प्रद्युम्न के साथ हुए ‘हादसे’ ने पूरे देश के अभिभावकों को डरा दिया -संजय दत्त

प्रद्युम्न के साथ हुए ‘हादसे’ ने पूरे देश के अभिभावकों को डरा दिया -संजय दत्त

कोमल झा | Navpravah.com  बॉलीवुड के जाने माने एक्टर संजय दत्त का कहना है कि हर समय माता-पिता अपने बच्चे के लिए चिंतित रहते है. मेरे भी तीन बच्चे है, म...

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कोमल झा | Navpravah.com 
बॉलीवुड के जाने माने एक्टर संजय दत्त का कहना है कि हर समय माता-पिता अपने बच्चे के लिए चिंतित रहते है. मेरे भी तीन बच्चे है, मैं भी किसी न किसी वजह से अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंतित रहता हूँ. रेयान इंटरनेशनल स्कूल में 7 साल के मासूम प्रद्युम्न के साथ हुए हादसे को लेकर संजय ने कहा, “यह डरावना है..मेरा मतलब अब तो बच्चे स्कूल में भी सुरक्षित नहीं हैं.. गुड़गांव  में जो एक छोटे बच्चे के साथ हुआ वह किसी भी माता-पिता को डरा सकता है. जहां तक बच्चों की बात है तो हर किसी को बहुत सोच समझ कर रहना होगा. बच्चों की सुरक्षा को लेकर यह माता-पिता के लिए डरावना समय है.”
अपने निजी जिंदगी में काफी उतार-चढ़ाव का सामना कर चुके अभिनेता संजय दत्त का कहना है कि उन्होंने अपने अनुभवों से काफी सबक सीखे हैं और उनकी बेगुनाही सामने है. रेयान इंटरनेशनल स्कूल में 7 साल के मासूम प्रद्युम्न के साथ हुए हादसे को लेकर संजय ने कहा, “एक पिता के रूप में वह हमेशा अपने बच्चों को समझाते हैं कि वे अपना काम पूरा करके घर लौट आएं, क्योंकि आज कल बाहर का माहौल सही नहीं है.” पिछले साल जेल से रिहा होने के बाद फिल्म ‘भूमि’ से संजय दत्त फ़िल्मी जगत में वापसी कर रहे हैं.
फिल्म ‘रॉकी’ (1981) से बॉलीवुड में शानदार प्रदर्शन कर लोगों के दिलों में तो अपनी जगह बना ली, लेकिन उसी बीच नशे की लत लग जाने के कारण निजी ज़िंदिगी में जैसे संकट को अपने ऊपर डाल लिया हो. उसके बाद तो और भी हालत बिगड़ गई. फिर अवैध रूप से हथियार रखने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और वह दोषी करार दिए गए थे.
संजय से पूछा गया कि अपने जीवन के उन खराब दिनों से क्या सीखा तो संजय ने कहा, “बहुत कुछ…मैंने बहुत कुछ सीखा. मैं उस वक्त बेगुनाह था, मैं अभी भी बेगुनाह हूं, लेकिन जीवन से कुछ सबक सीखा है.” उनकी आने वाली फिल्म ‘भूमि’ पिता और बेटी के रिश्ते पर आधारित है और संजय ने चिंता जाहिर की कि कैसे लड़कियों के प्रति बढ़ते अपराध के मद्देनजर एक पिता के रूप में वह खुद को लाचार व कमजोर महसूस करते हैं.
यह पूछे जाने पर कि उनका जीवन परेशानियों से भरा रहा है, ऐसे में क्या वह जीवन के किसी अध्याय को फिर से लिखना पसंद करेंगे, तो संजय ने कहा, “नहीं.”  लंबे अर्से बाद कैमरे के सामने आने को लेकर नर्वस होने के बारे में पूछे जाने पर अभिनेता ने फौरन जवाब दिया कि उन्होंने नर्वस महसूस नहीं किया.
संजय हिंदी सिनेमा के विकास को सकारात्मक मानते हैं. उन्होंने कहा कि यह उद्योग अब ज्यादा पेशेवर हो गया है और फिल्में समय पर बनती हैं, जो बेहद अच्छी बात है. वह अभिनेता तिग्मांशु धूलिया की फिल्म ‘साहेब, बीवी और गैंगस्टर-3’ में काम करने को लेकर उत्साहित हैं.



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