बिजनेस डेस्क. नागरिकता संसोधन कानून और NRC को लेकर देशभर के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन जारी है। वहीं उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को जुमे की नामाज के दौरान विरोध प्रदर्शन को देखते हुए 21 जिलों में Internet को बंद कर दिया गया है। Internet बंद होने से आम लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच COAI की एक रिपोर्ट सामने आई है।
COAI (Cellular Operators Association of India) की रिपोर्ट के मुताबिक Internet शटडाउन होने की वजह से टेलिकॉम कंपनियों को हर घंटे 2.5 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। आपको बता दें कि आज यानि की 27 दिसंबर को भी यूपी के कई बड़े शहरों में Internet सर्विस को बंद कर दिया गया है। सरकार ने ये फैसला कानून-व्यवस्था को बरकरार रखने के लिए लिया है। Internet सर्विस की वजह से CAA और NRC को लेकर कई अफवाहें सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक पहुंचती है। जिसकी वजह से पिछले दिनों काफी हिंसा देखने को मिली है।
COAI ने केन्द्र सरकार को Internet सर्विस बंद होने की वजह से टेलिकॉम कंपनियों को हो रहे नुकसान को देखते हुए पत्र भी लिखा है। हालांकि, COAI के इस खत का फिलहाल सरकार की तरफ से कोई जबाब नहीं आया है। आपको बता दें कि टेलिकॉम कंपनियां पहले से ही जबरदस्त घाटे में चल रही हैं, जिसकी वजह से पिछले दिनों ही टेलिकॉम कंपनियों ने अपने टैरिफ में बढ़ोत्तरी की है।
बिजनेस डेस्क. देश की सबसे बड़ी सार्वजनिक बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने नियमों में कुछ बदलाव के मूड मे हैं। एटीएम फ्रॉड से बचने के लिए SBI ने अब अपने ग्राहकों के लिए ATM से कैश निकालने के लिए OTP की सुविधा लेकर आ रहा है। ऐसा होने के बाद आपको एटीएम कार्ड के साथ बैंक में दर्ज मोबाइल नंबर भी साथ रखना जरुरी होगा।
जानकारी के मुताबिक, SBI बैंक की यह नई सुविधा देशभर के सारे SBI ATM में 1 जनवरी से लागू हो जाएगी। जिन SBI ग्राहकों को 1 जनवरी से रात 8 बजे से सुबह के 8 बजे तक ATM के जरिये पैसे निकालने होंगे उन्हें OTP का इस्तेमाल करना होगा। SBI ने इस बारे में ट्वीट करते हुए कहा है कि 10 हजार से ज्यादा की निकासी पर OTP का इस्तेमाल करना होगा।
बैंक में ग्राहक की ओर से दिए गए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जाएगा। इस सुविधा के तहत एसबीआई ATM से पैसों की निकासी की प्रक्रिया में किसी महत्वपूर्ण बदलाव की जरूरत नहीं होगी।
अगर ग्राहक दूसरे बैंक के ATM से निकासी करते हैं तो उन्हें OTP की सुविधा नहीं मिलेगी। इस प्रक्रिया में जब ग्राहक पैसे की निकासी के लिए जो रकम ATM के स्क्रीन पर डालेगा तो उसे स्क्रीन पर OTP भी नजर आएगा। फिर SBI ग्राहक को स्क्रीन पर जो OTP दिखाई देगा उसे पंच करना होगा। यही OTP उसके मोबाइल नंबर पर भी भेजा जाएगा।
लखनऊ. नागरिकता संसोधन कानून को लेकर विरोध प्रदर्शन देश के कई अलग-अलग हिस्सों में जारी है। नागरिकता कानून के विरोध का सबसे ज्यादा असर उत्तर प्रदेश में देखने को मिला है। वहीं विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा की घटनाएं भी देखने को मिली थी। कई जगह सार्वजनिक संपत्तियों को नष्ट किया गया। वाहनों और दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया। यूपी में हुई इस हिंसा के बाद अब योगी सरकार सख्त कार्रवाई का मन बना चुकी है।
सरकार की ओर से जारी रिपोर्ट में उपद्रवियों की संख्या बताई गई है। अभी तक कुल 498 व्यक्तियों की पहचान कर रिपोर्ट सरकार को भेज दी गई। सबसे ज्यादा मेरठ से 148 लोगों का नाम शामिल है। इसके अलावा लखनऊ से 82, संभल से 26, रामपुर से 79, फिरोजबाद से 13, कानपुर नगर से 50, मुजफ्फरनगर से 73, मऊ से आठ और बुलंदशहर से 19 लोगों की पहचान हुई है।
रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि शासन द्वारा प्रदेश के विभिन्न जनपदों में हाल में हुए धरना-प्रदर्शन के दौरान हुए उपद्रवों में सार्वजनिक अथवा निजी संपत्तियों की क्षतिपूर्ति का निस्तारण करने का निर्देश प्रदेश के जनपद लखनऊ, मेरठ, संभल, रामपुर, फिरोजाबाद, कानपुर नगर, मुजफ्फरनगर, मऊ और बुलंदशहर के मजिस्ट्रेट को दिया गया था। इसके अनुपालन में संबंधित जनपदों के जिला मजिस्ट्रेटों ने क्षतिपूर्ति के लिए लगभग 498 व्यक्तियों को चिह्नित कर रिपोर्ट शासन को उपलब्ध करा दी है।
आपको बता दें, नागरिकता संसोधन कानून और NRC के विरोध में हुए धरना-प्रदर्शन के दौरान हिंसा की बात सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि उपद्रवियों के चिह्नित कर उनकी संपत्ति जब्त कर हिंसा में हुई क्षति की भारपाई की जाएगी।
लखनऊ. नागरिकता संसोधन कानून को लेकर विरोध प्रदर्शन देश के कई अलग-अलग हिस्सों में जारी है। वहीं उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए कई जिलों को अलर्ट कर दिया गया है। दरअसल इसके पहले जुमे की नमाज के बाद अचानक से भारी तादाद में लोग सड़कों पर आ गए थे। जिसको लेकर पुलिस ने भी लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। शासन के मुताबिक फिलहाल हालात सामान्य है। धारा 144 लगी हुई है, लेकिन एहतियात बरते जा रहे हैं ताकि दोबारा से हिंसक प्रदर्शन ना हो सके।
उत्तर प्रदेश प्रशासन ने सभी संवेदनशील जगहों पर पुलिस, पीएसी और केंद्रीय सशस्त्र बलों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। वहीं 21 जिलों में Internet सेवाएं बंद कर दी गई है। डीजीपी मुख्यालय से सभी जिलों को व्यापक कार्ययोजना बनाकर सुरक्षा प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें संवेदनशील इलाकों को जोन व सेक्टरों में बांटकर मजिस्ट्रेट व पुलिस अफसरों की तैनाती करने, भीड़ एकत्र होने की संभावना वाले मार्गों पर बैरीकेडिंग कराने और फुट पेट्रोलिंग कर लोगों से संवाद कायम करने को कहा गया है।
21 जिलों में Internet सेवाएं बदं कर दी गई है। जिसमें सहारनपुर, मेरठ, आगरा, बुलंदशहर, गाजियाबाद और बिजनौर हैं। राज्य प्रशासन ने सभी जिलों के डीएम को यह छूट दे रखी है, अगर मामला संवेदनशील और सांप्रदायिक तनाव की संभावना है तो एहतियात के तौर पर अपने इलाके में Internet को बंद करा सकते हैं। शामली, बुलंदशहर, आगरा, संभल, बिजनौर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, फिरोजाबाद, मथुरा, मेरठ, गाजियाबाद, कानपुर, अलीगढ़, सीतापुर में अगले आदेश तक के लिए Internet बंद कर दिए गए हैं।
यूपी के डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर चप्पे-चप्पे पर नजर रखे जाने के कड़े निर्देश दिए हैं। पीस कमेटी की बैठकें कर आपसी समन्वय से शांति-व्यवस्था कायम रखने को कहा गया है। गुरुवार को थानों में आउट रीच प्रोग्राम के तहत पीस कमेटी की बैठकें कर CAA के बारे में जानकारी भी दी गई। अति संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। जगह-जगह फ्लैगमार्च किया जा रहा है। ज़िलों के वरिष्ठ अधिकारी मौलानाओं और मुस्लिम संगठनों के नेताओं से मुलाक़ात कर शांत रहने की अपील कर रहे हैं।
हिंसा को लेकर नोटिस
उत्तर प्रदेश में नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसा फैलाने वाले उपद्रवियों को चिन्हित कर नोटिस जारी किये जा रहे हैं। उपद्रवियों की गिरफ्तारियों का सिलसिला जारी है और संपत्ति के नुकसान का आकलन हो रहा है। शुक्रवार यानी आज जुमे की नमाज के मद्देनजर सुरक्षा कड़ी कर दी गयी है और शांति सुनिश्चित करने के लिए पुलिस लगातार गश्त कर रही है । पिछले हफ्ते जुमे की नमाज के बाद ही हिंसा भडक उठी थी। हिंसा के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। अलग अलग जिलों में 372 लोगों को नोटिस दिये गये हैं।
वर्ल्ड डेस्क. कजाकिस्तान के अल्माटी से एक विमान दुर्घटना की खबर सामने आई है। यहां उड़ान भरने की थोड़ी ही देर बाद ही विमान 2 मंजिला इमारत से टकराकर छतिग्रस्त हो गया है। इस विमान 100 लोग सवार थे। वहीं इस हादसे में 14 लोगों के मरने की आशंका जताई जा रहा है।
शुक्रवार को कजाकिस्तान के अल्माटी शहर में जो विमान हादसा हुआ, उसमें 95 यात्री और पांच क्रू मेंबर सवार थे। बताया जा रहा है कि कजाकिस्तान के अलमाती एयरपोर्ट पर टेक ऑफ के दौरान यह हादसा हुआ, जिसमें करीब 14 लोगों के मरने की आशंका जताई जा रही है। यह विमान अल्माटी शहर से राजधानी नूर सुल्तान की ओर जा रहा था, ठीक उसी वक्त यह हादसा हुआ।
बताया जा रहा है कि टेकऑफ के बाद स्थानीय समयानुसार सुबह 7:22 बजे विमान का संतुलन बिगड़ गया, जिसके बाद वह दो मंजिला इमारत से टकरा गया। यात्रियों को बाहर निकालने के लिए आपात सेवाएं मौके पर मौजूद हैं और राहत बचाव के कार्यों में लगी हुई हैं।
आपको बता दें, इससे पहले कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के शहर गोमा में एक प्लेन क्रैश में 27 लोगों की मौत हो गई थी। यह दुर्घटना एक सघन आबादी वाले इलाके में हुई थी। पिछले साल अक्टूबर में इंडोनेशिया एयरलाइंस और इस साल मार्च में इथोपिया एयरलाइंस का बोइंग 737 मैक्स विमान उड़ान भरने के कुछ मिनटों बाद क्रैश हो गया था। इन हादसों में करीब 350 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद 737 मैक्स विमानों की डिजाइनिंग में इस्तेमाल तकनीकों को लेकर सवाल उठे थे। बाद में कंपनी को इन विमानों को सेवा से हटाना पड़ा था, जिससे उसे अरबों का नुकसान उठाना पड़ा था।
लखनऊ. भारतीय जनता पार्टी से असंतुष्ट होकर कांग्रेस का दामन थामने वाली बहराइच की पूर्व सांसद सावित्री बाई फूले ने अब कांग्रेस पार्टी का भी हाथ छोड़ दिया है। पूर्व सांसद सावित्री बाई फूले ने एक बड़ा एलान किया है। एक साल के भीतर ही कांग्रेस का साथ छोड़कर पूर्व सांसद सावित्री बाई फूले ने खुद की नई पार्टी बनाने का एलान किया है।
पूर्व सांसद सावित्री बाई फुले ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी में मेरी आवाज नहीं सुनी जा रही। इसलिए मैं इस्तीफा दे रही हूं। मैं अपनी खुद की पार्टी बनाऊंगी। गौरतलब है कि बहराइच की पूर्व सांसद सावित्री बाई फुले ने 6 दिसंबर 2018 को लखनऊ में भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफे का ऐलान किया था। हालांकि, उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया था।
आपको बता दें, पिछले साल ही लोकसभा चुनाव से ठीक पहले सावित्री बाई फुले ने बारतीय जनता पार्टी का दामन छोड़कर कांग्रेस का हाथ थामा था। बहराइच की पूर्व सांसद सावित्री बाई फुले ने 2012 में भाजपा के टिकट पर बलहा (सुरक्षित) विधानसभा सीट से चुनाव जीता था और 2014 में उन्हें सांसद का टिकट मिला और वह संसद पहुंची थीं। वह भाजपा की दलित महिला चेहरा थीं, बाद में कांग्रेस में शामिल हुई थीं। छह साल की उम्र में उनकी शादी कर दी गई थी लेकिन उनकी विदाई नहीं हुई। इसके बाद बड़े होने पर उन्होंने संन्यास ले लिया।
नई दिल्ली. झारखंड विधानसभा चुनाव में बीजेपी को मिली हार के बाद पहली बार पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास का दर्द छलका है। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने झारखंड चुनाव में मिली हार की वजह अंदरूनी झगड़े को बताया है। वहीं बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने इशारों-इशारों में रघुवर दास को ही जिम्मेदार ठहराया है।
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने इशारों-इशारों में उन पर ही हमला बोलते हुए कहा कि अपनों से ज्यादा बाहरियों पर भरोसा करने की वजह से हार मिली।
निशिकांत दुबे ने पार्टी हाईकमान को ईमानदार बताते हुए उम्मीद जाहिर की है कि आगे सब अच्छा होगा।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद अब रघुवर दास के रवैये, टिकट बंटवारे में गड़बड़ी और संगठनात्मक चूकों को लेकर पार्टी के कई नेता शीर्ष नेतृत्व को रिपोर्ट भेज रहे हैं। निशिकांत दुबे ने भी अपनी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को भेजी है।
हालांकि, उन्होंने रिपोर्ट में क्या लिखा है वह सामने नहीं आया है, लेकिन फेसबुक पोस्ट में उन्होंने जो कुछ लिखा है उससे अंदाजा लगाया जा सकता है। दुबे ने Social Media पर उन छह खास सीटों का हवाला दिया है, जहां भाजपा को किसी और से नहीं, बल्कि अपने ही बागियों से हार का सामना करना पड़ा है।
फेसबुक पोस्ट में दुबे ने लिखा है, ‘जो झारखंड का चुनाव विश्लेषण कर रहे हैं, मुझे लगता है कि वे सभी जल्दबाजी कर रहे हैं। दूसरी पार्टी से आए लोगों पर हमने ज्यादा भरोसा किया। चतरा से सत्यानन्द भोक्ता, लातेहार से बैद्यनाथ राम, बहरागोड़ा से समीर मोहती, बरही से उमाशंकर अकेला, बरकट्टा से अमित यादव व जमशेदपुर पूर्वी से सरयू राय आदि की जीत इसका उदाहरण है।
नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं गृहमंत्री अमित शाह ने गुरुवार को एक बड़ा बयान दिया है। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि दिल्ली में अशांति के लिए जिम्मेदार टुकड़े-टुकड़े गैंग को दंड देने का समय आ गया है। शाह ने कहा कि दिल्ली की जनता को इन्हें दंड देना चाहिए। इस दौरान अमित शाह ने अपने भाषण में अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं गृहमंत्री अमित शाह ने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा, ‘मोदीजी ने सबको कार्य संस्कृति को फॉलो करने के लिए मजबूर किया। लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ऐसे हैं कि जो नई-नई चीजें करते रहते हैं। उन्होंने नई शुरुआत की। किसी के किए कराए पर अपने नाम का ठप्पा लगा देना।
गृहमंत्री ने कहा कि करीब 60 महीने होने को आए हैं केजरीवाल को मुख्यमंत्री बने हुए, आज से पहले ये सारे वादे पूरे क्यों नहीं किए। अभी भी ये वादे पूरे नहीं होने वाले हैं, सिर्फ विज्ञापन देकर ये लोगों को झांसा दे रहे हैं। इन्होंने जीवन में सिर्फ विरोध करने और धरना देने का काम किया है।
अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस की सरकार इस बात के लिए मशहूर थी कि 5 साल एक सरकार कोई योजना बनाती थी, दूसरे 5 साल में दूसरी सरकार उसके लिए बजट मंजूर करती थी, तीसरे 5 साल में उसका भूमि पूजन करती थी, और अगले 5 साल में कांग्रेस सरकार उसे भूल जाती थी। काम तो होता ही नहीं था।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का घिसा-पिटा अंदाज पीएम मोदी ने गुजरात से बदलना शुरू किया। एक ऐसी कार्य संस्कृति देश के सामने रखी कि जो सरकार किसी काम का भूमि पूजन करेगी, वही सरकार उसका उद्घाटन भी करेगी और 5 साल के अंदर ही जनता को उस काम का वास्तविक स्वरूप देखने को मिलेगा।
नई दिल्ली. नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी बीच सेना प्रमुख बिपिन रावत की तरफ से नागरिकता संशोधन कानून पर हुई हिंसा को लेकर दिए गए बयान पर राजनीति शुरु हो गई है। जिसके बाद राजनीतिक दलों ने आर्मी चीफ पर अलग-अलग तरीके से निशाना साधा है।
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा आर्मी चीफ का बयान मोदी सरकार को कमतर करने वाला है। हमारे प्रधानमंत्री अपने वेबसाइट पर लिखते हैं कि एक छात्र के तौर पर उन्होंने आपातकाल के दौरान प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। तब, आर्मी चीफ के मुताबिक वे गलत थे।
दिग्विजय सिंह ने भी ली चुटकी
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने आर्मी चीफ के इस बयान के बाद ट्वीट करते हुए कहा- जनरल साहब, मैं सहमत हूं लेकिन नेता वो भी नहीं हैं जो अपने समर्थकों को साम्प्रदायिक दंगा में संलिप्त रहने के लिए उकसाते हैं। क्या आप मुझसे सममत हैं जनरल साहब?
गौरतलब है कि सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों पर टिप्पणी करते हुए गुरुवार को कहा कि यदि नेता हमारे शहरों में आगजनी और हिंसा के लिए विश्वविद्यालयों और कॉलेज के छात्रों सहित जनता को उकसाते हैं तो यह नेतृत्व नहीं है।
मनोरंजन डेस्क. बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेसेस में शुमार Madhuri Dixit एक बार फिर सुर्खियों में है। बॉलीवुड एक्ट्रेस Madhuri Dixit भले इन दिनों फिल्मों से दूर हों लेकिन फिर भी चर्चा में बनीं रहती हैं। दरअसल Madhuri Dixit अपनी एक कोठी की वजह से खबरों में हैं जो हरियाणा के पंचकूला के एमडीसी सेक्टर-4 में स्थित है और कोठी का नंबर 310 है। बताया जा रहा है माधुरी दिक्षित ने अपनी यह कोठी बेच दी है।
बताया जा रहा है एक्ट्रेस Madhuri Dixit के पति डॉ श्रीराम माधव नेने गुरुवार को कोठी 3.25 करोड़ में बेच दी है। बताया जा रहा है साल 1996 में हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल ने जिस समय Madhuri Dixit को यह कोठी गिफ्ट की थी। इस हिसाब से ये कोठी 24 साल पुरानी है।
आपको बता दें, Madhuri Dixit ‘टोटल धमाल’ और ‘कलंक’ जैसी फिल्मों में मुख्य भूमिका अदा करती दिखाई दी हैं। लेकिन जहां एक तरफ Madhuri Dixit की फिल्म ‘टोटल धमाल’ ने जबरदस्त बिजनेस किया था तो वहीं दूसरी तरफ ‘कलंक’ बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हुई थी। हालांकि पिछले काफी समय से वह बड़े पर्दे से दूर हैं।