छत्तीसगढ़ आंगनवाड़ी का सिलेबस सर्वश्रेष्ठ, बाकी राज्य भी इसे अपनाएं -मेनका गांधी

छत्तीसगढ़ आंगनवाड़ी का सिलेबस सर्वश्रेष्ठ, बाकी राज्य भी इसे अपनाएं -मेनका गांधी

सौम्या केसरवानी, देशभर के आंगनवाड़ी केंद्रों के सिलेबस में छत्तीसगढ़ का सिलेबस सर्वश्रेष्ठ पाया गया है। केंद्र सरकार ने इसे देश के अन्य राज्यों को इसक...

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सौम्या केसरवानी,

देशभर के आंगनवाड़ी केंद्रों के सिलेबस में छत्तीसगढ़ का सिलेबस सर्वश्रेष्ठ पाया गया है। केंद्र सरकार ने इसे देश के अन्य राज्यों को इसका अनुसरण करने के लिए कहा है। छत्तीसगढ़ राज्य महिला एवं बाल विकास विभाग (डब्ल्यूसीडी) ने ‘पहला कदम’ नाम से यह किताब तैयार की है। 52 सप्ताह के इस सिलेबस में भाषा, खेल, नवाचार, अनुशासन, तर्कशक्ति और बौद्धिक क्षमता विकास की 360 गतिविधियां हैं।

सिलेबस देखकर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी प्रभावित हुई हैं। उन्होंने कहा कि सिलेबस सही दिशा की ओर मार्ग दिखाने वाला है। उन्होंने पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ के डब्लूसीडी विभाग को इसे दूसरे राज्यों को शेयर करने व बाकी राज्यों को इसे अपनाने को कहा है।

छत्तीसगढ़ महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक डॉ. संजय अलंग का कहना है कि ‘पहला कदम’ किताब में वे सभी चीजें शामिल की गई हैं, जो एक बच्चे के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा, “इस सिलेबस को लागू करने के लिए राजस्थान जैसे अन्य राज्य हमसे मदद मांग रहे हैं। भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग ने भी इस सिलेबस को अन्य राज्यों को शेयर करने को कहा है।”

‘पहला कदम’ किताब आंगनवाड़ी केंद्रों में रोज पढ़ाई जाएगी। इसके लिए समय भी निर्धारित किया गया है। किताब खेल-खेल में दिनचर्या के कार्यों को स्वयं करने व अनुशासन का पाठ भी सिखाएगी। जैसे जूते की लेस बांधना, स्वच्छ रहना, बस्ते को साफ रखना, समय पर नाखून कटवाना, माता-पिता व परिवार के सदस्यों का सम्मान करना, पशुओं से प्यार करना, ईमानदारी और झूठ नहीं बोलने जैसी 360 गतिविधियां वैज्ञानिक पद्धति से सिखाई जाएंगी।

इस समय 3-4 वर्ष उम्र के बच्चों को नर्सरी में पढ़ने के लिए भेज दिया जाता है। जबकि यह समय बच्चों को किसी वस्तु को दिखाना, सुनाना, समझाना फिर उसे पूछने (पढ़ाना) का होता है। इसलिए गणित व अंग्रेजी जैसे विषयों को किताब में चित्र के माध्यम से बताया गया है। इससे बच्चे आसानी से जोड़-घटाव, बड़ा-छोटा, लंबाई-दूरी और अंग्रेजी के अक्षरों को समझ पाएंगे।



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