चीन और अमेरिका के बीच फिर तनातनी, अमेरिका ने कही ये बातें

battle between china america
battle between china america

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

चीन और अमेरिका के बीच आज हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में चीन ने अमेरिका से दो टूक लहजे में कहा है कि वह दक्षिण चीन सागर में उन द्वीपों के निकट पोत तथा सैन्य विमान भेजना बंद करे, जिन्हें चीन अपना बताता है।

शीर्ष स्तर पर हुई इस बैठक को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी ज़िनपिंग के बीच इस महीने के अंत में होने वाली मुलाकात की तैयारी के तौर देखा जा रहा है।

वॉशिंगटन में दोनों देशों के शीर्ष राजनयिकों तथा सैन्य प्रमुखों के बीच बैठक हुई, चीन के ऐतराज के बावजूद अमेरिका ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि जहां कहीं भी अंतरराष्ट्रीय कानून इजाजत देंगे वह विमान भेजना, पोत भेजना और उन स्थानों तक अपनी पहुंच जारी रखेगा।

विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने अमेरिका-चीन कूटनीति एवं सुरक्षा बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, अमेरिका चीन के साथ शीत युद्ध रोकथाम की नीति नहीं अपना रहा है, बल्कि हम सुनिश्चित करना चाहते हैं कि दोनों देशों की सुरक्षा और समृद्धि के लिए चीन जिम्मेदाराना और निष्पक्ष रवैया अपनाए।

गौरतलब है कि यह बैठक पिछले माह बीजिंग में होनी थी, लेकिन ताइवान को नए हथियारों की बिक्री की घोषणा होने और सितंबर में एक चीनी विध्वंसक पोत के यूएसएस डेकाटर के नजदीक आने के बाद स्थगित कर दी गई थी।

पोम्पिओ के चीनी समकक्ष यांग जाइची ने कहा, चीनी पक्ष ने अमेरिका को स्पष्ट कर दिया है कि, उसे चीन के द्वीपों और रीफ के निकट अपने पोत और सैन्य विमान भेजने बंद करना चाहिए और ऐसी कार्रवाइयां बंद करनी चाहिए जो चीनी प्राधिकार और सुरक्षा हितों को कमजोर करते हों।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.