भारत में जाँच एजेंसियां राजनीतिक औजार -विजय माल्या, कहा, लन्दन में पूछताछ करें अधिकारी

शिखा पाण्डेय,

भारतीय उद्योगपति विजय माल्या ने भारतीय अधिकारियों से कहा है कि वे उनसे लंदन में ही पूछताछ करें। ‘फोर्स इंडिया फार्मुला 1′ के मालिक माल्या ने इस हफ्ते प्रकाशित खेल पत्रिका ‘ऑटोस्पोर्ट’ के साथ अपने साक्षात्कार में कहा कि भारत में उनकी उपस्थिति असंभव है, क्योंकि उनका कूटनीतिक पासपोर्ट निरस्त कर दिया गया है। माल्या ने भारतीय अधिकारियों पर प्रतिशोध की कार्रवाई का भी आरोप लगाया।

माल्या ने कहा,” मेरे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। लेकिन यह अंतरविरोधी और चिंताजनक है। बस इस वजह से कि मैं भारत में मौजूद नहीं हूं, वे गिरफ्तारी वारंट भेजें और मेरा पासपोर्ट रद्द कर दें। ”  ‘किंग ऑफ गुड टाइम्स’ के नाम से मशहूर माल्या ने पत्रिका से कानून के साथ अपने तजुर्बो के बारे में कहा कि वह पहले भी इससे गुजर चुके हैं। उन्होंने कहा, “जांच अधिकारियों से मेरा पहला सामना 1985 में हुआ। वे दो साल तक मेरे पीछे पड़े रहे और अंतत: उन्होंने कुछ नहीं पाया और मुझे पूरी तरह आरोप-मुक्त कर दिया गया।” माल्या ने कहा, “बदकिस्मती से भारत में ये जांच एजेंसियां राजनीतिक औजार हैं, जो किसी के पीछे पड़ने में नहीं हिचकिचाती हैं, और यह प्रक्रिया कुछ और नहीं बल्कि उत्पीड़न है।”

माल्या ने पत्रिका से कहा, “भारतीय अधिकारियों की पहुंच किंगफिशर एयरलाइन्स के अनेक कार्यकारियों और हजारों दस्तावेजों तक है। अगर मुझसे पूछताछ करना ही बचा है तो लंदन आएं और मुझसे पूछताछ करें, रेडियो कान्फ्रेंस पर आएं और मुझसे पूछताछ करें, मुझे सवालों के साथ ईमेल भेजें और मैं जवाब दूंगा।”

उल्लेखनीय है कि अब निष्क्रिय हो चुकी किंगफिशर एयरलाइन्स से जुड़े तकरीबन 1.4 अरब डालर के कथित कर्ज के संबंध में अदालती कार्रवाई का सामना कर रहे माल्या इस साल मार्च से ब्रिटेन में हैं। माल्या को हाल ही में इंग्लैंड के नार्थम्पटनशायर में ब्रिटिश ग्रांड प्रिक्स के दौरान सिल्वरस्टोन ट्रैक पर अपनी फोर्स इंडिया टीम का हौसला बढ़ाते देखा गया था।

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