लंदन में हमले के कुछ ही घंटों के भीतर अब अमेरिका में फायरिंग हुई है। यहां फ्लोरिडा के ऑरलैंडो में कुछ लोगों ने भीड़ पर अंधाधुंध फायरिंग की है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक फायरिंग में कई लोगों के मारे जाने की खबर है। बताया जा रहा है। कि फायरिंग एक कार्यक्रम के दौरान हुई है।
शहर में सोमवार सुबह एक गोलीबारी की घटना में महिला सहित पांच लोगों की मौत हो गई। गोलीबारी करने वाला उसी ऑफिस का पूर्व कर्मचारी था।
बाद में उसने खुद को भी गोली मार ली। उसकी भी मौत हो गई है। पुलिस का दावा है कि इस घटना के तार किसी आतंकी गतिविधि से नहीं जुड़े हैं।
ऑरेंज काउंटी शेरिफ कार्यालय (ओसीएसओ) के अनुसार, घटना ओरलैंडो के निकट व्यावसायिक इलाके स्थित एक ऑफिस में हुई। चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
एक घायल ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। शेरिफ जेरी डेमिंग्स ने बताया कि गोलीबारी करने वाले को अप्रैल में इस ऑफिस से बर्खास्त कर दिया गया था।
करीब एक साल पहले 12 जून, 2016 को ओरलैंडो के ही पल्स नाइटक्लब में गोलीबारी की घटना हुई थी। उस घटना में 49 लोग मारे गए थे और 58 घायल हुए थे। आधुनिक अमेरिका के इतिहास में यह सबसे दर्दनाक हादसा था|
बॉलीवुड स्टार अमिताभ बच्चन कौन बनेगा करोड़पति को होस्ट करने के बारे में घोषणा कर चुके हैं। अब उनके शो को होस्ट करने के लिए फीस के बारे में खुलासा हुआ है। खबरों के अनुसार बिग बी एक एपिसोड के 2 करोड़ रुपए के हिसाब से चार्ज करते हैं। समाचार वेबसाइट डीएनए के अनुसार अब अमिताभ को कौन बनेगा करोड़पति के हर एपिसोड के लिए 2.75 से 3 करोड़ रुपए मिलेगें। चैनल के साथ उनकी बातचीत चल रही है और चैनल उनकी फीस बढ़ाने के लिए तैयार हो गया है।
कौन बनेगा करोड़पति का प्रसारण 2000 में शुरू हुआ था। ये इस शो का 9वां सीजन होगा। शाहरूख खान ने एक बार शो होस्ट किया है इसके अलावा शो के सारे सीजन अमिताभ ने ही होस्ट किए हैं। सीजन 9 के आने के पहले ये खबरें काफी जोर पकड़ रही थीं कि अमिताभ की जगह शो को ऐश्वर्या राय या माधुरी दीक्षित होस्ट करने वाली हैं लेकिन बाद में अमिताभ के ही शो को होस्ट करने की पुष्टि हुई। हाल ही में अमिताभ ने कौन बनेगा करोड़पति के सेट से शो की कुछ तस्वीरें भी ट्विटर पर पोस्ट की थी। अमिताभ ने तस्वीरों को पोस्ट करते वक्त साथ में लिखा था “ओके तो केबीसी के शूट की तस्वीरों को क्लीयरेंस मिल गया है।
अमिताभ कई जगहों पर केबीसी के दिनों का जिक्र करते रहे हैं कुछ दिनों पहले ही उन्होंने बताया था, “एक होस्ट के तौर पर हॉट सीट पर एक बार मैं 32 साल की एक लड़की से मिला। वह एक ग्रामीण इलाके से थी और उसने मुझे बताया कि उसे उस वक्त पढ़ाई करने से रोक दिया गया जब वह 7वीं या 8वीं कक्षा में थी। और उसके पिता ने उसे बताया कि हम अब तुम्हें और नहीं पढ़ाएंगे क्योंकि गांव के लोगों ने हमसे कहा है कि हमें तुम्हारी शिक्षा पर और पैसा बर्बाद नहीं करना चाहिए क्योंकि एक दिन तुम्हारी शादी हो जाएगी। लड़की ने इस सोच के खिलाफ आवाज उठाई।”
उसने अपना घर छोड़ दिया और अपनी दादी के घर चली गई जहां उसके साथ पहले जैसा ही व्यवहार होता था, उसे तुच्छ काम करने पड़ते थे। लेकिन उसने खुद को पढ़ाया और अंततः वह कौन बनेगा करोड़पति की हॉट सीट तक पहुंच गई। उसने खेल के दौरान 25 लाख रुपए जीते और जब मैंने उससे पूछा कि वह इस चेक के पैसे से क्या करेगी तो उसने बताया कि वह यह चेक जाकर अपने पिता को देगी और उन्हें बताएगी कि वह भी उनके परिवार की ही संपत्ति है।
ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर में सोमवार को एक अपार्टमेंट में कुछ लोगों को बंधक बना लिया गया। इससे पहले वहां विस्फोट भी हुआ था। पुलिस अपार्टमेंट के लोगों को छुड़ाने और स्थिति से निपटने के प्रयास में जुटी है। ऑस्ट्रेलियाई ब्राडकास्टिंग कॉरपोरेशन की रिपोर्ट के मुताबिक, शाम चार बजे (स्थानीय समयानुसार) विस्फोट के बाद बे स्ट्रीट अपार्टमेंट में पुलिस अभियान जारी है।
पुलिस ने इमारत में एक आदमी का शव भी पाया है और कहा कि ऐसा लगता है कि उसे प्रवेश कक्ष में मार दिया गया। विक्टोरिया राज्य पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि अधिकारी एक अपार्टमेंट में एक व्यक्ति से बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “विक्टोरिया पुलिस की विशेषज्ञ इकाईयां मौजूदा समय में मौके पर है। आसपास के सड़कों को बंद कर दिया गया है और लोगों से उस इलाके से बचने को कहा गया है।”
शाम करीब 6 बजे (स्थानीय समय) इलाके में गोलीबारी हुई और पुलिस ने पास के सुपरमार्केट में लोगों से कहा कि वे कवर ले लें। एक प्रत्यक्षदर्शी ने ऑस्ट्रेलियाई ब्राडकास्टिंग कॉरपोरेशन से कहा, “मैंने दो पुलिसकर्मियों को पत्र-पेटिका के पीछे और एक को पुलिस कार के पीछे से मोर्चा संभालते हुए देखा। हालात सही नहीं लग रहे हैं। इलाके की सभी सड़कों को बंद कर दिया गया है।”
पुलिस आतंकवादी हमले की जांच कर रही है। मुठभेड़ में पुलिस ने एक व्यक्ति को मार गिराया है। तीन पुलिसकर्मी इस संघर्ष में घायल हो गए हैं। मेलबर्न में चैनल 7 न्यूज रूम में एक आदमी ने फोन पर कहा कि यह हमला आईएस और यह अल-कायदा के लिए है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य में शराबबंदी के बाद भले ही अपनी पीठ थपथपा रहे हों, लेकिन उत्तराखंड के सीएम को यह दावा रास नहीं आ रहा है.
सोमवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस पर सवाल उठाए. चैनल न्यूज 18 के राइजिंग उत्तराखंड कार्यक्रम में सीएम रावत ने कहा कि वह अपने राज्य में शराबबंदी नहीं लागू करेंगे. उन्होंने कहा ये समाधान नहीं है.
सीएम रावत ने कहा, शराबबंदी से शराब नहीं रुकेगी. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बिहार में तो शराबबंदी लागू है पर अब क्या होता है. पहले शराब खरीदने के लिए दुकानों पर लाइन लगानी पड़ती थी अब बड़े आराम से शराब की होम डिलीवरी हो जाती है.
रावत ने कहा, उत्तराखंड में शराबबंदी नहीं होगी, लेकिन इसे सरकारी खजाने भरने का जरिया भी नहीं बनाया जा सकता. उन्होंने कहा कि शराबबंदी से कुछ नहीं होगा, शराब को रोकने के लिए जागरूकता ज्यादा जरूरी है.
शराब की होम डिलीवरी के आरोप पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले दिनों कहा था कि जो लोग चोरी छिपे शराब पी रहे हैं, वो लोग ही शराबबंदी फेल होने का प्रचार कर रहे हैं.
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने एक अहम् और स्वास्थ्यवर्धक फैसला लिया है। उन्होंने ‘कोला’ का विज्ञापन न करने का निर्णय लिया है। ख़बरों के अनुसार चीनी और कारबोनेटेड पेय पदार्थो से स्वास्थ्य के खतरों को ध्यान में रखकर विराट ने यह फैसला किया है।
विराट ने बिना नाम लिए इस बात को स्पष्ट करने की कोशिश की कि पहले उन्होंने जिन सामग्रियों को अपनाया, उनसे वे अब खुद को जुड़ा हुआ नहीं महसूस कर रहे। विराट ने कहा, “यदि मैं स्वयं इस तरह की समग्रियों का सेवन नहीं कर सकता, तो फिर लोगों को इनका सेवन करने के लिए कैसे कह सकता हूं! मैं ये कॉन्ट्रैक्ट आगे नहीं बढ़ा सकता।”
गौरतलब है कि विराट करीब 6 वर्ष से पेप्सी के विज्ञापन से जुड़े रहे हैं, मगर अब इस कंपनी का काॅन्ट्रेक्ट समाप्त होने के बाद वे कंपनी से नया करार नहीं करना चाहते, जबकि पेप्सी उनका काॅन्ट्रेक्ट आगे बढ़ाना चाहती थी। विराट कोहली लगभग 18 ब्रांड से जुड़े हैं जिनमें कोलगेट, ओरल केयर, आॅडी कार, सैमसनाइट लगेज आदि शामिल हैं।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने आज जियोसिंक्रोन्स सैटेलाइट लॉन्च वेहिकल मार्क-3 (जीएसएलवी मार्क-3) के लॉन्च के साथ देश के एक और सपने को पंख लगा दिए। देश का अब तक का सबसे बड़ा रॉकेट जीएसएलवी मार्क-3 रॉकेट सोमवार शाम 5 बजकर 28 मिनट पर श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र के दूसरे लॉन्च पैड से लॉन्च किया गया।
यह रॉकेट संचार उपग्रह जीसैट-19 को लेकर गया और उसे अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक स्थापित किया। इस स्वदेशी उपग्रह से डिजिटल इंडिया को ताकत मिलेगी, जिसमें कई नई तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। इस रॉकेट की कामयाबी से भविष्य में भारत भी अंतरिक्ष में अपने अंतरिक्ष यात्री भेज सकेगा। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में इसरो को लगभग 15 साल लगे।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कहा, ‘‘जीएसएलवी मार्क 3 के प्रक्षेपण के लिए 25 घंटे से अधिक की उल्टी गिनती अपराह्न तीन बजकर 58 मिनट पर शुरू हुई।’’ इसरो अध्यक्ष एस एस किरण कुमार ने कहा था, “मिशन महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह अब तक का सबसे भारी रॉकेट और उपग्रह है, जिसे देश से छोड़ा जाना है।’’
जीएसएलवी मार्क 3 4000 किलोग्राम तक के पेलोड को उठाकर भूतुल्यकालिक अंतरण कक्षा (जीटीओ) और 10 हजार किलोग्राम तक के पेलोड को पृथ्वी की निचली कक्षा में पहुंचाने में सक्षम है। आपको बता दें कि अब तक 2300 किलोग्राम से अधिक वजन के संचार उपग्रहों के लिए इसरो को विदेशी लॉन्चरों पर निर्भर रहना पड़ता था। यह रॉकेट पूर्णतः स्वदेशी है, जिसमें देश में ही विकसित क्रायोजेनिक इंजन लगा है।
इसरो के पूर्व अध्यक्ष और मौजूदा सलाहकार के. राधाकृष्णन ने कहा कि यह प्रक्षेपण बड़ा मील का पत्थर है, क्योंकि इसरो प्रक्षेपण उपग्रह की क्षमता 2.2-2.3 टन से करीब दोगुना करके 3.5-04 टन कर रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक अगर भारत को 2.3 टन से अधिक के संचार उपग्रह का प्रक्षेपण करना होता था, तो हमें विदेश जाना पड़ता था, पर जीएसएलवी मार्क-3 की सफलता से हमने खुद की क्षमता विकसित कर ली। इस सफलता से हम विदेशी उपभोक्ताओं को आकर्षित करने में सफल होंगे।
जीएसएलवी मार्क-3 तथा जिसेट-19 से जुड़ी कुछ अन्य खास बातें-
– 640 टन वजनी यह रॉकेट भारत का सबसे वजनी रॉकेट है, जो लगभग 200 पूर्ण वयस्क एशियाई हाथियों के बराबर है।
– इस विशाल रॉकेट की ऊंचाई किसी 13 मंजिली इमारत के बराबर है और ये चार टन तक के उपग्रह लॉन्च कर सकता है।
– अपनी पहली उड़ान में ये रॉकेट 3136 किलोग्राम के सेटेलाइट जिसेट-19 को उसकी कक्षा में पहुंचाएगा।
– इस रॉकेट में स्वदेशी तकनीक से तैयार हुआ नया क्रायोजेनिक इंजन लगा है, जिसमें लिक्विड ऑक्सीजन और हाइड्रोजन का ईंधन के तौर पर इस्तेमाल होता है।
– इस रॉकेट के ज़रिये भारत अगले कुछ वर्षों में अपने अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में भेज सकेगा।
– सेटेलाइन जीसैट-19 संचार के लिहाज से एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण सैटेलाइट है, जो आने वाले दिनों में संचार और इंटरनेट की दुनिया में क्रांति ला सकता है। अकेला जीसैट-19 पुराने 6-7 संचार उपग्रहों की बराबरी कर सकता है। फिलहाल भारत के 41 उपग्रहों में से 13 संचार उपग्रह हैं।
– जीसैट-19 में स्वदेशी लिथियम आयन बैटरी का इस्तेमाल किया गया है, जो आगे चलकर कार या बस में इस्तेमाल हो सकती हैं। सबसे बड़ी खासियत ये है कि जीसैट 19 में कोई ट्रांसपोंडर नहीं है। इसमें मल्टीपल फ्रिक्वेंसी बीम के जरिए डाटा को डाउनलिंक किया जाएगा।
– इसरो के मुताबिक जीसैट-19 पर जियोस्टेशनरी रेडिएशन स्पेक्ट्रोमीटर लगा है, जो उपग्रह पर स्पेस रेडिएशन और चार्ज पार्टिकिल्स के असर पर नजर रखेगा।
बिहार बोर्ड के 12वीं के टॉपर विवाद मामले में मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने बयान देते हुए कहा कि कला संकाय में टॉप करने वाले गणेश कुमार का रिजल्ट निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच में पता चला है कि गणेश ने दूसरी बार परीक्षा दी थी, इसके बाद कार्रवाई की गई है।
सीएम नितीश ने कहा कि इस बार के रिजल्ट ही बता रहे हैं कि कितनी कड़ाई से परीक्षा ली गई थी। उन्होंने कहा कि परीक्षा में धांधली या किसी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस साल जब उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होना था, तब शिक्षक हड़ताल पर चले गए थे, इसके बाद भी कॉपियों के मूल्यांकन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होने दी गई। मामले के प्रकाश में आने के बाद पुलिस ने गणेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
नितीश कुमार ने ये भी कहा कि बिहार के लोग ही राज्य की छवि खराब करने का काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि शिक्षा में सुधार की कोशिश जारी है और काफी हद तक इसका असर भी दिखने लगा है, यह हमारे सामने एक चुनौती है, जिसको हमने स्वीकारा है।
मालूम हो कि बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) की इंटरमीडिएट (12वीं कक्षा) का रिजल्ट आने के बाद घोटाले का पर्दाफाश हुआ। 1990 में मैट्रिक की परीक्षा पास करने वाले 42 वर्षीय ने इस बार उम्र कम दिखाकर दोबारा 12वीं की बोर्ड परीक्षा दी और कला संकाय में टॉप कर गया। 1990 में गणेश कुमार का सही नाम गणेश राम था। पिता का नाम शंकर नाथ राम है, उनकी जन्मतिथि 7 नवंबर, 1975 है।
गणेश कुमार ने 1990 में मैट्रिक की परीक्षा सी आर एस स्कूल सरिया गिरिडीह (जो अब झारखंड) में है से दी थी। इसके 25 साल बाद 2015 में गणेश राम ने अपना नाम और जन्मतिथि बदल ली। गणेश ने 2015 में अपनी जन्मतिथि 2 जून 1993 दिखाकर बिहार के समस्तीपुर से मैट्रिक की परीक्षा दी।
गणेश कुमार झारखंड के गिरीडीह का रहने वाला है, लेकिन इंटर की पढ़ाई करने के लिए वह 250 किलोमीटर दूर बिहार के समस्तीपुर पहुंचा, यहां उसने रामनंदन सिंह जगदीश नारायण कॉलेज में 2015 में दाखिला लिया, उसे इस साल 12वीं के रिजल्ट में म्यूजिक (प्रेक्टिकल) में 70 में से 65 अंक हासिल हुए हैं, जबकि म्यूजिक (थ्योरी) में 30 में से 18 अंक मिले हैं, उसे कुल 83 अंक मिले हैं और उसने राज्य में म्यूजिक में टॉप किया है।
पिछले वर्ष भी बिहार इंटर परीक्षा के कला संकाय की टापर्स रही रूबी राय पर सवाल खड़े हो गए थे, जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी भी हुई थी।
उल्लेखनीय है कि गत 30 मई को जारी इंटर परीक्षा के परिणाम में 64 प्रतिशत छात्रों के विफल हो जाने से उत्तेजित छात्रों के पटना स्थित इंटर काउंसिल मुख्यालय के समक्ष प्रदर्शन करने के चलते पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था।
बिहार विद्यालय समिति द्वारा बीते वर्ष आयोजित प्लस-2 परीक्षा में हुए टॉपर्स घोटाला मामले में समिति के अध्यक्ष लालकेश्वर सिंह, उनकी पत्नी एवं पूर्व जदयू विधायक उषा सिन्हा और वैशाली जिला के एक महाविद्यालय के प्राचार्य बच्चा राय सहित कई अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
देश के सबसे बड़े रॉकेट जीएसएलवी मार्क 3 के लॉन्च का काउंट डाउन शुरू हो चुका हैी। ये अब तक का भारत का सबसे भारी रॉकेट हैी। जो पूरी तरह देश में ही बना हैी। इसमें देश में ही विकसित क्रायोजेनिक इंजन लगा हैी। ये रॉकेट एक बड़े सैटेलाइट सिस्टम को अंतरिक्ष में स्थापित करेगा. इस रॉकेट की कामयाबी से भविष्य में अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने में भारत का रास्ता साफ़ हो जाएगाी।
इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाईजेशन (ISRO) आज (5 जून, 2017) जीएसएलवी मार्क-3 III, को आंध्र प्रदेश के श्री हरिकोटा में सतीश धवन स्पेस सेंटर से लांच करेगा। माना जा रहा है कि ये सबसे भारी लिफ्ट रॉकेट होगा जोकि मानव को भी अंतरिक्ष में ले जाने में सक्षम होगा। जीएसएलवी मार्क-3 III को शाम पांच बजे लांच किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार रॉकेट 3,136 किलोग्राम वजनी जीएसएटी-19 कम्युनिकेशन सैटेलाइट के साथ उड़ान भरेगा। जिसे पृथ्वी से 36,000 किलोमीटर की दूरी पर रखा जाएगा। रॉकेट करीब 15 साल के लिए विकसित किया गया है जिसके निर्माण में 300 करोड़ का खर्च आया है। वहीं वैज्ञानिकों ने इसे ‘राक्षस रॉकेट’ का नाम दिया है। रॉकेट में 4 टन तक के सैटेलाइट को लांच करने की क्षमता है। बता दें कि वर्तमान समय में भारत अगर 2.3 टन से अधिक वजन के सैटेलाइट लांच करता है तो इसके लिए विदेशी तकनीक की मदद लेनी पड़ेगी। लेकिन सबसे भारी रॉकेट को लांच करने के बाद भारत खुद के दम पर 2.3 टन से ज्यादा वजनी सैटेलाइट को लांच करने में सक्षम होगा।
जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले अमेरिका, रूस, यूरोप, चीन और जापान ही इतने रॉकेट लांच करने में कामयाबी हासिल कर पाए हैं। रॉकेट एक स्वदेशी क्रायोजेनिक इंजन से चलता है जिसमें तरल ऑक्सीजन और तरल हाइड्रोजन का इस्तेमाल होता है। वहीं रॉकेट लांचिंग से भारत को अंतरिक्ष में इंसानों को भेजने के उद्देश्य में बढ़ाया मिलेगा। रिपोर्ट के अनुसार इसरो ने अपने मिशन के तहत इंसानों को अंतरिक्ष में भेजने के लिए केंद्र सरकार से 12,500 करोड़ रुपए की मांग की है। अगर सरकार इसे मंजूरी देती है तो इसरो द्वारा इंसानों को अंतरिक्ष में भेजने में सात साल का समय लग सकता है। प्रीमियर स्पेस एजेंसी ने मानव अंतरिक्ष मिशन के लिए पहले से ही महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियां विकसित की हैं। अंतरिक्ष सूट का मॉडल पहले ही तैयार कर लिया गया है जबकि इसका टेस्ट साल 2014 में कर लिया गया है।
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में बस और ट्रक की भिड़ंत से बस में सवार 22 यात्री जल कर मर गए और 15 यात्री गम्भीर रूप से घायल हो गए हैं। आपस मे टकराने से बस का डीजल टैंक फट गया और तुरंत दोनों वाहनों को आग ने अपनी चपेट में ले लिया।
रात 2 बजे दिल्ली से आ रही गोंडा डिपो की बस गलत लेन से गुजर रही थी। सामने से आ रही तेज़ रफ़्तार ट्रक से टकरा जाने के कारण बस का डीजल टैंक फट गया। 15 घायल यात्रियों को तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया। हालाँकि अफ़रातफ़री में ट्रक ड्राइवर मौक़े से फरार हो गया।
घटना की सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड और पुलिस घटनास्थल पहुँची। मृत यात्रियों को बस से निकालने में 4 घंटे का समय लगा। जानकारी के मुताबिक़, मृत यात्रियों के शव पूरी तरह से जल गए हैं ,पुलिस के लिए पहचान करना काफी मुश्किल हो गया है।
विशेष ट्रेनों में 82 हज़ार से अधिक लोग करेंगे यात्रा
कोमल झा । Navpravah.com
राज्य उपभोक्ता आयोग ने भारतीय रेलवे से एक व्यक्ति को 75000 रुपये का मुआवजा देने को कहा है, जिसकी आरक्षित सीट पर लगभग पूरी यात्रा में अनाधिकृत तरीके से कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा था।
दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने जिला फोरम के आदेश को बरकरार रखा है, जिसने रेलवे से एक-तिहाई मुआवजा टिकट निरीक्षक के वेतन से काटने को कहा था, जो फरियादी यात्री को उसकी आरक्षित सीट नहीं दिला सके।
आयोग की अध्यक्ष न्यायमूर्ति वीना बीरबल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, ‘जिला फोरम ने 75,000 रुपये का मुआवजा दिए जाने का आदेश दिया है, वह तर्कसंगत और उचित है। मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए यह रकम देने का आदेश दिया गया।’ हालांकि आयोग ने दिल्ली निवासी वी. विजय कुमार को दिया जाने वाला मुआवजा बढ़ाने से इनकार कर दिया।
कुमार ने अपनी शिकायत में कहा था कि जब वह 30 मार्च, 2013 को विशाखापत्तनम से दक्षिण एक्सप्रेस में सवार होकर नई दिल्ली आ रहे थे, तो कुछ अन्य लोगों ने उनकी आरक्षित सीट पर कब्जा कर लिया। घुटने के दर्द से परेशान होने की बात कहने वाले कुमार ने नीचे की बर्थ बुक कराई थी।
कुमार का आरोप है कि मध्य प्रदेश के बीना में कुछ अज्ञात लोग बोगी में आ गये और उनकी सीट पर काबिज हो गए। आरोप है कि अनाधिकृत यात्रियों ने हंगामा किया और उन्हें तथा सह-यात्रियों को असुविधा पहुंचाई। कुमार ने टीटीई और अन्य रेलवे अधिकारी से शिकायत करने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें कोई भी मदद नहीं मिली।