Lucknow। भारतीय जनता पार्टी की केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ लगातार आग उगलने वाले योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर को पद से मुक्त कर दिया गया है। इनके साथ ही सुभासपा के अन्य नेता भी बेदखल कर दिए गए हैं।
ओमप्रकाश राजभर के बयानों से असहज सीएम योगी आदित्यनाथ ने बर्खास्त करने की सिफरिश की। राज्यपाल राम नाईक ने ओमप्रकाश राजभर का इस्तीफा मंजूर कर उनको पद से मुक्त कर दिया है।
राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार अनिल राजभर को ओम प्रकाश राजभर के सभी पद देकर कद बढ़ाया गया है। राजभर समाज को साधने के लिए भाजपा अपने मंत्री अनिल राजभर को चेहरा बनाए हुए है।
बता दें कि राजभर लगातार भाजपा के खिलाफ बगावती तेवर अपनाए हुए थे। वहीं, कुछ दिन पहले ओम प्रकाश राजभर ने भाजपा के नेताओं को मंच से गाली तक दे डाली थी। इसके पहले लोकसभा चुनाव में ओम प्रकाश राजभर ने भाजपा के खिलाफ अपने प्रत्याशी भी उतारे थे।
New Delhi। लोकसभा चुनाव 2019 की सात चरणों की मतदान प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब सभी राजनीतिक दलों को 23 मई को होनी वाली मतगणना का बेसब्री से इंतजार है। वहीं सामने आए एक्जिट पोल से एनडीए में खुशी की लहर है।
इसी बीच मध्यप्रदेश में बीजेपी ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को खत लिखकर दावा किया है कि कमलनाथ के नेतृत्व में राज्य की कांग्रेस सरकार अल्पमत है। इसलिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर शक्ति परीक्षण की मांग की गई है।
नेता-प्रतिपक्ष और भाजपा नेता गोपाल भार्गव ने कहा, ”हम राज्यपाल को खत लिखकर विधानसभा सत्र बुलाने की मांग कर रहे हैं क्योंकि यहां कई अहम मुद्दे हैं। मध्य प्रदेश सरकार अपने आप गिर जाएगी। मुझे खरीद-फरोख्त में कोई यकीन नहीं है लेकिन मुझे लगता है कि इसका समय आ गया है और जल्दी ही ये चली जाएगी।
गौरतलब है कि एग्जिट पोल अनुमानों के एक दिन बाद ही बीजेपी ने ये मांग की है। इन एग्जिट पोल में बीजेपी की बंपर जीत का अनुमान व्यक्त किया गया है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल मध्य प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस सत्ता में आई थी। कांग्रेस के पास सपा और बसपा के सहयोग से मामूली बहुमत प्राप्त है।
मनोरंजन डेस्क। लम्बे समय से रिलीज के इंतजार के बाद आप देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बायोपिक अब रिलीज के लिए तैयार है। विवेक ओबेरॉय की यह फिल्म आने वाले शुक्रवार को रिलीज होगी लेकिन इसके पहले फिल्म का एक नया और जबरदस्त पोस्टर लॉन्च किया गया है। पोस्टर में पीएम मोदी शंखनाद करते नजर आ रहे हैं।
यह पोस्टर फिल्म के लीड एक्टर विवेक ओबेरॉय ने अपनी सोशल मीडिया वॉल पर शेयर किया है। वहीं इस पोस्टर को शेयर करते हुए विवेक ने एक कैप्शन भी लिखा है। जिससे उनका पूरा उत्साह साफ़ नजर आ रहा है। विवेक ने कैप्शन में लिखा है, ‘भारत में हर बड़े काम कि शुरूवात शंख बजा कर की जाती है’।
अब तक सामने आये सारे पोस्टर्स पर यह भारी नजर आ रहा है। भगवा और लाल रंग के कॉम्बिनेशन वाले इस पोस्टर में लिखा है, ‘आ रहे हैं दुबारा पीएम नरेन्द्र मोदी, अब कोई रोक नहीं सकता।’ यह टैग लाइन चुनाव के रिजल्ट के पूर्व अनुमानों की और भी इशारा कर रही है।
बता दें कि इस फिल्म में विवेक ओबेराय ने फिल्म में नरेंद्र मोदी का किरदार निभाया है। वहीं अमित शाह की भूमिका अभिनेता मनोज जोशी निभा रहे हैं।
New Delhi। लोकसभा चुनाव 2019 की सात चरणों की मतदान प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब सभी राजनीतिक दलों को 23 मई को होनी वाली मतगणना का बेसब्री से इंतजार है। इसी बीच रविवार को अंतिम चरण के बाद आए एक्जिट पोल के रुझानों ने राजनीतिक दलों की बेचैनी और बढ़ा दी है।
लोकसभा चुनावों के बाद कल हुए सभी एक्जिट पोल्स में फिर से NDA सरकार बनती दिख रही है। एक्जिट पोल के बाद कल बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने NDA नेताओं को डिनर पर बुलाया है। सूत्रों के मुताबिक इस डिनर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद होंगे। इस बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी।
अमित शाह की तरफ से NDA नेताओं को डिनर का बुलावा सिर्फ एक बहाना है। दरअसल अमित शाह ने आगे की रणनीति पर बात करने के लिए डिनर रखा है। लोकसभा चुनाव के लिए सात चरणों में मतदान 11 अप्रैल से 19 मई तक चला। वोटों की गिनती और साथ ही परिणामों की घोषणा 23 मई को होनी है। लोकसभा में कुल 542 र्सीटें हैं और बहुमत के लिए किसी भी पार्टी या गठबंधन को कम से कम 272 सीटें चाहिए।
NDA ने बहुमत का आंकड़ा पार किया
एक्जिट पोल के मुताबिक 542 में से NDA के खाते में 277 सीटें, यूपीए के खाते में 130 सीटें और अन्य के खाते में 135 सीटें जाने का अनुमान है। बता दें कि 543 लोकसभा सीटों में 542 सीटों का ही अनुमान हम बता रहे हैं, तमिलनाडु की एक सीट पर चुनाव आयोग ने चुनाव रद्द कर दिया था।
वाराणसी। लोकसभा चुनाव 2019 की सात चरणों की मतदान प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब सभी राजनीतिक दलों को 23 मई को होनी वाली मतगणना का बेसब्री से इंतजार है। इसी बीच रविवार को अंतिम चरण के बाद आए एक्जिट पोल के रुझानों ने राजनीतिक दलों की बेचैनी और बढ़ा दी है।
यूपी बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय ने बसपा प्रमुख मायावती पर तंज कसते हुए कहा कि, वो अखिलेश यादव को बबुआ बनाकर छोड़ेंगी। नरेंद्र मोदी की तपस्या पर बोलने से पहले अखिलेश को अपने पिता से सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि, यूपी में भाजपा 73 प्लस रहेगी।
वहीं महेंद्र नाथ पांडेय ने प्रदेश सरकार के मंत्रीमंडल से बर्खास्त सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर को विचित्र प्राणी की संज्ञा दी। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि, पार्टी का विचित्र प्राणी से पाला पड़ा था। ओमप्रकाश ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर खड़े सुरक्षा गार्ड को अपना इस्तीफा सौंपा था। इस्तीफा सौंपना ही था तो राज्यपाल को देना चाहिए था। आज सीएम योगी ने भारी मन से फैसला लिया है।
Lucknow. Samajwadi Party के कद्दावर नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खांन ने एक्जिट पोल पर बड़ा बयान दिया है। आजम खां ने एक्जिट पोल को लेकर कहा कि किसी को तो EXIT होना ही है। POLLS के तजुर्बे पहले भी देख चुके हैं। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के बारे में क्या कहा गया था, हुआ क्या। क्या होगा, क्या नहीं वो 23 मई को पता चलेगा, जो सत्ता में है उनका डर है। उनके अंदर खौफ है। उनके पास जो तरीके हैं वो किसी के पास नहीं हैं।
आजम खां ने कहा, ये भी दुर्भाग्य है देश में चुनाव के नतीजों से पहले सहमा हुआ माहौल बन गया है। देश के स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है। देश के लोग डर जाएं सहम जाएं। आने वाली सरकार से लोग सहम जाएं, लोकतंत्र तो खत्म हो गया है। दहशत तंत्र का इंतजार हो रहा है। ऐसा लग रहा है कि विदेशी ताकत का हमला होने वाला है। ना किसी की इज्जत ना किसी की जान ना माल।
बीजेपी की 300 सीटें? 600 सीटें दिखा दें तो क्या। देखिए सीटों का कम या ज्यादा होना अलग बात है। आम आदमी का दहशतजदा होना दूसरी बात है। लोग चुनाव के नतीजों से डरे हुए हैं कि क्या होगा। सत्ता का क्या है, आज है नहीं है। लोग डर जाएं सहम जाएं कि पता नहीं सत्ता में लोग फिर से वापस आ जाएंगे तो क्या होगा, ये बदनुमा दाग है।
आजम खां ने कहा, वापस आने की बात नहीं कर रहा हूं, मैं कह रहा हूं कि 23 तारीख का इंतजार करिए। 23 तारीख को लेकर लोग डरे हुए हैं कि पता नहीं क्या होगा।
लखनऊ।। लोकसभा चुनाव नतीजे 23 मई को आने हैं। वहीँ सीएम योगी ने बड़ी कार्रवाई कर दी है। उन्होंने कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर को मंत्रिमंडल से lबर्खास्त करने की सिफरिश कर दी। इतना ही इसके साथ ही ओम प्रकाश राजभर की पार्टी के अन्य नेताओं को जिन्हें सरकार में जगह मिली थी, उन्हें भी बाहर का रास्ता दिखा दिया है। उधर राज्यपाल राम नाईक ने तत्काल ओमप्रकाश राजभर का इस्तीफा मंजूर कर उनको पद से मुक्त भी कर दिया है। ओमप्रकाश राजभर को बर्खास्त करने के बाद उनके सभी विभाग को मंत्री अनिल राजभर को दिया गया है।
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने योगी आदित्यनाथ मंत्रिमण्डल के सदस्य तथा मंत्री पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं विकलांग जन विकास, ओम प्रकाश राजभर को तात्कालिक प्रभाव से प्रदेश मंत्रिमण्डल की सदस्यता से पदमुक्त कर दिया है। राज्यपाल नाईक ने सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रस्ताव पर ओम प्रकाश राजभर को मंत्री पद से मुक्त करने के लिये अपना अनुमोदन प्रदान कर दिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ की सिफारिश पर राज्यपाल ने मंजूर ओमप्रकश राजभर का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। इसके साथ ही राजभर की पार्टी के उन सभी नेताओं को भी हटा दिया गया है, जिनको मंत्री का दर्जा दिया गया था।
ओमप्रकाश राजभर की पार्टी के अन्य सदस्य जो विभिन्न निगमों और परिषदों में अध्यक्ष व सदस्य हैं उन सभी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया। आज ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक को पिछड़ा वर्ग कल्याण और दिव्यांग जन कल्याण मंत्री ओमप्रकाश राजभर को मंत्रिमंडल से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने की सिफारिश की थी।
बता दें कि बीजेपी और योगी आदित्यनाथ सरकार ने राजभर से अलग होने का मन पूरी तरह से बना लिया था। उधर राजभर ने यूपी सरकार से इस्तीफा देने से मना कर दिया था और प्रदेश में अपने 39 प्रत्याशी को भी चुनाव मैदान में उतारा था, लेकिन एग्जिट पोल सामने आने के बाद अब ओमप्रकाश राजभर को बर्खास्त करने का मन बना लिया था।इनकी पार्टी से तीन विधायक हैं। इनमें से एक कैलाश सोनकर तो चंदौली से बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पाण्डेय के खिलाफ चुनाव लड़े थे। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी की राजभर समुदाय के बीच पकड़ मजबूत है। ओमप्रकाश राजभर की मांग थी कि लोकसभा चुनाव में उन्हें दो से तीन सीटें दी जायें, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
लोकसभा चुनाव में राजभर ने बीजेपी नेताओं पर जमकर हमला बोला। इतना ही नहीं उन्होंने अभद्र भाषा का इस्तेमाल भी किया। उल्लेखनीय है कि राजभर ने दावा किया कि वो और उनके दो सहयोगियों ने पहले ही इस्तीफा दे दिया था तथा उनका अब बीजेपी से कोई रिश्ता नही रहा था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस्तीफा स्वीकार करना सरकार का काम है।
पटना. लोकसभा चुनाव 2019 के आखिरी चरण के मतदान के दौरान राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव अलग-अलग कारणों से सुर्खियों में बने रहे। वोट डालने पहुंचे लालू यादव के बड़े बेटे और बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव के बाउंसरों ने एक पत्रकार को जमकर पीट दिया। वहीं, कथित रूप से ‘संविधान बचाने’ के लिए निकले तेजस्वी यादव ने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर लोगों को चौंका दिया।
आमतौर पर लालू यादव के साथ रहने पर पूरा परिवार एक साथ वोट डालने बूथ तक पहुंचता था, लेकिन इस बार तस्वीर बदली हुई थी। सुबह साढ़े 10 बजे राबड़ी देवी अपनी बेटी मीसा भारती के साथ वोट डालने पहुंची। मतदान के बाद उन्होंने बिहार की 40 सीटों पर महागठबंधन की जीत का दावा किया।
राबड़ी और मीसा के वोट डालने के तकरीबन एक घंटे बाद तेजप्रताप यादव वोट डालने पहुंचे। लेकिन तेजप्रताप की वोटिंग सुर्खियों में रही। वहीं, कथित रूप से ‘संविधान बचाने’ के लिए निकले तेजस्वी यादव ने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर लोगों को चौंका दिया है।
मनोरंजन डेस्क। फ्रांस में चल रहे कान फिल्म फेस्टिवल में इस साल बॉलीवुड एक्ट्रेसेज छाई हुई हैं। देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा ने इस साल कान की रेड कार्पेट पर डेब्यू किया है और उनके अबतक के सारे लुक्स सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
इतना ही नहीं इस साल प्रियंका की तरह ही डायना पेंटी और टीवी एक्ट्रेस हिना खान ने भी कान फिल्म फेस्टिवल में डेब्यू किया है। बॉलीवुड एक्ट्रेस हुमा कुरैशी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर इन सबके साथ एक फोटो शेयर की है जो खूब वायरल हो रही है।
हुमा ने फोटो शेयर करते हुए लिखा कि मजबूत औरतें एक-दूसरे को सपोर्ट करती हैं और असली महिलाएं एक-दूसरे को सपोर्ट करती हैं। इसी फोटो पर हुमा ने प्रियंका चोपड़ा और निक जोनास को देसी गर्ल पावर को पार्टी देने के लिए थैंक्स दिया है। इसी पोस्ट पर हुमा ने निक को जीजू कहकर बुलाया है।
बता दें कि प्रियंका चोपड़ा ने इस साल 72वें कान फिल्म फेस्टिवल में डेब्यू किया है। प्रियंका के साथ उनके पति निक जोनास भी रेड कॉर्पेट पर नजर आए। प्रियंका ने अपने अपने चौथे लुक की फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की है जिसमें निक छता लेकर उन्हें बारिश से बचाते नजर आ रहे हैं। प्रियंका के फैंस जहां उनकी फोटोज देखकर निक की तारीफ कर रहे हैं तो वहीं कुछ यूजर्स ने प्रियंका और निक को ट्रोल करना शुरू कर दिया है।
हेल्थ डेस्क। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2018 के अंत तक ऑक्यूपेशनल डिजीज के लगभग 9,70,000 मामले पाए गए, जिनमें 90 प्रतिशत मामले न्यूमोकोनियोसिस (खांसी और सांस लेने में परेशानी के लक्षण) के थे। चीन के स्टेट काउंसिल इंफॉर्मेशन ऑफिस ने यह आंकड़े दिए हैं।
न्यूमोकोनियोसिस
चीन में 90 करोड़ कर्मचारियों में से 2।5 करोड़ हर साल पेशे से संबंधित होने वाली बीमारियों से पीडि़त होते हैं। न्यूमोकोनियोसिस इनमें सबसे प्रचलित बीमारी है। यह एक फेफड़े की घातक बीमारी है, जो धूल या छोटे कणों के कारण होती है।
चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के उपनिदेशक ली बिन ने बताया कि पैनल विभिन्न विभागों के साथ मिलकर न्यूमोकोनियोसिस की रोकथाम और इलाज का प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि कुल 10 प्रकार की 132 बीमारियों को चीन में ऑक्यूपेशनल बीमारियों की श्रेणी में रखा गया है। कहा कि अन्य पेशेवर खतरों में जहर, शोर और रेडिएशन पर भी नियंत्रण होना चाहिए।
क्या होती हैं ऑक्यूपेशनल डिजीज
ऑक्यूपेशनल डिजीज पेशे के कारण होने वाली बीमारियां होती हैं। कोई भी क्रॉनिक बीमारी है, जो ऑफिस में अत्यधिक काम या व्यावसायिक गतिविधि के कारण होती है। लोगों पर काम के बोझ के कारण कई तरह की बीमारियों से जूझना पड़ता है। इन्हें ऑक्यूपेशनल डिजीज कहते हैं। यह व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य का एक पहलू भी है।