लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने नई दिल्ली के तुगलकाबाद में हिंसा के मामले में भीम आर्मी पर जोरदार हमला बोला है। दिल्ली के तुगलकाबाद इलाके में रविदास मंदिर तोड़े जाने के खिलाफ बुधवार शाम को लोगों ने रामलीला मैदान में विशाल प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर भी मौजूद थे। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान वाहनों में भी तोडफ़ोड़ की गई। चंद्रशेखर के नेतृत्व में इस प्रदर्शन में उत्तर प्रदेश से दलित समुदाय के लोग सैकड़ों की संख्या में शामिल हुए।
तुगलकाबाद की इस हिंसा को बसपा सुप्रीमो मायावती ने पूरी तरह गलत बताया है। मायावती ने कहा है कि बसपा के लोगों के कानून को अपने हाथ में नहीं लेने की जो परम्परा है वह पूरी तरह से आज भी बरकरार है जबकि दूसरी पार्टियों व संगठनों के लिए यह आम बात है। हमें अपने संत, गुरुओं व महापुरुषों के सम्मान में बेकसूर लोगों को किसी भी प्रकार की तकलीफ व क्षति नहीं पहुँचानी है।
मायावती ने कहा कि कल दिल्ली के खासकर तुगलकाबाद क्षेत्र में जो तोडफ़ोड़ आदि की घटनायें घटित हुई हैं, वह अनुचित है। उससे बसपा का कुछ भी लेना-देना नहीं है। बसपा संविधान व कानून का हमेशा सम्मान करती है तथा इस पार्टी का संघर्ष कानून के दायरे में ही रहकर होता है।
बीएसपी के लोगों को किसी भी अतिदु:खद घटना के घटने के बाद अगर सरकार कहीं पर धारा 144 के तहत प्रतिबंध लगाती है तो उसका उल्लंघन नहीं करना है व अन्य पार्टियों के नेताओं की तरह घटनास्थल पर जबर्दस्ती नहीं जाना है ताकि सरकार को निरंकुश व द्वेषपूर्ण कार्रवाई करने का मौका नहीं मिल सके।
तुगलकाबाद की पत्थरबाजी के कारण कई घंटों तक बवाल की स्थिति बनी रही। इस हिंसा में 15 पुलिसकर्मियों समेत दर्जनभर लोग जख्मी हो गए। यहां जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने कई राउंड फायरिंग भी की। इसके बाद अर्धसैनिक बलों ने भी वहां भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर को गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों को भी तैनात किया गया है।