केजरीवाल को हाईकोर्ट की फटकार, कहा, “आप की सरकार आत्महत्या कर मुआवजा ले जाने की प्रथा बना रही है?”

राजेश सोनी | Navpravah.com
केजरीवाल सरकार के वन रैंक वन पेन्सन (ओआरओपी) आंदोलन के दौरान आत्महत्या करने वाले सैनिकों के परिवार को मुआवजा देने के फैसले पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने फटकार लगाई है। दिल्ली सरकार ने ऐलान किया था कि जो भी सैनिक इस आंदोलन के दौरान आत्महत्या करता है, शहीद सैनिक के परिवार को दिल्ली सरकार एक करोड़ का मुआवजा देगी।
 
इस फैसले पर केजरीवाल सरकार को दिल्ली उच्च न्यायालय ने फटकार लगते हुए पूछा कि क्या आप की सरकार आत्महत्या कर मुआवजा ले जाने की प्रथा बना रही है क्या ?
 
बता दें कि अदालत ने यह टिप्पणी पूर्व सैनिक को शहीद का दर्ज देना, शहीद के परिवार को एक करोड़ का मुआवजा और घर के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के केजरीवाल सरकार के फैसले पर की है। यह उसी सैनिक का परिवार है, जिन्होंने पिछले वर्ष नवंबर में कथित तौरपर कीटनाशक खाकर आत्महत्या कर ली थी।
 
मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ ने कहा कि क्या आपकी सरकार इस प्रथा का निर्माण कर रही है कि आत्महत्या कीजिए और सरकार से एक करोड़ का मुआवजा ले जाइये। आगे न्यायाधीशों ने कहा कि अगर आप परिवार को एक करोड़ का मुआवजा दे रहे हैं, तो फिर दया भाव के आधार पर नौकरी क्यों।
 
दिल्ली सरकार के इस फैसले के बाद उच्च न्यायालय में कई जनहित याचिकाएं दायर की गई थी। इन याचिकाओं में राम किशन ग्रेवाल को शहीद का दर्जा देने वाले केजरीवाल सरकार के फैसले को चुनौती दी गई थी।
 
अदालत ने इन सारी याचिकाओं को ख़ारिज कर दिया और कहा कि यह सब याचिकाएं समय से पहले दायर की गई हैं। इस चरण में इन याचिकाओं पर विचार नहीं किया जा सकता, क्योंकि उपराज्यपाल ने अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं लिया है।

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