पुलिस की गुंडई की वजह से गयी थी विकास की जान, क्या मिलेगा उसे इंसाफ़?

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

जब से योगी सरकार सत्ता में आयी है, तबसे किसी न किसी विवाद में घिरती नज़र आई है। सरकार में पुलिस की गुंडई बढ़ती जा रही है, बीते 23 जुलाई को देवरिया के पास पुलिस ने विकास नाम के 28 वर्षीय युवक की बड़ी बेहरमी से हत्या कर दी गयी थी।

पहले तो पुलिस ने मामला दर्ज करने से मना कर दिया, लेकिन मृतक विकास के भाई विवेकानंद और परिवार वालों की गुहार पर पुलिस ने 28 जुलाई को केस दर्ज कर लिया था, जिसकी खोजबीन पुलिस ने शुरू कर दी थी, इसी क्रम मे दोषी पुलिस वालों के खिलाफ जिलाधिकारी के आदेश से मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए हैं और 28 अगस्त को गवाहों के बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किया गया है, इस पूरे मामले में पुलिस ने अवैध वसूली के चक्कर में एक बेकसूर लड़के विकास तिवारी को बहुत बेरहमी से मारा है।

देवरिया जिले के रामपुर कारखाना थाना परिक्षेत्र के दो पुलिसकर्मी राय साहब यादव एवं राय साहब बर्मा एवं उनके सहयोगी पुलिस कर्मियों द्वारा इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया, जिसमें शहर कोतवाल तक की भी भूमिका संदिग्ध नजर आती है। इन लोगों द्वारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी छेड़छाड़ की गई थी। समाज की रक्षा करने का दायित्व पुलिस विभाग को है और जब रक्षक ही भक्षक हो जाए, तो हम किससे न्याय की उम्मीद रखेंगे?

इस पूरे मामले को विकास के भाई विवेकानंद ने मुख्यमंत्री शिकायत निवारण प्रकोष्ठ में भी ऑनलाइन दर्ज कराया है, जहां से अभी तक कुछ भी उचित कार्यवाही नहीं हुई है। पुलिस लगातार इस मामले से बचने की कोशिश कर रही है और गवाहों को परेशान करने से लेकर साक्ष्यों को नष्ट करने की कोशिश भी की जा रही है।

क्या था पूरा मामला :

पीड़ित 28 वर्षीय विकास तिवारी बिहार का निवासी था, जो किसी पारिवारिक कार्यक्रम में अपने दोस्तों के साथ यूपी के देवरिया जिले के रामगुलाम टोला में आया था। गत 23 जुलाई को विकास का शव बैकुंठपुर के पास गंडक नदी के किनारे मिला। मृतक विकास के परिवार वालों का कहना है कि, विकास जब देवरिया के पास रात 9 बजे तीन युवक बाइक से जा रहे थे, तभी पास के हाइवे पर कुछ पुलिस वालों ने उन्हें रोका और अपनी धाक जमाते हुए पैसे की मांग करने लगे. 28 वर्षीय विकास तिवारी ने पुलिस वालों से उनके आइडी कार्ड दिखाने को कहा लेकिन पुलिस वालों ने मना कर दिया और तीनों लड़कों के साथ मारपीट शुरू कर दी।

किसी तरह एक युवक वहाँ से भाग गया और बाकी दोनों युवकों को पुलिस वालों ने मारना शुरू कर दिया, विकास तिवारी नामक युवक को पुलिस ने ज्यादा मार दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गयी, घबराये पुलिस वालों ने आनन फानन में विकास की लाश को गंडक नदी पर फेंक दिया और तीसरे युवक को अपने गिरफ्त मे ले लिया था।

3 COMMENTS

  1. Bilkul sahi,,,

    Police dala ho gyi h paise ke liye kuch bhi kr skti h. Kisi bhi serif insan ki Jan bhi leskti h.

    Police walo ki abaidh wasuli kb ruke…?

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