हिंदी और भारतीय भाषाओं को बचाने के लिए शिष्टमंडल का प्रकाश जावड़ेकर से मुलाकात

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एनपी डेस्क । Navpravah.com

आयसीएससी, सीबीएसई सहित राज्यों के बोर्ड में हिंदी और भारतीय भाषाओं पर विदेशी भाषाओं का अतिक्रमण तथा समाजशास्त्र विषय का पर्याय स्किल एजुकेशन को रोकने के लिए शिक्षक विधायक कपिल पाटिल, आल इंडिया प्रिंसिपल असोसिएशन (आइपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामनयन दुबे, शिक्षक भारती के प्रमुख कार्यवाह जालिन्दर सरोदे ने आज केंद्रीय मानव संशाधन विकास मंत्री से दिल्ली के महाराष्ट्र सदन में मुलाकात की।

राष्ट्रीय अभ्यासक्रम प्रारूप (एनसीएफ) में एडवाइजरी का लाभ लेते हुए आयसीएससी जैसे बोर्डों में हिंदी और भारतीय भाषाओं का नुकसान हो रहा है। वहाँ हिंदी और भारतीय भाषाओं के पर्याय के रूप में विदेशी भाषाओं को दिया गया है। स्टेट बोर्ड में समाजशास्त्र विषय का पर्याय स्किल एजुकेशन को दिया गया है। इसके कारण हिंदी अथवा अन्य भारतीय भाषाओं का आयसीएससी बोर्ड के स्कूलों में तथा स्टेट बोर्ड के स्कूलों में समाजशास्त्र विषय नहीं पढ़ाये जाने की परिस्थिति उत्पन्न हुई है।

आयसीएससी बोर्ड के देश भर में स्कूल हैं। हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं को विषय के रूप में कोई नहीं लेगा। इस प्रक्रिया में महाराष्ट्र से मराठी विषय भी बाहर हो जाएगा। इसलिए त्रिभाषा सूत्र लागू होना ही चाहिए, ऐसी माँग शिष्टमंडल ने किया।

महाराष्ट्र में तीनों भाषाओं को पढ़ाने के लिए एक शिक्षक दिया गया है। समाजशास्त्र के लिए शिक्षक नहीं रखे गए हैं। इस प्रश्न पर भी केंद्रीय शिक्षणमन्त्री का ध्यान आकृष्ट कराया गया। उन्होंने हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं को बचाने तथा इस प्रकरण पर तुरंत प्रभाव से संज्ञान लेने का आस्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भाषाओं की अस्मिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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