विषय को लेकर बिल्कुल निश्चिन्त थी- कोंकणा

Amit Dwivedi

Amit Dwivedi@Navpravah.Com

अभिनेत्री कोंकणा सेन शर्मा ने अपनी उम्दा कलाकारी की बदौलत फ़िल्म इंडस्ट्री में एक अहम जगह बनाई है। निजी ज़िन्दगी में खुशमिजाज़ कोंकणा ने अपने गंभीर अभिनय का लोहा मनवाया है। २००८ के आरुषि मर्डर केस पर आधारित फिल्म ‘तलवार’  सिनेमाघरों में आ चुकी है। नवप्रवाह.कॉम से उन्होंने इस फिल्म व उसमें अपने किरदार के विषय में काफी दिलचस्प बातें बताई हैं। पेश हैं उनसे हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

प्रश्न: फिल्म में आपका अपने किरदार की ओर कैसा दृष्टिकोण रहा ?

कोंकणा: इस फिल्म में, हमने वास्तव में अपने कैरेक्टर को लेकर ज़्यादा अध्ययन नहीं किया है। जब भी हमें कोई रोल मिलता है, हमें उसका कुछ इतिहास या भूमिका बताई जाती है। फिल्म में इस केस की जांच पड़ताल के विभिन्न पहलुओं को दर्शाया गया है। तीन बार की गई जांच में से दो बार के निष्कर्ष में तलवार दंपति को दोषी पाया गया। हमें यही चीजें विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल कर के कुछ अलग ढंग से प्रस्तुत करनी थी। विशाल जी ने स्क्रिप्ट बहुत बढ़िया लिखी है और मैंने मात्र उस स्क्रिप्ट का अनुसरण किया है।

प्रश्न: फिल्म का विवादास्पद प्रारूप देखकर क्या आपके दिमाग में कोई संशय चल रहा था ?

कोंकणा: इरफान खान,विशालजी, गुलजार साहब और मेघना जी एक साथ काम कर रहे थे। इसीलिए मुझे पूरा विश्वास था कि फिल्म सुरक्षित हाथों में है। इन सभी लोगों को विषय की भावुकता व संवेदनशीलता की बहुत अच्छी समझ है। इन लोगों ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है, इसलिए मैं इस विषय में बिलकुल निश्चिंत थी ।

प्रश्न: इरफान खान व नीरज क़बी के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?

कोंकणा: इरफान के साथ काम करने का अनुभव बहुत अच्छा था क्योंकि वो इतने बेहतरीन कलाकार हैं कि कोई भी उनके साथ अच्छी तरह काम कर सकता है। मुझे उनके साथ काम करने में बहुत मज़ा आया। मेरे अधिकतर दृश्य नीरज के साथ हैं। उनके साथ भी काम करने में बहुत मजा आया। आशा है कि वो भविष्य में भी ऐसी ही बेहतरीन फिल्मों के साथ आगे आएँगे।

प्रश्न: क्या इस फिल्म के लिए आप तलवार दंपति से मिलीं?

कोंकणा: नहीं, मैं उनसे नहीं मिली क्योंकि यह फिल्म कोई जीवनी नहीं है। फिल्म का मुख्य उद्देश्य इस केस में हुई जांच की तीनों धाराओं को दर्शाना है, तलवार दंपति को दर्शाना नहीं।

प्रश्न: किस बात ने आपको इस किरदार की ओर आकर्षित किया?

कोंकणा: यह किरदार कोई साधारण किरदार नहीं है। यह एक बहुत ही अलग तरह का किरदार है। जांच के आधार पर इसे तीन अलग अलग तरीकों से चित्रित करना है। इसी बात ने मुझे इस फिल्म व इस किरदार की ओर आकर्षित किया।

प्रश्न: क्या आपको लगता है कि ऐसे मामलों में निर्णय मिलने में समय लगता है?

कोंकणा: ऐसे मामलों की जांच में सही सबूतों, दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। इस केस में सही गुनहगार को खोजना बहुत मुश्किल था। जल्दबाजी में न्याय पर आँच नहीं आनी चाहिए।

प्रश्न: क्या आपको लगता है कि इस फिल्म से दर्शकों को इस केस की सही जानकारी मिलेगी?

कोंकणा: फिल्म का उद्देश्य इस केस की गुत्थी सुलझाना नहीं है, बल्कि जांच के विभिन्न पहलुओं को दर्शाना है। अब हम समय के साथ पीछे जाकर उस कमरे को सील कर और जांच कर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुँच सकते।

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