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बब्बर खालसा के दो आतंकी गिरफ्तार
न्यूज़ डेस्क । Navpravah.com
उत्तर प्रदेश की UP ATS की टीम ने लखीमपुर खीरी पुलिस की मदद से आज खालिस्तान आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा के दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, दोनों अभियुक्तों को आज लखीमपुर खीरी के मैलानी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है।
UP ATS ने देर रात पटियाला की नाभा जेल से फरार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, ये दोनों अभियुक्त नवम्बर 2016 ने पंजाब के पटियाला स्थित नाभा जेल से फरार हुए थे, दोनों अभियुक्तों पर खालिस्तान आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा को असलहा सप्लाई करने एवं सहयोग देने का आरोप है.
नाभा के प्रकरण में पंजाब पुलिस को इन दोनों अभियुक्तों की तलाश थी, अभियुक्त जितेन्द्र सिंह टोनी पुत्र बलदेव सिंह को लखीमपुर खीरी के मैलानी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। टोनी पर आईपीसी की धारा 307/ 392/ 223/ 224/ 120b /148/ 149/201/ 419/170 /171 में मुकदमा दर्ज है। इसके साथ ही अभियुक्त सतनाम सिंह पुत्र अवतार सिंह निवासी सिकंदरपुर लखीमपुर को भी ATS ने गिरफ्तार किया है। सतनाम सिंंह पर धारा 121/121 A IPC 10/13 UA(P) ACT 25 Arms Act PS के तहत मुकदमा दर्ज है।
ATS द्वारा 16 अगस्त 2017 को बब्बर खालसा के अभियुक्त बलवंत सिंह को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया था, उस दौरान बलवंत सिंह से की गई पूछताछ में ही अभियुक्त सतनाम सिंह का नाम सामने आया था, दोनों अभियुक्तों के विरुद्ध माननीय न्यायलय से वारंट जारी था।
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शिवसेना बीच में ही भाजपा का दामन छोड़ने की तैयारी में!
अब की बार शिवसेना ने ऐलान किया है कि सरकार में रहने या नहीं रहने के संबंध में कोई भी फैसला जल्दी लिया जाएगा।
राउत ने कहा कि महंगाई से लोग त्रस्त हैं। किसानों का मुद्दा हल नहीं हुआ है। इन समस्याओं के लिए शिवसेना कतई ज़िम्मेदार नहीं है और जो भी आरोप लगाये जा रहे हैं, उसके हम भागीदार नहीं हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में मोदी मंत्रिपरिषद के विस्तार को शिवसेना ने भाजपा का विस्तार बताया था। कारण भी पुख़्ता था। मंत्रिपरिषद विस्तार में सहयोगी दलों के किसी सदस्य को मंत्री नहीं बनाया गया था। 18 लोकसभा सांसदों वाली शिवसेना की विस्तार में अनदेखी की गई। बीएमसी में भी इस बार शिवसेना और बीजेपी ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था। शिवसेना कई दफा भाजपा पर अपने अपमान का भी आरोप लगा चुकी है। उद्धव ठाकरे से इस बात की भी शिकायत सुनी जा चुकी है कि उन्हें अक्सर यह सुनने को मिलता है कि पीएम मोदी की वजह से ही उनके लोकसभा में 18 सांसद चुनकर आए, वरना उनकी 10 सीटें भी जीतने की औकात नहीं थी।
फ़र्ज़ी बाबाओं की लिस्ट जारी करने वाले अखाड़ा परिषद के महंत हुए लापता!
राजकीय रेलवे पुलिस अधीक्षक, भोपाल (एसपी, जीआरपी) अनीता मालवीय द्वारा सोमवार को दी गई जानकारी के मुताबिक महंत मोहन दास हरिद्वार-लोकमान्य तिलक टर्मिनल गाड़ी संख्या 12172 के ए-वन कोच में यात्रा कर रहे थे। महंत मोहन दास अपना इलाज कराने मुंबई जा रहे थे। वे निजामुद्दीन स्टेशन पर उतरे थे। उसके बाद उन्हें किसी भी यात्री या अटेंडेंट ने नहीं देखा। उनके मोबाइल की अंतिम लोकेशन रविवार शाम को मेरठ में मिली है, मगर उनका कोई पता नहीं चल पाया है।
रेलवे पुलिस के मुताबिक, गाड़ी नौ घंटे की देरी से चल रही थी और शनिवार रात साढ़े सात बजे भोपाल पहुंची। इस दौरान उनका एक अनुयायी जब भोजन देने गाड़ी में आया, तब महंत नहीं मिले। उसने इस बात की सूचना अन्य लोगों को दी। यह सूचना जब तक मालवीय तक पहुंची, तब तक गाड़ी भुसावल स्टेशन तक पहुंच चुकी थी। भुसावल जीआरपी ने संबंधित कोच ए-वन की सीट 22 पर जाकर देखा तो वहां उनका कुछ सामान रखा हुआ था, पर उनके पास हमेशा रहने वाला एक छोटा बैग नज़र नजर आया। हरिद्वार पुलिस ने दिल्ली पुलिस से इस बारे में संपर्क साधा। पुलिस की एक टीम दिल्ली रवाना भी की गई है।
इंदौर के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) हरिनारायण चारी मिश्रा का कहना है कि ऐसी अफवाह थी कि महंत मोहनदास इंदौर में हैं। इस आधार पर पुलिस ने उनके आश्रम सहित अन्य स्थानों पर पता किया, मगर उनका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है। महंत के रहस्यमयी ढंग से खो जाने की जानकारी मिकने के बाद से ही खोज शुरू कर दी गई है, जो अब तक जारी है। एसपी सिटी ममता बोरा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस शनिवार देर रात ही श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन पहुंच गई थी। एक टीम दिल्ली भेजी गई है।
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने बताया, “अखाड़ा परिषद के बाद हम फर्जी संतों की ऐसी ही एक और सूची जारी करने वाले थे। लेकिन, मुझे और महंत मोहनदास को धमकी भरे फोन आने लगे। हो सकता है महंत मोहनदास के गायब होने में कथित संतों का हाथ हो।”

















