न्यूज़ डेस्क | navpravah.com
कोरोना वायरस के बीच प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचाने में मदद करने के लिए बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद की हर जगह तारीफ हो रही है, लेकिन शिवसेना सांसद संजय राउत ने पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में सोनू सूद के मदद कार्य को लेकर सवाल उठा दिये हैं।
संजय राऊत ने रोखटोक कालम में लिखा है कि, लॉकडाउन के दौरान अचानक सोनू सूद नाम का एक महात्मा तैयार हो गया है, इतने झटके और चतुराई के साथ किसी को महात्मा बनाया जा सकता है। राउत ने आगे कहा कि प्रवासी मजदूरों को बस में भेजने के लिए आये पैसें का गबन किया गया है और सोनू सूद को बीजेपी का मुखौटा बताने की कोशिश की है।
बीजेपी नेता राम कदम ने संजय राउत के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है, कदम ने अपने ट्वीट में लिखा है कि, ‘कोरोना के संकट काल में इंसानियत के नाते मजदूरों को सड़क पर उतर के सहायता करने वाले सोनू सूद पर संजय राउत का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है, खुद की सरकार कोरोना से निपटने में नाकाम हो गई? यह सच्चाई सोनू सूद पर आरोप लगाकर छुप नहीं सकती। जिस काम की सराहना करने की आवश्यकता है उस पर भी आरोप लगा रहे हैं।’
अभिनेता सोनू सूद और उनकी टीम ने अब तक 16-17,000 प्रवासी मजूदरों को उनके घर पहुंचा चुकी है, उनका लक्ष्य 40-50 हजार श्रमिकों या उससे भी ज्यादा को घर पहुंचाना है।














