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Sunday, August 16, 2026
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अभिनेत्री सनी लियोनी पर लगा ये गम्भीर आरोप 

blame to sunny leone
कोमल झा । Navpravah.com
बॉलीवुड एक्ट्रेस सनी लियोनी आए दिन विवादों ने नजर आती रहती हैं। एक बार फिर वो विवादों में फंसती नजर आ रही हैं। अब अपने एक विज्ञापन के कारण वह विवाद में आ गई हैं। अभिनेत्री पर कल्चरल वैल्यूज को दूषित करने का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार से शिकायत की गई है।
सनी लियोनी पर कल्चरल वैल्यूज को संक्रमित करने का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार से शिकायत की गई है। आप को बता दें कि गुजरात में कुछ जगह मैनफोर्स की ओर से नवरात्रि की शुभकामना संदेश वाले होर्डिंग्स लगाए गए हैं। जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया। इस होडिंग में लिखा है ‘इस नवरात्री खेलो, लेकिन प्रेम से।’
इस तरह के होडिंग पर आम जनमानस ने भारी विरोध जताया है और कुछ संगठनों ने तुरंत ही सनी लियोनी की फोटो वाली होर्डिंग्स को हटाने की मांग की है। इतना ही नहीं केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को शिकायती चिट्ठी भी लिखी गई है। दरअसल सनी लियोनी मैनफोर्स की ब्रांड एंबेसडर हैं।
कॉन्फिडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स ने केंद्रीय मंत्री पासवान को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि त्योहार के मौके पर गुजरात के ज्यादातर शहरों में मैनफोर्स के बैनर सांस्कृतिक मूल्यों के खिलाफ हैं। हालांकि सम्बंधित होर्डिंग्स में ‘कॉन्डम’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया है। लेकिन उसमें मैनफोर्स लोगो के साथ ‘प्ले, लव और नवरात्रि’ शब्द लिखे हुए हैं।
शिकायत में मैनफोर्स कंपनी पर त्यौहार की आड़ में प्रोडक्ट की बिक्री बढ़ाने की कोशिश का आरोप लगाया गया है। सनी लियोनी को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है। उनके खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की गई है। सोशल मीडिया में सनी लियोनी के इन विज्ञापनों की तस्वीरें वायरल हो रही हैं। विज्ञापन का विरोध तेज होता जा रहा है।

फिल्म समीक्षा- न्यूटन

FILM REVIEW(newton)
कलाकार- राजकुमार राव, पंकज त्रिपाठी, रघुबीर यादव, अंजलि पाटिल
 
निर्देशक- अमित वी मसूरकर
 
नवप्रवाह रेटिंग- ⭐️⭐️⭐️
कोमल झा  | Navpravah.com
बर्लिन फिल्म फेस्टिवल में नाम करने के बाद अब फिल्म ‘न्यूटन’ भारत में रिलीज़ के लिए तैयार है। अगर आप ये सोच रहे हैं कि ये फिल्म वैज्ञानिक न्यूटन की जिंदगी पर बेस्ड है, तो आप गलत हैं, क्योंकि ये न्यूटन जरा हट के है। दरअसल इस फिल्म में रा‍जकुमार राव का नाम न्यूटन है। ब्लैक कॉमेडी से भरपूर फिल्म न्यूटन अपने विषय को लेकर दर्शकों में उत्साह जगाने में कामयाब रही। फिल्म के ट्रेलर ने दर्शकों का उत्साह और भी बढ़ा दिया था। जिसकी किसी को भी उम्मीद नहीं थी।आइए देखते हैं ‘न्यूटन’ घरेलू दर्शकों का मनोरंजन कर पाती है या नहीं।
छत्तीसगढ़ के रहने वाले एक नौजवान विचारवादी न्यूटन उर्फ नूतन कुमार (राजकुमार राव) किताबों पर चलने में विश्वास करता है। वो एक लड़की से शादी करने के लिए जाता है, लेकिन शादी से मना कर देता है। क्योकि लड़की नाबालिक होती है। वैसे न्यूटन सरकारी विभाग का एक इमानदार क्लर्क है, सरकार उसे वोटिंग अधिकारी बनाकर छत्तीसगढ़ के पिछड़े इलाके में भेज देती है, जहां वह माओवादियों से बेफिक्र है, जहाँ कभी भी वोटिंग प्रक्रिया सफल नहीं हो पाई है। लेकिन न्यूटन अपनी ड्यूटी पूरे फर्ज के साथ निभाता है। उसको सबसे ज्यादा चिंता है कि वो गांव के 76 स्थानीय लोगों का वोट रजिस्टर करे। उसकी टीम में एक शिक्षिका माल्को (अंजली पाटिल), क्लर्क (रघुवीर यादव) हैं। इन सबके बीच न्यूटन की ड्यूटी आत्मा सिंह (पंकज त्रिपाठी) के साथ लगती है, जो सिक्योरिटी टीम का हेड है जो न्यूटन की बातों के खिलाफ होता है। फिल्म की कहानी इन्हीं 76 लोकल लोगों के वोट के इर्द गिर्द घूमती है, जिसके लिए न्यूटन को भारी मशक्कत करनी पड़ती है। न्यूटन इन लोगों के वोट रजिस्टर कर पता है या नहीं, ये देखने के लिए आपको सिनेमाघर की ओर रुख करना होगा।
निर्देशन-
अमित मसूरकर ने काफी शानदार प्लॉट चुना है, जिसमें न्यूटन पूरी कहानी बिना किसी तामझाम के बताता है। फिल्म का आज के समय से संबंध जरूर है। फिल्म में कई सामाजिक मुद्दो पर जोर दिया गया है। जो काबिले तारीफ है। सच्चाई आपको चौंका देगी, लेकिन आप कई जगहों सिर्फ हंसेंगे और फिल्म इंज्वॉय करेंगे। इस काम के लिए अमित की भी जितनी तारीफ़ की जाए उतनी कम होगी।
राजकुमार राव एक संजीदा अभिनेता हैं, बरेली की बर्फी में छोटी सी भूमिका कर उन्होंने सभी को आकर्षित किया था। इस फिल्म में भी राजकुमार ने अपनी बेहतरीन अदाकारी से अपने किरदार को ज़िंदा कर दिया है। न्यूटन के किरदार को उन्होंने जीवंत कर दिया है। उनकी आखों में भोलापन आपको प्रभावित करेगा। पंकज त्रिपाठी उर्फ आत्मा सिंह का व्यंग्य भी काफी मजेदार है। रघुवीर यादव भी अपने रोल में परफेक्ट लगे हैं। अंजली पाटिल भी स्क्रीन पर नैचुरल लगी हैं।
म्यूजिक-
फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक काफी शानदार है। नरेन चंदावरकर और बेनेडिक्ट टेलर ने फिल्म का संगीत दिया है। ‘चल तू अपना काम कर ले’ फिल्म के क्रेडिट में है, जिसके बोल बहुत खूबसूरत हैं।
वैसे तो फिल्म में कोई कमी नज़र नहीं आती लेकिन कहीं लगता है कि कुछ दृश्यों का संपादन और अच्छे तरीके से हो सकता था। न्यूटन एक बेहतरीन फिल्म है जो हंसाती है और बहुत कुछ दर्शाती भी है। फिल्म में राजकुमार राव एक ऐसे इलाके में जाते हैं, जहां बुलेट से अधिक बैलेट मजबूत है। यह फिल्म आपको बताएगा कि लोकतंत्र सिर्फ बूथ और बटन तक सीमित नहीं है।

बब्बर खालसा के दो आतंकी गिरफ्तार

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न्यूज़ डेस्क । Navpravah.com

उत्तर प्रदेश की UP ATS की टीम ने लखीमपुर खीरी पुलिस की मदद से आज खालिस्तान आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा के दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, दोनों अभियुक्तों को आज लखीमपुर खीरी के मैलानी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है।

UP ATS ने देर रात पटियाला की नाभा जेल से फरार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, ये दोनों अभियुक्त नवम्बर 2016 ने पंजाब के पटियाला स्थित नाभा जेल से फरार हुए थे, दोनों अभियुक्तों पर खालिस्तान आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा को असलहा सप्लाई करने एवं सहयोग देने का आरोप है.

नाभा के प्रकरण में पंजाब पुलिस को इन दोनों अभियुक्तों की तलाश थी, अभियुक्त जितेन्द्र सिंह टोनी पुत्र बलदेव सिंह को लखीमपुर खीरी के मैलानी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। टोनी पर आईपीसी की धारा 307/ 392/ 223/ 224/ 120b /148/ 149/201419/170 /171 में मुकदमा दर्ज है। इसके साथ ही अभियुक्त सतनाम सिंह पुत्र अवतार सिंह निवासी सिकंदरपुर लखीमपुर को भी ATS ने गिरफ्तार किया है। सतनाम सिंंह पर धारा 121/121 A IPC 10/13 UA(P) ACT 25 Arms Act PS के तहत मुकदमा दर्ज है।

ATS द्वारा 16 अगस्त 2017 को बब्बर खालसा के अभियुक्त बलवंत सिंह को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया था, उस दौरान बलवंत सिंह से की गई पूछताछ में ही अभियुक्त सतनाम सिंह का नाम सामने आया था, दोनों अभियुक्तों के विरुद्ध माननीय न्यायलय से वारंट जारी था।

दाऊद का भाई इकबाल मुम्बई मे हुआ गिरफ्तार

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न्यूज़ डेस्क । Navpravah.com 
सोमवार की रात को थाणे पुलिस ने अंडरवर्ल्ड डॉन और मोस्ट वांटेड क्रिमिनल दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर को गिरफ्तार कर लिया है। इकबाल पर जबरन उगाही करने और धमकी देने के आरोप हैं, मामले थाणे पुलिस इकबाल से पूछताछ कर रही है।
वहीँ दाऊद के भाई की गिरफ़्तारी के बाद उत्तर प्रदेश की क्राइम की दुनिया में हड़कंप मच गया है। जिसके बाद मामले में थाणे पुलिस इकबाल से पूछताछ कर रही है।
मुंबई में इकबाल कासकर को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसके बाद यूपी की क्राइम की दुनिया में काफी हलचल मच गयी है। यूपी की कई माफियाओं का असल सरपरस्त इकबाल कासकर ही था। इकबाल ने ही D गैंग में शूटर के तौर पर यूपी के लड़कों की भर्ती की थी।
इतना ही नहीं इकबाल पर नेपाल के रास्ते ड्रग्स, फेक करेंसी सप्लाई करने जैसे आरोप भी हैं। ऐसा भी कहा जाता है कि, इकबाल ही दाऊद का रियल स्टेट का कारोबार संभालता था, इकबाल यूपी कनेक्शन के दम पर ही ड्रग्स का कारोबार भी करता था।

रेल हादसा: सीतापुर जिले के पास मालगाड़ी का इंजन पटरी से उतरा

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सौम्या केसरवानी।Navpravah.com
बीते कुछ समय से उत्तर प्रदेश में रेल हादसों में अचानक से काफी वृद्धि हुई है, वहीँ रोज एक के बाद एक हो रहे हादसों के बाद भी रेल प्रशासन सुधरने का नाम नहीं ले रहा है, जिसके चलते एक भी दिन ऐसा नहीं गुजरता है जिस दिन किसी रेल हादसे की खबर न मिलती हो।
इसी क्रम में आज एक और रेलगाड़ी का इंजन पटरी से उतर गया है। यूपी में एक के बाद एक हो रहे रेल हादसों के बाद भी प्रशासन के कानों पर जूँ नहीं रेंग रही है या फिर शायद रेलवे के अधिकारी इस सदी के सबसे बड़े रेल हादसे का इंतजार कर रहे हैं।
आज ऐसा ही एक और मामला सुनने में आया है, जिसके तहत मालगाड़ी का इंजन पटरी से उतर गया है, यह घटना सीतापुर के पास की है। सीतापुर जिले के पास एक मालगाड़ी का इंजन पटरी से उतर गया, जिसके बाद भी रेलवे प्रशासन की लापरवाही खत्म होने का नाम नहीं ले रही है।
कल इसी जगह पर एक पैसेंजर गाड़ी भी पटरी से उतरी थी। यह पैसेंजर गाड़ी बुढ़वल-बालामऊ पैसेंजर ट्रेन थी। सुरेश प्रभु के रेल मंत्री पद से स्तीफा देने और नये रेल मंत्री पीयूष गोयल के आने से भी स्थिती मे कोई सुधार होता नही दिख रहा है।

15 नवंबर के बाद शुरु होगी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन

उत्तर प्रदेश कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रित -योगी आदित्यनाथ
 सौम्या केसरवानी।Navpravah.com
स्थानीय अधिकारियों द्वारा जनता की समस्या को सुनने में बरती जा रही लापरवाही को देखते हुए यूपी की सरकार ने लोगों को ‘मुख्यमंत्री हेल्पलाइन’ के रूप में एक और विकल्प देने जा रही है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन लखनऊ में 15 नवम्बर के बाद शुरु होगी, यूपी के विभिन्न जिलों में स्थानीय अधिकारियों द्वारा में जनता की समस्या को सुनने में आनाकानी करनी की समस्याएं बढ़ती जा रही है, इस समस्याओं को देखते हुए प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सेवा शुरू करने का फैसला किया है।
जिससे प्रदेश को लोगों की समस्याओं को सुनने के लिए एक बेहतर विकल्प उपलब्ध कराया जा सके। सरकार की योजनाओं के फीडबैक के लिए ये हेल्पलाइन शुरु की जाएगी, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सेवा सूबे में 15 नवम्बर के बाद शुरु होगी।
जिसके तहत 500 सीटों का एक कॉलसेंटर राजधानी लखनऊ में खोला जायेगा, यूपी डेस्कों को हेल्पलाइन शुरु करने का काम सौंपा गया है, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सेवा के ज़रिये जनशिकायतों की प्रगति भी ली जा सकती है।

जिया खान की माँ का प्रधानमंत्री के नाम खत, कहा- इंसाफ़ चाहिए

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न्यूज़ डेस्क । Navpravah.com
एक्ट्रेस जिया खान की मौत को लेकर उनकी मां राबिया खान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर न्याय मांगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में लोकल पुलिस ने उनकी बेटी की हत्या को सुसाइड का मामला बना दिया। उन्होंने  दावा किया कि 3 जून 2013 को जिया फ्लैट में मरी पाई गई। दरअसल, उसकी हत्या हुई थी।
18 सितंबर को लिखी चिट्ठी में उन्होंने जिया को यूएस की नागरिक बताया है। राबिया खान ने अपनी बेटी की मौत के लिए इशारों-इशारों में अभिनेता सूरज पंचोली को जिम्मेदार ठहराया था। हाल ही में राबिया ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन भी दायर की थी, लेकिन उनकी इस याचिका को खारि‍ज कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने राबि‍या को इस मामले के बारे में निचली अदालत में याचिका दायर करने को कहा था। इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस मामले को लेकर विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की याचिका को खारिज भी कर दिया था। साल 2016 में जिया की मां राबिया खान ने बॉम्बे हाईकोर्ट में मामले में एसआईटी गठित करने की मांग की थी।
बता दें कि अभी तक इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है कि जिया खान की हत्या हुई थी या फिर उन्होंने आत्महत्या की थी। राबिया ने मोदी को लिखी गई चिट्ठी में पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने लिखा है कि घटनास्थल पर तमाम चीजों को नजरअंदाज करके स्थानीय पुलिस ने इसे खुदकुशी करार दे दिया। राबिया ने आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस ने दोषी को फायदा पहुंचाने के लिए ‘जांच’ में कोताही बरती है। उन्होंने लिखा है कि वह मुंबई हाईकोर्ट में फॉरेंसिक एविडेंस के साथ याचिका दायर कर चुकी हैं, जिसमें साफ लिखा गया था कि जिया के शरीर पर मिली चोटों के निशानों की जांच और बाकी सबूतों को देखते हुए जिया की मौत को खुदकुशी नहीं कहा जा सकता।
इस लंबी चिट्ठी के अंत में राबिया ने लिखा है कि एक मां के तौर पर मेरा दर्द सिर्फ शब्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि मैं अश्रुपूर्ण नेत्रों से आपसे विनती करती हूं कि जिया को इंसाफ मिलना चाहिए, जिसे हमसे छीन लिया गया। उन्होंने पीएम मोदी को संबोधित करते हुए लिखा है कि ईश्वर ने आपको वह ताकत दी है, जिससे आप न्याय सुनिश्चित कर सकते हैं। अंत में जिया की मां राबिया ने PM मोदी से मुलाकात की गुजारिश भी की है।
जिया खान बॉलीवुड एक्ट्रेस थीं, वे कई फिल्मों में नजर आ चुकी थीं। उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ भी एक फिल्म की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक वो आदित्य पंचोली के बेटे सूरज पंचोली के साथ रिलेशनशिप में थी। 2013 में वो अपने फ़्लैट में मृत पाई गई थीं। इस मामले में सूरज पंचोली पर आरोप लगे थे। ये हाई प्रोफाइल मामला अंडर ट्रायल है।

शिवसेना बीच में ही भाजपा का दामन छोड़ने की तैयारी में!

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शिखा पांडे | Navpravah.com
केंद्र और महाराष्ट्र सरकार में भारतीय जनता पार्टी की मुख्य सहयोगी शिवसेना लंबे समय से भाजपा से खफा चल रही है और समय समय पर उसके खिलाफ आग उगलती नज़र आती है। कई बार पार्टी के मुखपत्र सामना के जरिए केंद्र की मोदी सरकार पर तीखी टिप्पणी की जाती रही है, लेकिन अक्सर गठबंधन तोड़ने की धमकी देने वाली शिवसेना इस बार इस मामले में कुछ गंभीर नज़र आ रही है।
अब की बार शिवसेना ने ऐलान किया है कि सरकार में रहने या नहीं रहने के संबंध में कोई भी फैसला जल्दी लिया जाएगा।
दरअसल शिवसेना के मंत्रियों, विधायकों और सांसदों की बैठक सोमवार को मुंबई में शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के घर मातोश्री में संपन्न हुयी। बैठक के बाद सांसद संजय राउत ने मीडिया से बताया, “हम सरकार में रहेंगे या नहीं, इसका फैसला जल्द ही लिया जाएगा।” उन्होंने बताया कि इस संबंध में बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने शिवसेना अध्यक्ष को निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया। पार्टी अध्यक्ष जो भी फैसला लेंगे, हम सब उसी फैसले को मान्य करेंगे।”

राउत ने कहा कि महंगाई से लोग त्रस्त हैं। किसानों का मुद्दा हल नहीं हुआ है। इन समस्याओं के लिए शिवसेना कतई ज़िम्मेदार नहीं है और जो भी आरोप लगाये जा रहे हैं, उसके हम भागीदार नहीं हैं।

गौरतलब है कि हाल ही में मोदी मंत्रिपरिषद के विस्तार को शिवसेना ने भाजपा का विस्तार बताया था। कारण भी पुख़्ता था। मंत्रिपरिषद विस्तार में सहयोगी दलों के किसी सदस्य को मंत्री नहीं बनाया गया था। 18 लोकसभा सांसदों वाली शिवसेना की विस्तार में अनदेखी की गई।  बीएमसी में भी इस बार शिवसेना और बीजेपी ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था। शिवसेना कई दफा भाजपा पर अपने अपमान का भी आरोप लगा चुकी है। उद्धव ठाकरे से इस बात की भी शिकायत सुनी जा चुकी है कि उन्हें अक्सर यह सुनने को मिलता है कि पीएम मोदी की वजह से ही उनके लोकसभा में 18 सांसद चुनकर आए, वरना उनकी 10 सीटें भी जीतने की औकात नहीं थी।

फ़र्ज़ी बाबाओं की लिस्ट जारी करने वाले अखाड़ा परिषद के महंत हुए लापता!

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शिखा पांडे | Navpravah.com
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता और उदासी अखाड़ा के महंत मोहन दास के एक यात्रा के दौरान अचानक रहस्यमयी ढंग से लापता हो जाने से सनसनी फैल गई है। महंत मोहन दास हरिद्वार से मुंबई यात्रा के दौरान रास्ते में लापता हो गए हैं।

राजकीय रेलवे पुलिस अधीक्षक, भोपाल (एसपी, जीआरपी) अनीता मालवीय द्वारा सोमवार को दी गई जानकारी के मुताबिक महंत मोहन दास हरिद्वार-लोकमान्य तिलक टर्मिनल गाड़ी संख्या 12172 के ए-वन कोच में यात्रा कर रहे थे। महंत मोहन दास अपना इलाज कराने मुंबई जा रहे थे। वे निजामुद्दीन स्टेशन पर उतरे थे। उसके बाद उन्हें किसी भी यात्री या अटेंडेंट ने नहीं देखा। उनके मोबाइल की अंतिम लोकेशन रविवार शाम को मेरठ में मिली है, मगर उनका कोई पता नहीं चल पाया है।

रेलवे पुलिस के मुताबिक, गाड़ी नौ घंटे की देरी से चल रही थी और शनिवार रात साढ़े सात बजे भोपाल पहुंची। इस दौरान उनका एक अनुयायी जब भोजन देने गाड़ी में आया, तब महंत नहीं मिले। उसने इस बात की सूचना अन्य लोगों को दी। यह सूचना जब तक मालवीय तक पहुंची, तब तक गाड़ी भुसावल स्टेशन तक पहुंच चुकी थी। भुसावल जीआरपी ने संबंधित कोच ए-वन की सीट 22 पर जाकर देखा तो वहां उनका कुछ सामान रखा हुआ था, पर उनके पास हमेशा रहने वाला एक छोटा बैग नज़र नजर आया। हरिद्वार पुलिस ने दिल्ली पुलिस से इस बारे में संपर्क साधा। पुलिस की एक टीम दिल्ली रवाना भी की गई है।

इंदौर के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) हरिनारायण चारी मिश्रा का कहना है कि ऐसी अफवाह थी कि महंत मोहनदास इंदौर में हैं। इस आधार पर पुलिस ने उनके आश्रम सहित अन्य स्थानों पर पता किया, मगर उनका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है। महंत के रहस्यमयी ढंग से खो जाने की जानकारी मिकने के बाद से ही खोज शुरू कर दी गई है, जो अब तक जारी है। एसपी सिटी ममता बोरा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस शनिवार देर रात ही श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन पहुंच गई थी। एक टीम दिल्ली भेजी गई है।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने बताया, “अखाड़ा परिषद के बाद हम फर्जी संतों की ऐसी ही एक और सूची जारी करने वाले थे। लेकिन, मुझे और महंत मोहनदास को धमकी भरे फोन आने लगे। हो सकता है महंत मोहनदास के गायब होने में कथित संतों का हाथ हो।”

आरएलडी ने उड़ाया उत्तर प्रदेश सरकार का मजाक

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एनपी न्यूज़ डेस्क । Navpravah.com
राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. मसूद अहमद ने उत्तर प्रदेश सरकार के 6 माह के कार्यकाल पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा कि काफी इंतजार के बाद योगी सरकार की प्रथम कैबिनेट बैठक में लघु और सीमान्त किसानों का मार्च 2016 तक का फसली ऋण माफ करने की घोषणा का सच 5 महीने बाद सामने आया है।
इसमें किसानों को 9 पैसे, 84 पैसे लेकर 15, 28, 56, 150 और 280 रूपये आदि के हजारों प्रमाण पत्र बांटकर किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया गया है। 15 जून तक गड्ढामुक्त सड़कों की घोषणा भी खोखली साबित हुयी।
डाॅ. अहमद ने कहा कि सरकार ने हिन्दूवादी विचारधारा के पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर बूचड़खानों पर प्रतिबंध की घोषणा की जिसके परिणामस्वरूप हजारों लोग भुमखरी के कगार पर पहुंच गये हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि आज भी सड़कों के किनारे खुड़ी हुयी अवैध दुकाने बीमारियां बांट रही हैं।
रालोद प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार का यह कहना कि 6 माह में कोई दंगा नहीं हुआ स्वयं में हास्यापद है, क्योंकि रायबरेली के जातीय संघर्ष हुआ और इसी प्रकार दलितों और क्षत्रियों के बीच जातीय उन्माद भड़काया गया, मुजफ्फरनगर में भी दंगा भड़काया गया था।