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पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी गई है. इस बीच पंजाब पुलिस ने 3 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है. पंजाब पुलिस उनके पास से पाकिस्तानी सिमकार्ड, मोबाइल, हथियार एवं गोलाबारूद बरामद कर एक मादक पदार्थ तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा किया. मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जी पी एस भुल्लर के मुताबिक़ ये जब्तियां तीन अपराधियों से की गयी, जो अंतर-राज्यीय मादक पदार्थ तस्कर गिरोह में शामिल रहे हैं.
पंजाब पुलिस ने ऐसे 3 व्यक्तियों को पकड़ा है, जिनके पास स्टेनगन जैसे खतरनाक हथियार प्राप्त हुए हैं. मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने इस मामले में स्पष्ट किया कि इन तीनों तस्करों के पास पाकिस्तानी डबल मैगजीन स्वचालित स्टेनगन समेत हथियार तथा पाकिस्तानी मोबाइल सिमकार्ड थे. उन्होंने बताया कि उनकी पहचान गुरजंत सिंह उर्फ भोलू (26), संदीप सिंह (25) और जतिंदर सिंह उर्फ जिंदी (35) के रूप में हुई है. गुरंजत और संदीप चंडीगढ़ से करीब 15 किलोमीटर दूर हवेलियां गांव के रहने वाले हैं. भुल्लर ने बताया कि पुलिस टीम के साथ झड़प के बाद तीनों गिरफ्तार किए गए. तस्करों ने पुलिसकर्मियों पर गोलियां भी चलायीं.
पुलिस को उनके पास से .9 एमएम की एक स्टेनगन, दो पिस्तौलें (.9 एमएम), दो पिस्तौलें (.30 बोर), एक एयरगन, 190 कारतूस, 31 मोबाइल फोन, एक पाकिस्तानी मोबाइल सिमकार्ड ओर एक कार मिलीं. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जी पी एस भुल्लर के मुताबिक़ ये बदमाश जयपाल के परिचित हैं जो डकैती, तस्करी के कई मामलों में वांछित है.
गौरतलब है कि पठानकोट एयरबेस में हुए आतंकी हमले को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल उठाए जा रहे हैं. चर्चा का विषय यह भी बना हुआ है कि इतनी चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के होते हुए आतंकवादी घुसे कैसे. इस बीच इन 3 संदिघ्धों का पकड़ा जाना और भी हैरान करता है.
बॉलीवुड के शहंशाह, बिग बी अमिताभ बच्चन जल्द ही एक व्हीलचेयर शतरंज मास्टर के रूप में बिजॉय नाम्बियार द्वारा निर्देशित फ़िल्म ‘वज़ीर’ में नज़र आने वाले हैं। इस फ़िल्म में फरहान अख़्तर और अदिति राव हैदरी भी मुख्य भूमिका में नज़र आएंगे। विधु विनोद चोपड़ा व राजकुमार हिरानी के प्रोडक्शन में बनी यह फ़िल्म 8 जनवरी 2016 को रिलीज़ होगी।
नवप्रवाह.कॉम के साथ एक खास बातचीत में अमिताभ बच्चन ने फ़िल्म ‘वज़ीर’ की सनसनीखेज़ कहानी व निर्देशक संजय लीला भंसाली के साथ आपने तालमेल के विषय में बड़ी स्पष्ट और रोमांचक बातें कीं। प्रस्तुत हैं उस मुलाकात के कुछ खास अंश-
प्रश्न: अपनी आगामी फ़िल्म ‘वज़ीर’ के बारे में कुछ बताइए ।
अमिताभ: यह फ़िल्म मूलतः 2 लोगों की कहानी है। फ़िल्म में दो किरदार हैं, पहला दानिश अली, एक एटीएस ऑफिसर जो किरदार फरहान अख़्तर निभा रहे हैं और दूसरा ओंकारनाथ धार, एक दिल्ली निवासी, जो किरदार मैं निभा रहा हूँ। दोनों की अपनी अलग समस्याएँ हैं, जो फ़िल्म के दरम्यान आगे चल कर जुड़ जाती हैं, एक हो जाती हैं।
प्रश्न: आपने इस रोल के लिए क्या खास तैयारियां कीं?
अमिताभ: फ़िल्म के लिए मुझे कोई खास तैयारी नहीं करनी पड़ी, व्हीलचेयर पर बैठने के अलावा, जिसे मैंने फ़िल्म में एक प्रॉप के तौर पर इस्तेमाल किया है।
प्रश्न: पहले यह फ़िल्म अंग्रेजी में बनाने वाली थी। अगर फ़िल्म अंग्रेजी में बनती तब भी आप यह फ़िल्म करते?
अमिताभ: मैंने यह कहानी सालों पहले ही सुनी थी और अगर फ़िल्म अंग्रेजी में बनती तो भी मैं यह फ़िल्म अवश्य करता।
प्रश्न: निर्देशक बिजॉय नाम्बियार के विषय में आपका क्या कहना है?
अमिताभ: बिजॉय एक युवा और कुशल निर्देशक हैं। उन्होंने मणिरत्नम को दो फिल्मों में असिस्ट किया है और वे एक आधुनिक निर्देशक हैं। उनके पास एक उत्तम दर्ज़े की सोच व विचार शक्ति है। नए विचारों वाले लोगों के साथ काम करना मेरे लिए हमेशा कुछ नया सीखने का जरिया होता है। इसलिए उनके साथ काम करना मेरे लिए बहुत सौभाग्यपूर्ण था।
प्रश्न: युवा कलाकारों के प्रस्तुतीकरण पर आप अक्सर एप्रिसिएशन लैटर क्यों लिखते हैं?
अमिताभ: युवा कलाकारों के प्रस्तुतीकरण को मैं बहुत पसंद करता हूँ। इसलिए मैं उनके लिए एप्रिसिएशन लैटर लिखता हूँ। जब वे अपने आप को अलग अलग किरदारों में सकुशल चित्रित करते हैं, तो मुझे बहुत ख़ुशी होती है। जब भी मैं कोई फ़िल्म देखता हूँ और मुझे किसी एक्टर की भूमिका पसंद आती है, मैं उन्हें पत्र ज़रूर लिखता हूँ। मैं दिलीप कुमार साहब का बहुत बड़ा प्रशंसक हूँ और मेरे पास उनके द्वारा लिखा गया एक एप्रिसिएशन लैटर भी है।
प्रश्न: हाल ही में उठे सेंसरशिप के मुद्दे पर आपका क्या कहना है?
अमिताभ: मैं इस विषय में कोई टिप्पणी नहीं करूंगा क्योंकि फैसला सरकार के हाथ में है। भारत जैसे एक लोकतांत्रिक देश में हर कोई अपने अधिकार के लिए कानूनन लड़ सकता है। अब यह उन पर निर्भर करता है कि अपने नियमों के आधार पर वे किस सीन को प्रस्तुत करने की अनुमति देते हैं और किसे सेंसर करते हैं। यह प्रक्रिया इनकम टैक्स इत्यादि की प्रक्रिया जैसी ही है, जहाँ आप यदि सहमत नहीं हैं तो आप कानून का सहारा ले सकते हैं।
प्रश्न: कोलकाता शहर से अपने संबंधों के विषय में कुछ बताइये।
अमिताभ: ग्रेजुएशन के बाद मैंने अपनी पहली नौकरी कोलकाता में की थी। मैं वहाँ 8 सालों तक रहा और वे साल हमेशा मेरे लिए यादगार रहेंगे। कोलकाता के लोग बहुत अच्छे हैं और कोलकाता जाना मेरे लिए हमेशा एक ख़ुशी का विषय होता है। मैं अपने सह-कलकारों से भी हमेशा कहता हूँ कि वे एक बार कोलकाता ज़रूर जाएं, क्योंकि वहाँ के लोग जिस चीज़ से प्यार करते हैं उसके विषय में बहुत भावुक होते हैं।
प्रश्न: सुजॉय घोष की आगामी फ़िल्म ‘तीन’ में आप अभिनेता नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी के साथ काम कर रहे हैं, उनके विषय में आपका क्या कहना है?
अमिताभ: मैं हमेशा से नवाज़ुद्दीन का बहुत बड़ा प्रशंसक रहा हूँ और वे बहुत उम्दा अभिनेता हैं। मुझे याद है, मैंने उनके साथ शूजीत सरकार की फ़िल्म ‘शू बाईट’ में काम किया था, जिसमें उनका बहुत छोटा सा रोल था पर मैं उनके अभिनय को देख कर बिलकुल हतप्रभ रह गया था। उनके साथ फ़िल्म ‘तीन’ में काम करना मेरे लिए बहुत बड़े सौभाग्य की बात है।
प्रश्न: कोलकाता में तो काफी शूट किया है आपने, इलाहाबाद में कब करेंगे, कोई योजना है?
अमिताभ : बहुत पहले धर्मवीर भारती जी की एक पुस्तक ‘गुनाहों के देवता’ पर फिल्म बन रही थी, उसमे शूट किया था। लेकिन वह फिल्म किसी वजह से पूरी नहीं हो सकी। हाँ, फिलहाल तो ऐसा कुछ नहीं है, जिसकी वजह से अपनी नगरी में शूट करने का मौक़ा मिले।
प्रश्न: ऐसी कई खबरें आयीं कि आपको फ़िल्म ‘धूम4’ व ‘रोबोट2’ के लिए अप्रोच किया जा रहा है, क्या यह सच है?
अमिताभ: मैं खुद ये बात पहली बार सुन रहा हूँ कि मुझे ‘धूम4’ के लिए अप्रोच किया गया है। फ़िल्म ‘रोबोट’ में मुझे विलन के रोल के लिए पूछा गया था, पर रजनीकांत ने कहा कि जनता मुझे खलनायक की भूमिका में स्वीकार नहीं कर पाएगी।
प्रश्न: संजय लीला भंसाली के साथ आपका तालमेल कैसा है?
अमिताभ: संजय के पास अपनी फिल्मों के लिए एक बहुत तेज़ नज़र है और उनका हर एक फ्रेम एक पेंटिंग की तरह होता है। वे अपनी फिल्में बहुत अच्छी तरह बनाते हैं और मैं जब भी उनकी कोई फ़िल्म देखता हूँ, उनको एक अत्यंत निपुण निर्देशक के रूप में पाता हूँ।
पठानकोट में हुए हमले के पीछे अगर पाकिस्तानी सेना या आईएसआई का हाथ हुआ तो पाकिस्तान के साथ भविष्य में होने वाली सचिव स्तर की वार्ता रद्द कर दी जाएगी. सरकार पठानकोट में हुए हमले को लेकर विपक्ष के निशाने पर है और मुद्दे को लेकर काफी गंभीर भी. सूत्रों के मुताबिक़ सरकार हमले से जुड़े साक्ष्यों का विश्लेषण करेगी और जांच करेगी कि हमले में किसी तरह से पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ तो नहीं है.
पठानकोट में हुए आतंकी हमले को लेकर विपक्ष सरकार की लगातार आलोचना कर रही है. जिसको लेकर केंद्र सरकार काफी गंभीर है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़, उच्च स्तर पर यह बात चल रही है कि अगर इस हमले में किसी तरह से पाकिस्तानी सेना या आईएसआई का हाथ हुआ तो पाकिस्तान के साथ भविष्य में होने वाली सचिव स्तर की बातचीत रद्द कर दी जाएगी. अगर जांच में पाकिस्तान का किसी भी तरह से हाथ नहीं पाया जाता और पाकिस्तान जांच में सहयोग करता है तो उसके साथ एफएस स्तर (सचिव स्तर) की वार्ता आगे की जाएगी.
गौरतलब है कि तीन दिन पहले पठानकोट वायु सेना स्टेशन पर आतंकी हमला हुआ था. सुरक्षा बलों ने कल एक और आतंकवादी को मार गिराया था. अब तक सात सुरक्षाकर्मी शहीद हुए हैं, जिसमें एनएसजी के एक लेफ्टिनेंट कर्नल शामिल हैं.
इस मामले में विपक्ष पूरी तरह से सरकार को घेरती नज़र आ रही है. इस मसले पर सोनिया गांधी ने कहा कि देश की आतंरिक सुरक्षा खतरे में है. जिसके लिए सरकार पूरी तरह से ज़िम्मेदार है.
मानव रूप में जीवन बड़े ही सौभाग्य की बात है। आज संपूर्ण विश्व का आधिपत्य मानव के ही हाथ में है। मनुष्य का एक प्रबल पक्ष यह है कि वह अपनी अनुभूतियों को प्रत्यक्ष रूप से प्रकट कर सकता है। इस प्रकटीकरण का एक अत्यंत सशक्त माध्यम है – ‘कविता’। ‘कविता’ को समझने के लिए एक संवेदनशील हृदय होना अति आवश्यक है।
आज समाज की व्यवस्था में भारी बदलाव आया है। जाति-व्यवस्था अब भले ही समाप्ति की ओर हो, किंतु एक और ही व्यवस्था का उद्भव हुआ है, वह है – वित्तवादी व्यवस्था; जिसके प्रभाव से शायद ही कोई व्यक्तिविशेष बच पाया हो। जीवन व जगत की अनुभूतियाँ रचनाकार को रचना – विशेष के लिए प्रेरित करती हैं। ऐसे में उसकी अनुभूतियों का प्रकाशन उसकी रचना-धर्मिता के द्वारा जागतिक धरातल पर अनायास ही हो जाता है। दूसरे शब्दों में कहा जा सकता है कि वह अपनी चिंतनशक्ति के द्वारा मन में उमड़ते हुए अनुभूतिगत भावों को सृजन के रूप में साकार कर देता है। समाज परिवर्तन की सबसे पहली सूचना कविता ही पाठकों को देती है।
डाॅ. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी एक बहुआयामी साहित्यिक व्यक्तित्व के धनी हैं। वे एक लोकप्रिय कवि, समर्थ आलोचक, गंभीर वक्ता तथा एक सफल प्राध्यापक हैं। इसके अतिरिक्त उनके व्यक्तित्व का एक बहुत बड़ा पक्ष उनके संपादक रूप का भी है, जिसने उन्हें हिंदी साहित्य जगत में अभूतपूर्व यश प्रदान किया।
डाॅ.तिवारी ने गाँव की गरीबी और अभाव को नजदीक से देखा था। अन्याय और शोषण के शिकार निरीह जनता की कराह उन्हें बचपन में ही व्यथित करती थी। इनके अलावा ग्रामीणांचल की प्रकृति का सौंदर्य कहीं-न-कहीं तिवारीजी के संवेदनशील हृदय को कल्पना की एक नई उड़ान दे रहा था। कल्पना की इसी उड़ान ने उन्हें काव्यसृजन के लिए बाध्य किया व उनके अंदर का कवि व्यक्तित्व फूट पड़ा। वे लिखते हैं –
“कहीं सृजन के क्षण निकल न जायें
हमारे तुम्हारे देखते-देखते
और हम पानी की लकीर होकर रह जायँ
यह अपने को सार्थक करने की घड़ी है
क्योंकि सृजन में ही हम सार्थक हैं
शायद इसीलिए हैं कि स्रष्टा है।”
उनकी कविताएँ अत्याचार व अँधेरे के खिलाफ पूरी ईमानदारी से लड़ती हैं। डाॅ. तिवारी युवा कवियों को सर्जनात्मकता का आंमत्रण देते हैं। वे समझाते हैं कि अपनी संतान के मरते और घरौंदों को ध्वस्त होते देखकर पछताने का समय नहीं है।हमारी पीढ़ी ने स्वयं के तर्कों से अपने को पराजित कर लिया है। यह समय घबराने का नहीं, अपितु सृजन का है।
पंजाब के पठानकोट स्थित वायुसेना ठिकाने पर शनिवार को हुए हमले के बाद रविवार को भी मुठभेड़ जारी है। हाल ही में एक और आतंकी को भी मार दिया गया है। इस आतंकी समेत अभी तक 5 आतंकियों को ढेर कर दिया गया है। नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत में गृह सचिव राजीव महर्षि की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार मुठभेड़ के दौरान अब तक हमारे 7 जवान शहीद हो गए हैं और करीब 20 जवान घायल हो गए हैं।
महर्षि ने कहा, आतंकियों की मंश वायुसेना के ठिकाने पर मौजूद रणनीति उपकरणों और विमानों को नष्ट करने की थी। लेकिन समय रहते सुरक्षा कर्मियों द्वारा की गई कार्रवाई की वजह से वे सफल नहीं हो पाए।
केंद्र सरकार ने कहा कि वह इसे लेकर अनिश्चित है कि क्या वहां और आतंकवादी छुपे हुए हैं! वायुसेना के अड्डे के भीतर और आस-पास के इलाकों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान जारी है। इस अभियान में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी), वायु सेना, अर्ध सैनिक बल और पंजाब पुलिस सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियां शामिल हैं. वायु सेना के हेलीकॉप्टर भी इस अभियान में शामिल हैं।
बता दें कि कल एयरबेस पर हुए हमले के बाद जब चार आतंकियों को मार गिराया गया था, तो माना जा रहा था कि आतंक का हमला अब खत्म हो गया है। लेकिन सुरक्षाबलों की तरफ से रातभर ऑपरेशन जारी रहा। सुबह भी सुरक्षाबलों ने जमीन से लेकर आसमान तक सर्च ऑपरेशन जारी रखा था।
इस बीच एक बम को डिफ्यूज करते वक्त एनएसजी के एक लेफ्टिनेंट कर्नल निरंजन ई कुमार शहीद हो गए। साथ ही 3 जवान भी घायल हैं। उधर पठानकोट आतंकी हमले की जांच के लिए एनआईए की टीम भी पठानकोट पहुंच गई है।
देश के गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को बताया कि अगर हमले की पूर्व सूचना नहीं होती, तो यह हमला और बड़ा हो सकता था। पठानकोट में वायुसेना के अड्डे पर हुए आतंकवादी हमले और उसके बाद सुरक्षा बलों के साथ उनकी लगभग 15 घंटे तक चली मुठभेड़ में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के एक कमांडो शहीद हो गए। उन्होंने इस घटना पर दुख जताया।
केंद्रीय रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पठानकोट आतंकी हमले के घटनाक्रम से अवगत कराया। रक्षामंत्री ने कर्नाटक के तुमकुर जिले में हेलीकॉप्टर कारखाने का शिलान्यास समारोह के मौके पर प्रधानमंत्री को इसकी जानकारी दी।
पंजाब के पठानकोट में स्थित एयरबेस पर आज तड़के लगभग ३ बजे पाकिस्तानी आतंकियों के एक समूह ने हमला कर दिया. सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुए मुठभेड़ में ४ आतंकी ढेर हो गए, जबकि २ जवान शहीद और ६ जवानों के घायल होने की खबर है. घटना के बाद ही पूरे पंजाब में रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है. इस पूरे मामले की निगरानी एनएसए अजीत डोभाल कर रहे हैं.
आज सुबह पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले के पीछे आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद का हाथ है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ इन आतंकियों ने कल स्थानीय एसपी की गाड़ी छीन लिया था और सेना की वर्दी में सरकारी गाडी से एयरबेस इलाके में घुसे, जिसकी वजह से इनकी तत्काल पहचान नहीं की जा सकी. इस आतंकी हमले में एक नागरिक के भी घायल होने की खबर है.
इस आतंकी हमले की निंदा करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकी हमलों का मुहतोड़ जवाब देंगे. सुरक्षा बालों ने सराहनीय कार्य किया है. इस सन्दर्भ में आज रक्षा मंत्री मनोहर परिकर दिल्ली में है लेवल मीटिंग करने वाले हैं. हालाँकि अब मुठभेड़ ख़त्म हो गई है लेकिन सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है.
पुलिस के सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ पुलिस अधीक्षक का अपहरण करने वाले हमलावरों ने पाकिस्तान में कुछ लोगों को फोन भी किए. अधिकारियों ने बताया कि इलाके में खुफिया एजेंसियों ने संभावित आतंकी हमले के बारे में अलर्ट किया था. आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन खुद एनएसए कर रहे हैं और वे आतंकी हमले पर पीएम को जानकारी देंगे. प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ आतंकी भारत में ३१ दिसंबर को अकालगढ़ गांव से एयरफोर्स बेस में घुसे थे.
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मशहूर पाकिस्तानी गायक अदनान सामी ने आज भारतीय नागरिकता ग्रहण की. उन्होंने भारतीयता ग्रहण करने के बाद अपना प्रसिद्ध गीत ‘तेरी ऊँची शान है मौला’ गाया. सदस्यता ग्रहण करने के बाद अदनान सामी ने कहा कि भारत में कोई असहिष्णुता नहीं है. दिल्ली के नार्थ ब्लॉक में अपनी पत्नी रोया की उपस्थिति में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजीजू से नागरिकता प्रमाणपत्र हासिल करने के बाद काफी खुश नज़र आए और उन्होंने सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया.
भारतीय नागरिकता ग्रहण करने के बाद जब अदनान से पूछा गया कि असहिष्णुता को लेकर उनका क्या ख़याल है तो उन्होंने कहा कि ‘यदि असहिष्णुता होती तो मैं भारतीय नागरिकता नहीं लेता. मैंने कभी भारत में असहिष्णुता महसूस नहीं की. भारत में कोई असहिष्णुता नहीं है. आमिर और शाहरुख का ज़िक्र होने पर उन्होंने कहा कि सभी को अपनी बात रखने का हक़ है, उन्होंने अपना बयान अपने अनुभवों के आधार पर दिया होगा.
सामी काफी खुश थे और उन्होंने कहा कि यह सुंदर सौगात देने के लिए मैं भारत सरकार का आभारी हूं. जब उनसे पूछा गया कि वह भारतीय नागरिक बनकर कैसा महसूस कर रहे हैं तो उन्होंने कहा कि कोई फर्क नहीं आया है क्योंकि बिरयानी दोनों देशों में एक जैसी है और मुझे तो पाकिस्तान और भारत दोनों ही देशों में प्रचुर बिरयानी मिली है.
इस मामले में गृह मंत्रालय ने कहा कि सामी को भारतीय नागरिकता प्रदान की गयी है क्योंकि उन्होंने केंद्र से मानवीय आधार पर इस देश में उनके दर्जे को कानूनी रूप देने का अनुरोध किया था. 27 मई, 2010 को जारी उनका पाकिस्तानी पासपोर्ट 26 मई, 2015 को समाप्त हो गया और पाकिस्तान सरकार ने उनका पासपोर्ट नवीनीकृत नहीं किया. उसके बाद उन्होंने अपने ठहराव को मानवीय आधार पर कानूनसम्मत बनाने के लिए भारत सरकार से अनुरोध किया.
सामी ने कहा कि उनके भारतीय नागरिकता ग्रहण करने पर पाकिस्तान में मिश्रित प्रतिक्रिया है लेकिन उनका परिवार भारत और भारत के लोगों के प्रति उनके प्यार को समझता है. जब उनसे मोदी की हाल की लाहौर यात्रा के बारे में पूछा गया तो सामी ने कहा कि उन्हें बड़ी खुशी है कि मोदी ने पाकिस्तान यात्रा की और वह पाकिस्तान के साथ संबंध सुधारने की कोशिश कर रहे हैं.
वास्तव फिल्म के संजय दत्त का गठीला बदन याद तो होगा ही या फिर सलमान खान का ‘ओ ओ जानेजाना’ में बिना शर्ट का डांस. यही हिंदी सिनेमा के दो माइल स्टोन है, जहां से शरीर का कसावट को अभिनेताओं ने गंभीरता से लिया। फिर कहो ना प्यार है में ऋतिक रोशन और गजनी में आमिर खान के पैक्स ने युवाओं को जिम में जाने के लिए मजबूर कर दिया. करीब दो दशक तक चले पैक्स के मिथ को शायद आदित्य राय कपूर अब तोड़ने वाले हैं.
आदित्य ने अपनी फिल्म फितूर के लिए बॉडी स्कल्पटिंग की है, जिसके लिए आदित्य को जी तोड़ मेहनत करनी पड़ी. या यूं कहें कि फितूर सवार था, अपने आप को किरदार के अंदर डालने के लिए. पर हां, एक बार उनके इस लुक को युवा दर्शक देखेंगे तो वे जरूर बॉडी स्कल्पटिंग को गंभीरता से लेंगे.
बॉडी स्कल्पटिंग यानी अपने शरीर को गढ़ना नियमित अभ्यास और कसरत से. अमूमन इसमें शरीर के साथ ज्यादा वजनों का खेल नहीं होता जैसा कि बॉडी बिल्डिंग में होता है. देसी कसरत और दौड़ भाग, खाने में संतुलन. कश्मीरी लड़के के लुक के लिए ये जरूरी था. क्योंकि कश्मीर के युवाओं की काया पहाड़ों के कारण टोन्ड ही रहती है. क्योंकि कहानी इन्हीं जगहों के आसपास घूमती है. ये हम नहीं सूत्र कह रहे हैं.
खैर, बात फिल्म की करें तो आदित्य के साथ पहली बार कैटरीन कैफ हैं. कद-काठी और स्किन दोनों की करीब समान होने से ऑन स्क्रीन इनका अपीयरेंस बेहतरीन लगने की संभावना है. आदित्य के लिए अपनी एथलेटिक काया छोड़ बॉडी स्कल्पटिंग करना आसान नहीं था. इसके लिए उन पर सही में फितूर छाया था. इसी फितूर पर ही पूरी फिल्म ही बनी है. जिसकी झलक हमने आदित्य राय कपूर के शरीर में हुए ट्रांसफार्मेशन को देखकर लगा सकते हैं.
सूत्रों की मानें तो फिल्म वैलेंनटाइन डे के करीब रिलीज हो रही है. कश्मीर की वादियों में छाया प्रेम और उसका फितूर युवाओं के लिए ही है. अपने बॉडी स्कल्पटिंग के बारे में आदित्य राय कपूर कहते हैं कि डायरेक्टर की डिमांड थी और उन्होंने जैसा किरदार सोचा वैसा ही मैने खुद को ढाला. इसके लिए काफी वेट लूज़ करना पड़ा. वेट लूज़ करना ही काफी नहीं था, उसे मेनटेन करना सबसे बड़ी चुनौती होती है. दिमाग में कभी पैक्स बनाने का सुरूर तो नहीं था पर बॉडी स्कल्पटिंग का फितूर जरूर चढ़ गया. कभी-कभी इरिटेशन भी होती थी पर यह तो होता ही है. जब मनचाहे शेप में शरीर आ गया तो फील गुड होने लगा.
यूटीवी मोशन के इस फिल्म को डायरेक्ट किया है युवा निर्देशक अभिषेक कपूर ने.फर्स्ट लुक में आदित्य ने पहली बाज़ी जीत ली है. यह शायद एक्टर-डायरेक्टर के फितूरबाजी का ही नतीजा है.
आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दिल्ली,गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ के लोगों को नए साल का तोहफा मिला है. आज प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली-डासना- मेरठ 14 लेन के एक्सप्रेस वे का शिलान्यास किया।
दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे दिल्ली के निजामुद्दीन पुल से शुरू होगा. और एनएच 24 पर डासना तक जाएगा और डासना से मेरठ के लिए नया रास्ता बनेगा. एक्सप्रेसवे के बन जाने के बाद दिल्ली से मेरठ की दूरी ढाई घंटे से घंटकर 45 मिनट हो जाएगी. डासना से एक नए रास्ते का निर्माण होगा. जो सीधे मेरठ तक जाएगा. इस एक्सप्रेस वे का काम 4 चरणों में होगा.
पहला चरण निजामुद्दीन पुल से यूपी बार्डर का होगा, दूसरा चरण – यूपी बार्डर से डासना, तीसरा चरण डासना से हापुड़ तक और चौथा चरण डासना से मेरठ का होगा. इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत 2 हजार 809 करोड़ रुपये होगी.14 लेन के इस एक्सप्रेस में 6 लेन का एक एक्सप्रेसवे होगा, दोनों ओर 4-4 लेन का नेशनल हाईवे होगा और साथ ही दोनों साईड एक-एक साइकिल ट्रैक भी बनाया जाएगा.
सरकार का दावा है कि ये पूरा प्रोजेक्ट ढाई साल में पूरा हो जाएगा. प्रधानमंत्री मोदी ने इस प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी, लेकिन उनके कार्यक्रम में यूपी के सीएम अखिलेश यादव नहीं हुए.दरअसल ऐसे माना जाता है कि जो भी सीएम नोएडा आता है उसे अगली बार सत्ता नहीं मिलती. शायद इसी वजह से अखिलेश यादव ने नोएडा में पीएम के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए.
प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को दिल्ली मेरठ हाईवे का शिलान्यास करने के पश्चात् केंद्र की सरकारी नौकरियों के विषय में बेरोज़गार नौजवानों को नए वर्ष का एक खास तोहफा दिया। प्रधानमंत्री ने ऐलान किया कि भ्रष्टाचार समाप्त करने के मद्देनज़र 1 जनवरी 2016 से केंद्र की सी दर्जे व डी दर्जे की सभी सरकारी नौकरियों के लिए इंटरव्यू नहीं लिया जायेगा। उन्होंने राज्य सरकारों से भी निवेदन किया कि वो सी व डी ग्रुप की नौकरियों के लिए इंटरव्यू न लें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इंटरव्यू का मतलब होता है ‘सिफारिश’। इंटरव्यू के नाम पर कैंडिडेट किसी बड़े सोर्स का कुर्ता पहन कर आ जाता है और आसानी से नौकरी पा लेता है। इसलिए अब नौकरी मेरिट के अनुसार योग्य व्यक्ति को मिलेगी,इंटरव्यू और सिफारिशके आधार पर नहीं।
1 जनवरी 2016 से भर्ती प्रक्रिया के तहत भविष्य की रिक्तियों के लिए सभी विज्ञापन इंटरव्यू के बिना होंगे ,हालाँकि कौशल एवं शारीरिक परीक्षा ली जा सकती है। डीओपीटी ने कहा कि भर्तियों के लिए साक्षात्कार समाप्त करने का निर्णय सभी ग्रुप सी व ग्रुप डी के अराजपत्रित पदों व इसके समकक्ष पदों के लिए है।