बिजनेस डेस्क। एंटीगुआ-बारबुडा के प्रधानमंत्री गैस्तन ब्राउन ने सोमवार को कहा कि मेहुल चौकसी (60) की नागरिकता जल्द रद्द कर उसे भारत भेजा जाएगा।

जानकारी के मुताबिक ब्राउन ने कहा- ऐसा नहीं है कि हम आर्थिक अपराधियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह उपलब्ध करवाने की कोशिश कर रहे हैं। हम तय प्रक्रिया का पालन करते हैं। भारत सरकार को इस बारे में बता दिया है। अपराधियों के भी मूलभूत अधिकार हैं। चौकसी का मामला कोर्ट में है। लेकिन, मैं भरोसा दे सकता हूं कि चौकसी के सभी कानूनी विकल्प खत्म होने के बाद उसका प्रत्यर्पण कर दिया जाएगा।
मेहुल 13700 करोड़ रुपए के पीएनबी घोटाले का आरोपी है। पिछले साल फरवरी में घोटाले का खुलासा हुआ था। उससे पहले ही मेहुल विदेश भाग गया था। उसने जनवरी 2018 में ही एंटीगुआ और बारबुडा के सिटिजनशिप बाय इन्वेस्टमेंट प्रोग्राम (सीआईपी) के तहत वहां की नागरिकता हासिल कर ली थी। भारतीय एजेंसियां उसके प्रत्यर्पण की कोशिश में जुटी हैं। एंटीगुआ की अदालत में मेहुल के मामले की सुनवाई अगले महीने होगी।
चौकसी ने पिछले हफ्ते कहा था कि उसकी सेहत ठीक नहीं है। पिछले साल सर्जरी के बाद डॉक्टर्स ने लंबा सफर करने से मना किया है। भारतीय एजेंसियां चाहें तो एंटीगुआ आकर पूछताछ कर सकती हैं। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बॉम्बे हाईकोर्ट में कहा कि चौकसी को मेडिकल सुपरविजन में भारत लाने के लिए एयर एंबुलेंस देने के लिए तैयार हैं।














