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Friday, September 4, 2026
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Exclusive- बुन्देलखण्ड का दशरथ मांझी ‘कृष्णा कोल’

चित्रकूट।। एक ऐसा नाम जो इंसानी जज़्बे और जुनून की मिसाल है. वो दीवानगी, जो प्रेम की खातिर ज़िद में बदली और तब तक चैन से नहीं बैठी, जब तक कि जमीन का सीना चीर दिया और पानी निकाल लिया। कहते हैं कुछ कर गुजरने का जूनून पहाड़ में भी छेद करके पानी निकाल सकता है। जी हां ऐसा ही कुछ हुआ है बुन्देलखण्ड के चित्रकूट जिले के एक छोटे से गांव बडेहार के पुरवा में। जहां 85 वर्ष के एक वृध्द ने अपने मेहनत और जूनून से ऐसी मिशाल कायम की जिसने गांव में पेयजल संकट ही दूर कर दिया।

सबसे खास बात ये है कि कृष्णा कोल ने महात्मा गांधी से मुलाकात भी की थी, जिसके बाद से उनके अंदर ऐसी प्रेरणा जागी कि उन्होंने ठाना की वो गांव में कुआं खोदकर धरती के सीने से पानी निकालकर रहेंगे और हुआ भी वही पाठा के पठारी भाग में कृष्णा कोल ने रात दिन एक करके 50-60 फीट गहरे कुंए को खोदकर गांव की प्यास मिटाई। फिलहाल अब तो देखते ही देखते गांव में पेयजल की आपूर्ति व्यवस्था काफी बढ़िया हो गई है। लेकिन कृष्णा कोल ने जिस वक्त कुंए की खुदाई शुरू की थी उस वक्त दशकों पहले पेयजल का जबरदस्त संकट था।

लेकिन इन्होंने हार नही मानी और अपने जूनून से धरती के अंदर से भी पानी निकाल लिया। फिलहाल इस व्यक्ति ने सूखे बुन्देलखण्ड में एक मिशाल कायम की है उस सिस्टम को भी जोरदार तमाचा मारा है जो यहां तक कभी पहुंचा ही नही। इनका गांव चारो तरफ से जंगल से घिरा हुआ है ऐसे में यहां रहने के निर्णय लेना भी दशकों पहले कृष्णा कोल का ही था। आज देखते ही देखते चौथी पीढ़ी सामने खड़ी है लेकिन स्थिति वैसी है। गांव में शिक्षा एव स्वास्थ्य के लिए तो कभी कुछ हुआ ही नही।

गांव आज भी बदहाल स्थिति में-

मानिकपुर ब्लाक में पड़ने वाला गढ़चपा ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता है बड़ाहार गांव। सरकारी सिस्टम और सियासत की अनदेखी का जीता जागता उदाहरण है ये गांव। मौजूदा समय मे इस गांव में 35 आदिवासी परिवार रहते हैं लेकिन सम्पर्क मार्ग न होने के कारण न तो इनके पास शिक्षा व्यवस्था पहुंच सकी और न ही स्वास्थ्य सुविधाएं और न ही अन्य किसी तरह की सुविधाएं।

फिलहाल वर्तमान प्रधान रामेंद्र पांडेय की की कड़ी मेहनत के कारण फिलहाल गांव में प्रधानमंत्री आवास पहुंच गए हैं और बिजली भी। लेकिन सरकारी सिस्टम औए सियासत की अनदेखी के चलते गांव वाले आज भी मूलभूत सुविधाओं से बहुत दूर हैं। सबसे ज्यादा आश्र्चर्य की बात ये है कि इस गांव में कभी भी कोई अधिकारी नही गया।

महात्मा गांधी से मिली प्रेरणा-

कृष्णा कोल ने बताया कि उन्हें अच्छे से याद है जब वो 15 साल की उमर के थे और स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया करते थे। इसी के चलते उनकी भेंट महात्मा गांधी से भी हुई थी। कृष्ना कोल की मानें तो यही था बदलाव का समय , महात्मा गांधी से भेंट के बाद उनमें बहुत बदलाव आया। गांव आकर उन्होंने इसी जंगल मे घर परिवार बसाया और धीरे धीरे परिवारों की संख्या बढ़ती गई। पेयजल संकट के कारण कई वर्षों तक गांव वालों को इधर उधर भटकना पड़ता था। कृष्ना कोल ने ठाना की वो इस समस्या का हल निकालेंगे और फिर क्या था उन्होंने उठाया हथौड़ा और फावड़ा लग गए कुएं की खुदाई में। शुरुआत में उन्हें बहुत मुश्किलें हुई लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्हें रिश्तेदारो ने भी मदद की और हाड़तोड़ मेहनत के बाद आखिर कुएं की खुदाई का काम पूरा हुआ, पानी निकला।

पेयजल समस्या समाप्त करके पेश की मिसाल-

बुन्देलखण्ड के दशरथ मांझी कृष्णा कोल ने अपनी मेहनत और जूनून से ये निश्चित कर दिया कि अगर आप किसी भी कार्य को ठान लें तो आप निश्चित रूप से उसे साकार कर सकते हैं। बुन्देलखण्ड का समूचा क्षेत्र पेयजल संकट से हमेशा जूझता रहा है। ऐसे में कृष्णा कोल का भागीरथ प्रयास मिशाल पेश करने वाला है। उन्होंने कुंआ खोदकर न सिर्फ अपने गांव में पेयजल की समस्या दूर की बल्कि आस पास के क्षेत्र में एक नया उदाहरण स्थापित किया जिसने बदलाव की नींव रखी। फिलहाल गांव में प्रधान ने बोर करवाकर पेयजल की समस्या को काफी हद तक कम दिया है लेकिन कृष्णा कोल के भागीरथ प्रयास को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

रिपोर्ट- अनुज हनुमत

बरसात के मौसम में करें भुट्टे का सेवन, जानें 15 बेहतरीन फायदों के बारे में

हेल्थ डेस्क। आ रहा है झमाझम बरसात का मौसम, रिमझिम बारिश में भुट्टा न खाया जाए, ऐसा संभव ही नहीं… सिके हुए देशी भुट्टे हों या फिर स्टीम में पके अमेरिकन कॉर्न…दोनों का अपना ही मजा है।

भुट्टा खाने से होने वाले 15 बेहतरीन फायदों के बारे में

1 सबसे पहली बात तो यह है कि बड़ों को साथ-साथ बच्चों को भी भुट्टे अवश्य खिलाने चाहिए इससे उनके दांत मजबूत होते हैं।

2 दूसरी बात कि जब आप भुट्टे खाएं तो दानों को खाने के बाद जो भुट्टे का भाग बचता है उसे फेंकें नहीं बल्कि उसे बीच से तोड़ लें और उसे सूंघें। इससे जुकाम में बड़ा फायदा मिलता है। बाद में इसे जानवर को खाने के लिए डाल सकते हैं।

3 अगर आप इसे जानवर को नहीं देते हैं तो उन्हें सूखाकर रखें फिर इन्हें जलाकर राख बना कर रख लें। सांस के रोगों में यह बड़ा कारगर इलाज है। इस राख को प्रतिदिन गुनगुने पानी के साथ फांकने से खांसी का इलाज होता है। खांसी कैसी भी हो यह चूर्ण लाभ देता ही है। यहां तक कि कुकर खांसी में भी बड़ी राहत मिलती है।

4 आयुर्वेद के अनुसार भुट्टा तृप्तिदायक, वातकारक, कफ, पित्तनाशक, मधुर और रुचि उत्पादक अनाज है। इसकी खासियत यह है कि पकाने के बाद इसकी पौष्टिकता और बढ़ जाती है। पके हुए भुट्टे में पाया जाने वाला कैरोटीनायड विटामिन-ए का अच्छा स्रोत होता है।

5 भुट्टे को पकाने के बाद उसके 50 प्रतिशत एंटी-ऑक्सीअडेंट्स बढ़ जाते हैं। यह बढती उम्र को रोकता है और कैंसर से लड़ने में मदद करता है। पके हुए भुट्टे में फोलिक एसिड होता है जो कि कैंसर जैसी बीमारी में लड़ने में बहुत मददगार होता है।

6 इसके अलावा भुट्टे में मिनरल्स और विटामिन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। भुट्टे को एक बेहतरीन कोलेस्ट्रॉल फाइटर माना जाता है, जो दिल के मरीजों के लिए बहुत अच्छा है।

7 बच्चों के विकास के लिए भुट्टा बहुत फायदेमंद माना जाता है। ताजे दूधिया (जो कि पूरी तरह से पका न हो) मक्का के दाने पीसकर एक खाली शीशी में भरकर उसे धूप में रखिए। जब उसका दूध सूख कर उड़ जाए और शीशी में केवल तेल रह जाए तो उसे छान लीजिए। इस तेल को बच्चों के पैरों में मालिश कीजिए। इससे बच्चों का पैर ज्यादा मजबूत होगा और बच्चा जल्दी चलने लगेगा।

8 इस तेल को पीने से शरीर शक्तिशाली होता है। हर रोज एक चम्मच तेल को चीनी के बने शर्बत में मिलाकर पीने से बल बढ़ता है। ताजा मक्का के भुट्टे को पानी में उबालकर उस पानी को छानकर मिश्री मिलाकर पीने से पेशाब की जलन व गुर्दों की कमजोरी समाप्त हो जाती है।

9 टीबी के मरीजों के लिए मक्का बहुत फायदेमंद है। टीबी के मरीजों को या जिन्हें टीबी होने की आशंका हो हर रोज मक्के की रोटी खाना चाहिए। इससे टीबी के इलाज में फायदा होगा।

10 मक्के के बाल (सिल्क) का उपयोग पथरी रोगों की चिकित्सा मे होता है। पथरी से बचाव के लिए रात भर सिल्क को पानी मे भिगोकर सुबह सिल्क हटाकर पानी पीने से लाभ होता है। पथरी के उपचार में सिल्क को पानी में उबालकर बनाये गये काढ़े का प्रयोग होता है।

11 यदि गेहूं के आटे के स्थान पर मक्के के आटे का प्रयोग करें तो यह लीवर के लिए अधिक लाभकारी है। यह प्रचूर मात्रा में रेशे से भरा हुआ है इसलिए इसे खाने से पेट अच्छा रहता है। इससे कब्ज, बवासीर और पेट के कैंसर के होने की संभावना दूर होती है।

12 भुट्टे के पीले दानों में बहुत सारा मैगनीशियम, आयरन, कॉपर और फॉस्फोरस पाया जाता है जिससे हड्डियां मजबूत बनती हैं। एनीमिया को दूर करने के लिए भुट्टा खाना चाहिए क्योंकि इसमें विटामिन बी और फोलिक एसिड होता है।

13 खुजली के लिए भी भुट्टे का स्टॉर्च प्रयोग किया जाता है। वहीं इसके सौंदर्य लाभ भी कुछ कम नहीं है। इसके स्टार्च के प्रयोग से त्वचा खूबसूरत और चिकनी बन जाती है।

14 भुट्टा दिल की बीमारी को भी दूर करने में सहायक है क्योंकि इसमें विटामिन सी, कैरोटिनॉइड और बायोफ्लेवनॉइड पाया जाता है। यह कोलेस्ट्रॉल लेवल को बढ़ने से बचाता है और शरीर में खून के प्रवाह को भी बढ़ाता है।

15 इसका सेवन प्रेगनेंसी में भी बहुत लाभदायक होता है इसलिए गर्भवती महिलाओं को इसे अपने आहार में जरूर शामिल करना चाहिए। क्योंकि इसमें फोलिक एसिड पाया जाता है जो गर्भवती के लिए बेहद जरूरी है।

डाइट में शामिल करें कटहल, डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद है

हेल्थ डेस्क। डायबिटीज के मरीजों को अपनी डायट को लेकर खास ध्यान रखना पड़ता है। ऐसा इसलिए क्योंकि गलत खाना उनके ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकता है जो उनके लिए खतरनाक साबित होता है। हालांकि अगर वह अपनी डायट में कटहल को शामिल करते हैं तो इससे उन्हें अपना ब्लड शुगर लेवल मेनटेन करने में काफी मदद मिलेगी।

कटहल में कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है, यानी इसमें वे कार्बोहाइड्रेट्स कम होते हैं जो ब्लड ग्लूकोज लेवल को प्रभावित करते हैं। यही वजह है कि कटहल को डायबिटीज के मरीजों के लिए सेफ माना जाता है, क्योंकि इससे शुगर लेवल के अचानक बढ़ने का खतरा नहीं होता।

कटहल में फाइबर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। फाइबर के कारण खाने का पाचन धीमा होता है, इससे खून में मौजूद शुगर लेवल अचानक से बढ़ता नहीं है। इसकी यह क्वॉलिटी डायबिटीज पेशंट्स के लिए शुगर लेवल को मेनटेन करने में काफी मदद करती है। वहीं फास्ट फूड को शरीर जल्दी पचा लेता है जिससे शुगर लेवल तेजी से बढ़ता है, ऐसे में इससे दूरी ही डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहतर है।

कटहल में प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक प्रोटीन खाने के बाद खून में मौजूद शुगर की मात्रा को अचानक बढ़ने से रोकता है। इस क्वॉलिटी के कारण कटहल भी डायबिटीज के मरीज के लिए फायदेमंद है।

न सिर्फ कटहल बल्कि इसकी पत्तियां भी डायबिटीज के मरीजों के लिए अच्छी मानी जाती है। कटहल की पत्तियों के रस से न सिर्फ तुरंत बल्कि लंबे समय तक ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद मिलती है।

कहीं आप भी तो नहीं हो रहे गंजेपन के शिकार, तो आज से ही शुरु करें ये काम

हेल्थ डेस्क। बाल झड़ने की समस्या बहुत बहुत आम हैं, लेकिन जब युवावस्था में भी हेयर लॉस होने लगता है। सिर्फ लड़कियों को ही नहीं, ये परेशानी पुरुषों को भी होती है। वर्तमान समय में तो बहुत कम उम्र में ही बाल झड़ने लगे हैं। पुरुषों में बाल झड़ने की समस्या सबसे ज्यादा होती है। कम उम्र में बाल झड़ने के कई कारण हो सकते हैं। जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए।

बाल झड़ने के क्या कारण हैं ?

हेयर लॉस के बारे में डॉक्टर्स बताते हैं कि बालों की एक लाइफ साइकिल होती है। लाइफ साइकिल के हिसाब से देखें तो ग्रोइंग फेज, रेस्टिंग फेज और शेडिंग फेज से गुजरते हैं। ऐसा शरीर के हर बाल के साथ होता है।

इस बारे में डॉक्टर बताते हैं कि शरीर में कई परेशानियों की वजह से बाल अपनी साइकिल पूरी नहीं करते हैं। ग्रोइंग फेज, रेस्टिंग फेज को छोड़कर बाल सीधे शेडिंग फेज में आने लगते हैं।

आमतौर पर बाल झड़ने के मुख्य कारणों में तनाव, मानसिक परेशानी और शरीर में विटामिन और हार्मोन में बदलाव को माना जाता है। डॉक्टर भी यह मानते हैं कि शरीर औद दिमाग में जब तनाव ज्यादा होता है तब बालों का झड़ना ज्यादा होता है।

तनाव व डिप्रेशन करें कम

यह बाल झड़ने का दूसरा सबसे बड़ा कारण है। अगर आप लगातार तनाव और डिप्रेशन में रहते हैं तो तेजी से बाल झड़ने लगते हैं। डिप्रेशन को कम करने के लिए ली जाने वाली दवाओं से भी बाल झड़ने लगते हैं। इससे बचने के लिए आपको तनाव और डिप्रेशन को प्राकृतिक तरीके से कम करना चाहिए।

सही शैम्पू का चुनाव

बाजार में ऐसे माइल्ड शैम्पू अवेलेबल हैं, जो बालों को वॉश तो करते हैं लेकिन कोई नुकसान नहीं पहुंचाते। सप्ताह में कम से कम एक दिन हेयर कंडिशनिग जरूरी है। यह हेयर टेक्सचर को स्मूथ रखता है और बालों को आसानी से टूटने नहीं देता।

एक्सरसाइज

एक्सरसाइज हमारे बॉडी मेटाबोलिज्म को स्वस्थ और संतुलित बनाती है। नियमित एक्सरसाइज करें। न्यूट्रिशियस और बैलेंस डाइट लें। यह हमारी बॉडी और माइंड दोनों को हेल्दी बनाता है। हमारे हेयर फॉलिकल्स को भी।

मशहूर एक्ट्रेस बोली- आलिया पेट में थी और मुझे पीनी पड़ी थी ढेर सारी सिगरेट !

मनोरंजन डेस्क. दिग्गज अभिनेत्री सोनी राजदान ने बुधवार को बीते दिनों के कुछ लम्हों को याद किया। साल 1993 में आई उनकी फिल्म ‘गुमराह’ को याद करते हुए अभिनेत्री ने कहा कि इस फिल्म की शूटिंग के दौरान ही आलिया उनके पेट में आ गई थी, लेकिन वह इस बात से अनजान थीं।

‘गुमराह’ के निर्देशक महेश भट्ट थे और इसमें दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी और संजय दत्त मुख्य भूमिकाओं में थे। सोनी ने ट्वीट किया, ‘मेरी पसंदीदा फिल्मों और अत्यधिक सराहनीय किरदारों में से एक…उस वक्त आलिया मेरे पेट में थी और मुझे फिर भी पता ही नहीं था और उस दृश्य को किया जहां मैंने कई सारी सिगरेट पी।’

उन्होंने कहा कि श्रीदेवी के साथ काम करना बेहद सुखद रहा। बेहद संजोयी हुई हैं ये यादें।

UP Board : ढाई गुना तक बढ़ाई 10वीं-12वीं की परीक्षा फीस

करियर डेस्क. UP Board ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा फीस ढाई गुना तक बढ़ा दी है। फीसवृद्धि का आदेश सचिव नीना श्रीवास्तव ने बुधवार को जारी किया। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट संस्थागत (रेगुलर) छात्र पहले क्रमश: 200 व 220 रुपये फीस देते थे लेकिन 2020 की परीक्षा के लिए उन्हें अब क्रमश: 500 व 600 रुपये देने होंगे।

हाईस्कूल व इंटर व्यक्तिगत (प्राइवेट) छात्र पहले क्रमश: 300 व 400 रुपये फीस देते थे लेकिन अब उन्हें क्रमश: 700 व 800 रुपये देना होगा। 10वीं-12वीं के अतिरिक्त विषय की परीक्षा फीस में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह पूर्व की तरह 200 रुपये ही ली जाएगी। इससे पहले 2016 में परीक्षा शुल्क में वृद्धि की गई थी।

जानकारी के मुताबिक बोर्ड ने पिछले साल अगस्त में प्रस्ताव भेजा था। सीबीएसई और सीआईएससीई समेत पांच बोर्ड की एग्जाम फीस से तुलना करने के बाद UP Board ने फीसवृद्धि का प्रस्ताव भेजा था।

बैंकों के लिए सिर दर्द बनते जा रहे हैं जनधन खाते, 1.33 करोड़ एकाउंट निष्क्रिय

बिजनेस डेस्क. प्रधानमंत्री जनधन योजना (Pradhan Mantri Jandhan Yojna) के तहत जीरो बैलेंस (Zero Balance) पर खोले गए खाते अब बैंकों के लिए सिर दर्द बनते जा रहे हैं, क्योंकि यूपी (UP) में करीब तीन करोड़ 86 लाख ग्राहक ही इन खातों का उपयोग पैसा निकालने व जमा करने के लिए कर रहे हैं। जबकि शेष एक करोड़ 33 लाख 85 हजार ग्राहक निष्क्रिय है।

इन्होंने पिछले एक वर्ष में वित्तीय लेन-देन नहीं किया है, जबकि यूपी में करीब पांच करोड़ 20 लाख जनधन खाते हैं। हालांकि बैंक अधिकारी बजट में ओवर ड्रॉफ्ट और जनधन खाताधारकों को लोन की सुविधा देने से ये मान रहे हैं कि जनधन खाता खोलने की संख्या बढ़ेगी। इसके अलावा निष्क्रिय खाताधारक अपना अकाउंट चालू रखेंगे।

वर्ष 2014 को जनधन योजना की शुरुआत हुई थ, केंद्र सरकार ने प्रत्येक व्यक्ति को बैंकों से जोड़ने के लिए पांच साल पहले 28 अगस्त 2014 को जनधन योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत विभिन्न बैंकों में हर आय-वर्ग के परिवारों के खाते जीरो बैलेंस पर खुलवाकर एटीएम सहित सभी प्रकार की उपयोगी सामग्री प्रदान की गई थी।

World Cup 2019: सेमीफाइनल में हार के बाद आमिर खान ने विराट से कही ये बात

स्पोर्ट्स डेस्क. ICC Cricket World Cup 2019 के सेमीफाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड से भारतीय टीम की हार के बाद भले ही सब निराश हो गए हों, लेकिन सभी ने टीम इंडिया की अब तक की जर्नी की तारीफ की है। इतना ही नहीं, बॉलीवुड सेलेब्स ने भी टीम इंडिया के जज्बे को सराहा है।

बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने भी टीम इंडिया के लिए ट्वीट किया, ‘विराट आज किस्मत साथ नहीं थी। आज हमारा दिन नहीं था। मेरे लिए तो भारत ने तब ही वर्ल्ड कप जीत लिया था जब टीम ने पहले स्थान पर आकर सेमी फाइनल में एंट्री पाई थी। पूरे टूर्नामेंट के दौरान आप बहुत अच्छा खेले। काश कल बारिश नहीं हुई होती..तो शायद नतीजे कुछ और होते, लेकिन शानदार प्रदर्शन आप सभी पर गर्व है…लव।

क्या अंपायर के गलत फैसले से आउट हुए MS धौनी? जानें क्या है सच

स्पोर्ट्स डेस्क. आईसीसी विश्व कप 2019 में खिताब की प्रबल दावेदार के रूप में इंग्लैंड जाने वाली भारतीय टीम का सफर सेमीफाइनल में खत्म हो गया है। भारत को दो दिन तक चले इस रोमांचक सेमीफाइनल मैच में न्यूजीलैंड के हाथों 18 रनों से हार का सामना करना पड़ा। इसी के साथ न्यूजीलैंड लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंची है। उसने 2015 विश्व कप में भी फाइनल खेला था। रवींद्र जडेजा (77) और महेंद्र सिंह धौनी (50) ने सातवें विकेट के लिए 116 रनों की साझेदारी कर भारत को जीत के करीब पहुंचाया, लेकिन इन दोनों खिलाड़ियों के आउट होने के बाद भारत की सभी उम्मीदें खत्म हो गईं।

महेंद्र सिंह धौनी का रनआउट होना टीम इंडिया के लिए सबसे खतरनाक साबित हुआ। इसके साथ ही भारत 204 रनों के अपने लक्ष्य से 18 रन दूर रह गया। टॉप ऑर्डर के ध्वस्त होने के बाद धौनी और रवींद्र जडेजा पर यही जिम्मेदारी के बीच सनसनीखेज शतकीय भागीदारी हुई। लेकिन मार्टिन गप्टिल के एक सीधे थ्रो ने धौनी को रन आउट कर दिया। हालांकि, टि्वटर पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसने उस गेंद पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिस पर धौनी रन आउट हुए।

नियमों के अनुसार अंतिम पावरप्ले में 5 फील्डर 30 गज के दायरे से बाहर खड़े हो सकते हैं, लेकिन इस गेंद के फेंके जाने से पहले जो ग्राफिक दिखाया गया उसके अनुसार उस समय न्यूजीलैंड के छह खिलाड़ी दायरे से बाहर खड़े थे। यहां यह याद रखना चाहिए कि यदि यह नो बॉल होती तब भी धौनी रन आउट हो सकते थे, क्योंकि नो बॉल पर बल्लेबाज रन आउट हो सकता है।

इस वीडियो पर फैन्स के जो रिएक्शंस आए हैं जिसमें अंपायर की कड़ी आलोचना की गई है। कहा गया कि यदि यह नो बॉल होती तो धौनी दूसरा रन न लेते। यदि अंपायर से गलती ना हुई है तो अगली गेंद फ्री हिट होती। हालांकि, उन्हें दूसरे रन के लिए थोड़ा और तेज भागना होता।

बता दें कि भारत को अंतिम 10 गेंदों पर 25 रन की जरूरत थी, लेकिन गप्टिल की सीधी थ्रो ने धौनी को रन आउट कर दिया। पूरी भारतीय टीम 221 रन पर आउट हो गई और 18 रन से हार गई।

राशिफल: 11 जुलाई 2019, इन राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा, सभी कष्ट दूर होंगे

राशिफल: 11 जुलाई 2019, इन राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा, सभी कष्ट दूर होंगे

आज का राशिफल

मेष

उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। प्रतिद्वंदी सक्रीय रहेंगे। धनार्जन होगा। सम्पति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते है।

वृष

यात्रा मनोरंजक रहेगी। स्वादिष्ट भोजन मिलेगा। बौद्धिक कार्य पूर्ण होंगे। धन प्राप्ति सुगम होगी।

मिथुन

बुरी सूचना मिल सकती है। स्वास्थ का ध्यान रखें। विवाद न करें। जोखिम व जमानत के कार्य ना करें।

कर्क

कार्यसिद्धि होगी। वरिष्ठजनों की सहायता प्राप्त होगी। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। झंझटों में न पड़ें। लाभ होगा।

सिंह

कोई कागजी काम भी बाकी हो सकता है। आप चाहें तो किसी काम से कन्नी काट सकते हैं। खर्चा भी ज्यादा होगा। घर बाहर पूछ परख होगी। शुभ समाचार मिलने से प्रसन्नता रहेगी।

कन्या

अपेक्षाकृत कार्य न होने से तनाव रहेगा। फालतू खर्च होगा। जोखिम व जमानत के कार्य टाले। विवाद न करें।

तुला

उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति होगी। यात्रा सफल रहेगी। धनलाभ होगा।

वृश्चिक

कार्यसिद्धि होगी। योजना फलीभूत होगी। मान सम्मान मिलेगा। जोखिम न उठाये। व्यवसाय ठीक चलेगा।

धनु

यात्रा सफल रहेगी। रुका हुआ धन प्राप्त होगा। तनाव रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा।

मकर

वाहन एवं मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। विवाद ना करें। लेन देन में सावधानी रखें। वस्तुएं संभालकर रखें। अचानक धन हानि के योग है।

कुंभ

धार्मिक यात्रा हो सकती है। रुके कार्य पूर्ण होंगे। विवाद से बचें। धनलाभ होगा। जल्दबाजी न करें।

मीन

जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। बाहर सहायता से कार्य होंगे। धन प्राप्ति सुगम होगी। चिंता रहेगी।