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Sunday, September 6, 2026
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पत्रकार हत्याकांड: सुरक्षा को लेकर प्रशासन गंभीर, परिजनों को मिलेगी सहायता

ब्यूरो | navpravah.com 

प्रयागराज |  जिले में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर पुलिस कमिश्नर ने आश्वासन दिया है, वहीं जिलाधिकारी ने मृतक पत्रकार के परिजनों को अधिकतम सहायता दिलाने का वादा किया है।

सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में गुरुवार रात पत्रकार एल.एन. सिंह उर्फ पप्पू की धारदार हथियार से की गई निर्मम हत्या ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। पत्रकारों की सुरक्षा और अन्य मांगों को लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब का एक प्रतिनिधिमंडल संयोजक वीरेंद्र पाठक के नेतृत्व में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा और पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार से मिला।

पुलिस कमिश्नर ने पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया और कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। जिलाधिकारी ने मृतक परिवार को सरकारी सहायता, बच्चों की शिक्षा और अन्य योजनाओं के तहत मदद दिलाने की बात कही। उन्होंने कहा कि शासन की नीतियों के अनुरूप परिवार को अधिकतम सहायता दी जाएगी।

प्रयागराज के सबसे पॉश इलाके में हुई इस सनसनीखेज वारदात ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्रकारिता जगत में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश और शोक की लहर दौड़ गई है।

शुक्रवार सुबह इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब की एक आपात बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता संयोजक वीरेंद्र पाठक ने की। बैठक में शहर के वरिष्ठ, युवा और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े पत्रकारों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। सभी पत्रकारों ने एक स्वर में मृतक पत्रकार को न्याय दिलाने की मांग की और शासन-प्रशासन से सख्त कार्रवाई की अपील की।

बैठक में निम्नलिखित चार प्रमुख बिंदुओं पर सर्वसम्मति बनी:

  1. पत्रकार एल.एन. सिंह हत्याकांड की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
  2. मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए ताकि पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय मिल सके।
  3. मृतक पत्रकार के परिजनों को शासन की ओर से उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
  4. घटना स्थल से अस्पताल तक ले जाने में हुई देरी की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए।

इसी क्रम में शुक्रवार को क्लब से जुड़े पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर से मिला। पत्रकारों ने ज्ञापन सौंपकर मांग की कि मृतक पत्रकार के परिवार को समुचित आर्थिक सहायता दी जाए और हत्याकांड की गहन जांच कर शीघ्र पर्दाफाश किया जाए।

पत्रकारों ने यह भी कहा कि शासन द्वारा पत्रकारों की सहायता के लिए निर्धारित राशि बेहद कम है, जिसे बढ़ाया जाना चाहिए ताकि दिवंगत पत्रकारों के परिवार को वास्तविक राहत मिल सके। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मृतक पत्रकार के परिजनों को हरसंभव सहायता दी जाएगी और इस जघन्य हत्याकांड के पीछे के कारणों का शीघ्र खुलासा किया जाएगा।

पत्रकारों ने प्रयागराज पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। पुलिस ने घटना के अगले ही दिन मुख्य आरोपी को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया था, जिसमें उसके पैर में तीन गोलियां लगीं। अब पत्रकारों ने हत्याकांड में शामिल अन्य सहयोगियों की भी गिरफ्तारी की मांग की है, ताकि पूरे प्रकरण का सच सामने आ सके।

बैठक और प्रतिनिधिमंडल में वीरेंद्र पाठक, अनुपम शुक्ल, राजेंद्र गुप्ता, दिनेश तिवारी, मो. आमिर, कुलदीप शुक्ला, नीतेश सोनी, शैलेश कुमार, आरव भारद्वाज, गगन सिंह, विकास मिश्रा, विनीत शेट्टी, पवन मिश्रा, शमशाद अहमद, मोहम्मद अनवर खान, पवन उपाध्याय, इमरान यूसुफी, पंकज गुप्ता, प्रवीण मिश्रा, सलमान अहमद, तारकेश्वर नाथ पांडे, धीरज कुमार, दिव्यांश पांडे, जिया सिद्दीकी, जैदुल्लाह, मनोज कुमार, अभिनव केसरवानी, फरहान अली, भेलचंद्र पांडे, संजीव मिश्रा, आयुष श्रीवास्तव, रचना त्रिवेदी, मोहम्मद आरिज, पवन पटेल, पवन पाल, मोहम्मद लइक, सौरभ, शकील अहमद, आशीष भट, संतोष सिंह, श्यामू कुशवाहा सहित अनेक मीडिया कर्मी शामिल रहे।

शमी पिछले छह-सात महीने से फिट नहीं, चयन न करने के बीच बोले अगरकर

स्पोर्ट्स डेस्क | navpravah.com

नई दिल्ली | भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के फिटनेस और टीम में उनकी अनुपलब्धता को लेकर बयान दिया है। इससे पहले मोहम्मद शमी ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर चयन न होने पर कहा था कि मुझे नहीं पता, मेरा चयन क्यों नहीं हुआ। अगर मैं फिट नहीं रहता तो रणजी मैच कैसे खेलता? इस बारे में जब एक निजी चैनल ने सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि शमी पिछले छह-सात महीनों से फिट नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि अगर वह मुझसे ऐसा कहते है, तो शायद मैं इसका जवाब देता। मेरा मतलब है, अगर वह यहां होता, तो शायद मैं ऐसा ही करता। मुझे ठीक से नहीं मालूम कि उसने सोशल मीडिया पर क्या कहा। अगर मैं उसके बयान को पढ़ूंगा तो उसे कॉल कर दूं, लेकिन मेरा फोन सभी खिलाड़ियों के लिए हमेशा चालू रहता है। पिछले कुछ महीनों में मेरी उससे कई बार बातचीत हुई है, लेकिन मैं यहां आपको कोई हेडलाइन नहीं देना चाहता।

उन्होंने आगे कहा कि वह भारत के लिए अतुल्यनीय खिलाड़ी रहे हैं, अगर उन्होंने कुछ कहा है तो इसका यह मतलब जरूर है कि या तो मुझे उनसे या उन्हें मुझसे बात करनी पड़ेगी। इंग्लैंड दौरे से पहले भी मैंने कहा था कि अगर वह फिट होंगे तो हमारे साथ प्लेन में होंगे। दुर्भागयवश वह हमारे साथ नहीं थे और उसके तुरंत बाद ही घरेलू श्रृंखला की शुरुआत हो गई। हम देखेंगे कि वह पूरी तरह से फिट है या नहीं और आगे क्या होता है। हमें कुछ और मैचों में पता चल जाएगा। अगर वह अच्छी गेंदबाजी कर रहा है, तो आप शमी जैसे खिलाड़ी को क्यों नहीं लेना चाहेंगे? लेकिन पिछले छह-सात महीनों में हमने जो देखा है, दुर्भाग्य से उसकी फिटनेस अच्छी नहीं थी।

बता दें कि शमी चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं, जहां उन्होंने ट्रॉफी जीतने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस बीच, इस तेज गेंदबाज को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 19 अक्तूबर से शुरू होने वाली एकदिवसीय श्रृंखला के लिए नहीं चुना गया तथा वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला के लिए भी उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया था।

भारत-नेपाल सीमा पर 108 किलो पटाखों के साथ तस्कर गिरफ्तार

ब्यूरो | navpravah.com

सिद्धार्थनगर |  भारत-नेपाल सीमा पर तैनात 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) सिद्धार्थनगर की सीमा चौकी चेरिगावा व थाना शोहरतगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को बड़ी सफलता हासिल की। संयुक्त नाका दल ने सीमा स्तंभ संख्या 561/1 के समीप भारत से नेपाल ले जाए जा रहे 108.080 किलो पटाखों के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया।

एसएसबी को सूचना मिली थी कि सीमा क्षेत्र से पटाखों की तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर एसएसबी व शोहरतगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने चिन्हित स्थान पर नाका लगाया। कुछ समय बाद नाका दल ने एक व्यक्ति को मोटरसाइकिल पर कार्टन लादे नेपाल की ओर जाते देखा। रोककर पूछताछ करने पर उसने अपना नाम बंशी रैदास, पुत्र बहारू रैदास, निवासी ग्राम कर्मा वार्ड संख्या 06, थाना कृष्णानगर, जिला कपिलवस्तु (नेपाल) बताया।

जब उससे कार्टन में रखे सामान के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि उसमें पटाखे हैं, जिन्हें वह कोटिया बाजार से लेकर नेपाल पहुंचाने जा रहा था। जब उससे पटाखों से संबंधित कोई वैध दस्तावेज मांगे गए तो वह प्रस्तुत करने में असमर्थ रहा। इस पर नाका दल ने तीनों कार्टन खोलकर जांच की, जिनमें कुल 108.080 किलो पटाखे बरामद हुए। मौके पर मौजूद दल ने मोटरसाइकिल और पटाखों को जब्त कर आरोपी को आगे की कानूनी कार्यवाही हेतु शोहरतगढ़ थाने के सुपुर्द कर दिया।

एसएसबी अधिकारियों ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए 43वीं वाहिनी लगातार अभियान चला रही है। सीमा क्षेत्र में तस्करी, मानव तस्करी, नशीली दवाओं, अवैध मुद्रा, वन्य जीव और उनके उत्पादों की रोकथाम के लिए एसएसबी की टीमें लगातार सक्रिय हैं। इस प्रकार की कार्रवाई से सीमाई क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में सफलता मिल रही है।

राजग में मुख्यमंत्री पर अब भी सवाल, शाह के बयान के बाद मचा बवाल

amit shah
amit shah

ब्यूरो | navpravah.com 

नई दिल्ली | बिहार विधानसभा चुनाव के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा? यह अब तक तय नहीं हुआ है। गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बाद यह बात साफ हो गई है। गृह मंत्री अमित शाह से एक चैनल को दिए साक्षात्कार में जब सवाल किया गया कि अगर बिहार चुनाव में राजग जीतता है तो क्या आप नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाएंगे? तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि मैं भला कौन होता हूं किसी को मुख्यमंत्री बनाने वाला। इतनी सारी पार्टियों का गठबंधन है। बिहार चुनाव के बाद जब सभी दल एकजुट होंगे विधायक दल के नेता बैठेंगे तो अपना नेता तय कर लेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि राजग नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ रहा है नीतीश कुमार पर न सिर्फ भाजपा बल्कि बिहार की जनता को भी पूरा भरोसा है। गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री कौन होगा? इसका फैसला विधायक दल के नेता आपस में बैठकर तय कर लेंगे।

इधर गृह मंत्री अमित शाह के इस बयान के बाद सियासत गरमा गई, कांग्रेस ने अमित शाह के इस बयान को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया और लिखा कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। अमित शाह ने क्लियर कर दिया। वहीं राजग के घटक दल के प्रमुख केंद्रीय मंत्री जीतन मांझी ने कहा कि अमित शाह गठबंधन के प्रमुख नेताओं में आते हैं। उन्होंने कहा है कि उस बात को आधिकारिक ही माना जाएगा। लेकिन, मुझे लगता है कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री का नाम तय हो जाना चाहिए था। ऐसे में कोई दुविधा नहीं रहती। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नाराजगी के सवाल पर जीतन राम मांझी ने कहा कि हाल में ही सीएम नीतीश ने नाराजगी जताई थी। लेकिन, अब सब ठीक हो चुका है। गठबंधन में सब कुछ ठीक हो चुका है।

बता दें कि शुक्रवार सुबह गृह मंत्री अमित शाह ने सीएम नीतीश कुमार से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की थी। इसके बाद जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष ने इस मुलाकात के बारे में कहा कि बिहार चुनाव में आगे की कैंपेनिंग रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। अब समय कम है, इसलिए कई मुद्दों पर बातचीत हुई। राजग में कोई गड़बड़ी नहीं है। सबकुछ ठीक है। हमलोग एकजुट हैं। सीएम नीतीश कुमार ही चेहरा हैं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (यूनाइटेड) यानी जदयू दोनों 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 29 सीटें मिली हैं। राष्ट्रीय लोक मोर्चा को छह सीटें दी गई हैं। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) को भी छह सीटों पर चुनाव लड़ने का मौका मिला है।

बिहार : CM नीतीश से मिले गृह मंत्री अमित शाह, सियासी गलियारों में हलचल तेज

नीतीश कुमार मिश्रा | navpravah.com 

पटना | बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज है। आज तड़के सीएम नीतीश कुमार से मिलने गृह मंत्री अमित शाह सीएम हाउस पहुंचे। सीएम नीतीश और अमित शाह के बीच लगभग 15 मिनट तक मुलाकात और बातचीत का दौर चला। बता दें कि अमित शाह तीन दिवसीय बिहार दौरे पर पटना बीते देर रात पहुंचे हैं।

पटना पहुंचते ही अमित शाह ने बिहार बीजेपी के प्रदेश कार्यालय में बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की और आगामी चुनाव को लेकर महत्वपूर्ण चर्चाएं भी की। साथ ही चुनावी प्रचार को लेकर कई रणनीति भी बनाया। वहीं आज सुबह सुबह अमित शाह सीएम नीतीश से मिलने पहुंचे।

इस मुलाकात के दौरान अमित शाह के साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, बिहार बीजेपी के प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ बैठक में चुनावी अभियान और आगामी चुनाव को लेकर रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक लगभग 15 मिनट चली। बैठक के बाद अमित शाह छपरा जिले की तरैया सीट के लिए रवाना हुए, जहां वे आगामी चुनावी कार्यक्रमों में शामिल होंगे।

बता दें कि अमित शाह द्वारा दिए गए एक बयान पर भी सियासी बवाल मचा हुआ है। दावा किया जा रहा है कि अमित शाह ने साफ तौर पर कहा है कि चुनाव के बाद सीएम नीतीश मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। अमित शाह ने एक न्यूज चैनल को इंटरव्यू में कहा कि वर्तमान में NDA नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ रही है। नीतीश कुमार पर न सिर्फ BJP, बल्कि बिहार की जनता का भी पूरा भरोसा है। NDA की जीत के बाद मुख्यमंत्री कौन होगा, यह फैसला विजयी विधायक दल तय करेगा।

एनडीए के तमाम घटक दलों ने दावा किया कि वो सीएम नीतीश के नेतृत्व में चुनाव लड़ रहे हैं और जीत के बाद सीएम नीतीश ही मुख्यमंत्री होंगे। जबकि विपक्ष का दावा है कि एनडीए के अगले सीएम नीतीश कुमार नहीं होंगे। वहीं अब अमित शाह के बयान ने हलचल तेज कर दी हैं कि जीत के बाद विधायक दल की बैठक में तय होगा कि सीएम कौन होगा। अब देखना होगा कि सीएम नीतीश अगले मुख्यमंत्री होते हैं या नहीं…?

गोरखपुर के कुसम्ही जंगल का यह वन ग्राम क्यों है खास, जहाँ हर साल योगी पहुंचते हैं दीवाली मनाने

ब्यूरो | navpravah.com 

गोरखपुर |  घने जंगल में बसे गांव के जो निवासी कभी सरकारी अभिलेखों में नागरिक पहचान से मोहताज थे, आज शासन की कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित होने वालों की कतार में सबसे आगे हैं। उपेक्षा के अभिशाप से उबरकर पहचान ऐसी बनी कि उनके जीवन में आया बदलाव आठ साल से देशभर में सुर्खियों में है। जंगल के इन वाशिंदों को लोग वनटांगिया के नाम से जानते हैं। इनकी पहचान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दुलारे जन की भी है। सीएम योगी के विजन से इनके जीवन का कायाकल्प हो चुका है। मुख्यमंत्री खुद इनके बीच जाकर हर साल दीपावली की खुशियां बांटते हैं। सीएम जिस वनटांगिया गांव, जंगल तिकोनिया नम्बर तीन में दीपावली मनाते हैं, वह जन कल्याण की योजनाओं से संतृप्त गांव बन चुका है।

मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने पहले ही कार्यकाल में योगी आदित्यनाथ ने जंगल तिकोनिया नम्बर तीन सहित सभी वनटांगिया गांवों को राजस्व ग्राम घोषित कर दिया था। राजस्व गांव घोषित होने के बाद यहां शासन की योजनाओं की बौछार होने लगी। आवास, शौचालय, बिजली, पेयजल, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, राशन कार्ड, पेंशन, आयुष्मान कार्ड से वनटांगियों को काफी सुविधाएं और सहूलियत मिली। इस गांव में मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 440 परिवारों को पक्का मकान देने का लक्ष्य रखा गया और यह लक्ष्य शत प्रतिशत पूर्ण है। यही नहीं वित्तीय वर्ष 2024-25 में 3 और परिवारों को आवास योजना के दायरे में लाया गया। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 458 शौचालय बनाए गए हैं।

गांव में तकरीबन सभी घरों को पाइपलाइन से पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। यह गांव विद्युतीकरण से संतृप्त है और पूरे गांव में खड़ंजा/ इंटरलॉकिंग से आंतरिक आवागमन सहज हो गया है। जंगल तिकोनिया नम्बर तीन में शिक्षा का उजास फैलाने के लिए योगी आदित्यनाथ ने बतौर सांसद एक अस्थायी, गोरक्षनाथ विद्यापीठ की स्थापना कराई थी। यह विद्यापीठ अभी है। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने गांव में एक जूनियर हाईस्कूल (कम्पोजिट विद्यालय) शुरू कर बच्चों को कॉन्वेंट सरीखे शिक्षा से जोड़ दिया है। यहां एक आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित है।

जंगल तिकोनिया नम्बर तीन के 400 परिवारों को निशुल्क रसोई गैस कनेक्शन वाली उज्ज्वला योजना, 65 बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन, 35 विधवाओं को विधवा पेंशन, 16 दिव्यांगों को दिव्यांगजन पेंशन, 8 बालिकाओं को कन्या सुमंगला योजना का लाभ प्राप्त हो रहा है। इन योजनाओं की उपलब्धि यहां लक्ष्य के सापेक्ष शत प्रतिशत है। गांव में 1501 लोग पांच लाख रुपये तक निशुल्क चिकित्सा कवरेज देने वाले आयुष्मान योजना से आच्छादित हो चुके हैं। जबकि 53 किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ उठा रहे हैं। शेष किसानो को भी इस योजना से जोड़ने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। गांव में 433 परिवारों के लिए अंत्योदय कार्ड और 15 परिवारों के पात्र गृहस्थी कार्ड बनाए गए हैं। इन सभी को राशन गांव में स्थित कोटे की दुकान से प्राप्त होता है।

दहेज की बलि चढ़ी नवविवाहिता, चार महीने पहले हुई थी शादी

न्यूज़ डेस्क | navpravah.com 

उत्तर प्रदेश |  हापुड़ जनपद के पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के गांव लाखन में एक बार फिर दहेज की लालच ने एक और बहू की जान ले ली। बुधवार को गांव लाखन में नवविवाहिता मोनिका की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मायके पक्ष ने आरोप लगाया है कि ससुराल वालों ने दहेज की मांग पूरी न होने पर उसकी हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है, वहीं मायके पक्ष में कोहराम मचा है।

चार महीने पहले हुई थी शादी-

जानकारी के अनुसार, जिला बुलंदशहर के थाना छतारी क्षेत्र के गांव सहार निवासी मान सिंह ने अपनी बेटी मोनिका की शादी बीती 4 जून 2025 को पिलखुवा क्षेत्र के गांव लाखन निवासी मनीष से धूमधाम से की थी। शादी में परिजनों ने अपनी हैसियत के अनुसार दान-दहेज दिया था, लेकिन आरोप है कि शादी के कुछ ही समय बाद ससुराल वालों ने अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी।मोनिका ने अपने मायके में कई बार फोन कर बताया था कि उसका पति, ससुर, सास, जेठ और ननद उसे दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे हैं। मायके वालों ने कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन ससुराल पक्ष का रवैया नहीं बदला।

पुलिस ने किया शव पोस्टमार्टम के लिए रवाना-

बुधवार दोपहर को मायके पक्ष को सूचना मिली कि मोनिका की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। जब परिवारजन गांव लाखन पहुंचे, तो घर के बाहर पुलिस मौजूद थी और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा चुका था। परिजनों का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने हत्या के बाद सबूत मिटाने की कोशिश की।

पुलिस ने शुरू की जांच, जल्द होगी गिरफ्तारी-

मृतका के पिता मान सिंह ने बेटी के पति मनीष, ससुर, सास, जेठ और ननद के खिलाफ पिलखुवा कोतवाली में तहरीर दी है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक पटनीश कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण स्पष्ट होंगे। मामले की गहनता से जांच की जा रही है और दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

सुल्तानपुर: मियागंज बाजार में जोरदार धमाका, मकान खंडहर में तब्दील, 12 घायल, चार रेफर

ब्यूरो (उत्तर प्रदेश) | navpravah.com 

सुल्तानपुर | जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के गंगेव मियागंज गांव में बुधवार सुबह एक जोरदार धमाके से हड़कंप मच गया। विस्फोट इतना तेज था कि नजीर अहमद का पक्का मकान पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो गया, जबकि आसपास के तीन मकानों को भी नुकसान पहुंचा। हादसे में एक ही परिवार के समेत कुल 12 लोग घायल हुए हैं।

सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को सीएचसी जयसिंहपुर पहुंचाया गया, जहां से चार की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज सुल्तानपुर रेफर कर दिया गया।

प्रत्यक्षदर्शी उदयराज के मुताबिक, सुबह करीब साढ़े चार बजे जब वह टहलने निकले थे, तभी नजीर अहमद के मकान में अचानक तेज धमाका हुआ और आग की लपटें उठीं। मौके पर पहुंचने पर पूरा मकान मलबे में तब्दील हो चुका था और अंदर से चीख-पुकार की आवाजें आ रही थीं। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस और फायर विभाग को सूचना दी। कुछ ही देर में राहत कार्य शुरू हुआ और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया।

घटना में घायल नजीर अहमद, उनकी पत्नी जमातुल निशा, बेटे मो. अनीस, नूर मोहम्मद, शाहिल, सोहेल, पुत्रियाँ सानिया, खुशी, बहू सहाना और पड़ोसी अब्दुल हमीद के बेटे कैफ, ऐफ, फैजान शामिल हैं। कैफ, साहिल और जमातुल निशा सहित चार को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। विस्फोट की तीव्रता इतनी थी कि बगल के अब्दुल हमीद, गुड्डू वर्मा और लक्ष्मी प्रसाद के मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए। लक्ष्मी प्रसाद ने बताया कि लगातार कई धमाके हुए, जिससे दीवारें और छतें हिल गईं, घर का सामान बर्बाद हो गया। घटनास्थल पर बारूद की गंध महसूस की गई और सुतली गोले भी मिले हैं, जिससे पुलिस ने पटाखा विस्फोट की आशंका जताई है। बताया जा रहा है कि नजीर अहमद का बड़ा बेटा यासिर पटाखों का कारोबार करता है, हालांकि वह परिवार से अलग मकान में रहता है।

घटना की सूचना पर एडीएम, एएसपी, सीओ जयसिंहपुर रामकृष्ण चतुर्वेदी, तहसीलदार मयंक मिश्रा तथा मोतिगरपुर, गोसाईगंज और जयसिंहपुर थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। अधिकारी विस्फोट के कारणों की जांच में जुटे हुए हैं। प्रशासन ने क्षेत्र को घेराबंदी कर लिया है और सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है।

दिल्ली-हावड़ा रूट: पटरी से उतरी मालगाड़ी की बोगी, टला बड़ा हादसा

ब्यूरो | navpravah.com 

उत्तर प्रदेश | कानपुर में दिल्ली-हावड़ा रेल रूट पर पनकी स्टेशन से कुछ ही दूरी पर एक मालगाड़ी की बोगी के कुछ पहिए बेपटरी हो गए, जिससे कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का आवागमन करीब दो घंटे बाधित रहा। लोको पायलट की तत्परता और सूझबूझ से एक बड़ी रेल हादसे की स्थिति टल गई। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के आलाधिकारी और कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे, जहां मरम्मत कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया।

घटना करीब रात 11:30 बजे के लगभग की है, जहाँ पनकी रेलवे स्टेशन के निकट दिल्ली-हावड़ा मुख्य रूट पर एक मालगाड़ी के इंजन के ठीक बाद की बोगी के पहिए पटरी से उतर गए। लोको पायलट ने तुरंत ब्रेक लगाकर गाड़ी को नियंत्रित कर लिया, जिससे पूरी मालगाड़ी के पलटने या अन्य गाड़ियों से टकराने की स्थिति बनने से बच गई। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में रेल की पटरी पर कोई बाधा या तोड़फोड़ के निशान नहीं मिले हैं, लेकिन विस्तृत जांच जारी है।

घटना की जानकारी लगते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, जिसमें डिविजनल रेल मैनेजर और इंजीनियरिंग टीम शामिल थी, मौके पर पहुंचे। कर्मचारियों ने क्रेन और अन्य उपकरणों की मदद से क्षतिग्रस्त बोगी को पटरी पर चढ़ाने का कार्य शुरू कर दिया। रेलवे के एक कर्मचारी ने बताया कि मरम्मत कार्य तेजी से चल रहा है और रात करीब 2 बजे तक ट्रैक सामान्य हो जाएगा।

ट्रेनों पर असर, कई एक्सप्रेस लेट-

बेपटरी बोगी के कारण दिल्ली-हावड़ा रूट पर ट्रेनों का संचालन पूरी तरह ठप हो गया। इससे कई प्रमुख ट्रेनें प्रभावित हुईं, जिनमें श्रमशक्ति एक्सप्रेस, फरक्का एक्सप्रेस, साबरमती एक्सप्रेस, पुष्पक एक्सप्रेस, संगम एक्सप्रेस, वंदे भारत एक्सप्रेस और ऊंचाहार एक्सप्रेस शामिल हैं। इन ट्रेनों को करीब दो घंटे की देरी का सामना करना पड़ा। यात्रियों को स्टेशनों पर इंतजार करना पड़ा, लेकिन किसी प्रकार का कोई हादसा या चोट नहीं लगी।

रेलवे ने प्रभावित ट्रेनों को वैकल्पिक रूटों से डायवर्ट करने का प्रयास किया, लेकिन ट्रैफिक जाम के कारण अधिकांश गाड़ियां पनकी और आसपास के स्टेशनों पर रुकी रहीं। अब मरम्मत पूरी होने के बाद सभी ट्रेनें सामान्य गति से चलने लगी हैं।

मिशन शक्ति 5.0: बाँदा में छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा और नेतृत्व का प्रशिक्षण

न्यूज़ डेस्क | navpravah.com 

बाँदा | मंगलवार दोपहर को राजकीय पॉलिटेक्निक बाँदा में मिशन शक्ति 5.0 अभियान के अंतर्गत पुलिस विभाग के प्रतिनिधिगणों द्वारा विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों में साइबर अपराध से बचाव तथा यातायात जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर छात्र-छात्राओं को उपयोगी जानकारी प्रदान की गई।

पुलिस विभाग के अधिकारियों ने छात्राओं को ऑनलाइन सुरक्षा, आत्मरक्षा, एवं यातायात नियमों के पालन से संबंधित व्यावहारिक सुझाव दिए तथा उन्हें सतर्क और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर छात्रा रुचि यादव को प्रधानाचार्य के कार्यों के प्रतीकात्मक निर्वहन की जिम्मेदारी सौंपी गई, जिससे छात्राओं में नेतृत्व, उत्तरदायित्व एवं आत्मविश्वास की भावना को प्रोत्साहन मिला। कार्यक्रम में संस्थान के समस्त शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएँ उत्साहपूर्वक उपस्थित रहे।

प्रधानाचार्य ने कहा कि मिशन शक्ति अभियान महिलाओं में सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की भावना को सशक्त बनाने की दिशा में एक प्रभावी पहल है, जो छात्राओं में आत्मविश्वास और जागरूकता का विकास करती है।

गौरतलब हो कि उत्तर प्रदेश में मिशन शक्ति 5.0 कार्यक्रम महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के लिए शुरू किया गया एक व्यापक अभियान है। इसका पाँचवाँ चरण शारदीय नवरात्रि के पहले दिन, 22 सितंबर 2025 को शुरू हुआ। इस अभियान में पुलिस कार्रवाई, जागरूकता, शिक्षा और कल्याण संबंधी कई कार्यक्रम शामिल हैं।

मिशन शक्ति 5.0 में महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया है। अंतर्राष्ट्रीय बालिका सप्ताह (3 से 11 अक्टूबर) के दौरान “व्यक्तिगत स्वच्छता संवाद” जैसे कार्यक्रम चलाए गए, जिसमें बालिकाओं को मासिक धर्म और व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।अभियान का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। इसके तहत सभी 1,663 थानों में ‘मिशन शक्ति केंद्र’ स्थापित किए गए हैं।

महिला बीट अधिकारी: सभी ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों में महिला बीट अधिकारियों की तैनाती की गई है। ये अधिकारी सीधे महिलाओं से संपर्क करके उनकी शिकायतों का समाधान करती हैं, जिससे उन्हें पुलिस से जुड़ने में मदद मिलती है। यह अभियान महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर भी केंद्रित है। इसके तहत उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाते हैं, जैसे ड्राइविंग और ई-रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण।महिलाओं को कानूनी प्रावधानों और सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक किया जाता है। इसके अलावा, जेलों में बंद महिलाओं को कानूनी सहायता भी प्रदान की जाती है। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एंटी-रोमियो स्क्वॉड द्वारा उपद्रवियों पर कड़ी कार्रवाई की जाती है।