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Friday, September 4, 2026
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Zakir Naik ने हिंदुओं पर उठाए सवाल, तो मंत्री ने दी ये चेतावनी

वर्ल्ड डेस्क। भारत में कथित आतंकी गतिविधियों और धनशोधन में वांछित विवादित मुस्लिम धर्म उपदेशक जाकिर नाइक द्वारा मलेशिया में रह रहे हिंदुओं को लेकर दिए गए बयान पर वहां के मंत्री ने करारा जवाब दिया है।

मलेशियाई सरकार में मानव संसाधन मंत्री एम कुलासेगरन ने कहा है मलेशियाई हिंदुओं पर सवाल उठाने वाले जाकिर नाइक पर तुरंत एक्शन लिया जाए। दरअसल जाकिर नाइक ने कहा था कि मलेशिया में रहने वाले हिंदू मलेशियाई प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद से ज्यादा नरेंद्र मोदी के वफादार हैं।

कुलसेरगन ने बुधवार को जारी किए अपने एक बयान में कहा, ‘जाकिर नाइक एक बाहरी व्यक्ति है, जो एक भगोड़ा है और उसे मलेशियाई इतिहास की बहुत कम जानकारी है, इसलिए, उसे मलेशियाई लोगों को नीचा दिखाने जैसा विशेषाधिकार नहीं दिया जाना चाहिए। इससे ज्यादा उनकी देश के प्रति वफादारी पर क्या सवाल है किया जा सकता है।

उन्होंने कहा ‘Zakir Naik का यह बयान किसी भी तरह से मलेशिया के स्थायी निवासी होने के पैमाने पर खरा नहीं उतरता है। इसे अगली कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे को उठाया जाएगा।’ कुलसेरगन ने अपने बयान में कहा, ‘इसलिए, अब समय आ गया है कि मलेशियाई लोग अपने सहिष्णु और सामंजस्यपूर्ण देश में धार्मिक और नस्लीय भावनाओं का उपयोग करने वाली ज़ाकिर नाईक की रणनीति को उजागर करके राष्ट्र की शांति और स्थिरता को एकजुट और सुरक्षित करें।’

उन्होंने कहा कि इस भगोड़े विदेशी के मलेशिया छोड़ने का समय आ गया है, अब यह भारत जाकर आतंकवाद और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना करे।

बता दें कि जुलाई महीने में जाकिर नाइक ने मलेशिया से वापस नहीं भेजे जाने के लिए मलेशियाई प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद का शुक्रिया अदा किया था। मलेशिया के अखबारों में बयान छपवाकर धन्यवाद देते हुए जाकिर नाइक ने देश का कोई कानून नहीं तोड़ने का वादा भी किया था। इससे पहले भारत ने औपचारिक तौर पर मलेशिया से जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का आग्रह किया था। अपने भड़काऊ भाषणों से युवाओं को आतंकी गतिविधियों के लिए प्रेरित करने का आरोप लगने के बाद जाकिर 2016 में देश से फरार हो गया था।

रजनीकांत ने की वरदराजा स्वामी की पूजा-अर्चना, 40 साल में एक बार देते हैं दर्शन

मनोरंजन डेस्क। साउथ सुपरस्टार रजनीकांत मंगलवार को पत्नी के साथ वरदराजा स्वामी के दर्शन करने कांचीपुर पहुंचे थे। देर रात सपरिवार भगवान की पूजा-अर्चना करने के बाद रजनीकांत बाई रोड चेन्नई के लौट गए।

बता दें कि इस मंदिर के मुख्य देवता 40 सालों में सिर्फ एक बार दर्शन देते हैं। पिछली बार उन्होंने 1979 में दर्शन दिया था, तब श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी थी। अब वो इस साल 2019 में निकले हैं और भगवान की कृपा पाने के लिए लाखों श्रद्धालु कांचीपुरम पहुंच रहे हैं। भगवान वरदराजा स्वामी मंदिर तमिलनाडु के कांचीपुरम में स्थित है।

सुपरस्टार रजनीकांत मंगलवार देर रात अपने परिवार और पत्नी लता रजनीकांत के साथ भगवान वरदराजा स्वामी की आराधना करने पहुंचे। इस दौरान रजनीकांत ने मंदिर में प्रभु की पूरी विधि-विधान के साथ पूजा की।

बता दें कि भगवान अति वरदार प्रत्येक 40 सालों में एक बार दर्शन देकर वापस जल समाधि में चले जाते हैं। इस मंदिर की इतनी मान्यता है कि यहां पर दर्शन करने के लिए विदेशों से लोग आते हैं।

इस साल भगवान अति वरदराज को जल समाधि से निकाला गया है और यहां ‘कांची अति वरदार महोत्सव’ चल रहा है। 19 अगस्त तक लोग उनके दर्शन कर सकेंगे, जिसके बाद वह वापस मंदिर के पवित्र तालाब में रख दिए जाएंगे।

भारतीय रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा में तैनात होंगे कोरस कमांडो !

New Delhi। Indian Railway में यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने कोरस कमांडो दस्ता तैयार करने का फैसला किया है। ये कोरस कमांडो आतंकी हमलों से लेकर नक्सली हमलों तक, रेलवे की सुरक्षा करेंगे।

रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) के जवानों को स्पेशल ट्रेनिंग देकर कमांडो दस्ता तैयार किया जाएगा। साथ ही इन्हें बेहद आधुनिक हथियारों से लैस किया जाएगा। ये कमांडो रेलवे और रेल मुसाफिरों की हर विपरीत और खतरनाक परिस्थितियों में सुरक्षा करेंगे।

कोरस कमांडों की ट्रेनिंग देश के शीर्ष कमांडो ट्रेनिंग सेन्टर में हुई है, जहां NSG के जवानों को ट्रेनिंग दी जाती है। रेलवे की तरफ से बयान जारी कर कहा गया कि CORAS (कमांडो फॉफ रेलवे सिक्योरिटी) कमांडो की पहली बटालियन तैयार हो गई है। बता दें, आधुनिक हथियारों से लैस कोरस के जवान RPF की आर्म्ड बटालियन RPSF (रेलवे प्रोटेक्शन सिक्योरिटी फोर्सेज) से अलग होगी।

महिला पुरूष मिलाकर इस बटालियन में 1200 चुनिंदा जवानों को शामिल किया गया है। ये कमांडो आतंकी हमले, होस्टेज संकट और आंतरिक हमले में जान-माल की रक्षा करने में निपुण हैं। मुंबई में हुए आतंकी हमले से लेकर नक्सलियों के द्वारा राजधानी एक्सप्रेस को होस्टेज बनाये जाने की घटना के बाद से ही इस तरह की एक विशेष कमांडो दस्ते के गठन की बात हो रही थी। पर अभी तक कोई साफ नीति नहीं होने की वजह से ये नहीं बन पाई थी।

प्रेमी के साथ मिलकर युवती ने 8 साल की बहन की गला दबाकर की हत्या !

Meerut. मेरठ एक गांव में 8 साल की बच्ची का उसकी मौसेरी बहन ने प्रेमी के साथ मिलकर अपहरण किया और गला दबाकर हत्या कर दी। लाश को जंगल में ठिकाने लगा दिया। वारदात के बाद किशोरी करीब 3.40 लाख रुपये लेकर प्रेमी के साथ फरार हो गई। दोनों बहनों के घर से गायब होने की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद छानबीन की गई। किशोरी और उसके प्रेमी को सैदपुर गांव से बरामद किया तो सनसनीखेज खुलासा हुआ। वारदात में शामिल युवक के दो अन्य साथियों को भी पुलिस ने उठा लिया है। फिलहाल बच्ची का शव बरामद नहीं हो सका है और कांबिंग की जा रही है।

सौलाना गांव निवासी शौकीन की बेटी रुकसाना (16) सोमवार शाम अपने पड़ोस में रहने वाली मौसेरी बहन जैनब (8) के साथ खेतों पर गई थी। देरशाम तक दोनों वापस घर नहीं आई तो परिजनों ने खोजबीन की। कुछ पता नहीं चला तो पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और तलाश शुरू कर दी। मंगलवार सुबह रुकसाना को सैदपुर गांव में राशिद के घर से बरामद कर लिया गया।

पूछताछ में सनसनीखेज खुलासा हुआ और परिजनों के पैरों तले से जमीन निकल गई। रुकसाना ने खुलासा किया कि घर में रखी 3.40 लाख रुपये लेकर वो जैनब के साथ जंगल तक आई थी। यहां पर उसका प्रेमी राशिद अपने दो साथियों उस्मान और आलम के साथ मिला। यहां से जैनब को साथ ले जाने में खतरा था। जैनब बार-बार घर जाकर पूरी बात बताने की धमकी दे रही थी। इसी को लेकर जैनब का गला दबाकर हत्या कर दी और लाश को जंगल में छिपा दिया।

थाने में बिलखते रहे परिजन

बकरीद पर जैनब लापता हुई तो परिवार के लोगों की बैचेनी बढ़ गई। इसके बाद परिजन रात तक खोजबीन करते रहे, लेकिन कुछ पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस के पास पहुंचे। मंगलवार को थाने में बैठकर परिजन बिलखते रहे। बार बार जैनब को बरामद करने की मांग करते रहे।

एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह ने बताया आठ साल की बच्ची लापता है। मुकदमा दर्ज कर लिया है। बच्ची को उसकी मौसेरी बहन रुकसाना आखिरी बार घर से बाहर लेकर गई थी। रुकसाना और उसके प्रेमी को उठाया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है।

यूपी: अवैध संबंध के शक में पति ने पत्नी को मौत के घाट उतारा !

Unnao. उत्तर प्रदेश के उन्नाव में अवैध संबंध के चलते एक महिला की हत्या कर दी गई है। बताया जा रहा है पति ने अवैध संबंध के शक में पत्नी पर पत्थर से हमला कर मौत के घाट उतार दिया। वह 6 माह से पत्नी और 7 साल के बेटे के साथ किराए पर रह रहा था।


घटना की जानकारी पर पहुंची गंगा घाट पुलिस ने आला अधिकारियों को हत्या की जानकारी दी। मौके पर उन्नाव एसपी पहुंचे। घटना की जांच पड़ताल की घटना की फील्ड यूनिट ने भी जांच की।

औरैया जनपद के खानपुर चौराहा प्रेम आनंद आश्रम वाली गली निवासी अजय पोरवाल हलवाई का काम करता है। वह पत्नी जीतू कुमारी और 7 साल के बेटे बेटू के साथ इंदिरा नगर निवासी राम जानकी के मकान में किराए पर रह रहा था। महीने में दो तीन बार ही घर आ पाता था। मंगलवार रात वह घर आया।

इस बीच पत्नी से विवाद हुआ और पत्नी की एक पत्थर से हमला करके और गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया। सुबह 6 बजे मकान मालकिन से बोला मैं कमरा खाली कर रहा हूं। सामान ले जाने के लिए लोडर लेने जा रहा हूं। गेट खोल दो जिस पर मकान मालिक ने गेट खोल दिया और अपनी बेटी को स्कूल जाने के लिए लंच बनाने लगी। राम जानकी की बेटी आरती उसके कमरे में कुकर का ढक्कन लेने गयी। उसने आवाज लगाई अंदर से कोई जवाब नहीं मिला तो उसने घटना की जानकारी मां को दी।

इस बीच पड़ोसी जिसने किराए पर रखा था। अशोक भी आ गया उसने आवाज दी और हिलाया जिसके बाद पता चला कि वह मर चुकी है। कमरे में अंधेरा था बल्ब जलाने पर हत्या का पता चला। घटना की जानकारी गंगा घाट कोतवाल श्याम कुमार पाल को दी।

मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की इस बीच उन्नाव एसपी एमपी वर्मा भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मकान मालकिन से पूछताछ की पुलिस ने शव को पीएम के लिए भेजा है। एक टीम आरोपी पति के पैतृक गांव रवाना हुई है। मोहल्ले वालों के अनुसार जब अजय पोरवाल घर पर नहीं रहता था। इस बीच उसकी पत्नी अधिकांश समय पड़ोसी युवक यहां बिताती थी। इसी बात को लेकर उसे शक था। शक के चलते उसने पत्नी की हत्या की है।

UP सरकार की बदनामी करवाने वाले अफसर नपेंगे, जल्द गिर सकती है गाज !

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की छवि को खराब करने वाले अफसरों के काले कारनामों का चिट्ठा जुटाया जा रहा है। ऐसे में जो सरकार की बदनामी करवा रहे हैं उन अफसरों को छांटा जा रहा है। विभागीय सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक कई पुलिस अफसरों की सीधी शिकायत पहुंची थी।

रूस रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने ऐसे अफसरों को चिह्न्ति कर जमकर फटकार लगाई और कार्रवाई की चेतावनी दी थी। कुछ जिलों के कप्तानों से तो वह बेहद खफा नजर आए। ऐसा अंदेशा लागाया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के रूस से लौटने और त्योहारों के बाद कई पुलिस कप्तानों पर गाज गिर सकती है।

एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि प्रदेश में बढ़ रही आपराधिक घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री काफी संजीदा है। इसीलिए उन्होंने जिले में तैनात सारे कप्तानों को विदेश दौरे जाने से पहले निर्देशित किया था।

कानून व्यवस्था ठीक रहनी चाहिए। लेकिन कुछ जिलों से मिल रहे फीडबैक के अनुसार, पुलिस के कुछ अफसर सरकार की बदनामी कराने में अमादा है। वह घटनाओं पर रोक नहीं लगा पा रहे हैं। ऐसे अक्षम अधिकारियों पर गाज गिरना संभव है।

बॉलीवुड के राष्ट्रवाद से इस पाक एक्ट्रेस को ऐतराज, कही ये बड़ी बात

मनोरंजन डेस्क. पाकिस्तान की चर्चित अभिनेत्री Mehwish Hayat का मानना है कि भारतीय हिंदी Film industry बॉलीवुड ने राष्ट्रवाद के जुनून में शांति का रास्ता छोड़ दिया है और वह पाकिस्तान व पाकिस्तानियों की नकारात्मक छवि प्रस्तुत करता है। महविश को यही शिकायत हॉलीवुड से भी है।

रिपोर्ट के अनुसार, Mehwish Hayat को हाल में नार्वे की प्रधानमंत्री एर्ना सोलबर्ग ने ओस्लो में ‘प्राइड आफ परफॉर्मेस’ पुरस्कार से नवाजा। इस मौके पर महविश ने जो भाषण दिया, वह सोशल मीडिया पर काफी सुना जा रहा है।

महविश ने अपने भाषण में कहा कि हमारे पड़ोस (भारत) में दुनिया की सबसे बड़ी Film industry में से एक है। और, एक ऐसे समय में जब वे अपनी शक्ति का इस्तेमाल हमें जोड़ने के लिए कर सकते हैं, वे कर क्या रहे हैं? वे अनगिनत फिल्में बना रहे हैं जिनमें पाकिस्तान को खलनायक दिखाया जा रहा है।

Actress ने भारतीय फिल्मों में राष्ट्रवाद के मुद्दे पर जोर दिए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि मैं समझती हूं कि हमारा इतिहास, हमारी परवरिश, इलाके की राजनीति। इन सबके साथ तटस्थ रह पाना मुश्किल है और ऐसा करना देशभक्ति के खिलाफ लग सकता है। लेकिन, उन्हें (बॉलीवुड को) सच में यह तय करना होगा कि क्या अधिक महत्वपूर्ण है; राष्ट्रवादी तेवर या शांतिपूर्ण भविष्य।

एक्ट्रेस ने आगे कहा कि बॉलीवुड को निश्चित ही इसका अहसास होना चाहिए कि उसने कितना नुकसान किया है। मैं यह नहीं कहती कि अधिक सकारात्मक छवि दिखाइये लेकिन यह अधिक संतुलित तो हो सकता है। हम लोग (पाकिस्तानी) बंदूकधारी आतंकवादी या दबी-कुचली महिलाओं से कहीं अधिक कुछ और भी हैं। हमें आगे बढ़ना चाहिए।

विंग कमांडर अभिनंदन को वीर चक्र सम्मान, पाक में घुसकर पेश की थी बहादुरी की मिसाल

New Delhi. Jammu Kashmir में पाकिस्तानी लड़ाकू विमान के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान पाक सीमा में घुसकर पाकिस्तानी विमान को मार गिराने वाले भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को वीर चक्र से नवाजा जाएगा।

15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उन्हें सम्मानित किया जाएगा। वीर चक्र युद्धक्षेत्र में दिया जाने वाला वीरता पुरस्कार है। वीरता के लिए दिए जाना वाला यह तीसरा सबसे बड़ा पुरस्कार है। इससे पहले परम वीर चक्र और महावीर चक्र पुरस्कार आते हैं।

भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने 27 फरवरी को देश की सीमा में घुसने की कोशिश कर रहे पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को खदेड़ने में अहम भूमिका निभाई थी। अभिनंदन ने इस दौरान पाकिस्तान के एक एफ-16 लड़ाकू विमान को भी मार गिराया था।

भारतीय वायु क्षेत्र में हुई इस लड़ाई के दौरान अभिनंदन मिग 21 बाइसन विमान उड़ा रहे थे। पाकिस्तान के विमानों को खदेड़ने में उनका विमान भी दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। अभिनंदन इस लड़ाई के दौरान उन्होंने पैराशूट से छलांग लगा दी लेकिन पैराशूट पाकिस्तान की सीमा में जा गिरा। पाकिस्तानी सेना ने उन्हें पकड़ लिया था।

इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत सरकार की ओर से बनवाए गए वैश्विक दबाव के चलते पाकिस्तान ने अभिनंदन को 1 मार्च को रिहा कर दिया था।

नीरज शेखर आज दाखिल करेंगे नामांकर पत्र, CM योगी भी रहेंगे मौजूद

लखनऊ. समाजवादी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए पूर्व सांसद नीरज शेखर बुधवार को राज्यसभा के लिए नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष जेपीएस राठौर ने बताया कि नीरज के नामांकन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहेंगे। नामांकन के लिए विधान भवन स्थित भाजपा के विधान मंडल दल के कार्यालय में लोग 12 बजे एकत्र होंगे।

पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के पुत्र नीरज शेखर अभी हाल ही में राज्यसभा और सपा की सदस्यता से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुए हैं। नीरज शेखर लंबे समय से समाजवादी पार्टी से जुड़े थे। लोकसभा चुनाव में सपा मुखिया अखिलेश यादव द्वारा टिकट न दिए जाने से नाराज नीरज ने राज्यसभा से इस्तीफा देते हुए हाल ही में भाजपा ज्वाइन कर ली थी।

उपचुनाव के लिए उत्तर प्रदेश कोटे से नीरज शेखर को भाजपा ने अपना उम्मीदवार घोषित किया है। राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद शेखर का कार्यकाल नवंबर 2020 तक रहेगा।

नीरज शेखर की राजनीतिक यात्रा

पिता पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की मृत्यु के बाद हुए उपचुनाव में जीतकर नीरज शेखर पहली बार सांसद में पहुंचे। वह 2009 के लोकसभा चुनाव फिर जीते और लोकसभा पहुंचे, लेकिन 2014 के मोदी लहर में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।इसके बाद सपा ने उन्हें राज्यसभा भेज दिया।

वर्ष 2019 में एक बार फिर वह लोकसभा चुनाव लड़कर पिता की विरासत को सहेजना चाहते थे, लेकिन पार्टी अध्यक्ष ने राज्यसभा सदस्य का हावाला देते हुए टिकट नहीं दिया। तभी से नीरज शेखर नाराज चल रहे थे। बात यह भी आई कि टिकट न मिलने से नाराज नीरज के समर्थकों ने चुनाव में भाजपा के लिए प्रचार किया।

सख्त हुई CM योगी की सुरक्षा, बुलेटप्रूफ होंगे मुख्यमंत्री कार्यालय के शीशे

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने लोकभवन स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में बाहरी तरफ लगे शीशों को मुख्यमंत्री की सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। इसलिए राजकीय निर्माण निगम को अब इन शीशों को बुलेटप्रूफ बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

विधानभवन, सचिवालय परिसर और लोकभवन की सुरक्षा के लिए CISF की रिपोर्ट पर अपर मुख्य सचिव गृह एवं गोपन अवनीश कुमार अवस्थी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इसके तहत मुख्यमंत्री कार्यालय के शीशों को बुलेटप्रूफ बनाने के साथ लोकभवन के पंचम तल पर एक एक्स-रे बैगेज स्कैनर भी लगाने को कहा गया है।

इन इमारतों में घुसपैठ की आशंका खत्म करने के लिए चहारदीवारी पर लेजर आधारित या इसी तरह का कोई अन्य इंट्रूजन डिटेक्शन सिस्टम लगाया जाएगा। चहारदीवारी के पास के पेड़ों की कटाई-छंटाई के साथ नजदीक के बिजली खंभों को भी एक हफ्ते में हटाया जाएगा।

इसके अलावा परिसर के वाच टावरों को भी 10 दिन में नेट से कवर करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कोई ग्रेनेड से नुकसान न पहुंचा सके। इन परिसरों के पार्किंग स्थल में एंटी सेबोटाज जांच होगी, जबकि लोकभवन के सुरक्षाकर्मियों को एटीएस से प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। लोकभवन में सीसीटीवी कंट्रोल रूम बनाने और इनके जरिए पूरे परिसर पर नजर रखने की व्यवस्था बनाने को कहा गया है, जबकि लोकभवन में पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

गेट नं. 7 मुख्यमंत्री के लिए

नई सुरक्षा व्यवस्था के तहत सचिवालय के गेट नंबर 7 से मुख्यमंत्री के प्रवेश व निकासी की संस्तुति की गई है। इस गेट के सामने से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री, विधायक व अधिकारी विधान भवन में गेट नंबर आठ व नौ और लोकभवन में गेट नंबर एक व तीन से आवागमन कर सकेंगे।

ये भी होंगे उपाय

विधान भवन परिसर में चौपहिया वाहन आरएफआइडी (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) टैग से और दोपहिया वाहन स्मार्ट कार्ड से इंट्री पाएंगे। पैदल आने वाले लोकभवन के गेट नंबर छह व छह-ए से अस्थायी फोटो आइडेंटिटी कार्ड जारी कराके जांच के बाद प्रवेश पा सकेंगे। लोकभवन के गेट नंबर तीन, चार, आठ व नौ के प्रवेश द्वार पर रंबल स्ट्रिप बनाई जाएगी।