शहाबुद्दीन की जमानत बिहार सरकार की साज़िश -भाजपा

अमित द्विवेदी,

भाजपा ने  गैंगेस्टर से राजनीतिज्ञ बने मोहम्मद शहाबुद्दीन की ज़मानत को बिहार की नीतीश कुमार सरकार की साज़िश करार दिया है। भाजपा का आरोप है कि नितीश सरकार ने हत्या के संगीन मामले के दोषी शहाबुद्दीन के खिलाफ अदालत में एक ‘कमजोर मामला’ पेश करके उनकी जमानत में भूमिका निभायी। भाजपा ने कहा कि नितीश सरकार को स्वीकार करना चाहिए कि बिहार में ‘जंगल राज’ स्थापित हो गया है।

भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “नितीश सरकार ने अपना मामला रखने के लिए अच्छे वकील नहीं रखे। सरकार ने एक कमजोर मामला पेश किया और शहाबुद्दीन को जमानत मिल गई। सरकार अपराधियों की नकेल कसने में नाकाम रही है।” हुसैन ने शहाबुद्दीन की रिहायी के बाद हुई धूमधाम का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य के मंत्री और विधायक भी उस जुलूस का हिस्सा थे। उन्होंने कहा कि शहाबुद्दीन की रिहायी से अपराधियों का मनोबल बढ़ा है।

हुसैन ने राज्य की कानून एवं व्यवस्था पर भी सवाल उठाये क्योंकि सत्ताधारी पार्टी से जुड़ा और आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा कोई व्यक्ति सीधे सरकार के मुखिया पर निशाना साध रहा है। हुसैन ने राज्य सरकार व कानून व्यवस्था पर निशाना साधने के लिए शहाबुद्दीन की इस टिप्पणी का इस्तेमाल किया कि “नितीश कुमार परिस्थितिवश मुख्यमंत्री हैं।” हुसैन ने कहा, “इस जंगलराज में राजद का कोई भी नेता सरकार के मुखिया को अपना नेता मानने को तैयार नहीं है।”

हुसैन ने कहा कि भाजपा सड़क पर उतरेगी और राज्य के लोगों का साथ देगी, क्योंकि बिहार में कथित तौर पर ‘भय का माहौल’ बनाया जा रहा है। हुसैन ने कहा, “हम मुख्य विपक्षी पार्टी होने के नाते इस भय के माहौल में चैन से नहीं बैठ सकते। हम अपराधियों के खिलाफ खड़े होंगे। हम प्रत्येक मोड़ पर सरकार को बेनकाब करेंगे।”

गौरतलब है कि सिवान से चार बार के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन को पटना उच्च न्यायालय ने 2004 के हत्या के मामले में सज़ा हुई थी। गत 7 सितम्बर को उन्हें जमानत दी गई और 13 साल बाद कल शहाबुद्दीन जेल से रिहा हुए। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी नितीश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि शहाबुद्दीन उनके ‘सुशासन’ के बारे में संदेश फैलाने में मदद करेंगे।

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