समलैंगिक स्टोन किलर हुआ गिरफ़्तार, सम्बन्ध बनाकर पत्थर से कुचल देता था

ब्यूरो,

पूरे गुजरात में आतंक मचानेवाला स्टोन किलर अंततः गिरफ्तार कर लिया गया है। राजकोट क्राइम ब्रांच की टीम ने जामनगर से स्टोन किलर को अरेस्ट किया है। स्टोन किलर की पहचान हितेश दलपत रामावत के रूप में हुई है। आरोपी समलैंगिक है। पुलिस ने इसे पकड़ने के लिए खुद गे बनकर सर्च ऑपरेशन चलाया। उसने राजकोट में पत्थर मारकर तीन लोगों की हत्या की थी।

पुलिस के अनुसार, हितेश (स्टोन किलर) समलैंगिक संबंध बनाने के बाद बुरी तरह से पत्थर मारकर व्यक्तियों की हत्या कर देता था। हितेश ने अब तक की गई तीन ऐसी हत्याओं की बात कबूली है, जिसमें  पहला शिकार सागर मेवाड़ा था। उसने राजकोट में 20 अप्रैल को मेवाड़ा, 25 मई को प्रवीण भाई बारड और 2 जून को प्रवीण भाई रंगाणी का मर्डर किया था। उसके पास से 22 मोबाइल फोन और 3 हजार रुपए भी बरामद हुए हैं, जो मृतकों से लूटे गए बताए जाते हैं। पुलिस उसे राजकोट लेकर आई है।

राजकोट के पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गिरफ्तार स्टोन किलर हितेश का 16 वर्ष की उम्र में शारीरिक शोषण हुआ था। इसके बाद उसकी मानसिक हालत खराब हो गई। हितेश को वर्ष 2011 में उसके भाई ने घर से निकाल दिया था। हितेश घर से निकलने के बाद गे गैंग के साथ जुड़ गया था और उनके साथ पैसे मांगता था।

क्राइम पेट्रोल और सावधान इंडिया से मिलता था आईडिया-

गहलोत ने बताया कि हितेश को क्राइम पेट्रोल और सावधान इंडिया सीरियल देखने का बहुत शौक था। वह हत्या करने से पहले व्यक्ति को सुनशान जगह पर ले जाता था। फिर उसके साथ समलैंगिक संबंध बनाता था। इसके बाद मौका पाते ही पत्थर से वार कर उसकी हत्या कर देता था। व्यक्ति को तड़पता देख उसे बहुत खुशी मिलती थी। जब तक वह नहीं मर जाता तब वह नहीं जाता था। इसके बाद मृतक के जेब से पैसे निकाल लेता था। मृतक के फोन से ही उसके परिजनों को हत्या करने की जानकारी देता था। मर्डर करने के बाद वह जामनगर चला जाता था। वह मंगलवार को शुभ मानता था, इसके लिए आनेवाले मंगलवार के दिन वह चौथी हत्या करने वाला था।

गहलोत ने बताया कि हितेश को पकड़ने के लिए 1200 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम तैयार की गई थी। पुलिस ने इसे अरेस्ट करने के लिए गे और भिखारी बनकर सर्च ऑपरेशन चलाया। इसी दौरान अहमदाबाद के एक इंस्पेक्टर पीयूष पिरोजिया को हितेश पर शक हुआ। पिरोजिया खुद भी गे बनकर इसकी तलाश में जुटे थे।

हितेश पर पुलिस ने दो लाख रुपए का इनाम रखा था। उसके बारे में पुलिस को जानकारी उसके चचेरे भाई ने दी थी। यह भी चर्चा है कि हितेश अपने तीन गे साथियों के साथ रिक्शे पर बैठकर शिकार ढ़ूंढता था।
पुलिस अब उसके तीन साथियों की तलाश में जुटी है।

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