सुप्रीम कोर्ट ने विचाराधीन कैदियों की रिहाई के निर्देश देने से किया इनकार

Supreme Court
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न्यूज़ डेस्क | navpravah.com

देश में अब कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। हर दिन हजारों की संख्या में कोरोना से संक्रमित मरीज बढ़ रहे हैं, इस बीच सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया है कि कोविड-19 के कारण विचाराधीन कैदियों को रिहा करने के लिए सामान्य निर्देश जारी नहीं कर सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर यह माँग की गई थी कि सात साल की सजा काट रहे कैदियों को एक समान दिशा निर्देश जारी कर पैरोल दी जाए। जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि, “कोरोना वायरस के कारण अंडरट्रायल कैदियों को सामान्य निर्देश जारी कर हम उन्हें रिहा नहीं कर सकते हैं।”

सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक, हाइकोर्ट को यह तय करना चाहिए कि किसे रिहा किया जाना है और किसे नहीं। यह हाईकोर्ट के जरिए विचार किया जाने वाला मुद्दा है, हर राज्य में स्थिति अलग-अलग है।

बता दें कि, देश में हर रोज कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अब तक देश में 226770 कोरोना मरीजों की संख्या पहुंच चुकी है, इसके अलावा 6348 लोगों की कोरोना वायरस के कारण मौत हो चुकी है।

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