बैलिस्टिक मिसाइल्स लॉन्च करके उत्तरी कोरिया द्वारा युद्ध की स्थिति को उकसाने की कोशिश की जा रही है लेकिन अमेरिका अभी भी शांतिपूर्ण बात चीत करने पर अडिग है. फॉक्स न्यूज़ को दिए अपने इंटरव्यू में रेक्स ने ये कहा कि बैलिस्टिक मिसाइल फायर करने का अर्थ है यूएन सुरक्षा समझौते का सीधा उल्लंघन.

रेक्स ने कहा है कि, ‘हम इसे अमेरिका और उसके सहयोगियों के के प्रति युद्ध के लिए उकसाने वाली कारवाई मानते हैं. वहीँ हम हमेशा की तरह एक शांतिपूर्ण रास्ता निकलना चाहते हैं जैसा कि मैंने आपको बताया, जिसमें हमारे सहयोगी देश व चीन भी इस शांतिपूर्ण वार्तालाप का हिस्सा रहेगा.’

एक्सप्रेस यूके में प्रकाशित खबर के अनुसार किम जोंग उन ने यूएन सुरक्षा परिषद को सोमवार सुबह एक पत्र लिखा है जिसमें उसने अमेरिका और दक्षिणी कोरिया के मध्य होने वाले सैन्य समझौतों व क्रियाकलापों को युद्ध के लिए उकसाने वाली हरकत बताया है. किम ने अमेरिका के उग्र व्यवहार की शिकायत यूएन सुरक्षा परिषद से की है.

सेना घुसेगी डेरा में, बाबा के करीबियों के घर पड़े छापे

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

डेरा सच्चा सौदा चीफ़ गुरमीत रामरहीम को जहां आज एक ओर जेल में जाकर जज्ज द्वारा सज़ा सुनाई जानी है, वहीं दूसरी ओर सरकार को कल हाईकोर्ट में डेरा में मिले समान और बैंक खातों की रिपोर्ट तैयार करके देनी है। गौरतलब है कि रामरहीम को दोषी पाए जाने के बाद जो उपद्रव भक्तों ने किया और उसके कारण जन्मे नुकसान की भरपाई के लिए कोर्ट ने सख्त आदेश दिए हैं।

कोर्ट ने कहा है कि उपद्रवियों द्वारा किये गए नुकसान को भरपाई डेरा की संपत्ति से किया जाएगा। जिसके बाद पुलिस ने 103 ऐसे नामित घरों को तलाश कर डाला है जहां बाबा की सम्पत्ति या उससे जुड़ी किसी भी प्रकार की आय का अंदेशा है। पुलिस ने इन घरों को खंगाल डाला है।

सोमवार को सेना डेरा मुख्यालय में घुसेगी और सर्च ऑपरेशन चलाएगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तलाशी अभियान के दौरान घरों से लाठी डंडे पेट्रोल और भारी मात्रा में आपत्तिजनक वस्तुओं का मिलना भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

हाईकोर्ट के आदेशानुसार डेरा प्रमुख रामरहीम के व्यक्तिगत खातों को सील कर दिया गया है। साथ ही उसके करीबी लोगों के बैंक खातों की भी मुस्तैदी से जांच की जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार ज्यादातर खाते ओबीसी और एचडीएफसी बैंकों के हैं। साथ ही डेरा मुख्यालय के अंदर भी ओबीसी की पुरानी शाखा स्थित है।

श्रीलंकाई दर्शकों के हंगामे के बीच भारत ने जीता तीसरा वनडे और हथियाई सिरीज़

शिखा पाण्डेय । Navpravah.com

भारत और श्रीलंका के बीच तीसरा वनडे मुकाबला समाप्त हो चुका है। इस मैच में भारत ने श्रीलंका को 6 विकेट से हरा दिया है और इस प्रकार तीन मैच जीतकर पांच वनडे मैचों की सीरीज पर भारत ने कब्जा जमा लिया है। मैच में 44वें ओवर के बाद दर्शकों के हंगामे की वजह से रोक दिया गया था। श्रीलंकाई टीम को हारते देखकर घरेलू दर्शकों ने मैदान पर जमकर बोतलें फेंकी। इससे खेल काफी देर तक रुका रहा जिसके बाद मैच रेफरी द्वारा भारत को विजेता घोषित कर दिया गया।

श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवर में 9 विकेट पर 217 रन बनाये। भारत ने 218 रनों के लक्ष्य को रोहित शर्मा के शतक और एम एस धोनी के अर्धशतक के दम पर आसानी से पूरा कर लिया। भारत की तरफ से जसप्रीत बुमराह ने पांच विकेट जबकि हार्दिक पांड्या, केदार जाधव और अक्षर पटेल ने एक-एक विकेट लिए।

पहले बल्लेबाजी के लिए उतरे श्रीलंकाई टीम का पहला विकेट जसप्रीत बुमराह ने लिया। उन्होंने डिकवेला को 13 रन पर एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया। बुमराह की ही गेंद पर मेंडिस सिर्फ एक रन पर कैच आउट हो गए और इस प्रकार श्रीलंका ने दूसरा विकेट गंवाया। मेंडिस का कैच रोहित शर्मा ने पकड़ा। भारत को तीसरी सफलता हार्दिक पांड्या ने दिलाई। उन्होंने दिनेश चंडीमल को 36 रन पर कैच आउट करवाया। चंडीमल का कैच जसप्रीत बुमराह ने पकड़ा। एंजेलो मैथ्यूज को केदार जाधव ने 11 रन पर एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया।

लाहिरू थिरिमाने ने श्रीलंकाई पारी को संभाला और 80 रन बनाए लेकिन वो शतक के करीब आकर इससे चूक गए। थिरिमाने को जसप्रीत बुमराह ने अपना शिकार बनाया और उनका कैच केदार जाधव ने लपका। कपुदेगरा को अक्षर पटेल ने 14 रन पर क्लीन बोल्ड कर दिया। धनंजय को जसप्रीत बुमराह ने अपना चौथा शिकार बनाया। बुमराह ने उन्हें 2 रन पर क्लीन बोल्ड कर दिया। बुमराह ने श्रीवर्धना को अपना पांचवां शिकार बनाया और 29 रन पर क्लीन बोल्ड कर दिया। दुशमन्था चमीरा 6 रन बनाकर रन आउट हो गए।

जीत के लिए मिले 218 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। भारत का पहला विकेट 9 रन पर शिखर धवन के तौर पर गिरा। धवन को 5 रन पर लसिथ मलिंगा ने क्लीन बोल्ड कर दिया।

कप्तान विराट कोहली सिर्फ 3 रन बनाकर पवैलियन लौट गए। विश्वा फर्नान्डो की गेंद पर विराट का कैच चमीरा ने पकड़ा। लोकेश राहुल भी इस मैच में सिर्फ 17 रन बनाकर अकीला धनंजय की गेंद पर थिरिमाने को कैच पकड़ा बैठे। केदार जाधव को धनंजय ने अपना दूसरा शिकार बनाया और बिना खाता खोले ही एलबीडब्ल्यू आउट किया। इसके बाद रोहित शर्मा और महेंद्र सिंह धोनी ने पारी संभाली। रोहित शर्मा ने अपने वनडे करियर का 12वां शतक लगाया और 124 रन बनाकर नाबाद रहे। दूसरी ओर धोनी 66 रन बनाकर नाबाद रहे।

वर्ल्ड बैंडमिंटन चैंपियनशिप्स के रोमांचक फाइनल मुकाबले में हारीं सिंधु, जीता रजत पदक

शिखा पाण्डेय । Navpravah.com

वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप्स के फाइनल मुकाबले में भारतीय बैडमिंटन स्टार पी वी सिंधु को रोमांचक हार मिली है। कहने का तात्पर्य यह है, कि सिंधु भले ही हार गई हों, उन्होंने अपनी प्रतिद्वंदी नोजोमी ओकुहारा को कड़ी टक्कर दी। अब ओलिंपिक रजत पदक विजेता सिंधु को ग्लासगो के इस इवेंट में भी रजत से ही संतोष करना पड़ेगा।

सिंधु वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचनेवाली साइना नेहवाल के बाद दूसरी भारतीय खिलाड़ी रहीं। इस हार में दुःखद बात मात्र यह रही, कि वह इस खेल में देश की पहली विश्व चैंपियन बनने से चूक गईं।

विश्व की चौथी वरीयता प्राप्त सिंधू को एक घंटा और 50 मिनट चले मुकाबले में 12वीं वरीयता प्राप्त जापानी खिलाड़ी ओकुहारा ने 19-21, 22-20, 20-22 से हरा दिया। उल्लेखनीय है कि वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिंधु का यह तीसरा मेडल है। उन्होंने 2013 और 2014 में ब्रॉन्ज मेडल जीते थे। ग्लास्गो (स्कॉटलैंड) में 22 साल की सिंधु ने चीन की चेन यू फेई को 21-13, 21-10 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।

ओकुहारा ने इससे पहले सेमीफाइन में भारत की साइना नेहवाल को हरा कर फाइनल में जगह बनाई थी।
इस प्रकार सिंधु ने रजत व साइना ने कांस्य पदक जीतकर भारत के लिए इस विश्व चैंपियनशिप को यादगार बना दिया।

कल ढाई बजे दोपहर रामरहीम को सुनाई जाएगी सज़ा

एनपी न्यूज़ डेस्क|Navpravah.com


रेप केस में सीबीआई विशेष न्यायालय द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद से हरयाणा और आसपास के क्षेत्रों में रामरहीम के भक्तों ने जमकर उपद्रव किया जिसके बाद प्रशासन चौकन्ना हो गया है। यूपी के बॉर्डर वाले जिलों में धारा 144 लगा दी गई है। कल दोपहर हवाई जहाज से जज रामरहीम के पास पहुंचकर उसे सजा सुनाएंगे।

रामरहीम को रविवार को रोहतक स्थित जेल में सज़ा सुनाई जाएगी जहां उसे बंद रखा गया है। जज स्वयं प्लेन से रोहतक जेल जाएंगे और दोपहर 2:30 पर उसे अपराध की सजा सुनाई जाएगी। रोहतक में पुलिस की 23 कंपनियों को तैनात किया गया है। गौरतलब है कि सजा दोषी पाए जाने के बाद जो उपद्रव रामरहीम के भक्तों ने मचाया था वो दोबारा भी हो सकता है इसलिए सभी प्रयास किये जा रहे हैं कि ऐसी हिंसक घटना को रोका जा सके। डीजीपी ने कहा कि इस मामले में हिंसा भड़का ने के लिए आदित्य इंसां, धीमान इंसा व अन्य के खिलाफ देश द्रोह का मामला दर्ज कर लिया गया है। 

अब तक हिंसा फैलाने वाले 926 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस हिंसा में 38 लोग मर चुके हैं जिनमें से 6 सिरसा के हैं। पंचकूला में मारे गए 24 लोगों की पहचान हो चुकी है उनका पोस्टमार्टम भी हो चुका है। वहीं 264 लोग घायल हुए हैं जिनमें से केवल 17 लोग ही जनरल अस्पताल में एडमिट है। दाखिल घायलों में 14 लोग पब्लिक अौर 3 पुलिस के जवान हैं। 

मेवेदर ने अपने करियर का आखिरी मैच जीत रचा इतिहास,₹4000 करोड़ थे दाव पर

​शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

 

अपने प्रोफेशनल बॉक्सिंग करियर में एक भी मैच नहीं हारने वाले अमेरिका के मुक्केबाज फ्लॉयड मेवेदर ने दो साल बाद रिंग में वापसी करते हुए 29 वर्षीय आइरिश कोनोर मॅक्ग्रेगोर को 10वें राउंड में पराजित कर दिया है। मेवेदर ने इसी के साथ अपने प्रोफेशनल बॉक्सिंग करियर का अंत 50वीं जीत के साथ किया व अजेय रहने का अपना रिकॉर्ड कायम रखा। एक अनुमान के मुताबिक इस भिड़ंत में 600 मिलियन डॉलर (करीब 4000 करोड़ रुपए) दांव पर थे। इसे मुक्केबाजी इतिहास की सबसे महंगी फाइट माना जा रहा था। इस मुकाबले को 220 देशों में करीब 1 अरब लोगों ने देखा। अमेरिका में तो कई सिनेमाघरों में इसका सीधा प्रसारण किया गया।

मेवेदर ने 10वें राउंड में टेक्नीकल नॉकआउट आधार पर मिक्स्ड मार्शल आर्ट स्टार मॅक्ग्रेगोर को हरा तो दिया, लेकिन मुकाबला बेहद रोमांचक रहा क्योंकि आयरिश मुक्केबाज ने मेवेदर को कड़ी चुनौती दी। इस शानदार जीत पर मेवेदर को 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा रकम मिलेगी। गेम के रनर अप रहे मॅक्ग्रेगोर को करीब 75 मिलियन डॉलर राशि मिलेगी। जीत के बाद मेवेदर ने कहा, ” यह मेरे करियर की अंतिम फाइट थी।  मैंने जितना सोचा था, मॅक्ग्रेगोर उससे ज्यादा चुनौतीपूर्ण प्रतिद्वंद्वी ‍लगे। उन्होंने मेरी उम्मीद से ज्यादा संघर्षपूर्ण प्रदर्शन किया, लेकिन मैं उनसे श्रेष्ठ था।”

आपको बता दें कि मेवेदर महान मुक्केबाज रॉकी मार्सियानो को पीछे छोड़कर सबसे सफल मुक्केबाज बन गए। मार्सियानो के नाम 49 जीत का रिकॉर्ड था, जिसे मेवेदर ने 50वीं जीत के साथ तोड़ दिया। उल्लेखनीय है कि मेवेदर ने इनमें से 27 जीत नॉकआउट के जरिए हासिल की हैं।

‘नितीश के मन में चोर था’ :लालू यादव

लालू ने सजा के बाद साधा भाजपा पर निशाना

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

पटना के गाँधी मैदान में आज राष्ट्रीय जनता दल द्वारा “भाजपा भगाओ-देश बचाओ”  रैली का आयोजन किया जहां पीएम नरेंद्र मोदी और नितीश कुमार के खिलाफ जमकर भाषण दिया. भाजपा पर निशाना साधते हुए लालू ने बोला, ‘हम कम्यूनल , फासिस्ट लोगों को दिल्ली की गद्दी से उतार देंगे. जिस कम्यूनल ताकत को उतारने के लिए हमने महागठबंधन बनाया था उसे छोड़कर नितीश कुमार भाजपा से मिल गये.’

नितीश कुमार पर शाब्दिक वार तेज़ करते हुए लालू ने बोला, ‘हम जानते थे ये आदमी ठीक नहीं है.हमारे सामने देश टूट रहा था, राम रहीम के बन्दों में नफ़रत हो रही थी. इसलिए हमने नितीश को टीका लगाकर आशीर्वाद दिया था.’ अपने पुत्र तेजस्वी यादव की तारीफ करते हुए लालू ने कहा कि, “नितीश कुमार को तेजस्वी के काम से मिलने वाली तारीफों से जलन हो रही थी.”

आगे लालू ने नितीश कुमार पर आरोप लगाते हुए कहा, ‘नितीश कुमार को हमने मुख्यमंत्री बनाया, लेकिन उसके मन में शुरू से ही चोर था. नितीश को तेजस्वी यादव से खतरा था. दिल्ली जाकर भाजपा के बड़े नेताओं से जाकर मिले नितीश कुमार. नितीश कुमार ने बिहार की बेटी मीरा कुमार को वोट नहीं दिया. जदयू का वोट मिला होता तो आज बिहार की बेटी मीरा कुमार राष्ट्रपति होती. जब लोग पूछते थे कि नितीश कुमार भाजपा में शामिल हो जायेंगे क्या तो हमने कहा था नहीं वो ऐसा नहीं करेंगे, लेकिन नितीश ने हमारी पीठ पर छुरा घोंपा और भाजपा के साथ मिलकर दोबारा सरकार बना लिए.” 

नितीश कुमार और भाजपा के मिलन को लेकर लालू उनपर जमकर बरसे. उन्होंने कहा, “नितीश कुमार कहा करते थे मिट्टी में मिल जायेंगे लेकिन भाजपा से हाथ नहीं मिलायेंगे. भाजपा ने नितीश कुमार को हाथी की सूंड में लपेट लिया है और बहुत जल्द उनको उठाकर बाहर फेंक दिया जायेगा.”

लालू यादव ने सृजन घोटाले को लेकर भी नितीश कुमार को आड़े हाथों लिया. राबड़ी देवी ने भी नितीश कुमार को बिहार में अकेले चुनाव लड़ने के लिए ललकारा. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी भाजपा और नितीश पर अपना आक्रोश व्यक्त किया. उन्होंने कहा आने वाले समय में भाजपा के साथ जाने वाली कोई भी पार्टी बचेगी नहीं. देखा जाए तो लालू यादव और राबड़ी यादव  में अपने बेटों के अधर में लटकते राजनीतिक करियर की गहरी चिंता नजर आई. रैली में भारी जनसैलाब उमड़ा था जिसके लिए लालू यादव ने ट्वीट कर बिहार की जनता का धन्यवाद भी किया है.

‘हर-हर मोदी, घर-घर मोदी नहीं’, ‘बर्बर मोदी, गड़बड़ मोदी’ :तेजस्वी यादव

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
आज पटना में राष्ट्रीय जनता दल की ओर से ‘बीजेपी भगाओ, देश बचाओ’ रैली का आयोजन किया गया, जिसमें यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शिरकत किया। इस कार्यक्रम में तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, नीतीश को सत्ता का मोह है और हमें जनता का मोह है, नीतीश हमारे चाचा हैं, लेकिन अच्छे चाचा नहीं हैं। मैं लालू के बेटे की हैसियत से नहीं, धर्म पुत्र की हैसियत से यहां खड़ा हूं।
साथ ही तेजस्वी यादव ने कहा, बीजेपी और जेडीयू ने सृजन घोटाला कराया, सृजन घोटाले में दो मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा, ‘महागठबंधन टूटा नहीं, असली JDU शरद यादव का है।
रैली को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा, ‘हर-हर मोदी, घर-घर मोदी नहीं’, ‘बर्बर मोदी, गड़बड़ मोदी।’
तेजस्वी यादव ने कहा, ‘आप 15 लाख रुपये सबके खातों में भेजिए, सब खुद ही स्वच्छ इंडिया, डिजिटल इंडिया बना लेंगे।’ तेजस्वी ने कहा, ‘कसम खाता हूं जब तक बिहार और दिल्ली की गद्दी से इन धोखेबाज और जुमलेबाजों को नहीं हटाएंगे तब तक चैन से नहीं बैठेंगे।

‘वैश्विक प्रयासों के बावजूद, क्या आतंकवाद कभी ख़त्म होगा ?’

जटाशंकर पाण्डेय | Navpravah.com

दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकवादियों ने कल तड़के एक पुलिस परिसर पर हमला किया, जिसके बाद आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई और इस दौरान 8 भारतीय जवान शहीद हो गए। भारतीय जवानों ने तीन आतंकवादियों को भी मार गिराया। 5 जवान घायल हैं। 25 अगस्त को म्यांमार के रखाइन राज्य में चौकियों पर हुए आतंकवादी हमलों में 11 सुरक्षा कर्मियों सहित कम से कम 71 लोगों की मौत हो गई। ऐसे अनेकों-अनेक आतंकवादी हमले, सम्पूर्ण विश्व को दहलाये हुए हैं।

रोज़ सुबह उठते ही अखबार, समाचार चैनल्स विश्वभर में कहीं न कहीं हुए तमाम आतंकवादी हमलों की जानकारी देते हैं। कोई ऐसा दिन नहीं बीतता होगा, जब ये मानवता के दुश्मन आतंकी अपना रंग न दिखाते हों। विश्व के तमाम सशक्त देश इस ‘आतंकवाद’ रुपी दानव का सफाया करने के लिए प्रयासरत हैं। सभी प्रयासों के बावजूद आये दिन होने वाली ये घटनाएँ हमें सोचने पर मजबूर कर देती हैं,आखिर इस आतंकवाद का मकसद क्या है? क्या वाक़ई आतंकवाद कभी ख़त्म होगा?

क्या है आतंक की जड़ ?

आतंकवाद का मकसद युद्ध नहीं है, बल्कि समाज को भय से पंगु कर देना होता है। आतंकियों का लक्ष्य लोगों के बीच आतंक फैलाना, समाज को बांटना, देश के आर्थिक विकास को पटरी से उतारना, हर स्तर पर तनाव, हिंसा और अराजकता पैदा करना है। यदि आतंकवाद के इस मकसद की जड़ खोदेंगे तो आप पाएंगे कि इसकी जड़ में है ‘महत्त्वाकांक्षा’।

संपूर्ण जगत में लगभग हर किसी की इच्छा सबसे श्रेष्ठ बने रहने की होती है। हमारी धर्म- नीति, शिक्षा-नीति ,माता पिता की उच्चाकांक्षा, प्रतियोगिता की भावनाओं का बच्चों के अंदर उफनता हुआ जहर आदि तमाम ऐसी बुनियादी भूलें पूरे विश्व समुदाय पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही हैं। लोगों में अपने विकास को ले कर ऐसी होड़ लगी है कि लोग उच्चतम स्तर पर पहुँचने के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। सही रास्ते पर चल कर सफल बनना,सही रास्ते पर चल कर उच्च ख्याति प्राप्त करना, अधिकतर लोगों को अच्छा नहीं लगता, क्योंकि उसमें उम्र बीत जाती है। लोग शॉर्टकट अपनाने पर ज्यादा भरोसा रखते हैं। न तो समय का इंतजार करते हैं, न तो जीवन मे ज्यादा समय बर्बाद करना चाहते हैं। ये मुआ आतंकवाद भी इसी का एक परिणाम है। चौंकिए मत! आतंकवादी अपना उल्लू सीधा करने के लिए इस्लाम, क़ुरान, जिहाद, अल्लाह, पैगम्बर आदि नामों का सहारा लेते हैं। मुसलमानों को बहकाने के लिए ये दाने डाल देते हैं और कई ‘शॉर्टकट’परस्त लोग इन्हें खुदा का बंदा मान लेते हैं और जुड़ जाते हैं इनके ना’पाक’ इरादे से।

आतंकवादी तत्वों को बढ़ावा देने वाली शक्तियां हमेशा परोक्ष रूप से सक्रिय होती हैं। जब कोई कहता है, ‘ अपने ईश्वर के लिए लड़ो और लोगों को मारो’, तो चाहे आप इस काम में सीधी हिस्सेदारी करें या नहीं, आप परोक्ष रूप से ही सही, उसमें शामिल होते हैं, क्योंकि आप भी यही मानते हैं कि अपनी बात मनवाने का सबसे सही तरीका है।

जब लोग दौलत, संपत्ति या किसी और चीज के लिए लड़ते हैं तो उन्हें समझाना आसान होता है क्योंकि वे जीवन के लिए, जीवन-उपयोगी चीजों के लिए लड़ रहे होते हैं। मगर जिन लोगों को लगता है कि वे ईश्वर के लिए लड़ रहे हैं या ईश्वर का काम कर रहे हैं, वे मरने और अपने साथ-साथ हम सब को मारने के लिए कुछ ज्यादा ही उत्सुक होते हैं।

सदियों पहले से यह चला आ रहा है कि जिसकी लाठी, उसकी भैंस। जिसके पास सबसे ज्यादा बल होता है, वही राजा होता है। हज़ारों साल पहले भी छोटे-छोटे टुकड़े में जगह-जगह जो कबीले होते थे,सबसे बहादुर व्यक्ति को ही उनका सरदार बनाया जाता था। वहीं इनकी खिलाफत करने वाले लोग भी रहते थे। पहले स्थान पर बहादुर नायक, दूसरे स्थान पर बहादुर खलनायक। ये दूसरे नम्बर वाला हमेशा पहले नंबर पर आना चाहता है। इसलिए वह हमेशा पहले वाले को पद से हटाना चाहता है। इसलिए वह तमाम प्रकार के चक्रव्यूह रचता रहता है। संसार सागर की ऐसी ही संरचना आदि काल से चलती आ रही है।

आज जमाना बदल गया है। पूरे संसार मे कहीं राज तंत्र है, कहीं प्रजा तंत्र। तंत्र चाहे जो भी हो, जो चीजें प्राचीन काल से चली आ रही हैं, उनको बदलना असंभव तो नहीं लेकिन आसान भी नहीं है। राज तंत्र में राजाओं के यहाँ भी सत्ता में रहने या सत्ता में न रहते हुए सत्ता के इच्छुक के बीच छल कपट, उठा पटक एक दूसरे को नीचा दिखाना, दूसरे का पद छीन लेना आदि आदि चलता था। यही तो आज प्रजातंत्र में भी देखने को मिलता है। पूरे विश्व में मारामारी मात्र सत्ता के लिए,पद के लिए या पैसे के लिए ही है।

पुराने समय में  राजा होता था। कबीले होते थे, उनका कोई सरदार होता था। डाकू होते थे, जंगलो में निवास कर , गुफाओं में स्टोर, लूट-पाट, दहशत फैलाना, लोगों में ख़ौफ पैदा कर के अपना प्रभुत्व दिखाना, यही इनका पेशा था। प्रतीकात्मक तौर पर आज से यदि तुलना करें, तो एक सत्ता पक्ष, दूसरा विपक्ष, तीसरा अराजक तत्व। इस तीसरे अराजक तत्व का सहारा समय समय पर सत्ता पक्ष या विपक्ष लेते रहते हैं। कभी कभी अराजक तत्व इतने हावी हो जाते हैं कि सत्ता हथिया लेते हैं, या सत्ता को डिस्प्ले में रखकर खुद चाबुक मार मार कर लेफ्ट राईट कराते हैं(जैसा पाकिस्तान में होता है)। सत्ता पक्ष या विपक्ष के सहयोग से ये लोग चुनाव भी लड़ते हैं और जीत कर मंत्री भी बनते हैं।आतंकवादी,नक्सलवादी माओवादी और कई दल ऐसे हैं, जो चुनाव लड़ते हैं और जीतते भी हैं। पाकिस्तान में हाफिज सईद चुनाव लड़ने की तैयारी में है। फूलन देवी चुनाव लड़ कर संसद सदस्य बनी थीं। आतंकी दाऊद का आतंकी टट्टू अबू सलेम भी आजमगढ़ से चुनाव लड़ गया। तमाम अपराधी नेता जेलों में रहते हुए भी चुनाव लड़ते ही नहीं, वरन लड़कर जीतते भी हैं।

दरअसल आतंकवादी,माओवादी ,नक्सलवादी या ध्वस्त हुआ लिट्टे, ये सब समाज के अवांछित तत्व होते हुए भी समाज का अंग बने हुए हैं, जो गलत रास्ते पर चल कर वही पद ,वही प्रतिष्ठा और वही खजाना पाना चाहते हैं, जो सही रास्ते पर चलकर मिल पाना लगभग असंभव लगता है। रास्ते अलग हैं, गलत हैं, लेकिन ध्येय वही है, जिसकी बुनियाद गलत है और इन सब के पीछे जुड़ी है उच्च ‘महत्त्वाकांक्षा’। धर्म द्वारा, समाज द्वारा, माँ-बाप द्वारा, परिवार एवं मित्रों द्वारा पहले नंबर पर रहने के लिए बचपन से ही बच्चों को जो जहर पिलाया जाता है, यह उसका परिणाम है। खेल तो खेल भावना से मनोरंजन के लिए खेला जाता है, लेकिन उसे भी दुश्मनी के भाव से खेलते हैं, जैसे दो खिलाड़ी खेल नहीं रहे, बल्कि दो दुश्मन लड़ रहे हैं। माँ बाप जो खुद नहीं कर पाते हैं, वे अपनी महत्त्वाकांक्षा का बोझ अपनी औलाद पर डाल देते हैं और बच्चे के न चाहने पर भी अपने अहंकार की तृप्ति, अपनी इक्षाओं की तृप्ति अपने बच्चों में देखते हैं। धर्म की घुट्टी जन्म से ही पिलाई जाती है। भेदभाव की भावना बचपन ही से भर देते हैं और ऐसे ही अनगिनत बच्चों का शिकार कर जाती है ये  आतंकवादी भावना।

कैसे निकले हल?
आतंकवाद, नक्सलवाद जैसे अराजक तत्वों को अगर जड़ से  खत्म करना हो, तो सुधार, जड़ो में शुद्ध पानी, स्वस्थ पोषक तत्व देने से ही होगा। पत्तों और डालियों पर पेंट-पॉलिश मारकर फूल की खुश्बू बदलना चाहेंगें, तो संभव नहीं है। बच्चों के अंदर प्रेम भरा जाए, मित्रता भरी जाए, करुणा और दया भरी जाए, न कि धर्म- जाति का भेद भाव, और न ही नंबर वन बनने की प्रबल महत्वाकांक्षा।इस समय यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम शीर्ष पर बने रहने की भावना को परे रख धर्म, जाति, वर्ग या राजनीति के संकीर्ण विभाजनों से परे वसुधैव कुटुंबकम की भावना से साथ मिलकर खड़े हों,और अपने सुरक्षा बलों को हर स्तर पर अपना काम करने में सहयोग दें। अब समय है कि हम अपनी आध्यात्मिक शक्ति और स्थिरता और किसी समाधान की दिशा में अपने दृढ़ संकल्प को दिखाएं। अगर एक व्यापक दृष्टि से देखें तो देश और दुनिया के हर इंसान, समुदाय और संस्थानों को सबको साथ लेकर चलने की प्रवृत्ति लानी होगी, तभी आतंक की ये जड़ें सूखेंगी और ये विशाल ‘आतंकवाद’रुपी वृक्ष चरमरा के गिरेगा।