28 C
Mumbai
Tuesday, August 18, 2026
Home Blog Page 898

कांग्रेस ने 55 वर्षों में कुछ नहीं किया है, इसलिए बीजेपी की सरकार बनेगी – सीएम योगी

योगी आदित्यनाथ
योगी आदित्यनाथ

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

देश के दो राज्यों गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनावों ने अपनी दस्तक दे दी है, जिसके तहत सभी राजनैतिक पार्टियां चुनाव प्रचार की तैयारियों में जुटी हुई हैं, भारतीय जनता पार्टी ने भी अपने स्टार प्रचारक और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी गयी है।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज हिमाचल प्रदेश के दौरे पर रवाना हुए थे, गौरतलब है कि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा दो दिवसीय है। अपने दौरे के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिमाचल में एक चुनावी जनसभा को संबोधित किया।

देश के गुजरात और हिमाचल राज्य में विधानसभा चुनाव की दस्तक हो चुकी है, इसके साथ ही दोनों राज्यों के लिए राजनैतिक दलों ने अपनी-अपनी कमर कस ली है, अब जनता जानती है कि सत्ता में किसे लाना है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस सरकार पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि, कांग्रेस ने हिमाचल के साथ खिलवाड़ किया है, कांग्रेस ने किसान,नौजवान के साथ खिलवाड़ किया और हिमाचल के बारे में नहीं सोचा। उन्होंने आगे कहा कि, कांग्रेस ने हिमाचल के विकास के बारे में नहीं सोचा, अच्छे प्रबंधन,तकनीकी संस्थान की कांग्रेस को चिंता नहीं की, कांग्रेस ने पर्यटन को नहीं, माफियओं को बढ़ाया है, कांग्रेस ने 55 वर्षों में कुछ नहीं किया है, इसलिए बीजेपी कि सरकार बनेगी, क्योंकि जनता मेरे साथ है।

हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में ‘प्रयाग’ का योगदान

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

एक समय था जब हिंदी साहित्यकारों के लिये इलाहाबाद की मोहरबंदी खास वजूद रखती थी। बिना प्रयाग के साहित्यकारों की सम्मति के किसी लेखक या कवि के लिए साहित्यिक पहचान बनाना आसान नहीं था। यह सिर्फ इसलिए था, क्योंकि हिंदी भाषा के आंदोलनों की जननी रहा ये शहर, साहित्य सृजन के कई युगों और धाराओं को आगे बढ़ाने वाला रहा है।

हिंदी के महान सर्जक इस मिटटी में जन्मे, पले-बढ़े और हिंदी को देश-दुनिया में पहचान दिलाई। जब भी हिंदी भाषा के सामने कोई संकट आया, तो देशभर की निगाह बड़ी उम्मीद के साथ इलाहाबाद की ओर टिक गई और इस शहर में सभी की उम्मीदों को पूरा भी किया। एक समय था जब दूर-दूर से लोग इलाहाबाद के साहित्यकारों से मिलने और अपनी रचनायें जंचवाने आते थे। देश भर की साहित्य बिरादरी में यह मान्यता रही है कि अगर साहित्य की पाठशाला में लेखन या रचना पर प्रयाग की मोहरबंदी है, तो उस साहित्यकार में रचने और गढऩे की क्षमता है।

छायावाद के लिए तो यहां तक कहा जाता था कि यह पूरा प्रयोग इलाहाबाद ही था। पंत, महादेवी, निराला जैसे इस युग के रचनाकार इसी माटी पर सृजन की बगिया सजाते थे। धर्मवीर भारती, रवीन्द्र कालिया, ममता कालिया की रचना तो आज भी प्रयाग वासियों के दिल में बसे हैं। यह तो सच है कि समय बदला जरूरतें बदली हैं। साहित्य और लेखन की विधा अब त्याग और निष्ठा से ज्यादा जीवनयापन का विषय बन गई है। साहित्य में प्रेम और तपस्या के स्थान पर बाजार हावी हो गया है। समय के साथ स्थान में भी परिवर्तन हुआ। गंगा की धारा की तरह लेखनी ने रुख बदला और प्रयाग से महानगर शिफ्ट हो गई।

लेकिन हम अभी भी देखें, तो यहां इस शहर में चार पीढिय़ां एक साथ साहित्य सृजन कर रही हैं। आज भी प्रयाग की नगरी में एक से एक कवि व रचनाकार निकल रहे हैं, जो प्रयाग के मान्य को बढ़ाये हुए हैं। आज की नई खेप जो बहुत समझी हुई लेखनी की ओर बढ़ रही है। इस मिटटी ने निराला, पन्त, हरिवंश बच्चन, जगदीश गुप्त जैसे कई सरस्वती साधकों को अपनी गोद में जगह दी, जिन्होंने इस शहर की कीर्ति में चार चांद लगाए। अपनी विधा, शैली और विचारों के साथ दुनिया भर में अपनी छाप छोड़ी। यहां जो भी रहा, उसने समाज को एक दिशा दी, यहां रचना कभी भी व्यापार नहीं थी, स्वाभिमान थी। दुनिया के साहित्यिक पैरामीटर पर इस शहर को रखें तो यहीं से निराला ने लिखा, वह तोड़ती पत्थर, इलाहाबाद के पथ पर, यह रचना कानपुर और मुंबई के पथ के लिए नहीं हो सकी। यहां का सृजन, समाज और देश को दिशा देने वाला रहा है।

…लेकिन इलाहाबादियत नहीं बदली-

इन सबके बावजूद परिवर्तन प्रकृति का नियम है। लेकिन यह ऐसी नगरी है कि इसे कोई छोड़ नहीं पाया। जो आया यहीं का होकर रह गया, आशियाना बदल गया शहर बदला लेकिन इलाहाबादियत नहीं बदली। धरमवीर भारती कहते थे कि कैलाश गौतम की कविता इसलिए अच्छी लगती है,क्योंकि वे शब्दों में शहर की तस्वीर उतार देते हैं, शहर से रूबरू करा देते हैं। डॉ. हरिवंशराय बच्चन ने कहा था कि, इलाहाबाद को साहित्य का कारखाना कहना गलत नहीं होगा।

बदलाव के इस दौर में अब सृजन कुछ कम हुआ लगता है, लेकिन जो लिखा जा रहा है उम्दा और बेहतरीन है। कुछ कमी आई है लेकिन हमारी पीढ़ी अतीत की ओर लौट रही है, सुंदर लेखन के साथ इलाहाबाद साहित्यकारों की नक्षत्रशाला की तरह है। प्रयाग की आबोहवा में सम्पूर्ण अतीत का गीत गूंजता है, धर्मवीर भारती की गुनाहों का देवता यहीं रची गई, अमरकांत की कहानियाँ यहाँ हर पत्ते पर लिखी हैं। महादेवी के गीतों से आंगन गूजता है। फिराक़ गोरखपुरी की गुले-नगमा यहां की फिजाओं में रची-बसी है, यहां कभी प्रतिभाएं खत्म नहीं होंगी।

काउंसिल निर्देशित पाठ्यक्रम पर केंद्रित हिंदी कार्यशाला

एनपी न्यूज़ डेस्क । Navpravah.com

विवा एजुकेशन और लर्नर्स अकादमी के संयुक्त तत्त्वावधान में बांद्रा पश्चिम स्थित स्पेस्टिक सोसायटी ऑफ इंडिया के सभागृह में हिंदी कार्यशाला आयोजित की गई। आईसीएससी बोर्ड के दिशा-निर्देशों पर केंद्रित इस कार्यशाला में महाराष्ट्र राज्य के लगभग 80 विद्यालयों के 200 अध्यापकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज़ कराई। विवा एजुकेशन के जनरल मैनेजर श्री अशेक मुर्शीद और उनकी टीम ने आमंत्रित सभी विद्यालयों का गर्मजोशी के साथ अभिनंदन किया। इस अवसर पर मुंबई के टॉप मोस्ट विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, हिंदी के वरिष्ठ शिक्षक-शिक्षिकाओं को शॉल, स्मृति चिन्ह और पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया। आर्य विद्या मंदिर समूह की निदेशिका श्रीमती ज्योति कुमार सहित अन्य प्राचार्यों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया।

लर्नर्स अकादमी के प्राचार्य श्री राम नयन दूबे ने प्रस्ताविकी में बताया कि काउंसिल समय-समय पर हमें दिशा-निर्देश देती रहती है। विद्यालयों को तदनुसार अपना पाठ्यक्रम संशोधित और परिमार्जित करना पड़ता है। बोर्ड की मंशा है कि हिंदी को रोजगार से जोड़ा जाय तथा नई तकनीकी का प्रयोग पठन-पाठन में हो। अतः उनकी तरफ से ‘प्रतिवेदन-लेखन’, ‘विज्ञापन-लेखन’, ‘डायरी-लेखन’ ‘नोटिस-लेखन’ आदि प्रस्तावित किए गए। आज हम सब उसी पर चिंतन-मनन करने के लिए एकत्रित हुए हैं। आगामी अकादमिक सत्र मे इन्हें कैसे लागू किया जाय और किन-किन कक्षाओं में किया जाय इत्यादि बिंदुओं पर व्यापक चर्चा और सहमति के लिए यह कार्यशाला आयोजित की गई है।

हिंदी कार्यशाला का मार्गदर्शन सेंट पीटर्स संस्थान पंचगनी से पधारे जाने-माने शिक्षाविद और समीक्षक डॉ. जितेन्द्र पाण्डेय द्वारा किया गया। डॉ. पाण्डेय ने अध्यापकों से अपील की कि वे अपने को अद्यतन तकनीकी से लैस करते हुए आधुनिक ज्ञान-विज्ञान से भी परिचित रहें। हिंदी भाषा की उपलब्धियों और वैश्विक सन्दर्भों को स्पष्ट करते हुए इन्होंने बताया कि हिंदी-शिक्षण के प्रति हमारी दोहरी जिम्मेदारी है। एक तरफ तो हिंदी भाषा के प्रति बच्चों में रुचि पैदा करनी होगी तो दूसरी ओर अभिभावकों का हिंदी भाषा के प्रति उनका नज़रिया बदलना होगा। डॉ. पाण्डेय ने आईसीएससी बोर्ड द्वारा प्रस्तावित नए पाठ्यक्रम को केंद्र में रखते हुए वर्णमाला, वर्तनी-दोष, वाक्य, लिंग, वचन, पत्र, निबंध आदि की भी व्यापक चर्चा की। भाषा पर आधारित अपने संस्थान के कई वीडियो भी उन्होंने सबके साथ साझा किया।

कार्यशाला का संचालन जमनाबाई नरसी की वरिष्ठ शिक्षिका पद्मा ने किया। इस अवसर पर आर्य विद्या मंदिर समूह की निदेशिका श्रीमती ज्योति कुमार, सेंट जॉन यूनिवर्सल हाई स्कूल की प्रधानाचार्या श्रीमती शालिनी जैसवाल, एस. जे. पोद्दार की प्रधानाचार्या श्रीमती सीता कुमार, शिशुवन, माटुंगा की प्राचार्या श्रीमती सुभद्रा शेनॉय, रेवुड इंटरनेशनल स्कूल, लोनावला की प्रधानाचार्या डॉ. (श्रीमती) रोशन पटेल, ऑक्सफ़ोर्ड इंटरनेशनल ठाकुर विलेज कांदिवली के प्रधानाचार्य श्री बैंकर, विश्व ज्योति हाई स्कूल खारघर के प्रधानाचार्य श्री दीपक पाटणकर, श्रीमती सुनीता बाली, श्रीमती प्रतिभा मिश्रा, श्री त्रिलोकीनाथ तिवारी, श्री रामगोपाल पानेरी, श्री अजित उपाध्याय, श्रीमती संगीता शिशोदिया, श्रीमती रमीला कूपर, श्रीमती सरिता, श्री दिनेश सिंह आदि गणमान्यों ने अपने-अपने विचार हिंदी कार्यशाला में रखे।

कार्यशाला के अंत में प्रधानाचार्य श्री राम नयन दूबे ने बताया कि काउंसिल द्वारा प्रस्तावित नये बिंदुओं को प्राथमिक स्तर पर(कक्षा तीसरी से कक्षा पांचवीं तक ) मात्र मौखिक चर्चा छात्रों से की जाएगी, लेखन नहीं । कक्षा छठी से इन्हें लेखन कार्य से जोड़ना होगा। विवा एजुकेशन ने आमंत्रित शिक्षकों को अपने पुस्तकों का एक सेट और सहभागिता प्रमाणपत्र भेंट करके उनके प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित की।

ब्लू व्हेल से भी खतरनाक है डेयर एंड ब्रेव गेम, भेजनी होगी न्यूड फोटो

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

अभी कुछ दिन पहले ही ब्लू व्हेल गेम के चलते दुनियाभर में बच्चों की आत्महत्या की घटनाएं सुर्खियों में थी। भारत में भी इस गेम के चलते कई आत्महत्या के मामले सामने आए थे। जिसमें सुप्रीम कोर्ट तक को दखल देना पड़ा।

अब एक नया ऑनलाइन गेम आ गया है, ये गेम जान तो नहीं लेगा, लेकिन इसके रिजल्ट उससे भी ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं। इस गेम का नाम है “डेयर एंड ब्रेव” चैलेंज। यह गेम अमेरिका से शुरू हुआ और भारत पहुंच गया है। इस गेम में दोनों खिलाड़ी एक दूसरे को डेयर देते हैं, जिसे सामने वाले को पूरा करना ही होता है। हारने वाले से न्यूड फोटो या विडियो भी कई बार मांगाये जाते हैं।

इस गेम में हारने वाले को अपनी न्यूड तस्वीर दूसरे आदमी को भेजनी होती है, यह गेम पुलिस की नजर में तब आया जब मुंबई की एक नाबालिग लड़की से न्यूड फोटो मांगने के मामले में पुलिस ने गुजरात के 23 वर्ष के एक लड़के को गिरफ्तार किया।

GST के साथ हम मॉर्डन टैक्स की ओर बढ़ रहे हैं – नरेन्द्र मोदी

PM in Business reform conference
एनपी न्यूज़ नेटवर्क | Navpravah.com 
प्रवासी भारतीय केंद्र में भारत में बिजनेस रिफॉर्म्स की प्रज़ेंटेशन में पीएम मोदी शामिल हुए। यहाँ पीएम ने सभा को संबोधित किया, उन्होंने इस दौरान GST को लेकर काफी चर्चा की, उन्होंने साथ ही विश्व रैंकिंग में भारत के ऊपर बढ़ने के क्रम पर भी बात की।
पीएम मोदी ने कहा कि 3 साल के अंदर हम ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में 42 पायदान आगे पहुंच चुके हैं। ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस, ईज़ ऑफ लाइफ’ की ओर ले जाता है। GST काउंसिल की मीटिंग में सारी समस्याओं का समाधान किया। पीएम ने कहा, भारत विश्व के 190 देशों में शीर्ष 100 में अपनी जगह बनाने में क़ामयाबी पायी है। दक्षिण एशिया और ब्रिक्स देशों में भारत इकलौता ऐसा देश है, जिसने अपनी अर्थव्यवस्था में इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
उन्होंने कहा, भारत आज वहां पहुंच चुका है, जहां से आगे बढ़ना और आसान है, जीएसटी के साथ हम मॉर्डन टैक्स की ओर बढ़ रहे हैं, भारत ऐसी स्थिति में पहुंच चुका है, जहां से ये आगे और सुधार कर सकता है, हमारे प्रयासों से तेज़ी आई है।
पीएम ने आगे कहा कि, मैं ऐसा प्रधानमंत्री हूं, जिसने वर्ल्ड बैंक नहीं देखा। पहले यहां वर्ल्ड बैंक वाले लोग बैठा करते थे, हम एक युवा देश हैं और रोजगार देना एक अवसर है साथ ही साथ यह एक चुनौती भी हैं। जो लोग पहले विश्व बैंक में रह चुके हैं, वे भी भारत की रैंकिंग पर आज सवाल उठा रहे हैं, विश्व बैंक की इस रैंकिंग पर सवाल उठाने की जगह हम न्यू इंडिया बनाने के लिए आगे बढ़ें।

NTPC हादसा: मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 32, सीएम योगी पहुंचे मरीजों का हाल पूछने

एनपी न्यूज़ नेटवर्क | Navpravah.com 
उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के ऊंचाहार स्थित नेशनल थर्मल पॉवर कार्पोरेशन लिमिटेड में पिछली एक नवंबर को बॉयलर फटने से हुई घटना में यहां काम कर रहे श्रमिकों की मौत की संख्या अब  32 तक पहुंच गई है।
जानकारी के अनुसार, ऊंचाहार स्थित एनटीपीसी परियोजना 500 मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए शुरू की गई है। अभी हाल ही में इस परियोजना ने हाइड्रो टेस्टिंग में पूरे एनटीपीसी में रिकार्ड स्थापित किया है।
उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि विद्युत इकाई निर्धारित समय में बिजली का उत्पादन शुरू कर देगी, लेकिन बुधवार दोपहर करीब 3:00 से 3:30 बजे के बीच अचानक पॉवर प्लांट में जोरदार धमाका हो गया। छठी यूनिट में नटीपीसी का बॉयलर फटने से धमाका इतनी तीव्र गति से था कि मानो कोई तोप दागी गई हो। इसी क्रम में आज यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ घायलों से मिलने लखनऊ के सिविल अस्पताल पहुंचे, जहाँ उन्होंने घायलों से मुलाकात की, वहीं डॉक्टरों से घायलों की जानकारी भी ली।
बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हादसे के वक़्त देश में मौजूद नहीं थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तीन दिनों की मॉरिशस यात्रा पर गए हुए थे, इसलिए वे आज हास्पिटल का दौरा करने पहुंचे। इस हादसे में अब तक 32 लोगों की मौत हो गई है, जबकि सैकड़ों लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जो जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। इस घटना में अभी तक किसी के खिलाफ कोई मुकदमा पंजीकृत नहीं किया गया है, हादसे की जाँच अभी जारी है।

कैम्पन #MeToo : …वो क्लास में लड़कियों की ब्रा खींचता था -मुनमुन दत्ता

मुनमुन दत्ता
सौम्या केसरवानी । Navpravah.com
‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ टीवी में बबिताजी का रोल प्ले करने वाली एक्ट्रेस मुनमुन दत्ता अब हॉलीवुड सेलेब्रिटी एलिजा मिलानो के कैम्पेन #MeToo से जुड़ गई हैं। मुनमुन ने हाल ही में सोशल मीडिया पर अपनी जिंदगी की सेक्शुअल अज़ाल्ट की कहानी सबके सामने बयां की है।
मुनमुन ने लिखा, मैं देख रही हूं कि मीटू पर आने वाली कहानियों और रिेएक्शन्स को देख कर कई पुरुष बड़े हैरान हो रहे हैं। हैरान मत होइए, आपके घर में, आपकी ही बहन, बेटी, मां और पत्नियों के साथ हो रहा है, कभी उनका भरोसा जीत कर उनसे पूछने की कोशिश करिए, उनके जवाब सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। मुनमुन ने बताया कि, मैं अपने पड़ोस में रहने वाले एक अंकल से बहुत डरती थी, क्योंकि वो मौका पाते ही मुझे पकड़ लेते थे और धमकाते थे कि मैं ये बात किसी को ना बताऊं, वो मेरे साथ गलत करते थे।
मुनमुन ने बताया कि, मेरे ट्यूशन टीचर ने तो मेरे इनरवियर में हाथ डाल दिया था। इतना ही नहीं मेरा एक और टीचर था, जिसे मैं राखी बांधती थी, वो क्लास में लड़कियों की ब्रा खींचता था, यह सब इसलिए होता है क्योंकि आप डरते हैं। आपको लगता है कि आप आवाज नहीं उठा सकतीं, यहां तक कि लड़कियों को लगता है कि पेरेंट्स से यह बात कैसे बताएंगी।
कई बार ऐसी घटना के बाद आपके भीतर पुरुषों के लिए नफरत पैदा होने लगती है। आपको लगता है कि यही वो अपराधी है, जिसकी वजह से आपको ये सब झेलना पड़ा। इसके बाद आपको उस सदमे से उबरने में बरसों लग जाते हैं। मुनमुन ने लिखा है कि, मुझे गर्व है कि मैं इस कैंपेन का हिस्सा हूं, और लोगों तक अपनी यह बात पहुंचा रही हूं कि मुझे भी नहीं छोड़ा गया था। हां ये बात अलग है कि आज मैं किसी भी मर्द को सबक सिखा सकती हूं, मैं जो भी हूं, मुझे उस पर गर्व है।

भारत में कारोबार करना अब पहले से कहीं अधिक आसान है -नरेन्द्र मोदी

Prime Minister of India Narendra Modi waves following a joint statement to the press with Mexican President Enrique Pena Nieto, in Los Pinos presidential residence in Mexico City, Wednesday, June 8, 2016. Modi met with the Mexican President Wednesday evening during a short working visit to the country.(AP Photo/Rebecca Blackwell)
सौम्या केसरवानी । Navpravah.com
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘वर्ल्ड फूड इंडिया’ के उद्घाटन पर कहा कि भारत में कारोबार करना अब पहले से कहीं अधिक आसान है। ऐसे में कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावना दुनिया के लिए बड़ा अवसर है।
पीएम ने कहा, इस वर्ष कारोबार सुगमता की रैंकिंग में भारत ने 30 स्थान का सुधार दर्ज किया है, जो किसी देश के लिये सबसे अधिक सुधार है। नए क्षेत्रों में निवेश के संबंध में 2016 की वैश्विक रैंकिंग में भारत पहले स्थान पर आ गया है। उन्होंने कहा, भारत तेजी के साथ वैश्विक नवोन्मेष रैंकिंग, वैश्विक लाजिस्टिक रैंकिंग और वैश्विक प्रतिस्पर्धा रैंकिंग में प्रगति दर्ज कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में सबसे तेज गति से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और एक जुलाई से लागू माल एवं सेवा कर, जीएसटी से अनेक कर जटिलताएं समाप्त हुई हैं।
मोदी ने कहा कि फसल कटाई के बाद प्रबंधन के संबंध में भी काफी अवसर हैं, ये क्षेत्र प्रसंस्करण और भंडारण से लेकर इन्हें संरक्षित करने के लिये आधारभूत ढांचा तैयार करने तथा शीत श्रृंखला एवं शीतलन के तहत परिवहन व्यवस्था तैयार करने से संबंधित हैं।
इस फेस्ट‍िवल में 70 देशों के प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें पांच राज्यों के मुख्यमंत्री भी भाग ले रहे हैं। इस फेस्ट में एक मेगा एक्ज‍िबिशन मेगा फूड पार्क और फूड स्ट्रीट का आयोजन तो होगा ही साथ ही विश्व के खानों पर चर्चा के लिए सेमिनार का भी आयो‍जन होगा। मेगा फूड पार्क और फूड स्ट्रीट में भारतीय खानों के साथ-साथ ही विदेशी खानों का लुत्फ उठा सकेंगे। फेमस शेफ संजीव कपूर के डिजाइन किए गए स्पेशल जायकों का भी इस फेस्ट में लुत्फ उठाने को मिलेगा। 5 नवंबर को इस फेस्ट‍िवल का समापन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के भाषण के साथ होगा।

सचिन से मेरी तुलना करना बिल्कुल गलत है – विराट कोहली

दक्षिण अफ्रीका के कप्तान ने की कोहली की तारीफ

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

पहली बार कोहली ने भारतीय क्रिकेट इतिहास में सचिन को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सचिन से उनकी तुलना करना बिल्कुल गलत है। कई दफ़ा कप्तान विराट कोहली की तुलना सचिन से की जाती है।

एक इंटरव्यू में विराट कोहली ने कहा, ‘सचिन हमारी पीढ़ी से कोसों आगे हैं, वे बहुत अच्छे क्रिकेट मैन हैं। आज के दौर के किसी भी खिलाड़ी की सचिन से तुलना नहीं हो सकती है।’ कोहली के अनुसार इस दौर के किसी क्रिकेटर में वो काबिलियत नहीं है, जो सचिन तेंदुलकर में थी।

विराट ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग को पीछे छोड़ते हुए वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। विराट के वनडे क्रिकेट में 32 शतक हो गए हैं, उनसे आगे अब बस सचिन तेंदुलकर हैं, जिनके नाम वनडे में 49 शतक हैं। कुछ लोगों का कहना है कि अगर इस रफ्तार से कोहली रन बनाते रहे तो वो सबसे आगे निकल जाएंगे।

आस्ट्रेलियाई पूर्व क्रिकेटर एडम गिलक्रिस्ट ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारतीय कप्तान विराट कोहली जिस तरह से खेल रहे हैं, विराट जिस तरह से रन बना रहे हैं, उनके पास जो निरंतरता है, वो शानदार है, अगर वह रिकॉर्ड तोड़ भी नहीं पाते हैं तो उनके काफी करीब जरूर पहुँचेंगे।’

आधार से बैंक खातों को लिंक कराना होगा जरूरी – सुप्रीम कोर्ट

the-question-of-the-supreme-court-on-euthanasia-if-you-accept-the-honor-of-death-why-not-respect-the-process-of-death

एनपी न्यूज़ डेस्क । Navpravah.com

सुप्रीम कोर्ट ने आज आधार कार्ड पर बड़ा फैसला सुनाया है, सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि बैंक खातों को 31 दिसंबर से पहले आधार कार्ड से लिंक कराना ही होगा और मोबाइल से लिंक करने की आखिरी तारीख 6 फरवरी है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कि सभी कंपनियों और बैंकों को अपने ग्राहकों को आखिरी तारीख बता देनी चाहिए, जिससे कोई दिक्कत ना हो। केंद्र सरकार ने कोर्ट से कहा है कि अभी इस पर आखिरी फैसला भी लेना है, हम आखिरी तारीख 31 मार्च तक बढ़ा सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट में आधार कार्ड की वैधता और अनिवार्यता पर सवाल खड़े करते हुए कई याचिकाएं डाली गई हैं, हाल ही में कर्नल मैथ्यू थॉमस ने याचिका दायर कर कोर्ट से गुहार लगाई है कि बायोमेट्रिक प्रणाली की कई बार गड़बड़ियां सामने आई हैं, लिहाजा इसकी वैधता भी शक के दायरे में है।

वहीं केंद्र ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा है कि अभी मोबाइल फोन धारकों को 6 फरवरी तक अपना फोन आधार के साथ लिंक करवाना जरूरी है, सरकार की कोशिश इस दिशा में सुप्रीम कोर्ट से आदेश पारित करवाने की है।

वहीं साइबर सुरक्षा के बारे में केंद्र सरकार ने कहा है कि हाल के दिनों में कई देशों को साइबर हमलों का शिकार होना पड़ा है, लेकिन आधार और इसके किसी भी सर्वर पर हैकिंग या डेटा लीक होने की कोई भी घटना सामने नहीं आई है।