Islamabad। पाकिस्तान के उच्च शिक्षा आयोग (एचईसी) ने चार साल के कार्यक्रम के तहत करीब 3,000 अफगान छात्रों को छात्रवृत्ति की पेशकश की है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
सूचना और प्रसारण मामलों के लिए प्रधानमंत्री की विशेष सहायक फिरदौस आशिक एवान ने कहा कि छात्रवृत्ति चरणों में पेश की जाएगी और हर साल विभिन्न श्रेणियों के छात्र कार्यक्रम के लाभार्थी होंगे।
एवान ने कहा कि अफगान छात्र, जो सक्षम हैं और अपने शैक्षिक करियर को आगे बढ़ाने का जुनून रखते हैं, उन्हें चिकित्सा, इंजीनियरिंग, कृषि और प्रबंधन और कंप्यूटर विज्ञान सहित विभिन्न क्षेत्रों में पाकिस्तान के विभिन्न संस्थानों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। ।
अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी के शुक्रवार को पाकिस्तान की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पूरी करने के बाद यह घोषणा की गई।
एवान के अनुसार, छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत, कुल 600 छात्रों को विभिन्न मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में प्रवेश दिया जाएगा, जबकि 600 छात्रों को विभिन्न इंजीनियरिंग विश्वविद्यालयों में प्रवेश दिया जाएगा।
वर्ल्ड डेस्क। 4 भारतीय महिलाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर एजेंट ने दुबई ले जाकर बार डांसर बना दिया गया। अब दुबई पुलिस ने महिलाओं को वापस भारत भेजा दिया है। यह महिलाएं तमिलनाडु के कोयम्बटूर की रहने वाली हैं। गल्फ न्यूज ने बताया कि दुबई में भारत के जनरल विपुल ने कहा कि इन सभी महिलाओं की उम्र 20 साल है।
दरअसल, इन सभी महिलाओं को विश्वास दिलाया गया कि वह एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी के लिए काम करेंगे। लेकिन, जब वह दुबई पहुंची, तो उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया। विपुल ने गल्फ न्यूज को बताया कि इसके बाद महिलाओं को डांस बार में काम करने के लिए मजबूर किया गया।
रिपोर्टों के अनुसार, इन महिलाओं में से एक व्हाट्सएप के जरिए अपने परिवार को संदेश भेजने में कामयाब रही। जैसे ही मामला विदेश राज्य मंत्री वेल्लमवेल्ली मुरलीधरन तक पहुंचा उन्होंने इसे संज्ञान में लेते हुए वाणिज्य दूतावास को सतर्क किया जिसके बाद दुबई पुलिस को इसकी जानकारी दी गई।
विपुल ने आगे कहा कि वह दुबई पुलिस के आभारी है कि उन्होंने मामले में इतनी तीव्र प्रतिक्रिया दिखाई। साथ ही उन्होंने कहा कि वह तमिलनाडु सरकार को इस बारे में लिखेंगे कि वह उस एजेंट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे जिसने महिलाओं को दुबई भेजा था।
इसी तरह का मामला 2018 में भी सामने आया था। तब भी भारतीय वाणिज्य दूतावास के इशारे पर महिलाओं को दुबई में डांस बार से बचाया गया था। तब भी एक 21 साल की लड़की को यह कहकर फसाया गया था कि उसे दुबई में एक ज्वैलरी स्टोर में नौकरी मिल जाएगी।
टेक डेस्क। Vivo Z1 Pro भारत में 3 जुलाई को लॉन्च होने वाला है। फोन की कुछ खास स्पेसिफिकेशन्स में स्नैपड्रैगन 712 चिपसेट के साथ एनहांस्ड GPU और 5000 mAh की बैटरी सम्मिलित है।
इसके लेटेस्ट सोशल मीडिया रिवील से पता चलता है की कंपनी ने अपने इस नए फोन के लिए गेमर्स पर फोकस रखा है। इसमें बेहतर कूलिंग, बेहतर कनेक्टिविटी के लिए नेट टर्बो और टर्बो के ही नाम से कई अन्य फीचर्स भी दिए हैं, जो फोन की परफॉरमेंस को और फास्ट करेंगे।
Vivo Z1 Pro यूजर्स को स्पेशल गेम काउंटडाउन के साथ बिना किसी रुकावट के अच्छा गेमिंग अनुभव प्रदान करेगा। जब आप गेमिंग कर रहे हो, तो आप अपनी PUBG वॉयस को भी बदल सकते हैं। गेम के शुरू होने के बाद, फोन 4D वाइब्रेशन और 3D सराउंड साउंड भी उपलब्ध करवाएगा।
फोन की अन्य स्पेसिफिकेशन्स में 32MP स्लैफी शूटर के साथ पंच-होल डिजाइन और रियर पर ट्रिपल सेटअप मौजूद है। बड़ी बैटरी के साथ फोन में 18W फास्ट-चार्जिंग कैपेबिलिटीज भी दी गई है। फोन एंड्रॉइड पाई फनटच ओएस 9 पर काम करेगा।
फोन की मुख्य खासियत इसका स्नैपड्रैगन 712 चिपसेट है। इस चिपसेट के साथ आने वाला Vivo Z1 Pro पहला फोन होगा।
क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 712 मोबाइल प्लेटफार्म की खासियत, मोबाइल डिवाइसेज पर AI, गेमिंग, परफॉरमेंस और पॉवर का कॉम्बिनेशन देना है। इस चिपसेट को इन 4 चीजों को ध्यान में रखकर ही बनाया गया है।
712 मोबाइल प्लेटफार्म 10nm प्रोसेस पर बनाया गया है और इसमें क्वालकॉम Kryo 360CPU, क्वालकॉम Adreno 616GPU और क्वालकॉम Hexagon 685DSP का इस्तेमाल किया गया है।
स्नैपड्रैगन 710 की तुलना में जिन डिवाइसेज में 712 चिपसेट होगा, उसमे बैटरी यूसेज को बेहतर तरीके से मैनेज करने की क्षमता होगी। इसी के साथ, यह पिक्चर्स के लिए सेटिंग को ऑटो-एडजस्ट कर पाएगा और आपको आवाज को भी आसानी से समझ पाएगा।
712 चिपसेट आपको 4K अल्ट्रा HD वीडियो शूट करने की आजादी देता है। इससे आप हर पल को बिना बैटरी ड्रेन हुए कैद कर पाएंगे। आपकी फुटेज या वीडियो का टेक्सचर अच्छा होगा, फोटोज लो-लाइट में भी कलरफुल रहेंगी।
इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है की Vivo Z1 Pro कैमरा, बैटरी और गेमिंग के मामले में दमदार फोन साबित हो सकता है।
इस्लामाबाद. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का 20 जुलाई को अमेरिका की अपनी पहली यात्रा पर जाने का कार्यक्रम है। इस दौरान उनकी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत होगी। मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दौरान खान की पहली बार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से आमने- सामने बातचीत होगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री इमरान खान अमेरिका की अपनी पांच दिन की यात्रा 20 जुलाई से शुरू करेंगे। आधिकारिक सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है।
मूल रूप से खान की अमेरिका यात्रा जून में होनी तय थी लेकिन प्रधानमंत्री के घरेलू कार्यों को देखते हुये विशेष तौर से संघीय बजट 2019 को देखते हुये इसे आगे के लिये टाल दिया गया।
विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री इमरान खान और ट्रंप के बीच बैठक जल्द होने की उम्मीद है। हालांकि, उन्होंने यात्रा की तिथि नहीं बताई थी।
कुरैशी ने कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निमंत्रण पर वाशिंगटन की यात्रा पर जायेंगे। ट्रंप महत्वपूर्ण क्षेत्रीय मुद्दों पर खान से बातचीत करना चाहते हैं।
Lucknow. लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस में इस्तीफों के शुरू हुए दौर के तहत शनिवार को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी अपने पद से त्यागपत्र दे दिया।
पार्टी की ओर से जारी बयान के मुताबिक हाल में हुए लोकसभा चुनाव में अपेक्षित परिणाम ना आने और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी जी के इस पद से इस्तीफा दिये जाने के कारण प्रदेश कांग्रेस विधानमंडल दल की उपनेता एवं महामंत्री उ.प्र. कांग्रेस कमेटी आराधना मिश्रा ‘मोना, वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री रणजीत सिंह जूदेव और उपाध्यक्ष आर. पी. त्रिपाठी ने भी अपने-अपने पदों से त्यागपत्र दे दिया।
इसके अलावा पार्टी प्रदेश महामंत्री एवं पूर्व विधायक सतीश अजमानी, श्यामकिशोर शुक्ल, महामंत्री हनुमान त्रिपाठी, महामंत्री एवं प्रवक्ता द्विजेन्द्र त्रिपाठी, विभाग एवं प्रकोष्ठ प्रभारी वीरेन्द्र मदान, संगठन मंत्री शिव पाण्डेय, सचिव एवं प्रवक्ता पंकज तिवारी, प्रवक्ता बृजेन्द्र कुमार सिंह, प्रवक्ता मंजू दीक्षित और सोशल मीडिया इंचार्ज संजय सिंह ने चुनाव में हार की जिम्मेदारी लेते हुए अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।
गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी पराजय के बाद पार्टी में इस्तीफा देने का सिलसिला चल पड़ा है। देश के अन्य राज्यों की तरह उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस को बेहद करारी हार का सामना करना पड़ा। पार्टी अध्यक्ष राहुल को भी अपने गढ़ अमेठी में शिकस्त का मुंह देखना पड़ा।
मुंबई ।। ई’रान (Iran) के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने गल्फ में अमेरिकी आर्मी की तैनाती को बढ़ा दिया है। इतना ही नहीं किसी भी खतरे से निपटने के लिए अमेरिका ने पहली बार कतर में F-22 लड़ाकू विमान को तैनात किया है।
अमरीकी एयर फोर्स के केंद्रीय सैन्य कमान ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी आर्मी और अपने हितों की रक्षा के लिए एयर फोर्स के एफ-22 रैप्टर स्टील्थ फाइटरों को तैनात किया गया है।
हालांकि, ये निर्दिष्ट नहीं किया गया था कि कितने हाई-टेक प्लेनों को भेजा गया है। एक तस्वीर सामने आई है जिसमें कतर के अल उदीद एयर बेस के ऊपर से उड़ान भरने वाले 5 जेट्स को दिखाया गया है।
अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ई’रान (Iran) के साथ 2015 के बहुपक्षीय परमाणु समझौते से बाहर निकलने के बाद से तेहरान और वाशिंगटन के बीच तनाव बढ़ गया। ई’रान (Iran) और अमेरिका के बीच मामला और भी ज्यादा तब खराब हो गए जब अमेरिका ने कई तरह के प्रतिबंध ई’रान (Iran) पर लगा दिए।
बीते एक डेढ़ महीने के अंदर दोनों के बीच काफी तनाव देखने को मिला है। बीते सप्ताह ई’रान (Iran) रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिका के एक ड्रोन को मार गिराया। इससे पहले जब ओमान की खाड़ी में दो बार तेल टैंकरों पर हमला किया गया तो अमेरिका ने ई’रान (Iran) पर आरोप लगाया। हालांकि ई’रान (Iran) ने ऐसे किसी भी हमले में हाथ होने से इनकार किया।
इसके बाद अमेरिका ने ई’रान (Iran) पर और भी अधिक सख्ती करते हुए तेहरान के कई शीर्ष नेताओं पर प्रतिबंध लगा दिए। इसमें सबसे बड़ा नाम अयातुल्ला अली खामैनी और विदेश मंत्री मोहम्मद जावाद जरीफ शामिल हैं।
अमरीकी प्रतिबंधों को देखते हुए ई’रान (Iran) ने परमाणु समझौते के अंतर्गत अपनी कुछ प्रतिबद्धताओं को छोड़ने की धमकी दी है जब तक कि बाकी सदस्य- ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, जर्मनी और रूस अमरीकी प्रतिबंधों को समाप्त करने और विशेष रूप से अपने तेल को बेचने में सहायता नहीं करते हैं।
बता दें कि बीते महीने मई में अमेरिकी एयर फोर्स ने खाड़ी क्षेत्र में कई परमाणु-सक्षम B-52 स्ट्रेटोफोर्सेट बॉम्बर्स तैनात किए। इसके जवाब में ई’रान (Iran) रक्षा विभाग द्वारा क्षेत्र में अमरीकी बलों पर हमला करने के लिए एक संभावित योजना के साथ-साथ एक विमान वाहक टास्क फोर्स बनाया।
हेल्थ डेस्क। सूखी खांसी बेहद खतरनाक होती है। ये किसी भी मौसम में होने लगती है जो आपके शरीर में दर्द पैदा करती है। खांसते-खांसते पूरे पेट में और पसलियों में दर्द होने लगता है। अगर आप लंबे समय से सूखी खांसी से परेशान हैं, तो यहां कुछ घरेलू नुस्खे बताए जा रहे हैं जो झट से खांसी को खत्म कर देंगे।
शहद
सूखी खांसी में शहद रामबाण इलाज है। यह न सिर्फ गले की खराश को दूर करता है बल्कि गले के इंफेक्शन को भी ठीक कर देता है। इसके लिए 2 चम्मच शहद को आधे गिलास गुनगुने पानी में मिलाएं और पिएं। रोजाना इस तरीके को अपनाने से सूखी खांसी में आराम मिलेगा। इसके अलावा नियमित रूप से गरम पानी में नमक मिलाकर गरारे करें।
पीपल की गांठ
पीपल की गांठ को भी सूखी खांसी में लाभकारी माना गया है। यह एक आजमाया हुआ नुस्खा है, जिससे सूखी खांसी को ठीक करने में मदद मिली है। इसके लिए एक पीपल की गांठ को पीस लें और उसे एक चम्मच शहद में मिलाकर खा लें। रोजाना ऐसा ही करें। इससे कुछ ही दिन में सूखी खांसी ठीक हो जाएगी।
अदरक और नमक
अदरक से भी सूखी खांसी में आराम मिलता है। इसके लिए अदरक की एक गांठ को कूटकर उसमें एक चुटकी नमक मिला लें और दाढ़ के नीचे दबा लें। उसका रस धीरे-धीरे मुंह के अंदर जाने दें। 5 मिनट तक उसे मुंह में रखें और फिर कुल्ला कर लें।
मुंबई ।। सऊदी अरब ने एक ठोस कदम उठाते हुए हिंदुस्तानियों के लिए हज कोटे को बढ़ाया है। इसके साथ ही अब 1,70,000 की जगह 2,00,000 लोग प्रति वर्ष इस्लामिक तीर्थ स्थल मक्का जा सकेंगे। कोटे में 30,000 की वृद्धि की गई है। पीएम नरेन्द्र मोदी और सऊदी अरब के वली अहद (क्राउन प्रिंस) मोहम्मद बिन सलमान के बीच हुई बैठक में इस मामले पर विचार विमर्श किया गया था।
जी-20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने जापान पहुंच मोदी ने अपने ‘अमूल्य रणनीतिक साझेदार’ के साथ कारोबार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा और आतंकवाद के मसले पर भी गहन चर्चा की। विदेश सचिव विजय गोखले ने प्रेस वालों से कहा कि वली अहद ने पीएम मोदी से वादा किया है कि हिंदु्स्तान का हज कोटा हर साल 1,70,000 से बढ़ाकर 2,00,000 कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा है कि कि ये महत्वपूर्ण है और यह कर लिया गया है।
गोखले ने बताया कि 2 लाख हिंदुस्तानियों को अब हज जाने का अवसर मिलेगा, जो जल्द ही आरंभ होने वाली है। उन्होंने बताया है कि दोनों नेताओं ने पर्यटन, प्लेन सर्विस बढ़ाने पर भी विचर विमर्श किया और दोनों दोबारा मुलाकात करने को भी सहमत हुए। विदेश सचिव ने बताया है कि सऊदी के वली अहद ने पीएम मोदी को इस वर्ष होने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्य अतिथियों में से एक बनने के लिए आमंत्रित किया, जिसे पीएम मोदी ने आभार सहित स्वीकार भी किया है।
टेक डेस्क। अगर आप फेसबुक जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट का उपयोग करते हैं, तो आप अवसाद और चिंता जैसे गंभीर मनोवैज्ञानिक संकट से बचने के लिए 1.63 गुना अधिक सक्षम हैं। एक अध्ययन में यह बात सामने आई है। फेसबुक जैसे Social Media ऐप का उपयोग करने के अपने फायदे हैं और एक ऐसा सकारात्मक परिणाम वयस्कों के बीच मानसिक स्वास्थ्य में सुधार कर रहा है।
बता दे की मिशिगन स्टेट युनिवर्सिटी के एक अध्ययन के अनुसार, Social Media और इंटरनेट का उपयोग नियमित रूप से वयस्कों में मानसिक स्वास्थ्य में सुधार कर सकता है और डिप्रेशन व चिंता जैसे गंभीर मनोवैज्ञानिक संकट को दूर करने में मदद कर सकता है।
वहीं मिशिगन स्टेट युनिवर्सिटी में मीडिया और सूचना के प्रोफेसर कीथ हैम्पटन ने कहा, “संचार प्रौद्योगिकी और Social Media प्लेटफॉर्म रिश्तों को बनाए रखना और स्वास्थ्य जानकारी तक पहुंचना आसान बनाते हैं।जहां इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए हैम्पटन ने अधिक परिपक्व आबादी का अध्ययन किया, जिसके लिए उसने निर्धारित किया दुनिया का सबसे लंबा चलने वाला घरेलू सर्वेक्षण ‘पैनल स्टडी ऑफ इनकम डायनेमिक्स’।
दरअसल इसमें 13 हजार से ज्यादा वयस्क प्रतिभागियों पर अध्ययन किया गया।उन्होंने पाया कि Social Media यूजर्स में एक वर्ष से दूसरे वर्ष तक गंभीर मनोवैज्ञानिक संकट का सामना करने की संभावना 63 प्रतिशत कम है, जिसमें प्रमुख डिप्रेशन या गंभीर चिंता शामिल है।