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Tuesday, July 28, 2026
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राजग में मुख्यमंत्री पर अब भी सवाल, शाह के बयान के बाद मचा बवाल

amit shah
amit shah

ब्यूरो | navpravah.com 

नई दिल्ली | बिहार विधानसभा चुनाव के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा? यह अब तक तय नहीं हुआ है। गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बाद यह बात साफ हो गई है। गृह मंत्री अमित शाह से एक चैनल को दिए साक्षात्कार में जब सवाल किया गया कि अगर बिहार चुनाव में राजग जीतता है तो क्या आप नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाएंगे? तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि मैं भला कौन होता हूं किसी को मुख्यमंत्री बनाने वाला। इतनी सारी पार्टियों का गठबंधन है। बिहार चुनाव के बाद जब सभी दल एकजुट होंगे विधायक दल के नेता बैठेंगे तो अपना नेता तय कर लेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि राजग नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ रहा है नीतीश कुमार पर न सिर्फ भाजपा बल्कि बिहार की जनता को भी पूरा भरोसा है। गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री कौन होगा? इसका फैसला विधायक दल के नेता आपस में बैठकर तय कर लेंगे।

इधर गृह मंत्री अमित शाह के इस बयान के बाद सियासत गरमा गई, कांग्रेस ने अमित शाह के इस बयान को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया और लिखा कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। अमित शाह ने क्लियर कर दिया। वहीं राजग के घटक दल के प्रमुख केंद्रीय मंत्री जीतन मांझी ने कहा कि अमित शाह गठबंधन के प्रमुख नेताओं में आते हैं। उन्होंने कहा है कि उस बात को आधिकारिक ही माना जाएगा। लेकिन, मुझे लगता है कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री का नाम तय हो जाना चाहिए था। ऐसे में कोई दुविधा नहीं रहती। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नाराजगी के सवाल पर जीतन राम मांझी ने कहा कि हाल में ही सीएम नीतीश ने नाराजगी जताई थी। लेकिन, अब सब ठीक हो चुका है। गठबंधन में सब कुछ ठीक हो चुका है।

बता दें कि शुक्रवार सुबह गृह मंत्री अमित शाह ने सीएम नीतीश कुमार से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की थी। इसके बाद जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष ने इस मुलाकात के बारे में कहा कि बिहार चुनाव में आगे की कैंपेनिंग रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। अब समय कम है, इसलिए कई मुद्दों पर बातचीत हुई। राजग में कोई गड़बड़ी नहीं है। सबकुछ ठीक है। हमलोग एकजुट हैं। सीएम नीतीश कुमार ही चेहरा हैं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (यूनाइटेड) यानी जदयू दोनों 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 29 सीटें मिली हैं। राष्ट्रीय लोक मोर्चा को छह सीटें दी गई हैं। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) को भी छह सीटों पर चुनाव लड़ने का मौका मिला है।

बिहार : CM नीतीश से मिले गृह मंत्री अमित शाह, सियासी गलियारों में हलचल तेज

नीतीश कुमार मिश्रा | navpravah.com 

पटना | बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज है। आज तड़के सीएम नीतीश कुमार से मिलने गृह मंत्री अमित शाह सीएम हाउस पहुंचे। सीएम नीतीश और अमित शाह के बीच लगभग 15 मिनट तक मुलाकात और बातचीत का दौर चला। बता दें कि अमित शाह तीन दिवसीय बिहार दौरे पर पटना बीते देर रात पहुंचे हैं।

पटना पहुंचते ही अमित शाह ने बिहार बीजेपी के प्रदेश कार्यालय में बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की और आगामी चुनाव को लेकर महत्वपूर्ण चर्चाएं भी की। साथ ही चुनावी प्रचार को लेकर कई रणनीति भी बनाया। वहीं आज सुबह सुबह अमित शाह सीएम नीतीश से मिलने पहुंचे।

इस मुलाकात के दौरान अमित शाह के साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, बिहार बीजेपी के प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ बैठक में चुनावी अभियान और आगामी चुनाव को लेकर रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक लगभग 15 मिनट चली। बैठक के बाद अमित शाह छपरा जिले की तरैया सीट के लिए रवाना हुए, जहां वे आगामी चुनावी कार्यक्रमों में शामिल होंगे।

बता दें कि अमित शाह द्वारा दिए गए एक बयान पर भी सियासी बवाल मचा हुआ है। दावा किया जा रहा है कि अमित शाह ने साफ तौर पर कहा है कि चुनाव के बाद सीएम नीतीश मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। अमित शाह ने एक न्यूज चैनल को इंटरव्यू में कहा कि वर्तमान में NDA नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ रही है। नीतीश कुमार पर न सिर्फ BJP, बल्कि बिहार की जनता का भी पूरा भरोसा है। NDA की जीत के बाद मुख्यमंत्री कौन होगा, यह फैसला विजयी विधायक दल तय करेगा।

एनडीए के तमाम घटक दलों ने दावा किया कि वो सीएम नीतीश के नेतृत्व में चुनाव लड़ रहे हैं और जीत के बाद सीएम नीतीश ही मुख्यमंत्री होंगे। जबकि विपक्ष का दावा है कि एनडीए के अगले सीएम नीतीश कुमार नहीं होंगे। वहीं अब अमित शाह के बयान ने हलचल तेज कर दी हैं कि जीत के बाद विधायक दल की बैठक में तय होगा कि सीएम कौन होगा। अब देखना होगा कि सीएम नीतीश अगले मुख्यमंत्री होते हैं या नहीं…?

गोरखपुर के कुसम्ही जंगल का यह वन ग्राम क्यों है खास, जहाँ हर साल योगी पहुंचते हैं दीवाली मनाने

ब्यूरो | navpravah.com 

गोरखपुर |  घने जंगल में बसे गांव के जो निवासी कभी सरकारी अभिलेखों में नागरिक पहचान से मोहताज थे, आज शासन की कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित होने वालों की कतार में सबसे आगे हैं। उपेक्षा के अभिशाप से उबरकर पहचान ऐसी बनी कि उनके जीवन में आया बदलाव आठ साल से देशभर में सुर्खियों में है। जंगल के इन वाशिंदों को लोग वनटांगिया के नाम से जानते हैं। इनकी पहचान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दुलारे जन की भी है। सीएम योगी के विजन से इनके जीवन का कायाकल्प हो चुका है। मुख्यमंत्री खुद इनके बीच जाकर हर साल दीपावली की खुशियां बांटते हैं। सीएम जिस वनटांगिया गांव, जंगल तिकोनिया नम्बर तीन में दीपावली मनाते हैं, वह जन कल्याण की योजनाओं से संतृप्त गांव बन चुका है।

मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने पहले ही कार्यकाल में योगी आदित्यनाथ ने जंगल तिकोनिया नम्बर तीन सहित सभी वनटांगिया गांवों को राजस्व ग्राम घोषित कर दिया था। राजस्व गांव घोषित होने के बाद यहां शासन की योजनाओं की बौछार होने लगी। आवास, शौचालय, बिजली, पेयजल, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, राशन कार्ड, पेंशन, आयुष्मान कार्ड से वनटांगियों को काफी सुविधाएं और सहूलियत मिली। इस गांव में मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 440 परिवारों को पक्का मकान देने का लक्ष्य रखा गया और यह लक्ष्य शत प्रतिशत पूर्ण है। यही नहीं वित्तीय वर्ष 2024-25 में 3 और परिवारों को आवास योजना के दायरे में लाया गया। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 458 शौचालय बनाए गए हैं।

गांव में तकरीबन सभी घरों को पाइपलाइन से पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। यह गांव विद्युतीकरण से संतृप्त है और पूरे गांव में खड़ंजा/ इंटरलॉकिंग से आंतरिक आवागमन सहज हो गया है। जंगल तिकोनिया नम्बर तीन में शिक्षा का उजास फैलाने के लिए योगी आदित्यनाथ ने बतौर सांसद एक अस्थायी, गोरक्षनाथ विद्यापीठ की स्थापना कराई थी। यह विद्यापीठ अभी है। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने गांव में एक जूनियर हाईस्कूल (कम्पोजिट विद्यालय) शुरू कर बच्चों को कॉन्वेंट सरीखे शिक्षा से जोड़ दिया है। यहां एक आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित है।

जंगल तिकोनिया नम्बर तीन के 400 परिवारों को निशुल्क रसोई गैस कनेक्शन वाली उज्ज्वला योजना, 65 बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन, 35 विधवाओं को विधवा पेंशन, 16 दिव्यांगों को दिव्यांगजन पेंशन, 8 बालिकाओं को कन्या सुमंगला योजना का लाभ प्राप्त हो रहा है। इन योजनाओं की उपलब्धि यहां लक्ष्य के सापेक्ष शत प्रतिशत है। गांव में 1501 लोग पांच लाख रुपये तक निशुल्क चिकित्सा कवरेज देने वाले आयुष्मान योजना से आच्छादित हो चुके हैं। जबकि 53 किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ उठा रहे हैं। शेष किसानो को भी इस योजना से जोड़ने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। गांव में 433 परिवारों के लिए अंत्योदय कार्ड और 15 परिवारों के पात्र गृहस्थी कार्ड बनाए गए हैं। इन सभी को राशन गांव में स्थित कोटे की दुकान से प्राप्त होता है।

दहेज की बलि चढ़ी नवविवाहिता, चार महीने पहले हुई थी शादी

न्यूज़ डेस्क | navpravah.com 

उत्तर प्रदेश |  हापुड़ जनपद के पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के गांव लाखन में एक बार फिर दहेज की लालच ने एक और बहू की जान ले ली। बुधवार को गांव लाखन में नवविवाहिता मोनिका की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मायके पक्ष ने आरोप लगाया है कि ससुराल वालों ने दहेज की मांग पूरी न होने पर उसकी हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है, वहीं मायके पक्ष में कोहराम मचा है।

चार महीने पहले हुई थी शादी-

जानकारी के अनुसार, जिला बुलंदशहर के थाना छतारी क्षेत्र के गांव सहार निवासी मान सिंह ने अपनी बेटी मोनिका की शादी बीती 4 जून 2025 को पिलखुवा क्षेत्र के गांव लाखन निवासी मनीष से धूमधाम से की थी। शादी में परिजनों ने अपनी हैसियत के अनुसार दान-दहेज दिया था, लेकिन आरोप है कि शादी के कुछ ही समय बाद ससुराल वालों ने अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी।मोनिका ने अपने मायके में कई बार फोन कर बताया था कि उसका पति, ससुर, सास, जेठ और ननद उसे दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे हैं। मायके वालों ने कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन ससुराल पक्ष का रवैया नहीं बदला।

पुलिस ने किया शव पोस्टमार्टम के लिए रवाना-

बुधवार दोपहर को मायके पक्ष को सूचना मिली कि मोनिका की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। जब परिवारजन गांव लाखन पहुंचे, तो घर के बाहर पुलिस मौजूद थी और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा चुका था। परिजनों का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने हत्या के बाद सबूत मिटाने की कोशिश की।

पुलिस ने शुरू की जांच, जल्द होगी गिरफ्तारी-

मृतका के पिता मान सिंह ने बेटी के पति मनीष, ससुर, सास, जेठ और ननद के खिलाफ पिलखुवा कोतवाली में तहरीर दी है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक पटनीश कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण स्पष्ट होंगे। मामले की गहनता से जांच की जा रही है और दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

सुल्तानपुर: मियागंज बाजार में जोरदार धमाका, मकान खंडहर में तब्दील, 12 घायल, चार रेफर

ब्यूरो (उत्तर प्रदेश) | navpravah.com 

सुल्तानपुर | जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के गंगेव मियागंज गांव में बुधवार सुबह एक जोरदार धमाके से हड़कंप मच गया। विस्फोट इतना तेज था कि नजीर अहमद का पक्का मकान पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो गया, जबकि आसपास के तीन मकानों को भी नुकसान पहुंचा। हादसे में एक ही परिवार के समेत कुल 12 लोग घायल हुए हैं।

सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को सीएचसी जयसिंहपुर पहुंचाया गया, जहां से चार की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज सुल्तानपुर रेफर कर दिया गया।

प्रत्यक्षदर्शी उदयराज के मुताबिक, सुबह करीब साढ़े चार बजे जब वह टहलने निकले थे, तभी नजीर अहमद के मकान में अचानक तेज धमाका हुआ और आग की लपटें उठीं। मौके पर पहुंचने पर पूरा मकान मलबे में तब्दील हो चुका था और अंदर से चीख-पुकार की आवाजें आ रही थीं। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस और फायर विभाग को सूचना दी। कुछ ही देर में राहत कार्य शुरू हुआ और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया।

घटना में घायल नजीर अहमद, उनकी पत्नी जमातुल निशा, बेटे मो. अनीस, नूर मोहम्मद, शाहिल, सोहेल, पुत्रियाँ सानिया, खुशी, बहू सहाना और पड़ोसी अब्दुल हमीद के बेटे कैफ, ऐफ, फैजान शामिल हैं। कैफ, साहिल और जमातुल निशा सहित चार को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। विस्फोट की तीव्रता इतनी थी कि बगल के अब्दुल हमीद, गुड्डू वर्मा और लक्ष्मी प्रसाद के मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए। लक्ष्मी प्रसाद ने बताया कि लगातार कई धमाके हुए, जिससे दीवारें और छतें हिल गईं, घर का सामान बर्बाद हो गया। घटनास्थल पर बारूद की गंध महसूस की गई और सुतली गोले भी मिले हैं, जिससे पुलिस ने पटाखा विस्फोट की आशंका जताई है। बताया जा रहा है कि नजीर अहमद का बड़ा बेटा यासिर पटाखों का कारोबार करता है, हालांकि वह परिवार से अलग मकान में रहता है।

घटना की सूचना पर एडीएम, एएसपी, सीओ जयसिंहपुर रामकृष्ण चतुर्वेदी, तहसीलदार मयंक मिश्रा तथा मोतिगरपुर, गोसाईगंज और जयसिंहपुर थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। अधिकारी विस्फोट के कारणों की जांच में जुटे हुए हैं। प्रशासन ने क्षेत्र को घेराबंदी कर लिया है और सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है।

दिल्ली-हावड़ा रूट: पटरी से उतरी मालगाड़ी की बोगी, टला बड़ा हादसा

ब्यूरो | navpravah.com 

उत्तर प्रदेश | कानपुर में दिल्ली-हावड़ा रेल रूट पर पनकी स्टेशन से कुछ ही दूरी पर एक मालगाड़ी की बोगी के कुछ पहिए बेपटरी हो गए, जिससे कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का आवागमन करीब दो घंटे बाधित रहा। लोको पायलट की तत्परता और सूझबूझ से एक बड़ी रेल हादसे की स्थिति टल गई। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के आलाधिकारी और कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे, जहां मरम्मत कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया।

घटना करीब रात 11:30 बजे के लगभग की है, जहाँ पनकी रेलवे स्टेशन के निकट दिल्ली-हावड़ा मुख्य रूट पर एक मालगाड़ी के इंजन के ठीक बाद की बोगी के पहिए पटरी से उतर गए। लोको पायलट ने तुरंत ब्रेक लगाकर गाड़ी को नियंत्रित कर लिया, जिससे पूरी मालगाड़ी के पलटने या अन्य गाड़ियों से टकराने की स्थिति बनने से बच गई। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में रेल की पटरी पर कोई बाधा या तोड़फोड़ के निशान नहीं मिले हैं, लेकिन विस्तृत जांच जारी है।

घटना की जानकारी लगते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, जिसमें डिविजनल रेल मैनेजर और इंजीनियरिंग टीम शामिल थी, मौके पर पहुंचे। कर्मचारियों ने क्रेन और अन्य उपकरणों की मदद से क्षतिग्रस्त बोगी को पटरी पर चढ़ाने का कार्य शुरू कर दिया। रेलवे के एक कर्मचारी ने बताया कि मरम्मत कार्य तेजी से चल रहा है और रात करीब 2 बजे तक ट्रैक सामान्य हो जाएगा।

ट्रेनों पर असर, कई एक्सप्रेस लेट-

बेपटरी बोगी के कारण दिल्ली-हावड़ा रूट पर ट्रेनों का संचालन पूरी तरह ठप हो गया। इससे कई प्रमुख ट्रेनें प्रभावित हुईं, जिनमें श्रमशक्ति एक्सप्रेस, फरक्का एक्सप्रेस, साबरमती एक्सप्रेस, पुष्पक एक्सप्रेस, संगम एक्सप्रेस, वंदे भारत एक्सप्रेस और ऊंचाहार एक्सप्रेस शामिल हैं। इन ट्रेनों को करीब दो घंटे की देरी का सामना करना पड़ा। यात्रियों को स्टेशनों पर इंतजार करना पड़ा, लेकिन किसी प्रकार का कोई हादसा या चोट नहीं लगी।

रेलवे ने प्रभावित ट्रेनों को वैकल्पिक रूटों से डायवर्ट करने का प्रयास किया, लेकिन ट्रैफिक जाम के कारण अधिकांश गाड़ियां पनकी और आसपास के स्टेशनों पर रुकी रहीं। अब मरम्मत पूरी होने के बाद सभी ट्रेनें सामान्य गति से चलने लगी हैं।

मिशन शक्ति 5.0: बाँदा में छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा और नेतृत्व का प्रशिक्षण

न्यूज़ डेस्क | navpravah.com 

बाँदा | मंगलवार दोपहर को राजकीय पॉलिटेक्निक बाँदा में मिशन शक्ति 5.0 अभियान के अंतर्गत पुलिस विभाग के प्रतिनिधिगणों द्वारा विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों में साइबर अपराध से बचाव तथा यातायात जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर छात्र-छात्राओं को उपयोगी जानकारी प्रदान की गई।

पुलिस विभाग के अधिकारियों ने छात्राओं को ऑनलाइन सुरक्षा, आत्मरक्षा, एवं यातायात नियमों के पालन से संबंधित व्यावहारिक सुझाव दिए तथा उन्हें सतर्क और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर छात्रा रुचि यादव को प्रधानाचार्य के कार्यों के प्रतीकात्मक निर्वहन की जिम्मेदारी सौंपी गई, जिससे छात्राओं में नेतृत्व, उत्तरदायित्व एवं आत्मविश्वास की भावना को प्रोत्साहन मिला। कार्यक्रम में संस्थान के समस्त शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएँ उत्साहपूर्वक उपस्थित रहे।

प्रधानाचार्य ने कहा कि मिशन शक्ति अभियान महिलाओं में सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की भावना को सशक्त बनाने की दिशा में एक प्रभावी पहल है, जो छात्राओं में आत्मविश्वास और जागरूकता का विकास करती है।

गौरतलब हो कि उत्तर प्रदेश में मिशन शक्ति 5.0 कार्यक्रम महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के लिए शुरू किया गया एक व्यापक अभियान है। इसका पाँचवाँ चरण शारदीय नवरात्रि के पहले दिन, 22 सितंबर 2025 को शुरू हुआ। इस अभियान में पुलिस कार्रवाई, जागरूकता, शिक्षा और कल्याण संबंधी कई कार्यक्रम शामिल हैं।

मिशन शक्ति 5.0 में महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया है। अंतर्राष्ट्रीय बालिका सप्ताह (3 से 11 अक्टूबर) के दौरान “व्यक्तिगत स्वच्छता संवाद” जैसे कार्यक्रम चलाए गए, जिसमें बालिकाओं को मासिक धर्म और व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।अभियान का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। इसके तहत सभी 1,663 थानों में ‘मिशन शक्ति केंद्र’ स्थापित किए गए हैं।

महिला बीट अधिकारी: सभी ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों में महिला बीट अधिकारियों की तैनाती की गई है। ये अधिकारी सीधे महिलाओं से संपर्क करके उनकी शिकायतों का समाधान करती हैं, जिससे उन्हें पुलिस से जुड़ने में मदद मिलती है। यह अभियान महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर भी केंद्रित है। इसके तहत उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाते हैं, जैसे ड्राइविंग और ई-रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण।महिलाओं को कानूनी प्रावधानों और सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक किया जाता है। इसके अलावा, जेलों में बंद महिलाओं को कानूनी सहायता भी प्रदान की जाती है। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एंटी-रोमियो स्क्वॉड द्वारा उपद्रवियों पर कड़ी कार्रवाई की जाती है।

बाँदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करेंगी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

आनंदीबेन ने दिया विवादित बयान

न्यूज़ डेस्क | navpravah.com 

उत्तर प्रदेश | बाँदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, बाँदा का ग्यारहवाँ दीक्षांत समारोह 16 अक्टूबर 2025 को बड़े हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया जाएगा। समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल करेंगी। इस अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली के निदेशक एवं कुलपति डॉ. चेरुकुमल्ली श्रीनिवास राव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। डॉ. राव देश के प्रसिद्ध मृदा वैज्ञानिक हैं, जिन्हें राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए जाना जाता है।

समारोह में विश्वविद्यालय के कुल 350 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की जाएँगी, जिनमें 240 स्नातक, 87 स्नातकोत्तर और 15 पीएच.डी. शोधार्थी शामिल हैं। कुल 19 स्वर्ण पदक भी प्रदान किए जाएँगे, जिनमें 7 छात्राएँ और 12 छात्र सम्मानित होंगे। सर्वश्रेष्ठ स्नातक छात्र के रूप में बी.एससी. (ऑनर्स) कृषि के अंश सक्सेना को चान्सलर गोल्ड मेडल दिया जाएगा। समारोह में सभी छात्र-छात्राएँ पारंपरिक भारतीय परिधान में शामिल होंगे।

कुलसचिव प्रो. एस.के. सिंह ने बताया कि इस वर्ष उपाधियों के कागज में विशेष परिवर्तन किया गया है। अब सभी उपाधियाँ सिंथेटिक कागज पर मुद्रित होंगी, जो पानी और तेल प्रतिरोधी है तथा हाथ से फाड़ी नहीं जा सकती। इससे उपाधियाँ लंबे समय तक सुरक्षित रहेंगी।

दीक्षांत समारोह से पूर्व 7 से 14 अक्टूबर तक “दीक्षोत्सव 2025” के अंतर्गत विभिन्न सांस्कृतिक एवं खेलकूद प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं, जिनमें 200 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। राज्यपाल महोदया के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय ने दुरेडी, खप्टिहाकला, मवई, चहितारा एवं अछरौड़ ग्रामों के विद्यालयों में कक्षा 3 से 12 तक के विद्यार्थियों के बीच कहानी कथन, चित्रकला, भाषण एवं देशभक्ति गीत प्रतियोगिताएँ कराईं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन विद्यार्थियों को दीक्षांत समारोह में सम्मानित किया जाएगा।

समारोह के अवसर पर राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय में एचपीवी वैक्सीनेशन कार्यक्रम स्थल का भ्रमण करेंगी और संग्रहालय एवं कला दीर्घा का उद्घाटन करेंगी। बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में विश्वविद्यालय द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों को सशक्त बनाने की पहल की जा रही है। इस वर्ष समारोह में हमीरपुर जिले के 100 आंगनवाड़ी केंद्रों को कुलाधिपति द्वारा आंगनवाड़ी किट प्रदान की जाएगी। उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के प्रसार निदेशालय द्वारा आयोजित किए जाने वाले उत्तर क्षेत्रीय किसान मेला 2026 (12 से 14 फरवरी 2026) की विवरणिका का विमोचन भी राज्यपाल द्वारा किया जाएगा।

राजभवन के मार्गदर्शन में पहली बार नैक मूल्यांकन में ‘ए’ ग्रेड प्राप्त कर विश्वविद्यालय ने नया कीर्तिमान स्थापित किया। इस वर्ष 57 नई शोध परियोजनाएँ तैयार की गईं और 33 सक्रिय परियोजनाओं पर कार्य जारी है। विश्वविद्यालय द्वारा अलसी, तिल और तोरई की नई प्रजातियाँ विकसित की गई हैं। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत चार प्रदर्शन इकाइयाँ स्थापित की गईं। बीज उत्पादन कार्यक्रम के अंतर्गत 2363 क्विंटल प्रमाणित बीज का उत्पादन किया गया। राज्य स्तर पर कृषि विज्ञान केंद्र हमीरपुर को राज्यपाल द्वारा सर्वश्रेष्ठ केवीके पुरस्कार मिला, वहीं एक वैज्ञानिक को मुख्यमंत्री सम्मान और पाँच शिक्षकों को राज्यस्तरीय पुरस्कार से नवाज़ा गया।

मंडल मुख्यालयों पर स्थापित होंगे दिव्यांग पुनर्वास केंद्र: योगी आदित्यनाथ

cm up yogi
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न्यूज़ डेस्क | navpravah.com 

लखनऊ | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी मंडल मुख्यालयों पर दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी दिव्यांगजन समाज की मुख्यधारा से वंचित न रहे। प्रत्येक मंडल मुख्यालय पर अत्याधुनिक पुनर्वास केंद्र विकसित किए जाएं, जहां दिव्यांग व्यक्तियों को चिकित्सकीय, शैक्षिक, मनोवैज्ञानिक और व्यावसायिक सहायता एक ही स्थान पर मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ‘सेवा, संवेदना और सम्मान’ के भाव से दिव्यांगजनों के समग्र सशक्तिकरण के लिए कृतसंकल्पित है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिन जिलों में पहले से दिव्यांग पुनर्वास केंद्र संचालित हैं, उनकी सेवाओं को और सशक्त करते हुए मॉडल केंद्रों के रूप में विकसित किया जाए। वहीं जहां केंद्र नहीं हैं, वहां उन्हें प्राथमिकता के आधार पर स्थानीय जिला या सरकारी अस्पतालों के परिसर में स्थापित किया जाए ताकि चिकित्सकीय सुविधाओं के साथ इनका सहज समन्वय बन सके। यदि सरकारी अस्पताल में स्थान पर्याप्त नहीं है तो अलग भवन की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन केंद्रों में फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, स्पीच थेरेपी, मनोवैज्ञानिक परामर्श, ऑर्थोटिक व प्रॉस्थेटिक सेवाएं, उपकरण वितरण आदि सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हों।

बैठक में यह जानकारी दी गई कि वर्तमान में प्रदेश के 37 जिलों में दिव्यांग पुनर्वास केंद्र कार्यरत हैं, इनमें 11 मंडल मुख्यालयों पर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन केंद्रों में तकनीकी संसाधन और विशेषज्ञ मानवबल को सुदृढ़ किया जाए। प्रत्येक केंद्र में प्रशिक्षित फिजियोथेरेपिस्ट, क्लिनिकल साइकॉलजिस्ट, प्रॉस्थेटिस्ट, ऑर्थोटिस्ट, स्पीच थैरेपिस्ट और काउंसलर की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही दिव्यांगजनों के लिए तकनीकी प्रशिक्षण, डिजिटल पंजीकरण, और ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए ताकि सेवाओं की पारदर्शिता और निगरानी बनी रहे। बैठक में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में केंद्र संचालन समिति के स्वरूप पर भी चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि दिव्यांगजन केवल सहानुभूति के पात्र बनकर न रहें, बल्कि आत्मनिर्भर और योगदानकारी नागरिक के रूप में समाज की मुख्यधारा में शामिल हों। बैठक में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कुमार कश्यप सहित विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति रही।

किसानों के हित में योगी सरकार का बड़ा फैसला

न्यूज़ डेस्क | navpravah.com 

लखनऊ | प्रदेश के उद्यान एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने सोमवार को अपने सरकारी आवास पर उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रदेश के आलू किसानों के हित में वर्ष 2025-26 हेतु विभागीय आलू बीज की दरों पर 800 रुपये प्रति कुंतल की छूट देने का निर्णय लिया गया।

उद्यान मंत्री ने कहा कि वर्तमान वर्ष में विभागीय आलू बीज की विक्रय दरें उत्पादन लागत के आधार पर 2760 रुपये से 3715 रुपये प्रति कुंतल तक निर्धारित थीं, जबकि निजी बीज कंपनियों की आलू बीज की औसत दरें लगभग 2500 से 3500 रूपये के मध्य है। अब किसानों को गुणवत्तायुक्त सभी श्रेणी के विभागीय आलू बीज की दरों में 800 रुपये प्रति कुंतल की छूट दी जायेगी।

शोध संस्थाओं एवं सरकारी संस्थाओं को छूट प्रदान नहीं की जायेगी। अब किसानों के लिए सभी विभागीय आलू बीज की दरें 1960 रुपये से 2915 रुपये प्रति कुंतल के बीच रहेगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय किसानों को आलू की खेती के लिए प्रोत्साहित करेगा तथा गुणवत्तायुक्त बीज की उपलब्धता से प्रदेश में आलू उत्पादन में वृद्धि होगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी जनपदों में किसानों तक यह लाभ शीघ्र पहुँचाया जाए और बीज वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी एवं समयबद्ध रूप से संपन्न कराई जाए।

वर्तमान वर्ष में उद्यान विभाग के पास 41,876 कुंतल आलू बीज भंडारित है। विभाग द्वारा यह बीज नकद मूल्य पर किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि किसान आगामी वर्षों के लिए बीज उत्पादन कर सकें। उत्तर प्रदेश देश का प्रमुख आलू उत्पादक राज्य है। प्रदेश में लगभग 6.96 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की बुवाई की जाती है, जिससे लगभग 26 लाख मीट्रिक टन आलू बीज की आवश्यकता होती है। राज्य देश के कुल आलू उत्पादन का लगभग 30 से 35 प्रतिशत उत्पादन करता है, जो न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था बल्कि रोजगार और पोषण के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।

मंत्री सिंह ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक किसान को गुणवत्तायुक्त बीज सुलभ दरों पर उपलब्ध हो ताकि उनकी आय में वृद्धि हो और प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। किसान भाई विभागीय आलू बीज कम दरों पर अपने संबंधित जनपदीय उद्यान अधिकारी से संपर्क कर नकद मूल्य पर प्राप्त कर सकते हैं। इससे आगामी वर्षों के लिए बीज तैयार किया जा सकेगा, जिससे प्रदेश में आलू उत्पादन में अपेक्षित वृद्धि होगी।