महिलाओं की सुरक्षा पर आम आदमी पार्टी नेता सोमनाथ भारती ने बेहद शर्मनाक बयान दिया है। महिलाओं की सुरक्षा को हमेशा अपने एजेंडे में रखकर कैश करने वाली पार्टी आप के वरिष्ठ नेता ने कहा कि अगर दिल्ली पुलिस की कमान अरविन्द केजरीवाल को सौंप दी जाए तो खूबसूरत महिलाएं आधी रात को भी बेहिचक घूम सकती हैं।
भारती के इस भद्दे कमेंट पर विपक्ष ने हमला बोलते हुए इसे अपमानजनक करार दिया है। वहीं सोशल मीडिया पर भी भारती के इस बयान की लोगों ने खूब निंदा की।
आम जनमानस का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर जनता से वोट मांगने वाली आम आदमी पार्टी इस मुद्दे के प्रति कितनी संजीदा है, इस बयान से पता चलता है।
वहीं कुछ लोगों का कहना है कि इस तरह की बेहूदी बातें करके ये नेता सिर्फ खबरों में बने रहना चाहते हैं। इनके लिए किसी की सुरक्षा को लेकर कोई चिंता नहीं है।
उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ नेता अरविन्द विश्वकर्मा ने कहा कि इस तरह की टिप्पणी शर्मनाक है। किसी भी ज़िम्मेदार व्यक्ति से इस तरह के छिछले बयान की अपेक्षा नहीं की जाती। इस बयान के लिए इन्हें जनता से माफी मांगनी चाहिए।
गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वरः | गुरु साक्षात् पर ब्रह्म तस्मै श्री गुरुवे नमः ||
परिवर्तनशील संसार में मानव शरीर इश्वर का बनाया का बनाया हुआ शुद्ध,पावन,निर्छल,चमचमाता हुआ घर है | जैसे घरों में कई द्वार होते हैं उसी तरह शरीर में नव द्वार होते है जिस प्रकार घर को बनाने में पत्थर,रेती,सारिया,सीमेंट आदि लगता है उसी प्रकार शरीर रूपी घर बनाने में रक्त,मांस,हड्डी,मज्जा आदि की आवश्यकता पड़ती है |एक बात तो स्पष्ट है कि छोटे से कर्मचारी से लेकर बड़े इंजिनीअर तक का कोई न कोई गुरु अवश्य है इसमें कोई दो राय नहीं | जिनकी दिशानिर्देश से यह शरीर रूपी भवन का निर्माण हुआ है जिनका नाम मात्र लेने से शरीर के अन्दर अदभुत विद्युत् संचार हो जाता है जिनका वेद-पुराण प्रशंशा करने में थकते नहीं वही तो गुरु तत्व है | देविओं-सज्जनों गुरु तत्व इतना गूढ़ विषय है कि इनकी महिमा के आगे बड़े बड़े ऋषि महर्षि की प्रतिभा भी कुंठित हो जाती है |
अनेक गुरुओं के क्रम में महर्षि वशिष्ट ने माता पिता को प्रथम क्रम रख्खा है |
उपाध्यायान्द्शाचार्य आचार्याणा शतं पिता | पितुर्द्शगुणं माता गौरवेणातिरिच्यते ||(अ० ३)
सज्जनों इया संसार में माता से अधिक कष्ट सहने वाला सहने वाला कोई और नजर नहीं आता जसने हमें नव महीने गर्भ में रख्खा जन्मोपरांत जिस लाड-प्यार से हमारी सेवा की जरा सा बुखार होने पर रात्रि जागरण की बिस्तर गिला होने पर अपने गिले बिस्तर पर हमें सूखे विस्तर पर सुलाई तथा तमाम कष्ट सहे परन्तु हमें कष्ट नहीं होने दिया | उसके द्वारा किये उपकार से जन्म जन्मान्तर तक मुक्त नहीं हो सकते | उनकी सेवा तन,मन,धन से निःस्वार्थ भाव से करनी चाहिये वही पिता भी बड़े परिश्रम से हमारा पालन पोषण किया पढाया-लिखाया किसी योग्य बनाया कहीं कहीं देखने को मिलता है उनके उपकार तो छोड़ दीजिये उनसे बात तक करना फजीहत समझते हैं | देविओं सज्जनों आप अपने प्रथम गुरु रूपी माता पिता का सेवा करेंगे उन्हें प्रसन्न रखेंगे तो आपको जीवन भर अकारण सुख मिलता रहेगा |
माता,पिता,बड़ा भाई,राजा,मामा,श्वसुर,नाना,बाबा,वर्णज्येष्ट(ब्राह्मण),उपाध्याय ये दस गुरु कहे गए हैं |
वेदों में कही कही ब्रह्मज्ञानी पुत्र भी पिता को विलासी जीवन दूर व अध्यात्मिक जीवन पथ पर चलने का मार्ग दर्शन किया है जैसा की सामवेद में आंगिरस ऋषि ने अपने पिता को पुत्र कह के पुकारा था |
अंगिरा का पुत्र छोटी आयु में ही ऐसा विद्वान हो गया वह मंत्र द्रष्टा ऋषियों से भी आगे बढ़ गया और वेदों का रोचक व बैज्ञानिक ब्याख्यान करने में प्रसिद्द हो गया उन्होंने वेद का ब्याख्यान करते समय अपने पिता आदि लोंगो को पुत्रों कहकर संबोधित कर दिया जिससे पिता व वृधजनो ने बुरा मानते हुए कहने लगे तुम वेद वक्ता होकर हम लोगों का अपमान किया है यह सुन कर आंगिरस ने कहा “मै आपका गुरु हूँ” परन्तु वृद्धजन संतुस्ट नहीं हुए इसके निवारण के लिए देवताओं के पास गए देवो ने विचार के बाद कहा कि आंगिरस निश्चय आपके गुरु है क्यों कि वे मंत्र द्रष्टा व वेदिक तत्वज्ञान के ज्ञाता और ब्याख्यान करने वाले हैं |
विश्व का कोइ कार्य बिना किसी अनुभवी गुरु के बिना असंभव है जो मनुष्य उस काम को करके सफल हो चुका है यदि कठिन कार्य हो तो उसके पास रहकर सेवाकर प्रसन्न करके सिखाना पड़ता है जब लौकिक कार्यों का ये हाल है तब अध्यात्मिक साधना में तो गुरु की नितांत आवश्यकता होगी जहाँ पर कदम-कदम पर गिरने का डर रहता है | भारतीय साधना में गुरु परंपरा का बहुत ऊँचा स्थान है क्यों की गुरु बिन होत न ज्ञान, गुरु और इश्वर में कोई अंतर नहीं बल्कि शिष्य के लिए गुरु इश्वर से भी बड़ा है | जैसा की विदित है गुरु गोविन्द दोउ खड़े काके लागू पाय बलिहारी गुरु आपने गोविन्द दिओ बताय|
यही गुरु तत्व है | योग्य गुरु बामुश्किल से मिलते है आजकल तो गुरु घंटालों के घंटे ज्यादा बज रहें है बहुत से कामी,लोभी,कपटी गुरु का चोला धारण करने के कारण गुरुवेश कलंकित सा हो गया है | अर्थात गुरु को बनाने में सावधानी बरतना आवश्यक है | योग्य गुरु के गुण – सत्य को प्राप्त कर चुका हो,वेद शास्त्रों का ज्ञान हो,परोपकारी हो,स्वभाव शुध्ध हो,इन्द्रियों को वश में किया हो,धन का लोभी न हो,ध्यानी व साधक हो,शांतिप्रिय हो,दयालु हो,योगविद्या में निपुण हो,धैर्य्शालिहो,चतुर हो,अब्यसनी हो,प्रियभाषी हो,पापों से परे हो,निश्कपटी हो,सदाचारी हो,निर्भय हो,स्त्रियों में अनासक्त हो,रहन सहन सादा हो,धर्म प्रेमी हो,शिष्य को पुत्र से बढ़कर प्यार करता हो |
स्त्रियों को किसी अन्य पुरुष से दीक्षित होने या किसी परपुरुष को गुरु बनाने की आवश्यकता नहीं है, परम गुरु पति ही है| विधवा स्त्री केवल परम पिता परमेश्वर को गुरु मानकर उन्ही का वंदन कर सकती है |जो धन और कामिनी का लोभी हो ऐसे गुरु घंटाल से दुरी बनाके रहने में ही भलाई है बाकि जानो आप | इससे ये भी नहीं समझना चाहिये की सद्गुरु है ही नहीं सच्ची चाह होने पर सद्गुरु मिल ही जाते हैं |भारत में हमारे पूर्वज बड़े बड़े धुरंधर ब्रह्मवेत्ता होते थे और उन्ही से हमारा भारत देश सर्वोन्नत माना जाता था जिसका मूल कारण उनके अंदर गुरु भाव,गुरु श्रद्द्दा,गुरु भक्ति,गुरु श्नेह प्रचुर मात्र में था |
विश्व हिन्दू परिषद के नेता अशोक सिंहल ने अपने बयान से एक बार फिर से सबको चौकन्ना कर दिया है। उन्होंने धमकी भरे लहज़े में कहा कि जिन्हें याकूब मेमन से हमदर्दी है, वे अगर प्यार से नहीं समझे तो उन्हें पीट पीटकर देशप्रेम की सीख दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर प्यार से समझाने से बात नहीं बनी तो देशप्रेम के लिए पीटा भी जाएगा।
वीएचपी के वरिष्ठ नेता सिंहल ने कहा कि “जो लोग प्यार की भाषा नहीं समझेंगे, उन्हें पीटकर यह बात जबरन समझाई जाएगी।”
मेमन की फांसी के बाद अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा शकील की धमकी पर सिंहल ने अपने अनोखे अंदाज़ में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि, “अगर वह लोग कुछ करते हैं तो उन्हें पनाह देने वाले पाकिस्तान का वजूद ख़त्म हो जाएगा।”
इलाहाबाद में हुए एक आयोजन में सिंहल ने स्पष्ट कहा कि मेमन जैसे आतंकी के समर्थन में उठ रही आवाज़ की देश में तीखी प्रतिक्रिया हो रही है। लेकिन देश के कुछ नेता इन आतंकियों का भी समर्थन करते दिख रहे हैं, जोकि बेहद शर्मनाक है।
सिंहल ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि सरकार भी ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई करेगी जो आतंकियों का समर्थन करते हैं। सिंहल के मुताबिक़ देश के दुश्मनों की तारीफ़ करना और उनसे हमदर्दी रखना गलत है।
अभिनेता अभिषेक बच्चन इन दिनों डायरेक्टर उमेश शुक्ल के साथ अपनी आगामी फिल्म ऑल इज़ वेल के प्रमोशन और प्रो कबड्डी की टीम के साथ मशरूफ हैं।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ अभिषेक पिंक पैंथर टीम के लिए अपनी फिल्म ऑल इस वेल की स्पेशल स्क्रीनिंग भी ऑर्गेनाइज़ करने की योजना बना रहे हैं।
हाल ही में हुए एक आयोजन में अभिषेक ने बताया कि उनके पैंथर बॉलीवुड प्रेमी हैं इसीलिए वे खासतौर पर अपनी टीम के लिए फिल्म रिलीज़ से १० दिन पहले ही थिएटर में स्पेशल स्क्रीनिंग रखेंगे।
सूत्रों के अनुसार अभिषेक की टीम उनकी आगामी फिल्म ऑल इस वेल की स्क्रीनिंग को लेकर बहुत ही उत्साहित है। देखना यह होगा कि अभिषेक फ़िल्म रिलीज़ होने के बाद ‘ ऑल इज़ वेल’ बोल पाते हैं कि नहीं!
1993 में हुए मुंबई बम धमाकों के दोषी पाए गए एकमात्र दोषी याकूब मेमन को आज सुबह फांसी दे दी गई । बुधवार को तेजी से हुए घटनाक्रमों के एक दिन बाद उच्चतम न्यायालय का फैसला आया जब शीर्ष अदालत ने मौत के फरमान को बरकरार रखा और राष्ट्रपति ने सरकार की सलाह पर रात 11 बजे से थोड़ी देर पहले याकूब की दया याचिका को खारिज कर दिया।
गुरुवार सुबह 6 बजे कर 30 मिनट पर उसे नागपुर केंद्रीय जेल में फांसी दे दी गई। याकूब की फांसी के वक्त 8 से 10 लोग मौजूद थे। फांसी के दौरान जेल आईजी, जेलर, मजिस्ट्रेट, डॉक्टर, जल्लाद के अलावा दो गवाह, दो कांस्टेबल वहां मौजूद थे। फांसी से पहले सुबह नहाने के बाद याकूब को नए कपड़े पहनाए गए। याकूब ने कोई भी आखिरी ख्वाहिश नहीं जाहिर की। याकूब ने आखिरी नमाज पढ़ी। फांसी के पश्चात डॉक्टरों ने उसकी मौत की पुष्टि की। याकूब मेमन के भाई उसका शव लेने के लिए नागपुर जेल पहुंचे थे। उनको याकूब का शव दे दिया गया है।
नागपुर की सेंट्रल जेल के इतिहास में करीब तीस वर्ष बाद किसी को फांसी दी गई। मुंबई बम धमाके का आरोपी याकूब मेमन देश में फांसी की सजा पाने वाला 57 वां दोषी है।
कृत्रिम सुख की बजाये ठोस उपलब्धियों के पीछे समर्पित रहिये. कलाम साहब की कही ये बात भूल पाना नामुमकिन है। यकीन नहीं होता कि करोड़ों लोगों के आदर्श डॉ. कलाम हमें छोड़ गए।
दिल्ली प्रवास के दौरान कलाम साहब से जितनी बार मुलाक़ात हुई, उनके प्रति जो आदर भाव था उसमे इज़ाफ़ा ही हुआ। मन करता कि काश मैं एक लंबा अरसा गुज़ार सकता उनके साथ ! कृत्रिम सुख की बजाय ठोस उपलब्धियों की जब वे बात कहते तो उनके चेहरे की भाव भंगिमा देखते बनती।
मुस्कुरा के अभिवादन करना और उत्साह बढ़ाने की कला में जैसे पारंगत थे हमारे मिसाइलमैन। हालाँकि जीवन का सत्य ही मृत्यु है, लेकिन जो सीख और प्रेरणा हमें कलाम सर ने दिया हम उसे जीवनपर्यंत उनके आशीर्वाद स्वरुप सहेज कर रखेंगे और उनके आदर्शों पर चलने की कोशिश करेंगे।
राह भटके कोई अगर, तो मुमकिन है तलाश फिर नयी कोई….
खुद मंजिल ही गर छोड़ दे सफ़र , तो हमसफ़र क्या करे…!!
देश के पूर्व राष्ट्रपति और मशहूर वैज्ञानिक एपीजे अब्दुल कलाम का दिल का दौरा पड़ने से सोमवार को शिलॉन्ग में निधन हो गया.
83 वर्ष के कलाम एक लेक्चर के लिए शिलांग के एक कॉलेज गए थे।लेक्चर के दौरान ही काल ने उन्हें अपना ग्रास बना लिया. आईआईएम शिलॉन्ग में अपने लेक्चर के दौरान ही उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद वह बेहोश होकर गिर पड़े।
हालाँकि उन्हें तुरंत बेथानी अस्पताल ले जाया गया लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों की कोशिश के बावजूद उन्हें नहीं बचाया जा सका। अपनी मौत से करीब 9 घंटे पहले ही उन्होंने ट्वीट करके बताया था कि वह शिलॉन्ग आईआईएम में लेक्चर के लिए जा रहे हैं. उनका आखिरी ट्वीट यही था।
पिछले महीने चार्ली चैपलिन को समर्पित आर्ट एक्सिबिशन में विद्या ने कहा था की ” फिल्म मिस्टर इंडिया में श्रीदेवी का चैपलिन किरदार उन्हें बहुत ही पसंद आया था और उन्हें ने इच्छा भी व्यक्त की थी की वे चैपलिन का किरदार निभाना भी चाहती हैं” विद्या की यह इच्छा भी पूरी हुई, हालही में मलयालम फिल्म के डायरेक्टर आर. सरथ नें विद्या को चैपलिन के किरदार के लिए अप्रोच किया और विद्या ने हां भी कर दी है.
नितीश कुमार बिहार में अपने किए कामों को गिनाकर आगामी चुनाव में जीत दर्ज़ करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के लिए कुछ महत्वपूर्ण परियोजनाओं को हरी झंडी देकर उनके गुट को परेशान ज़रूर कर दिया है। इस चुनावी समर में प्रधानमंत्री ने भी उपस्थिति दर्ज़ करा दी है और बाकायदा बिहार को कई परियोजनाओं के रूप में तोहफा भी दे दिया है।
पटना स्थित वेटनरी कॉलेज मैदान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने दनियावां-बिहार शरीफ नई रेल लाइन का उदघाटन किया साथ ही पटना- मुंबई वातानुकूलित सुविधा एक्सप्रेस को भी हरी झंडी दिखाई। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने आईआईटी पटना के परिसर लोकार्पण और इन्क्यूबेशन सेंटर ऑफ मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स का शिलान्यास किया।
शनिवार को मंच पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ मंच पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मौजूद भी थे। कार्यक्रम आरंभ होने से पहले दोनों नेता एक दूसरे गुफ्तगू भी करते नजर आए। प्रधानमंत्री के इस दौरे को आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा की तैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है।
हुई ज़ुबानी जंग-
मोदी और नितीश भले ही एक मंच पर आसीन थे लेकिन दोनों के बीच ज़ुबानी जंग भी खूब हुई। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की जरूरतों को बताया और स्पष्ट किया कि पटना की आईआईटी में आर्किटेक्चर, फूड एंड इंजीनियरिंग जैसे कोर्स भी पूरे होने चाहिए।
उन्होंने मांग किया कि जो रेल की परियोजनाएं पूरी नहीं हो पाईं हैं, वे जल्द से जल्द से पूरी हों।
नीतीश ने भाजपा की पूर्व सत्ता पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने आज जिस योजना का उदघाटन किया है, अगर अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने छह महीने पहले चुनाव नहीं कराया होता तो यह उसी समय पूरी हो गई होती।
प्रधानमंत्री मोदी ने नितीश के बयान पर निशाना साधते हुए कहा, ‘मैं नीतीशजी से सहमत हूं। अटल बिहारी वाजपेयी के शासन में छह महीने पहले चुनाव नहीं कराए गए होते तो बिहार की रेल परियोजनाएं जल्दी पूरी हो गई होती। लेकिन उस चुनाव के बाद ऐसे लोग आए जिन्होंने काम को पूरी तरह से रोक ही दिया। जो अब हमारे आने के बाद शुरु हुआ।
दिल्ली और उत्तर प्रदेश से भारी मात्रा में कामोत्तेजक दवाईयां देश की आर्थिक राजधानी मुंबई भेजी जा रही हैं. इन दवाइयों की बड़े पैमाने पर विक्री ऑनलाइन मार्केट के ज़रिए हो रही है. बिना चिकित्सक की सलाह से लिए जा रहे इन दवाइयों से मुंबई में गर्भपात के मामले में आश्चर्यजनक इजाफा हुआ है. यह मामला महाराष्ट्र विधानसभा में उठा. फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन का अतिरिक्त प्रभार देख रहे राजस्वमंत्री एकनाथ खड़से ने इस पर भारी चिंता व्यक्त की.
पेशे से चिकित्सक भाजपा विधायक डॉ. मिलिंद माने ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया. माने ने स्पष्ट किया कि मुंबई में सिर्फ कामोत्तेजक दवाईयां ही नहीं बल्कि गर्भपात कराने वाले किट का भी धड़ल्ले से ऑनलाईन कारोबार हो रहा है. बिना डॉक्टर की सलाह के ही इस तरह की दवाईयों के सेवन से लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है.
एफडीए मंत्री एकनाथ खडसे ने इसको लेकर चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा कि एक साल में मुंबई में 15 साल के कम उम्र की 185 लड़कियों का गर्भपात कराया गया है जबकि 18 साल से अधिक उम्र की 30 हजार से अधिक महिलाओं का गर्भपात हुआ. खडसे ने कहा कि ऑनलाईन दवा बेचने वाली कंपनियों के खिलाफ राज्य सरकार ने कार्रवाई शुरु कर दी है. शापक्लूज और स्नॅपडिल जैसी कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया गया है. परन्तु, इस तरह की कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कानून में संशोधन की आवश्यकता है. खडसे ने कहा कि हमने केंद्र सरकार से कानून में संशोधन करने के लिए पत्र लिखा है.
महिलाओं में बढ़ रही है एनिमिया और रक्तस्राव की बीमारी-
विधायक डॉ. माने ने नवप्रवाह.कॉम को बताया कि आईपिल और अनवांटेड 72 जैसी गर्भपात वाली दवाईयों के सेवन से लड़कियों और महिलाओं में एनिमियां और रक्तस्राव की बीमारी बढ़ रही है. अधिक रक्तस्राव से महिलाओं की जान भी जा रही है। वहीं, युवा अधिक कामोत्तेजना के लिए शराब में वायग्रा डालकर पी रहे हैं, जिससे ऑपरेशन की नौबत आ जाती है और अंदर घाव हो जाता है. उन्होंने बताया कि वायग्रा की डेनाफिल, टाडाफिल दवाईयां आती हैं। यह दवाईयां उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान से कुरियर से डिस्पैच कर सीधे मुंबई के लोगों के घरों में भेजी जा रही हैं.